छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड की लटमा ग्राम पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार शिविर 2026 के अवसर पर, "मोर गांव मोर पानी" महा अभियान (5% मॉडल) के तहत जल संरक्षण के उत्कृष्ट कार्यों के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और स्व-सहायता समूह (SHG) की दीदियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान जल संरक्षण और संवर्धन में उनके सराहनीय योगदान को रेखांकित करता है। 5% मॉडल जल संरक्षण की एक अत्यंत प्रभावी तकनीक है, जिसके अंतर्गत किसान अपने खेत के कुल रकबे के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से में एक छोटा तालाब या डबरी का निर्माण करते हैं। इस पहल के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। यह सुनिश्चित करता है कि बारिश का पानी व्यर्थ न बहे, बल्कि जमीन के भीतर रिसकर भूजल पुनर्भरण में सहायक हो। इसके परिणामस्वरूप आसपास के कुओं और ट्यूबवेल का जल स्तर बढ़ता है, जिससे मानसून के बाद भी फसलों की सिंचाई के लिए या दूसरी फसल लेने हेतु पानी उपलब्ध रहता है। इसके अतिरिक्त, कई किसान इन डबरियों का उपयोग मछली पालन या बत्तख पालन जैसे कार्यों के लिए करके अपनी आय में वृद्धि भी करते हैं। कोरिया जिले में इस अभियान की सफलता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और स्थानीय महिला समूहों (बिहान की दीदियों) की भूमिका विशेष रूप से प्रशंसनीय है। उनके प्रयासों से यह अभियान जमीनी स्तर पर एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन प्रयासों और सामुदायिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड की लटमा ग्राम पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार शिविर 2026 के अवसर पर, "मोर गांव मोर पानी" महा अभियान (5% मॉडल) के तहत जल संरक्षण के उत्कृष्ट कार्यों के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और स्व-सहायता समूह (SHG) की दीदियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान जल संरक्षण और संवर्धन में उनके सराहनीय योगदान को रेखांकित करता है। 5% मॉडल जल संरक्षण की एक अत्यंत प्रभावी तकनीक है, जिसके अंतर्गत किसान अपने खेत के कुल रकबे के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से में एक छोटा तालाब या डबरी का निर्माण करते हैं। इस पहल के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। यह सुनिश्चित करता है कि बारिश का पानी व्यर्थ न बहे, बल्कि जमीन के भीतर रिसकर भूजल पुनर्भरण में सहायक हो। इसके परिणामस्वरूप आसपास के कुओं और ट्यूबवेल का जल स्तर बढ़ता है, जिससे मानसून के बाद भी फसलों की सिंचाई के लिए या दूसरी फसल लेने हेतु पानी उपलब्ध रहता है। इसके अतिरिक्त, कई किसान इन डबरियों का उपयोग मछली पालन या बत्तख पालन जैसे कार्यों के लिए करके अपनी आय में वृद्धि भी करते हैं। कोरिया जिले में इस अभियान की सफलता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और स्थानीय महिला समूहों (बिहान की दीदियों) की भूमिका विशेष रूप से प्रशंसनीय है। उनके प्रयासों से यह अभियान जमीनी स्तर पर एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन प्रयासों और सामुदायिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई 2026 को कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में ध्याण मंदिर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी, आध्यात्मिक और विकासोन्मुखी पहलों का शुभारंभ भी किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा पूरे विश्व को शांति, ध्यान और मानव कल्याण का मार्ग दिखाती है। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि ध्याण मंदिर आत्मिक उन्नति, मानसिक शांति और वैश्विक सद्भाव का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।1
- main pat aise Na Ja Raha milte rahata dekhne ke liye is najar ko like comment kijiye Chhattisgarh sarguja main pat1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठनात्मक ढांचे में कार्यकर्ताओं की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है। एक मजबूत संगठन अपने समर्पित और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की बदौलत ही समाज के बीच प्रभावी ढंग से काम कर पाता है। कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के माध्यम से संगठन की विचारधारा, उसकी कार्यपद्धति और नेतृत्व कौशल के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे वे जनसेवा और संगठन के विस्तार में बेहतर योगदान दे पाते हैं। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए, भाजपा समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती है, ताकि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, ज्ञान और नेतृत्व क्षमता का संचार हो सके। संगठन को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने में प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह कहा गया है कि कार्यकर्ता ही संगठन की शक्ति हैं, संगठन ही सफलता की गारंटी है और प्रशिक्षण ही कार्यकर्ताओं को नेतृत्व की सही दिशा प्रदान करता है।1
- मनेंद्रगढ़ जिले में स्थित अमृतधारा जलप्रपात में हाल ही में हुई एक दुखद घटना के बाद, जिला प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जलप्रपात परिसर के भीतर संवेदनशील और दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित किया गया है, और इन जगहों पर चेतावनी एवं सुरक्षा सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। प्रशासन ने उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया है जहाँ फिसलन, गहराई या अन्य जोखिमों के कारण हादसों की आशंका रहती है। इन बोर्डों के माध्यम से पर्यटकों को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाने और हर संभव सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि पर्यटकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आगंतुकों से सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की गई है। इस पहल को अमृतधारा जलप्रपात को अधिक सुरक्षित और पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- अंबिकापुर में गर्मी से राहत दिलाने के लिए झमाझम बारिश हुई है। इस बारिश ने इलाके के लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की है।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में बनारस रोड मुख्य मार्ग पर 'फन ज़ोन' नामक एक बेहद खूबसूरत और भव्य दुकान का आज दिनांक 31 मई 2026 को ग्रैंड ओपनिंग हुआ। यह नितेश केशरवानी फन ज़ोन, मनोरंजन के भरपूर साधन प्रदान करने का दावा करता है। इसे एक ऐसे दुनिया के रूप में वर्णित किया गया है जहाँ एक बेहद खूबसूरत नज़ारा है, साथ ही एक डरावना दृश्य भी है जो छोटे बच्चों में खौफ पैदा करेगा और बड़ों को भूल जाने का डर दिलाएगा, जबकि बुढ़ापे की चिंता खत्म हो जाएगी। यह कहा गया है कि जहाँ पहले बड़े शहरों के मनोरंजक स्थलों का ख्याल आता था, अब सिर्फ अंबिकापुर सरगुजा जिले में खुले इस 'फन ज़ोन' की ही याद आएगी।2
- सागर में भीम आर्मी द्वारा एक महत्वपूर्ण संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान संगठन के विस्तार और मजबूती पर गहन मंथन हुआ।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त हुए सुझावों, जनभागीदारी, नवाचार, युवा शक्ति, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नागरिकों की कई प्रेरणादायक पहलों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए देश को विकास, आत्मनिर्भरता और जनसहभागिता के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ाने का सशक्त संदेश दिया। यह कार्यक्रम अब केवल एक रेडियो प्रसारण नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और देशवासियों के बीच संवाद का एक अत्यंत सशक्त माध्यम बन चुका है।1