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अलवर के करोली गांव में मौजूदा हालात बेहद खराब हो चुके हैं, जहाँ की सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं। इस कारण गांव में भारी मात्रा में कीचड़ जमा हो रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में साफ-सफाई का कोई इंतजाम नहीं है और नई सड़कों का निर्माण भी नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है।
Vasim Akram
अलवर के करोली गांव में मौजूदा हालात बेहद खराब हो चुके हैं, जहाँ की सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं। इस कारण गांव में भारी मात्रा में कीचड़ जमा हो रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में साफ-सफाई का कोई इंतजाम नहीं है और नई सड़कों का निर्माण भी नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है।
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- शिक्षकों पर की गई टिप्पणी के पीछे की वजह को लेकर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर ऐसी टिप्पणी करने के पीछे क्या कारण रहा होगा।1
- मुण्डावर क्षेत्र के पेहल गांव निवासी एक ग्रामीण ने विद्युत विभाग के लाइनमैन पर घरेलू बिजली कनेक्शन के नाम पर हजारों रुपए लेने, काम पूरा न करने और पैसे वापस मांगने पर धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने सहायक अभियंता (AEN) विद्युत विभाग मुण्डावर को लिखित शिकायत दी है, जिसमें जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। गांव पेहल निवासी जितेंद्र पुत्र हरिसिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि लाइनमैन भरत ने घरेलू बिजली कनेक्शन जारी करने के लिए उनसे 8 हजार रुपए मांगे थे, जिसे उन्होंने फोन-पे के जरिए ट्रांसफर कर दिया था। आरोप है कि पैसे देने के बावजूद अब तक कनेक्शन जारी नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त, शिकायत में यह भी उल्लेख है कि हरिसिंह और रामनिवास के नाम से एक अन्य बिजली कनेक्शन के लिए करीब 100 मीटर थ्री-फेज केबल लाने के नाम पर 7 हजार रुपए नकद लिए गए थे। बाद में काम न होने पर यह राशि 19 अगस्त 2025 को फोन-पे के माध्यम से वापस लौटा दी गई थी, लेकिन अन्य कार्यों और तार लगाने के नाम पर भी समय-समय पर रुपए लेने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी बिजली कनेक्शन का कार्य अधूरा है, और अब जब वह अपने पैसे वापस मांग रहे हैं, तो कथित तौर पर उन्हें धमकाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले भी इसी लाइनमैन भरत पर एक रिटायर्ड फौजी जगमाल सिंह से केबल बदलने के नाम पर 2 हजार रुपए लेने का आरोप लगा था, जिसके बाद भरत का तबादला पेहल ग्रामीण क्षेत्र से रैणागिरी फीडर पर कर दिया गया था। पीड़ित ने 29 मई 2026 को दोबारा AEN विद्युत विभाग मुण्डावर को लिखित शिकायत सौंपी है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा है। सहायक अभियंता आशीष श्रीवास्तव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पीड़ित किसान की लिखित शिकायत मिल गई है और मामले को जांच तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।1
- इलाके में एक कबाड़ी की गला रेतकर की गई निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई है, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस जघन्य वारदात के विरोध में थाना परिसर पर धरना प्रदर्शन अभी भी जारी है।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश जारी किया है, जिसमें सीधे तौर पर उन लोगों को चेतावनी दी गई है जो अपने कार्यप्रणाली में सुधार नहीं ला रहे हैं। पुलिस ने दो टूक शब्दों में कहा है कि ऐसे लोग या तो अपने तौर-तरीकों में तुरंत सुधार लाएं या फिर उत्तर प्रदेश राज्य छोड़कर चले जाएं। इस चेतावनी के साथ यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इस अल्टीमेटम को नहीं माना गया, तो न्याय मिलने में बिल्कुल भी समय नहीं लगेगा, क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस अपनी सेवा में पूरी तरह तत्पर और हाजिर है।1
- शाहपुरा के मनोहरपुर क्षेत्र में कबाड़ी पप्पू रामावतार असवाल की अज्ञात हमलावरों द्वारा गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया। सूचना मिलने पर मनोहरपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मृतक के शव को निम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।1
- राजस्थान के पांवटा स्थित कुजोता-अजीतपुरा गांव में धरने पर बैठे ग्रामीणों पर बदमाशों द्वारा फायरिंग की गई। इस घटना में घायल हुए ग्रामीणों को कोटपुतली के बीडीएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, घायलों को जयपुर रेफर कर दिया गया है।1
- राजस्थान के अजितपुरा कलां गाँव में लगभग 40 वर्षों से बंद पड़ी एक चूना पत्थर की खदान को लेकर ग्रामीण समुदाय में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीण इस खदान से संबंधित एक परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसकी मुहिम को हनुमान बैनीवाल का भी समर्थन मिला है। यह चूना पत्थर की खदान 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली हुई है। दरअसल, बताया गया है कि लगभग चार दशक पहले जब चूना पत्थर की खदानों का मूल्य बेहद कम था और जमीनें बहुत सस्ते दामों पर उपलब्ध थीं, तब प्रभावशाली लोगों ने इन जमीनों को खरीदा था। संसाधन निकालने के बाद, उन्होंने कई खदानों को छोड़ दिया था, जिसके बाद अजितपुरा कलां की यह खदान भी तब से बंद पड़ी है। अब, ग्रामीण इस बंद पड़ी खदान से जुड़ी नई परियोजना के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं, और उनके इस विरोध प्रदर्शन को हनुमान बैनीवाल ने भी अपना समर्थन दिया है।1
- राजस्थान के नागौर जिले की जायल तहसील के मुडी गांव में एक आपसी विवाद ने अचानक खूनी रूप ले लिया है, जिसके चलते इलाके में भारी तनाव फैल गया है। जानकारी के मुताबिक, इस हिंसक झड़प के दौरान हमला करने के लिए ट्रैक्टर और अन्य वाहनों का इस्तेमाल किया गया। इस घटना के कारण पूरे गांव में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया है।1
- तरुण फिजियो क्लीनिक ने मरीजों के हित में एक सराहनीय कदम उठाया है। इस पहल के तहत, क्लिनिक द्वारा हर महीने दो दिन मरीजों को पूरी तरह निशुल्क फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जाएगी।1