बेसहारा बहनों के लिए मददगार बने लेखपाल, घर पहुंचाई राहत जालौन। ग्राम सींगपुरा में माता पिता की मृत्यु के बाद दादी की भी मृत्यु होने के बाद बेसहारा हुई छह बहनों के मामले में तहसील क्षेत्र के लेखपालों ले बच्चियों को राशन और आर्थिक सहायता दी है। साथ ही घर और शौचालय का लाभ दिलाने का भी आश्वासन दिया है। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सीगपुरा निवासी विजय सिंह बरार का वर्ष 2023 में बीमारी के चलते निधन हो गया थाा। उनकी छह बेटियां थीं। जिनमें अंजली (14) सबसे बड़ी, दिव्या (12), प्रतिज्ञा (10), शिवानी (8), नंदिनी (7), पलक (5), दीक्षा (4) और दो बेटियां हैं। पिता मजदूरी कर कच्चे मकान में परिवार का भरण पोषण करते थे। लेकिन उनके निधन के बाद मां रामसिया ने बेटियों की जिम्मेदारी उठानी चाही लेकिन एक माह बाद ही उनका भी निधन हो गया। अब बेटियों का एकमात्र सहारा उनकी दादी थीं। दादी किसी तरह बेटियों को पाल रही थीं। लेकिन रविवार को उनका भी देहांत हो गया। दादी के देहांत के बाद सभी बच्चियां बेसहारा हो गई हैं। यह जानकारी जब सदर लेखपाल वैभव त्रिपाठी को हुई तो उन्होंने लेखपालों के साथ मिलकर बच्चियों की मदद का बीड़ा उठाया। उन्होंने गांव पहुंचकर बच्चियों को 11000 रुपये का राशन, बर्तन, सिलिंडर आदि दिलाया। साथ ही बच्चियों के लिए 50,700 रुपये की सहायता दी। जिसमें 700 रुपये उन्हें नकद दिए गए साथ ही 50000 रुपये बच्ची की सहमति से एकाउंट में जमा किए जाएंगे। सदर लेखपाल ने बताया कि कच्चे घर की जर्जर स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान व परिजनों से घर के अंदर समतलीकरण कराने के लिए कहा गया। साथ ही आश्वासन दिया कि घर बनवाने के लिए आवास और शौचालय दिलाया जाएगा। यह राहत पाकर बच्चियों ने राहत महसूस की है। इस मौके पर लेखपाल पूजा राजपूत, वैभव त्रिपाठी, मयंक यादव, आकाश तिवारी, सुधा अग्रवाल, अभिनाश द्विवेदी, विक्रांत आदि मौजूद रहे।
बेसहारा बहनों के लिए मददगार बने लेखपाल, घर पहुंचाई राहत जालौन। ग्राम सींगपुरा में माता पिता की मृत्यु के बाद दादी की भी मृत्यु होने के बाद बेसहारा हुई छह बहनों के मामले में तहसील क्षेत्र के लेखपालों ले बच्चियों को राशन और आर्थिक सहायता दी है। साथ ही घर और शौचालय का लाभ दिलाने का भी आश्वासन दिया है। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सीगपुरा निवासी विजय सिंह बरार का वर्ष 2023 में बीमारी के चलते निधन हो गया थाा। उनकी छह बेटियां थीं। जिनमें अंजली (14) सबसे बड़ी, दिव्या (12), प्रतिज्ञा (10), शिवानी (8), नंदिनी (7), पलक (5), दीक्षा (4) और दो बेटियां हैं। पिता मजदूरी कर कच्चे मकान में परिवार का भरण पोषण करते थे। लेकिन उनके निधन के बाद मां रामसिया ने बेटियों की जिम्मेदारी उठानी चाही लेकिन एक माह बाद ही उनका भी निधन हो गया। अब बेटियों का एकमात्र सहारा उनकी दादी थीं। दादी किसी तरह बेटियों को पाल रही थीं। लेकिन रविवार को उनका भी देहांत हो गया। दादी के देहांत के बाद सभी बच्चियां बेसहारा हो गई हैं। यह जानकारी जब सदर लेखपाल वैभव त्रिपाठी को हुई तो उन्होंने लेखपालों के साथ मिलकर बच्चियों की मदद का बीड़ा उठाया। उन्होंने गांव पहुंचकर बच्चियों को 11000 रुपये का राशन, बर्तन, सिलिंडर आदि दिलाया। साथ ही बच्चियों के लिए 50,700 रुपये की सहायता दी। जिसमें 700 रुपये उन्हें नकद दिए गए साथ ही 50000 रुपये बच्ची की सहमति से एकाउंट में जमा किए जाएंगे। सदर लेखपाल ने बताया कि कच्चे घर की जर्जर स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान व परिजनों से घर के अंदर समतलीकरण कराने के लिए कहा गया। साथ ही आश्वासन दिया कि घर बनवाने के लिए आवास और शौचालय दिलाया जाएगा। यह राहत पाकर बच्चियों ने राहत महसूस की है। इस मौके पर लेखपाल पूजा राजपूत, वैभव त्रिपाठी, मयंक यादव, आकाश तिवारी, सुधा अग्रवाल, अभिनाश द्विवेदी, विक्रांत आदि मौजूद रहे।
- पिता की हत्या के आरोप में बंद पुत्र को कोर्ट ने किया /बरी दो साल जेल में रहने के बाद साक्ष्यों के अभाव में मिली राहत* *पिता की हत्या के आरोप में पुत्र बरी /साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने सुनाया फैसला* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *पिता की हत्या के आरोप में बंद पुत्र को कोर्ट ने किया /बरी दो साल जेल में रहने के बाद साक्ष्यों के अभाव में मिली राहत* *पिता की हत्या के आरोप में पुत्र बरी /साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने सुनाया फैसला* जनपद जालौन कोंच पिता की हत्या के आरोप में करीब दो वर्ष तक जेल में रहे पुत्र को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया कोंच कोतवाली क्षेत्र के ताहरपुरा गांव में वर्ष 2019 में हुई हत्या के मामले में मंगलवार को अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी हनुमंत सिंह को बरी कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता विनय चौरसिया ने बताया कि ताहरपुरा गांव निवासी मालती ने वर्ष 2019 में पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके पति की हत्या उसके पुत्र हनुमंत सिंह ने डंडे से मारकर कर दी है तहरीर के आधार पर पुलिस ने हनुमंत सिंह के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था आप को बता दें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डंडा भी बरामद करने का दावा किया था पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया आरोपी करीब दो वर्ष तक जेल में रहा मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी मालती समेत अन्य गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज किए गए अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर बहस की गई इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें बचाव पक्ष के अधिवक्ता विनय चौरसिया ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए उसे बरी किए जाने की मांग की मंगलवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने दोनों पक्षों की बहस गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में हनुमंत सिंह को पिता की हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर दिया बता दें फैसले के साथ ही करीब सात वर्ष से चल रहे इस मुकदमे का निस्तारण हो गया2
- बेसहारा बेटियों के सिर से माता-पिता और दादी का साया उठा, लेखपालों ने बढ़ाया मदद का हाथ जालौन। ग्राम सींगपुरा में माता-पिता और दादी की मौत के बाद बेसहारा हुई बच्चियों के लिए तहसील क्षेत्र के लेखपाल सहारा बनकर सामने आए। परिवार के तीनों बड़े सदस्यों को खोने के बाद बच्चियों के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया था। जर्जर कच्चे मकान में रह रही बच्चियों की स्थिति की जानकारी सदर लेखपाल वैभव त्रिपाठी को हुई तो उन्होंने साथी लेखपालों के साथ मिलकर उनकी मदद का बीड़ा उठाया। ग्राम निवासी विजय सिंह बरार मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। वर्ष 2023 में बीमारी के चलते उनका निधन हो गया। पति की मौत के करीब एक माह बाद पत्नी रामसिया का भी निधन हो गया। इसके बाद बच्चियों की जिम्मेदारी उनकी दादी ने संभाली और किसी तरह उनका पालन-पोषण कर रही थीं। रविवार को दादी का भी निधन हो गया, जिसके बाद बच्चियों के सिर से आखिरी सहारा भी छिन गया। जानकारी मिलने पर सदर लेखपाल वैभव त्रिपाठी के नेतृत्व में लेखपालों की टीम गांव पहुंची और बच्चियों को करीब 11 हजार रुपये का राशन, बर्तन, सिलिंडर आदि उपलब्ध कराया। इसके साथ ही 50,700 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। इसमें 700 रुपये नकद दिए गए, जबकि 50 हजार रुपये बच्ची की सहमति से उसके खाते में जमा किए जाएंगे। लेखपाल वैभव त्रिपाठी ने बताया कि बच्चियों का कच्चा मकान जर्जर स्थिति में है। इसके चलते ग्राम प्रधान और परिजनों से घर के अंदर समतलीकरण कराने के लिए कहा गया है। साथ ही बच्चियों को आवास और शौचालय योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया है। मदद मिलने के बाद बच्चियों ने राहत महसूस की। ग्रामीणों ने भी लेखपालों की इस मानवीय पहल की सराहना की। इस दौरान लेखपाल पूजा राजपूत, वैभव त्रिपाठी, मयंक यादव, आकाश तिवारी, सुधा अग्रवाल, अभिनाश द्विवेदी, विक्रांत आदि मौजूद रहे।2
- जालौन के कोंच तहसील परिसर में मंगलवार दोपहर 3 बजे एक विवाद हो गया। यहां लेखपाल कक्ष में विरासत प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर अधिवक्ता और लेखपाल आपस में भिड़ गए। इस दौरान दोनों पक्षों में गाली-गलौज और खींचतान भी हुई। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।जानकारी के अनुसार, एक किसान पिछले करीब छह माह से अपना विरासत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लेखपाल के चक्कर लगा रहा था। किसान की ओर से अधिवक्ता प्रमाण पत्र बनवाने के संबंध में लेखपाल के पास पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर अधिवक्ता और लेखपालों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते बात गाली-गलौज और खींचतान तक पहुंच गई। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे से उलझते दिखे। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी अधिवक्ता और लेखपाल आपस में भिड़ते रहे। घटना के बाद तहसील परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी रही। जालौन के कोंच तहसील परिसर में मंगलवार दोपहर 3 बजे एक विवाद हो गया। यहां लेखपाल कक्ष में विरासत प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर अधिवक्ता और लेखपाल आपस में भिड़ गए। इस दौरान दोनों पक्षों में गाली-गलौज और खींचतान भी हुई। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।जानकारी के अनुसार, एक किसान पिछले करीब छह माह से अपना विरासत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लेखपाल के चक्कर लगा रहा था। किसान की ओर से अधिवक्ता प्रमाण पत्र बनवाने के संबंध में लेखपाल के पास पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर अधिवक्ता और लेखपालों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते बात गाली-गलौज और खींचतान तक पहुंच गई। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे से उलझते दिखे। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी अधिवक्ता और लेखपाल आपस में भिड़ते रहे। घटना के बाद तहसील परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी रही।1
- ऑटो चालक और किसान गंभीर रूप से घायल, राहगीरों ने पहुंचकर बचाई जान जालौन: कानपुर-झांसी हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, डंपर की टक्कर से गेहूं लदा ऑटो खंती में पलट विजय शर्मा जालौन मो 9662116534 ऑटो चालक और किसान गंभीर रूप से घायल, राहगीरों ने पहुंचकर बचाई जान जालौन। एट कोतवाली क्षेत्र के कानपुर-झांसी हाईवे (NH-27) पर सोमई गांव के पास मंगलवार को तेज रफ्तार डंपर ने गेहूं लदे ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खंती में पलट गया। हादसे में ऑटो चालक और उसमें सवार किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास से गुजर रहे राहगीरों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर खंती में पलटे ऑटो से दोनों घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों का इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। तेज रफ्तार डंपर की टक्कर को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। पुलिस द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों और वाहनों की स्थिति की जांच की जा रही1
- प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच के लिए तहसील पहुंचा फरियादी, एसडीएम ने दो दिन में जांच का दिया आश्वासन1
- जालौन जिले में परिवहन विभाग के अधिकारी ने चलाया चैकिंग अभियान नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले में परिवहन विभाग द्वारा चलाए गए चैकिंग अभियान से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं एआरटीओ राजेश कुमार द्वारा आज़ जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और शासन के निर्देश पर जागरूक किया गया1
- झाँसी SP सिटी प्रीति सिंह का बड़ा बयान- अपराधियों को दी खुली चेतावनी!!... झांसी में बढ़ रहे अपराध को लेकर झांसी एसपी सिटी ने एक प्रेस वार्ता की और प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जितने भी झांसी जिले में अपराधी है या तो वह जिले को छोड़ दें या फिर वह अपराध करना बंद कर दे अन्यथा किसी भी सूरत में अपराधियों को बक्सर नहीं जाएगा और अपराधियों की जगह सिर्फ जेल में ही रहेगी और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनको जेल की सलाखों में डाला जाएगा सुनिए विस्तार से क्या कुछ बोली एसपी सिटी प्रीति सिंह!!1
- 9 करोड़ की हेरोइन तस्करी में दो दोषियों को 20-20 साल की सजा, एक बरी चमारी टोल प्लाजा पर पांच साल पहले पकड़ी गई थी हेरोइन, कोर्ट ने सुनाया फैसला उरई/आटा (जालौन)। आटा थाना क्षेत्र के चमारी टोल प्लाजा पर करीब पांच वर्ष पहले पकड़ी गई करीब नौ करोड़ रुपये कीमत की हेरोइन तस्करी के मामले में मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, करीब पांच वर्ष पहले आटा थाना पुलिस ने चमारी टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की थी। मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में सुनवाई की गई। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दो आरोपियों को दोषी माना और उन्हें 20-20 वर्ष के कारावास तथा 2-2 लाख रुपये जुर्मान 9 करोड़ की हेरोइन तस्करी में दो दोषियों को 20-20 साल की सजा, एक बरी चमारी टोल प्लाजा पर पांच साल पहले पकड़ी गई थी हेरोइन, कोर्ट ने सुनाया फैसला उरई/आटा (जालौन)। आटा थाना क्षेत्र के चमारी टोल प्लाजा पर करीब पांच वर्ष पहले पकड़ी गई करीब नौ करोड़ रुपये कीमत की हेरोइन तस्करी के मामले में मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, करीब पांच वर्ष पहले आटा थाना पुलिस ने चमारी टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की थी। मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में सुनवाई की गई। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दो आरोपियों को दोषी माना और उन्हें 20-20 वर्ष के कारावास तथा 2-2 लाख रुपये जुर्मान1