फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम कक्योली में स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक रामताल आश्रम इन दिनों भारी बदहाली और विवादों के घेरे में है। स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि आश्रम की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा किया गया है, जिससे आश्रम की व्यवस्था और धार्मिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, आश्रम परिसर में स्थित पवित्र रामताल कुंड भी घोर उपेक्षा का शिकार है। कुंड में गंदगी का अंबार लगा होने के कारण यहां स्नान करने के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आश्रम की कृषि भूमि से होने वाली भारी आय का उपयोग इसके विकास, रखरखाव और धार्मिक गतिविधियों पर बिल्कुल नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने के लिए इसकी संपत्तियों का संरक्षण और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने यह दावा भी किया है कि रामताल आश्रम मंदिर के वैध उत्तराधिकारी महंत बाबा मनमोहन दास हैं, लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से भी रोका जा रहा है। इस अवैध कब्जे और हस्तक्षेप के कारण मंदिर की दैनिक व्यवस्थाएं और धार्मिक आयोजन बाधित हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि आश्रम की भूमि, संपत्तियों और प्रबंधन से जुड़े सभी विवादों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए, रामताल कुंड की सफाई व सौंदर्यीकरण कराया जाए और आश्रम की संपत्तियों को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया जाए। हालांकि, भूमि पर कब्जे, प्रबंधन और उत्तराधिकार से जुड़े इन सभी दावों और आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक या न्यायिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम कक्योली में स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक रामताल आश्रम इन दिनों भारी बदहाली और विवादों के घेरे में है। स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि आश्रम की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा किया गया है, जिससे आश्रम की व्यवस्था और धार्मिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, आश्रम परिसर में स्थित पवित्र रामताल कुंड भी घोर उपेक्षा का शिकार है। कुंड में गंदगी का अंबार लगा होने के कारण यहां स्नान करने के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आश्रम की कृषि भूमि से होने वाली भारी आय का उपयोग इसके विकास, रखरखाव और धार्मिक गतिविधियों पर बिल्कुल नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने के लिए इसकी संपत्तियों
का संरक्षण और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने यह दावा भी किया है कि रामताल आश्रम मंदिर के वैध उत्तराधिकारी महंत बाबा मनमोहन दास हैं, लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से भी रोका जा रहा है। इस अवैध कब्जे और हस्तक्षेप के कारण मंदिर की दैनिक व्यवस्थाएं और धार्मिक आयोजन बाधित हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि आश्रम की भूमि, संपत्तियों और प्रबंधन से जुड़े सभी विवादों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए, रामताल कुंड की सफाई व सौंदर्यीकरण कराया जाए और आश्रम की संपत्तियों को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया जाए। हालांकि, भूमि पर कब्जे, प्रबंधन और उत्तराधिकार से जुड़े इन सभी दावों और आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक या न्यायिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
- फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ आर्मी कैंट के सामने स्थापित सैन्य शस्त्रों के साथ एक युवक द्वारा कथित रूप से अनुचित हरकत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक नशे की हालत में दिखाई दे रहा है और वह प्रदर्शित सैन्य शस्त्रों के साथ छेड़छाड़ जैसी हरकत करता नजर आ रहा है। भारतीय थल सेना के इन शस्त्रों को देश की सुरक्षा, वीरता और बलिदान का प्रतीक माना जाता है, जिसके कारण इस घटना को लेकर लोगों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिन शस्त्रों और सैन्य परंपराओं के सम्मान के लिए देश के अनेक वीर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनके प्रति इस प्रकार का व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। वीडियो सामने आने के बाद अब यह मांग उठ रही है कि यदि यह वीडियो वास्तविक है, तो संबंधित युवक की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।1
- साइबर क्राइम पर आधारित एक नई फिल्म सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर की हर छोटी-बड़ी खबर को लगातार देखते रहने के लिए शुरू ऐप पर बने रहें।1
- फर्रुखाबाद के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यापारिक केंद्र, चौक चौराहे पर बीच सड़क पर नाली के ऊपर लगा लोहे का भारी जाल अचानक तेज आवाज के साथ टूटकर धंस गया। दिन भर हजारों वाहनों, ई-रिक्शों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर जाल के टूटने से एक खतरनाक और जानलेवा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि दिन का समय होने की वजह से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत सतर्कता दिखाई और वहां से गुजरने वाले वाहनों को सावधान करना शुरू कर दिया, जिससे एक भीषण दुर्घटना होते-होते टल गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह घटना रात के अंधेरे में या बारिश के वक्त हुई होती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। इस जानलेवा स्थिति के बाद भी नगर पालिका प्रशासन का रवैया बेहद उदासीन और शर्मनाक रहा। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नगर पालिका चेयरमैन का पुराना निवास स्थान घटनास्थल से मात्र 30 मीटर की दूरी पर है, लेकिन इसके बावजूद न तो किसी अधिकारी ने सुध ली और न ही कोई कर्मचारी इसे ठीक करने पहुंचा। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। जनता का सीधा आरोप है कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली पूरी तरह दिशाहीन और भ्रष्टाचार से प्रेरित है, जहां करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा के लिए नहीं हो रहा है। प्रशासन की इस घोर अनदेखी के बीच, पड़ोस के एक जागरूक स्थानीय दुकानदार ने इंसानियत का परिचय देते हुए खुद ही आगे कदम बढ़ाया। उसने अपनी दुकान का काम छोड़कर फावड़े और तसले की मदद से गड्ढे में मिट्टी, ईंटें और मलबा डालकर उसे भरने व सुरक्षित करने का प्रयास किया। दुकानदार की इस सजगता ने उस सरकारी तंत्र के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ा है, जिसके काम को मजबूरी में एक आम नागरिक को खुद करना पड़ा।2
- फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र में शनिवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने निर्माणाधीन नए थाना भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, भवन की संरचना और सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कुछ कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। भवन का निरीक्षण करते समय पुलिस अधीक्षक की नजर एक दीवार में आई दरार (चटक) पर पड़ी, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियर अक्षय मौर्य से भवन निर्माण की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही काम करने को कहा। एसपी ने स्पष्ट किया कि सरकारी भवनों के निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी कमियों को समय सीमा के भीतर दुरुस्त किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने थाना परिसर में बन रहे आवासों का भी निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी (सीओ) मोहम्मदाबाद अजय वर्मा, थाना प्रभारी राजीव कुमार, इंजीनियर अक्षय मौर्य सहित निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ आर्मी कैंट के सामने स्थापित सैन्य शस्त्रों के साथ एक युवक द्वारा कथित रूप से अनुचित हरकत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक नशे की हालत में दिखाई दे रहा है और वह प्रदर्शित सैन्य शस्त्रों के साथ छेड़छाड़ जैसी हरकत करता नजर आ रहा है। भारतीय थल सेना के शस्त्र देश की सुरक्षा, वीरता और बलिदान के प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जिन शस्त्रों और सैन्य परंपराओं के सम्मान के लिए देश के अनेक वीर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनके प्रति इस प्रकार का व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। यदि वायरल वीडियो वास्तविक है, तो संबंधित युवक की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठ रही है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।1
- कन्नौज जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने 5 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 4 एटीएम कार्ड और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में साइबर क्राइम थाना कन्नौज (मु०अ०सं०-08/2026), कोतवाली छिबरामऊ (मु०अ०सं०-294/26) और थाना सौरिख (मु०अ०सं०-292/26) में बीएनएस तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 3 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर या उनके एटीएम कार्ड का उपयोग कर विभिन्न राज्यों से ठगी गई रकम को कन्नौज के बैंक खातों में मंगवाते थे। इसके बाद आरोपी इस राशि को एटीएम के माध्यम से निकाल लेते थे। अब तक की जांच में 13 शिकायतों से संबंधित ₹3,09,270 की साइबर ठगी की धनराशि को एटीएम के जरिए निकालने की पुष्टि हो चुकी है। गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान उज्जवल दुबे और नितिन दुबे (निवासी उधन्नापुर घिलोई, थाना छिबरामऊ), जितेन्द्र सिंह (निवासी पटेल नगर, तालग्राम रोड, थाना छिबरामऊ), राहुल राजपूत (निवासी ढकापुर्वा, थाना सौरिख) और मनीष (निवासी मलिकपुर नादेमऊ, थाना सौरिख) के रूप में हुई है। इस गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में साइबर क्राइम थाना कन्नौज के प्रभारी निरीक्षक ध्यानेन्द्र प्रताप सिंह, निरीक्षक नीरज कुमार, सर्विलांस सेल के निरीक्षक त्रदीप सिंह, उपनिरीक्षक सुबोध कुमार सहाय (थाना सौरिख), उपनिरीक्षक मनुज कुमार (कोतवाली छिबरामऊ), उपनिरीक्षक इमरान खान सहित सर्विलांस व साइबर थाने के मुख्य आरक्षी व आरक्षी शामिल रहे।1
- कानपुर के मालरोड सिविल लाइन स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की बेशकीमती भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के सहारे लीज पर देने वालों के खिलाफ लखनऊ डायसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (LDTA) ने सख्त कार्रवाई की है। संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉनसन टी जॉन ने प्लॉट संख्या 26 B, मोहल्ला संख्या 37 की इस बेशकीमती भूमि के फर्जीवाड़े में शामिल अनिल डेविड और पॉल जिनिया के साथ-साथ उनके सहयोगियों रोबिनसेन जॉन व सरफ़राज़ मसी को डायरेक्टर के पद से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई को मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेशन और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने ऑन रिकॉर्ड ले लिया है। वहीं, इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड शातिर अखिलेश सिंह और डी के सिंह पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कानपुर के एडीडीपी पूर्वी शिवा सिंह ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- फर्रुखाबाद में ट्रेन की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। ट्रेन से टकराने के बाद महिला की हालत काफी गंभीर हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।1