प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से प्रशासनिक सेवा में चयनित होने के बाद प्रशिक्षु अधिकारियों का प्रशिक्षण केवल कक्षा, पुस्तकों और सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं रहता। एक सक्षम प्रशासक के निर्माण के लिए यह भी जरूरी है कि वह उस भारत को करीब से समझे, जिसके लिए भविष्य में नीतियां बनानी हैं और उन्हें जमीन पर लागू कराना है। इसी व्यापक प्रशिक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत Rapid Rural Appraisal (RRA) जैसी प्रक्रिया के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर गांव की सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक वास्तविकताओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है। इसी क्रम में जनपद बस्ती में प्रशिक्षण के लिए आईं PCS अधिकारी सुश्री गरिमा शर्मा एवं सुश्री जेस्मिन वर्मा ने ग्राम पंचायत–मरहा के पंचायत सचिवालय का निरीक्षण किया। पंचायत सचिवालय में दोनों अधिकारियों ने स्थानीय स्वशासन की कार्यप्रणाली, पंचायत कार्यालय की व्यवस्थाओं, उपलब्ध जनसुविधाओं, अभिलेख एवं सूचना व्यवस्था तथा ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की और विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। दरअसल, किसी गांव को केवल आंकड़ों, सरकारी रिपोर्टों अथवा फाइलों में देखकर पूरी तरह नहीं समझा जा सकता। गांव को समझने के लिए उसके लोगों के बीच जाना पड़ता है, उनकी जरूरतों को सुनना पड़ता है और यह देखना पड़ता है कि सरकार की योजनाएं और स्थानीय संस्थाएं जमीन पर किस तरह काम कर रही हैं। यही Rapid Rural Appraisal की मूल भावना है—गांव को दूर से नहीं, गांव के बीच जाकर समझना। और इस पूरी प्रक्रिया में पंचायत सचिवालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। संविधान के 73वें संशोधन के बाद पंचायती राज संस्थाओं को स्थानीय स्वशासन की संवैधानिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान मिला। इसलिए पंचायत सचिवालय केवल एक सरकारी कार्यालय नहीं, बल्कि गांव के लोकतांत्रिक और प्रशासनिक जीवन का स्थानीय केंद्र है। एक ओर प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं युवा अधिकारी गरिमा शर्मा एवं जेस्मिन वर्मा, तो दूसरी ओर गांव के स्तर पर लोकतंत्र की सबसे पहली संस्थागत इकाई—ग्राम पंचायत। इन दोनों का यह संवाद अपने आप में महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए यह गांव की वास्तविकताओं को समझने का अवसर है और ग्राम पंचायत के लिए यह अपनी स्थानीय शासन व्यवस्था को प्रशासनिक प्रशिक्षण की प्रक्रिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर। गांव की गलियों, पंचायत सचिवालय और ग्रामीणों के बीच से गुजरकर ही उस भारत को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है, जिसका प्रशासन भविष्य में इन युवा अधिकारियों के हाथों में होगा। ग्राम पंचायत–मरहा को इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रशिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनने पर प्रसन्नता है। सुश्री गरिमा शर्मा एवं सुश्री जेस्मिन वर्मा को प्रशिक्षण के इस चरण के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। आशा है कि ग्रामीण भारत की यह जमीनी समझ उनके प्रशासनिक जीवन में संवेदनशीलता, जनसरोकार और बेहतर प्रशासन की मजबूत आधारशिला बनेगी। दोनों युवा PCS अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य, सफल प्रशासनिक जीवन और निरंतर प्रगति की हार्दिक शुभकामनाएं। ग्राम पंचायत–मरहा वि०खं०–बस्ती सदर, जनपद–बस्ती (उ०प्र०) "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी" स्थानीय लोकतंत्र से सुशासन तक। #UPSC #PCS #IASTraining #RapidRuralAppraisal #RRA #PanchayatiRaj #LocalGovernance #RuralIndia #GoodGovernance #GramPanchayat #Marha #Basti
प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से प्रशासनिक सेवा में चयनित होने के बाद प्रशिक्षु अधिकारियों का प्रशिक्षण केवल कक्षा, पुस्तकों और सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं रहता। एक सक्षम प्रशासक के निर्माण के लिए यह भी जरूरी है कि वह उस भारत को करीब से समझे, जिसके लिए भविष्य में नीतियां बनानी हैं और उन्हें जमीन पर लागू कराना है। इसी व्यापक प्रशिक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत Rapid Rural Appraisal (RRA) जैसी प्रक्रिया के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर गांव की सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक वास्तविकताओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है। इसी क्रम में जनपद बस्ती में प्रशिक्षण के लिए आईं PCS अधिकारी सुश्री गरिमा शर्मा एवं सुश्री जेस्मिन वर्मा ने ग्राम पंचायत–मरहा के पंचायत सचिवालय का निरीक्षण किया। पंचायत सचिवालय में दोनों अधिकारियों ने स्थानीय स्वशासन की कार्यप्रणाली, पंचायत कार्यालय की व्यवस्थाओं, उपलब्ध जनसुविधाओं, अभिलेख एवं सूचना व्यवस्था तथा ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की और विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। दरअसल, किसी गांव को केवल आंकड़ों, सरकारी रिपोर्टों अथवा फाइलों में देखकर पूरी तरह नहीं समझा जा सकता। गांव को समझने के लिए उसके लोगों के बीच जाना पड़ता है, उनकी जरूरतों को सुनना पड़ता है और यह देखना पड़ता है कि सरकार की योजनाएं और स्थानीय संस्थाएं जमीन पर किस तरह काम कर रही हैं। यही Rapid Rural Appraisal की मूल भावना है—गांव को दूर से नहीं, गांव के बीच जाकर समझना। और इस पूरी प्रक्रिया में पंचायत सचिवालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। संविधान के 73वें संशोधन के बाद पंचायती राज संस्थाओं को स्थानीय स्वशासन की संवैधानिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान मिला। इसलिए पंचायत सचिवालय केवल एक सरकारी कार्यालय नहीं, बल्कि गांव के लोकतांत्रिक और प्रशासनिक जीवन का स्थानीय केंद्र है। एक ओर प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं युवा अधिकारी गरिमा शर्मा एवं जेस्मिन वर्मा, तो दूसरी ओर गांव के स्तर पर लोकतंत्र की सबसे पहली संस्थागत इकाई—ग्राम पंचायत। इन दोनों का यह संवाद अपने आप में महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए यह गांव की वास्तविकताओं को समझने का अवसर है और ग्राम पंचायत के लिए यह अपनी स्थानीय शासन व्यवस्था को प्रशासनिक प्रशिक्षण की प्रक्रिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर। गांव की गलियों, पंचायत सचिवालय और ग्रामीणों के बीच से गुजरकर ही उस भारत को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है, जिसका प्रशासन भविष्य में इन युवा अधिकारियों के हाथों में होगा। ग्राम पंचायत–मरहा को इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रशिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनने पर प्रसन्नता है। सुश्री गरिमा शर्मा एवं सुश्री जेस्मिन वर्मा को प्रशिक्षण के इस चरण के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। आशा है कि ग्रामीण भारत की यह जमीनी समझ उनके प्रशासनिक जीवन में संवेदनशीलता, जनसरोकार और बेहतर प्रशासन की मजबूत आधारशिला बनेगी। दोनों युवा PCS अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य, सफल प्रशासनिक जीवन और निरंतर प्रगति की हार्दिक शुभकामनाएं। ग्राम पंचायत–मरहा वि०खं०–बस्ती सदर, जनपद–बस्ती (उ०प्र०) "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी" स्थानीय लोकतंत्र से सुशासन तक। #UPSC #PCS #IASTraining #RapidRuralAppraisal #RRA #PanchayatiRaj #LocalGovernance #RuralIndia #GoodGovernance #GramPanchayat #Marha #Basti
- #ग्रामीण_18_घण्टे_और_शहरी_क्षेत्र_मे_22_घण्टे_बिद्युत_अपूर्ति_के_दावे_मे_सरकार_पूरी_तरह_से_फेल। #ग्रामीण_18_घण्टे_और_शहरी_क्षेत्र_मे_22_घण्टे_बिद्युत_अपूर्ति_के_दावे_मे_सरकार_पूरी_तरह_से_फेल। इस समय विधानसभा क्षेत्र के भानपुर,बघौड़ी,दसिया,रूधौली,असनहरा आदि सभी सब स्टेशनो का संचालन लोढ़वा से हो रहा है इसलिए विधानसभा क्षेत्र के लोगो द्वारा लगातार मिल रही अघोषित विद्युत कटौती की सूचना पर माननीय विधायक रूधौली Rajendra Prasad Chaudhary जी जानकारी के लिए पहुचे #ट्रांसमिशन_विद्युत_उपकेन्द्र_लोढ़वा। #अघोषित #विद्युत #कटौती को लेकर विद्युत विभाग के अवर अभियंन्ता विद्युत मण्डल बस्ती से होगी बात।1
- लंबित विवेचनाओं और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश, अपराधियों पर शिकंजा कसने को कहा अचानक थाने पहुंचे डीआईजी, महुली में पुलिसिंग का लिया जायजा संतकबीरनगर। पुलिस उप-महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र श्री संजीव त्यागी ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना की मौजूदगी में थाना महुली का आकस्मिक निरीक्षण किया। डीआईजी के अचानक थाने पहुंचने से पुलिसकर्मियों में हलचल रही। उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक, शस्त्रागार समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय में अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित प्रार्थना पत्रों, अभियोगों और विवेचनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के साथ ही जनशिकायतों को प्राथमिकता पर लेकर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वांछित एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, नियमित रात्रि गश्त तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की लगातार चेकिंग करने को कहा। संवेदनशील स्थानों और प्रमुख बाजारों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। त्योहारों को लेकर पुलिस को अलर्ट आगामी पर्वों, धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित क्षेत्र भ्रमण, संदिग्धों की निगरानी और सोशल मीडिया पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए। साफ-सफाई की व्यवस्था पर जताई संतुष्टि थाना परिसर में साफ-सफाई एवं स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था मिलने पर डीआईजी ने पुलिसकर्मियों की सराहना की और परिसर को इसी तरह स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार करने तथा पीड़ितों और फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने की हिदायत दी।इस दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभय नाथ मिश्र, थाना प्रभारी महुली श्री दुर्गेश पाण्डेय सहित थाना महुली का समस्त पुलिस बल मौजूद रहा।1
- संतकबीरनगर- दलित महिला पर अत्याचार से बौखलाए मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी, थाने पहुंचकर पुलिस को लगाई जमकर फटकार: थानाध्यक्ष से तीखी नोकझोंक, थाने में मचा हड़कंप। फरीदाबाद मेहदावल क्षेत्र में एक दलित महिला पर हुए कथित अत्याचार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की जानकारी मिलते ही मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी आगबबूला हो गए और तुरंत अपने समर्थकों के साथ मेहदावल थाने पहुंच गए। थाने पहुंचते ही विधायक अनिल त्रिपाठी ने पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा रोष जताया और जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दलित महिला के मामले में पुलिस की लापरवाही और हीलाहवाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। बताया जा रहा है कि जनता की समस्याओं और महिला के साथ हुए अत्याचार को लेकर विधायक त्रिपाठी की मेहदावल थाना अध्यक्ष से तीखी नोकझोंक भी हुई। थाने के अंदर चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान थाने में हड़कंप का माहौल बना रहा। विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि गरीब, दलित और असहाय महिला पर अत्याचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।1
- डीआईजी ने थाना महुली का किया आकस्मिक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश महुली, संतकबीरनगर। पुलिस उप-महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र श्री संजीव त्यागी ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना की उपस्थिति में थाना महुली का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक, शस्त्रागार तथा अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीआईजी ने अभिलेखों के रखरखाव, लंबित प्रार्थना पत्रों, अभियोगों एवं विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने जनशिकायतों का निष्पक्ष व त्वरित समाधान, वांछित अभियुक्तों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, नियमित रात्रि गश्त तथा संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण में थाना परिसर की साफ-सफाई और सुव्यवस्थित व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए डीआईजी ने थाना पुलिस की सराहना की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन व्यवहार, पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने तथा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आगामी पर्वों एवं सार्वजनिक आयोजनों को देखते हुए डीआईजी ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित क्षेत्र भ्रमण तथा सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्र, थाना प्रभारी महुली दुर्गेश पाण्डेय सहित थाना महुली का समस्त पुलिस बल उपस्थित रहा।4
- चंडीगढ़ कमाने गया 30 वर्षीय युवक लापता, ₹500 भेजने के बाद मोबाइल बंद धनघटा। संत कबीर नगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के बैसा (लाल तुरकौलिया) गांव निवासी 30 वर्षीय अजीत निषाद पुत्र राधेश्याम रोजी-रोटी कमाने के लिए चंडीगढ़ गए थे। परिजनों के अनुसार शुक्रवार की रात करीब आठ बजे अजीत ने फोन कर बताया कि उसके पास खाने के लिए पैसे नहीं हैं और कुछ रुपये भेजने को कहा। इसके बाद परिजनों ने उसके खाते में ₹500 भेजे। परिजनों का कहना है कि रुपये भेजने के बाद से ही अजीत का मोबाइल फोन बंद हो गया। काफी खोजबीन और संभावित स्थानों पर पता लगाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद से परिवार के लोग बेहद परेशान हैं। अजीत के घर पर उसकी मां सुभावती देवी, पत्नी मीरा और तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं और लोगों से भी सहयोग की अपील की है। परिजनों ने बताया कि यदि अजीत निषाद कहीं दिखाई दें या उनके संबंध में कोई जानकारी मिले तो 7754910939 अथवा 07755040121 पर फोन कर सूचना दें।1
- जनता की शिकायतों पर विधायक अनिल त्रिपाठी सख्त, मेहदावल थाने में हुई तीखी नोकझोंक संतकबीरनगर। जनता की समस्याओं और शिकायतों को लेकर मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी मेहदावल थाने पहुंचे। विधायक ने थाना परिसर में पहुंचकर क्षेत्र के लोगों से जुड़ी समस्याओं और पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली। इस दौरान कुछ मामलों के निस्तारण को लेकर विधायक और मेहदावल थानाध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। विधायक ने जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया। विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर वह लगातार आवाज उठाते रहेंगे। किसी भी पीड़ित व्यक्ति को न्याय के लिए परेशान न होना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस से शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने की बात कही। विधायक के थाने पहुंचने और थानाध्यक्ष से हुई तीखी बहस का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- 🚨 लो भाई, रिजल्ट आना शुरू हो गया! 😂 चले थे टोल फ्री करने… दरोगा जी ने इनका ही टोल फ्री कर दिया! 😅 अब मामला सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय 👀🔥 #BreakingNews #ViralNews #दरोगाजी #टोलफ्री1
- संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच सड़क पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच सड़क पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए बेहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम।संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच सड़क पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए बेहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम।, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम।संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच सड़क पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए बेहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम। पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए बेहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम।संतकबीरनगर- मेहदावल बाईपास पर बीच सड़क पर क्रेन छोड़ लापता हुआ ड्राइवर, घंटों बाधित रहा यातायात: राहगीर हुए बेहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत से खुलवाया जाम। मेहदावल बाईपास पर मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक क्रेन का ड्राइवर क्रेन को बीच सड़क पर खड़ा कर लापता हो गया। विशालकाय क्रेन के सड़क पर खड़े होने से बाईपास पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्रेन अचानक खराब होने के बाद ड्राइवर उसे वहीं छोड़कर मौके से गायब हो गया। देखते ही देखते दोनों तरफ ट्रकों, बसों और छोटे वाहनों का लंबा जाम लग गया। स्कूली बच्चों और एंबुलेंस तक को जाम में फंसकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद क्रेन को सड़क किनारे करवाकर यातायात को सुचारू करवाया। काफी देर तक राहगीर जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बाईपास पर बेतरतीब खड़े होने वाले भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।1