पटना में 22 जून 2026 को मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प सभागार' से रबी 2025-26 के दौरान मार्च 2026 के तीसरे और चौथे सप्ताह में आई प्राकृतिक आपदाओं, जैसे आंधी-तूफान, असामयिक वर्षापात और ओलावृष्टि से प्रभावित 3.96 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत ₹200 करोड़ से अधिक की राशि डी०बी०टी० (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ऑनलाइन हस्तांतरित की। इस प्राकृतिक आपदा से राज्य के 13 जिलों—सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, अररिया, बेगूसराय, पूर्णिया, दरभंगा, किशनगंज, खगड़िया, मधुबनी, सुपौल और भागलपुर—में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। प्रभावित किसानों को त्वरित राहत पहुँचाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा ₹200 करोड़ और कृषि विभाग के अनुरोध पर अतिरिक्त ₹60.71 करोड़ की राशि आवंटित की गई, जिससे किसानों की सहायता के लिए कुल ₹260.71 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार सरकार की कृषि इनपुट अनुदान योजना केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि किसानों में आत्मविश्वास और स्थिरता भी प्रदान करती है, ताकि वे पुनः खेती-किसानी के कार्यों में संबल पा सकें और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली ऐसी आपदाओं से किसानों को नुकसान होता है, और सरकार अपने खजाने से हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने दो दिन पहले किसान सम्मान निधि की राशि किसानों को उपलब्ध कराई है और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी सीधा किसान भाइयों को मिल रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार की किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को सुरक्षित व टिकाऊ बनाने तथा प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री रत्नेश सादा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
पटना में 22 जून 2026 को मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प सभागार' से रबी 2025-26 के दौरान मार्च 2026 के तीसरे और चौथे सप्ताह में आई प्राकृतिक आपदाओं, जैसे आंधी-तूफान, असामयिक वर्षापात और ओलावृष्टि से प्रभावित 3.96 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत ₹200 करोड़ से अधिक की राशि डी०बी०टी० (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ऑनलाइन हस्तांतरित की। इस प्राकृतिक आपदा से राज्य के 13 जिलों—सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, अररिया, बेगूसराय, पूर्णिया, दरभंगा, किशनगंज, खगड़िया, मधुबनी, सुपौल और भागलपुर—में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। प्रभावित किसानों को त्वरित राहत पहुँचाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा ₹200 करोड़ और कृषि विभाग के अनुरोध पर अतिरिक्त ₹60.71 करोड़ की राशि आवंटित की गई, जिससे किसानों की सहायता के लिए कुल ₹260.71 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार सरकार की कृषि इनपुट अनुदान योजना केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि किसानों में आत्मविश्वास और स्थिरता भी प्रदान करती है, ताकि वे पुनः खेती-किसानी के कार्यों में संबल पा सकें और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली ऐसी आपदाओं से किसानों को नुकसान होता है, और सरकार अपने खजाने से हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने दो दिन पहले किसान सम्मान निधि की राशि किसानों को उपलब्ध कराई है और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी सीधा किसान भाइयों को मिल रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार की किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को सुरक्षित व टिकाऊ बनाने तथा प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री रत्नेश सादा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- पटना जंक्शन से सामने आए एक वायरल वीडियो में इंक्वायरी काउंटर पर तैनात एक रेलवे कर्मचारी अपनी कुर्सी पर आराम करता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि कई यात्री जानकारी प्राप्त करने के लिए उसके सामने खड़े नजर आ रहे थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता और कर्मचारियों की जवाबदेही के संबंध में एक नई बहस छेड़ दी है।1
- सोनहर स्थित शाक्य मुनि बुद्ध बिहार में BLCP ITS टीम का आगमन हुआ। इस दौरान टीम के सदस्य ITS अशोक सम्राट के साथ वहाँ मौजूद थे।1
- री-NEET 2026 परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े कथित सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाने के लिए ₹30 लाख से ₹40 लाख तक की मोटी रकम की डील करता था। इस मामले में अब तक कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 5 मेडिकल छात्र भी शामिल हैं। इन गिरफ्तार मेडिकल छात्रों में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) का एक छात्र भी बताया जा रहा है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पटना जिले के दनियावां स्थित भाजपा मंडल कार्यालय में एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंडल अध्यक्ष रवि प्रकाश की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन किए और नियमित रूप से योग का अभ्यास करने का संकल्प लिया। इस दौरान, समाजसेवी दिलीप कुमार ने योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। दिलीप कुमार ने उपस्थित लोगों से एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने की अपील की। कार्यक्रम में भाजपा महामंत्री श्योराम शर्मा, दिनेश कुमार, संजय कुमार, रणधीर कुमार, मनोज कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया।4
- मुखियाजी रिपोर्टर ने मीडिया टीवी नाइन भारतवर्ष के एक वीडियो न्यूज की सराहना करते हुए उसे 'अच्छा' बताया है, और Shuru App के पाठकों को इसे देखने की सलाह दी है। इस वीडियो न्यूज के माध्यम से यह सवाल उठाया गया है कि धरती पर संभावित संकट कहां आ सकता है, और NASA इस आफत को टालने के लिए क्या करेगा।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में योग किया।1
- बिहार पुलिस ने स्वीकार किया है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में लापरवाही हुई थी। पुलिस ने यह भी माना है कि भरत तिवारी का एनकाउंटर एक गलती का नतीजा था। इस पूरे मामले की न्यायिक जांच अब हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज द्वारा की जाएगी।1
- पटना के नौबतपुर में दो सगी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें एक तिलक समारोह में डांस कार्यक्रम के बहाने गांव बुलाया गया था, जहां आरोपियों ने उनके साथ रात भर दुष्कर्म किया। घटना के बाद, नौबतपुर थाने में मुन्ना कुमार, सूरज कुमार और भानु कुमार सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें तीन नामजद हैं, और पुलिस गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पीड़िताएं झारखंड के लातेहार जिले की रहने वाली हैं और वर्तमान में पटना के मीठापुर इलाके में किराए के मकान में रहती थीं। पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, यह घटना 18 जून की है। कार्यक्रम की बुकिंग भेलुरा रामपुर निवासी मुन्ना कुमार ने 8 हजार रुपए में की थी। आरोप है कि मुन्ना कुमार दोनों बहनों को मीठापुर से स्कूटी पर बैठाकर अपने गांव ले गया। कार्यक्रम स्थल पर ले जाने के बजाय, उसने अपने चचेरे भाई सूरज, भानु कुमार और अन्य युवकों के साथ मिलकर उन्हें जबरन एक सुनसान जगह पर ले जाकर बंधक बना लिया। पीड़िताओं का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर बारी-बारी से पूरी रात दुष्कर्म किया। जब उन्होंने भागने की कोशिश की, तो उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। अगली सुबह, 19 जून को, आरोपी दोनों बहनों को एक गाड़ी से वापस छोड़ने ले जा रहे थे। जब वाहन फुलवारीशरीफ इलाके में पहुंचा, तो युवतियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसे सुनकर स्थानीय लोग जुट गए और डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। डायल-112 की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर युवतियों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और उन्हें फुलवारीशरीफ थाने ले गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए नौबतपुर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद नौबतपुर थाना की टीम पीड़िताओं को अपने साथ लेकर नौबतपुर थाने चली गई। फुलवारीशरीफ के एसडीपीओ-2 दीपक कुमार ने घटनास्थल का मुआयना किया, और एफएसएल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। नौबतपुर थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर ने बताया कि कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।1