जौनपुर नहोरा सई नदी किनारे स्थित बुढ़वा मंगल मेला शांति ढंग से हुआ संपन्न जौनपुर: बुढ़वा मंगल मेले में दिनभर रही रौनक, शाम को बारिश के बीच भी नहीं थमी भीड़ जौनपुर। आस्था और मेले का संगम कहे जाने वाले बुढ़वा मंगल मेले में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर के बाहर लगी दुकानों और झूलों पर बच्चों से लेकर बड़े तक खूब आनंद लेते दिखे। वीडियो में देखा जा सकता है मेले में खाने-पीने की दुकानें सजी थीं। एक तरफ कड़ाही में गरम-गरम *जलेबी* उतर रही थी तो दूसरी तरफ पकौड़े और नमकीन तलते दुकानदार नजर आ रहे थे। जलेबी की मिठास और पकौड़ों की खुशबू से पूरा मेला महक रहा था। खिलौने और चाट-पकौड़ी की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ लगी हुई थी। बच्चों के लिए रंगीन झूले और बहुत सारे खिलौने लगाए गए थे, जिस पर बच्चे झूमते दिखे। मेले में महिलाओं ने हर साल की तरह आकर पूजा-अर्चना की और परिवार के साथ खरीदारी भी की। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। शाम होते-होते मौसम बिगड़ गया और हल्की बारिश शुरू हो गई।इसके बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। कई लोग छाता और पन्नी लेकर भी मेले में डटे रहे और प्रसाद लेकर घर लौटे।
जौनपुर नहोरा सई नदी किनारे स्थित बुढ़वा मंगल मेला शांति ढंग से हुआ संपन्न जौनपुर: बुढ़वा मंगल मेले में दिनभर रही रौनक, शाम को बारिश के बीच भी नहीं थमी भीड़ जौनपुर। आस्था और मेले का संगम कहे जाने वाले बुढ़वा मंगल मेले में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर के बाहर लगी दुकानों और झूलों पर बच्चों से लेकर बड़े तक खूब आनंद लेते दिखे। वीडियो में देखा जा सकता है मेले में खाने-पीने की दुकानें सजी थीं। एक तरफ कड़ाही में गरम-गरम *जलेबी* उतर रही थी तो दूसरी तरफ पकौड़े और नमकीन तलते दुकानदार नजर आ रहे थे। जलेबी की मिठास और पकौड़ों की खुशबू से पूरा मेला महक रहा था। खिलौने और चाट-पकौड़ी की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ लगी हुई थी। बच्चों के लिए रंगीन झूले और बहुत सारे खिलौने लगाए गए थे, जिस पर बच्चे झूमते दिखे। मेले में महिलाओं ने हर साल की तरह आकर पूजा-अर्चना की और परिवार के साथ खरीदारी भी की। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। शाम होते-होते मौसम बिगड़ गया और हल्की बारिश शुरू हो गई।इसके बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। कई लोग छाता और पन्नी लेकर भी मेले में डटे रहे और प्रसाद लेकर घर लौटे।
- आज सोनिया गांधी राहुल गांधी को देश प्रेम का पाठ पढ़ा रहे हैं इससे बड़ी दुख की बात क्या हो सकती है ? जिन लोगों का देश की आजादी से कोई संपर्क नहीं था केवल यही नहीं जिन लोगों ने देश की आजादी का विरोध किया था, ये अंग्रेज सरकार की मदद कर रहे थे। वे आज सोनिया गांधी राहुल गांधी को देश प्रेम का पाठ पढ़ा रहे हैं इससे बड़ी दुख की बात क्या हो सकती है ? - अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस1
- बारिश में वाराणसी नगर निगम की पोल खुली, जलभराव से राहगीरों को परेशानी न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी में मानसून आते ही नगर निगम की तैयारियों की पोल खुलने लगी है वार्ड नंबर 1 चंदुआ-छित्तूपुर हबीबपुरा क्षेत्र में हल्की बारिश ने ही पूरे इलाके को जलमग्न कर दिया है वार्ड नंबर 1 के क्षेत्र में सड़कों पर पानी भरने से स्थानीय राहगीरों और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्या है हालात चंदुआ-छित्तूपुर की गलियों में बारिश का पानी जमा हो गया है। नालियां चोक हैं और जगह-जगह कीचड़ और गंदगी फैली हुई है। दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मानसून से पहले नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई नतीजा ये है कि आधे घंटे की बारिश में ही पूरा क्षेत्र तालाब बन गया राहगीरों का दर्द इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में राहगीर, और यहां के निवासीयो को रोजी-रोटी कमाना और भी मुश्किल हो गया है बगल में ही कैंसर हॉस्पिटल है जहां से मरीजों को आने-जाने में भी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है एक स्थानीय ने कहा, बारिश हुई नहीं कि रास्ते बंद। काम पर कैसे जाएं बच्चे स्कूल कैसे जाएं कई बार कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं। सवालों के घेरे में नगर निगम ये हालात सीधा सवाल खड़े करते हैं वाराणसी के नगर निगम के दावों पर स्मार्ट सिटी का ढिंढोरा पीटने वाले वाराणसी में अगर वार्ड नंबर 1 की ये हालत है तो बाकी वार्डों का क्या हाल होगा नगर निगम से मांग की है कि तुरंत पानी की निकासी कराई जाए, नालियों की सफाई हो और सड़कों को दुरुस्त किया जाए स्मार्ट सिटी के सपने, और हकीकत में जलभराव ये तस्वीर वाराणसी के विकास के दावों पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है। स्थिति पर हमारी नजर बनी हुई है। अपडेट के लिए जुड़े रहिए NEWS 2 INDIA के साथ।1
- स्मार्ट सिटी का दावा फेल सड़क चौड़ीकरण के बाद भी साजन रथयात्रा महमूरगंज में लगा भीषण जाम न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों खर्च करके जिस सड़क का चौड़ीकरण किया गया था वही सड़क आज वाराणसी की जनता के लिए गले की फांस बन गई है।साजन चौराहे से रथयात्रा होते हुए महमूरगंज तक जाने वाले इस मुख्य मार्ग पर जाम लग रहा है वीडियो में रात का नजारा साफ दिख रहा है-कार ई-रिक्शा,बाइक और ऑटो कार एक दूसरे से सटे हुए,और बीच में फंसी बेहाल जनता चौड़ीकरण हुआ,समस्या जस की तस नगर निगम और प्रशासन ने दावा किया था कि इस सड़क के चौड़ीकरण से ट्रैफिक की समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन हकीकत कुछ और है बिना लाइन के चलने वाले ई-रिक्शा और ऑटो पूरे रास्ते को ब्लॉक कर देते हैं।पीक आवर्स में भी ट्रैफिक पुलिस नदारद रहती है।नतीजा-रोज का जाम।जनता बेहाल, दावे हवा-हवाई ऑफिस जाने वाले, स्कूल के बच्चे,मरीज और व्यापारी-सब इस जाम की वजह से परेशान हैं।10 मिनट का रास्ता 1 घंटे में तय हो रहा है।स्थानीय लोगों का गुस्सा है:स्मार्ट सिटी का पैसा आया,सड़क चौड़ी हुई,लेकिन सुविधा जीरो।ये कैसा विकास है?सवाल प्रशासन से चौड़ीकरण के बाद अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया?इस व्यस्त रूट पर ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती क्यों नहीं?स्मार्ट सिटी के फंड का हिसाब कौन देगा?सड़कें चौड़ी हुईं, लेकिन सोच नहीं बदली,जब तक अवैध कब्जे और अव्यवस्था पर लगाम नहीं लगेगी,तब तक वाराणसी की जनता ऐसे ही जाम में फंसती रहेगी।प्रशासन से मांग है कि तुरंत इस मार्ग का सर्वे कराकर अतिक्रमण हटाया जाए और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त की जाए NEWS 2 INDIA स्थिति पर नजर बनाए हुए है।1
- मानदेय नहीं मिलने से आक्रोशित संविदा कर्मियों ने किया प्रदर्शन जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली चहनियां (चंदौली)। बिजली विभाग में तैनात संविदा कर्मियों ने एक माह से अधिक समय से मानदेय नहीं मिलने पर मंगलवार को चहनियां बिजली विभाग उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मियों ने शीघ्र मानदेय भुगतान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। सकलडीहा तहसील क्षेत्र के चहनियां, मारूफपुर, सुरतापुर, सकलडीहा, कमालपुर और धानापुर बिजली उपकेंद्रों पर तैनात संविदा कर्मी मंगलवार को चहनियां उपकेंद्र पहुंचे और प्रदर्शन किया। कर्मियों का कहना था कि उन्हें प्रत्येक माह की पहली तारीख को मानदेय मिल जाता था, लेकिन इस बार 18 अगस्त तक भुगतान नहीं हुआ है। कर्मियों ने कहा कि मानदेय से ही उनके परिवार का भरण-पोषण होता है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन, दवा सहित अन्य जरूरी खर्च पूरे करने में परेशानी हो रही है। मानदेय में देरी होने पर उन्हें उधार लेकर परिवार चलाना पड़ता है और भुगतान मिलने के बाद कर्ज चुकाते हैं। इस बार मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक संकट और बढ़ गया है। संविदा कर्मियों ने कहा कि कड़ाके की सर्दी, मूसलाधार बारिश और भीषण गर्मी में भी वे अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली के पोल पर काम करते हैं। इसके बावजूद समय से मानदेय नहीं मिलना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक माह समय से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो सभी संविदा कर्मी कार्य बहिष्कार करेंगे। इसके लिए जिले स्तर पर संगठन के माध्यम से आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान रमेश विश्वकर्मा, संजय गुप्ता, शिवमोहन विश्वकर्मा, कृष्णा मौर्य, सतीश यादव, राकेश राम, सतीश सोनकर, राकेश मिश्रा, सुरेश प्रजापति, प्रमोद, अरविंद, जैनुद्दीन, अमृतलाल, प्रवीण, अमित, चंद्रशेखर सहित अन्य संविदा कर्मी मौजूद रहे।1
- कलम की तेज धार से | अयोध्या "गो निधि से गो सेवा" क्यूआर कोड स्कैन करो, गोवंश बचाओ - नगर निगम ने शुरू किया डिजिटल अभियान अयोध्या। गौ माता की सेवा अब QR कोड से। अयोध्या नगर निगम ने गोवंश संरक्षण के लिए ‘गो निधि’ अभियान शुरू कर दिया। मतलब अब गोशाला के लिए चंदा देने को मंदिर नहीं जाना पड़ेगा। फोन निकालो, स्कैन करो, सहयोग करो। क्या हुआ कार्यक्रम में? जोनल कार्यालय में आयोजित समारोह में महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने अभियान का शुभारंभ किया। पार्षदों और नागरिकों ने मौके पर ही क्यूआर कोड स्कैन करके गोवंश संरक्षण के लिए सहयोग राशि जमा की। महापौर जी ने कहा गोवंश संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। गो निधि’ से ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस पुनीत कार्य से जोड़ा जाएगा। अब कोई भी अपनी इच्छा अनुसार सहयोग कर सकता है।" उन्होंने कहा कि वे समाज के हर वर्ग से संपर्क करेंगे। मौजूद रहे उपसभापति संतोष सिंह, अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, भारत भार्गव, सुमित कुमार, पार्षद विनय जायसवाल, अनिल सिंह, रमाशंकर निषाद, अनिकेत त्रिपाठी, रिशु पांडे, महेंद्र शुक्ला सहित नगर निगम के अधिकारी। जनसुनवाई में क्या हुआ? उसी दिन हुई साप्ताहिक जनसुनवाई में 14 प्रार्थना पत्र आए। 10 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। महापौर के निर्देश 1. अधिकारी मौके पर जाकर समस्या सुलझाएं। 2. बारिश को देखते हुए जलभराव रोकें। 3. सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखें। नगर आयुक्त ने लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने को कहा। मुद्दे थे - सड़क-नाली, जलभराव, पेयजल, सीवर लाइन की खुदाई। कलम की तेज धार - तीखी प्रतिक्रिया सवाल QR कोड अच्छा है, पारदर्शिता और जरूरी डिजिटल सहयोग सराहनीय कदम है। पर हर महीने वेबसाइट पर बताएं - कितना चंदा आया, कितना गोशाला में खर्च हुआ। वरना "गो निधि" भी "फंड" बनकर रह जाएगी। सवाल गोवंश संरक्षण सिर्फ चंदे से नहीं होगा सड़क पर घूम रहे गाय-बैल, कचरा खाते गोवंश। चंदे के साथ-साथ "गो-शेल्टर, चारा, डॉक्टर" की व्यवस्था भी पुख्ता हो। वरना QR स्कैन करने से भूख नहीं मिटेगी। सवाल जनसुनवाई में 10 निस्तारण - बाकी 4 का क्या? मौके पर निस्तारण अच्छी बात। पर बारिश में जलभराव और सीवर की शिकायतें हर साल आती हैं। इस बार "अगले साल फिर नहीं" वाला प्लान बनाओ महापौर जी। अंतिम पंक्ति ‘गो निधि’ अभियान ने दिखाया - सेवा को टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा सकता है। अब जरूरत है इसे "अभियान" से "आंदोलन" बनाने की। हर वार्ड, हर मोहल्ला, हर व्यापारी जुड़े। क्योंकि गोवंश बचेगा, तभी अयोध्या की संस्कृति बचेगी।4
- आवारापन 2' ने अपने शुरुआती 4 दिनों में बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए आवारापन 2' ने अपने शुरुआती 4 दिनों में बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत में कुल ₹91 करोड़ (नेट कलेक्शन) और दुनिया भर में ₹130.82 करोड़ (ग्रॉस कलेक्शन) की ताबड़तोड़ कमाई कर ली है। लगभग ₹25 से ₹45 करोड़ के सीमित बजट में बनी इमरान हाशमी की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर आधिकारिक तौर पर हिट साबित हो चुकी है।14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के लंबे वीकेंड पर रिलीज हुई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में मजबूत पकड़ बनाई हुई है। फिल्म के दिन-वार कलेक्शन का आधिकारिक विवरण (Sacnilk के अनुसार) इस प्रकार है:1
- अहंकार में डूबे इंसान को,ना तो खुद की गलतियां दिखाई देती है,और ना दूसरों की अच्छाइयां अहंकार में डूबे इंसान को,ना तो खुद की गलतियां दिखाई देती है,और ना दूसरों की अच्छाइयां हमारी लाइन कैसी लगी आप कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए2
- मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र में प्रेमिका के शादी से इनकार से नाराज 20 वर्षीय युवक हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गया लखीमपुर खीरी - मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र में प्रेमिका के शादी से इनकार से नाराज 20 वर्षीय युवक हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गया। गांव हरिहरपुर में हुई इस घटना से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को समझाकर सुरक्षित नीचे उतार लिया1
- विंध्याचल में मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़े, रेहड़ा और पटेंगरा पुल जलमग्न न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन विंध्याचल क्षेत्र वाराणसी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने विंध्याचल की सूरत बदल कर रख दी है शहर के दो प्रमुख मार्ग रेहड़ा पुल और पटेंगरा पुल पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं क्या है स्थिति रेहड़ा पुल पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है दोनों तरफ से आवागमन बंद कर दिया गया है पटेंगरा और रेहड़ा पुल अंडरपास अंडरपास में 3-4 फीट तक पानी भर गया है वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुल के नीचे से बह रहा गंदा और तेज़ पानी नदी का रूप ले चुका है पानी का बहाव इतना तेज है कि बाइक सवार जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं दीवारों पर लगे विंध्याचल और अन्य पोस्टर आधे पानी में डूबे हुए हैं प्रशासन से अपील स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में ये दोनों जगह डूब जाती हैं राहगीरों से अपील है कि अनावश्यक रूप से घर से न निकलें दोपहिया वाहन चालक विशेष सावधानी बरतें प्रशासन से मांग की गई है कि तुरंत बैरिकेडिंग करके इन मार्गों को बंद किया जाए और वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाए सावधान रहें सुरक्षित रहें स्थिति पर हमारी नजर बनी हुई है। अपडेट के लिए जुड़े रहिए NEWS 2 INDIA के साथ।1