खबर फरुखाबाद से *जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फर्रुखाबाद न्यायाधीश/सचिव प्रियंका गांधी ने जिला कारागार का किया निरीक्षण* फर्रुखाबाद में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के आदेशों के अनुपालन में, न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फर्रुखाबाद श्रीमती प्रियंका गांधी ने फर्रुखाबाद जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों की समस्याओं को सुना और उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी कर वहां उपस्थित डॉक्टर नीरज को आवश्यक दिशा निर्देश दिए, तथा जेल प्रशासन को भोजन व साफ सफाई का विशेष ध्यान देने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। सचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने पुरुष और महिला बंदियों से अलग-अलग बातचीत की। उन्होंने बंदियों की तारीख पेशी और भोजन व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। बैरकों का भी निरीक्षण किया गया। बंदियों से निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें यह सुविधा मिल रही है। बंदियों ने निरीक्षण के दौरान अपनी कोई विशेष समस्या नहीं बताई। न्यायाधीश/सचिव प्रियंका गांधी ने पुरुष और महिला बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी बंदी के पास पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है, तो वह कारागार अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फर्रुखाबाद को प्रार्थना पत्र भेजकर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। इस अवसर पर जिला जेल कारागार अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, जेलर वैभव कुशवाहा, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सुरेंद्र कुमार राणा,जेल प्रशासन के उन अधिकारीगण उपस्थित रहे।
खबर फरुखाबाद से *जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फर्रुखाबाद न्यायाधीश/सचिव प्रियंका गांधी ने जिला कारागार का किया निरीक्षण* फर्रुखाबाद में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के आदेशों के अनुपालन में, न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फर्रुखाबाद श्रीमती प्रियंका गांधी ने फर्रुखाबाद जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों की समस्याओं को सुना और उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी कर वहां उपस्थित डॉक्टर नीरज को आवश्यक दिशा निर्देश दिए, तथा जेल प्रशासन को भोजन व साफ सफाई का विशेष ध्यान देने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। सचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने पुरुष और महिला बंदियों से अलग-अलग बातचीत की। उन्होंने बंदियों की तारीख पेशी और भोजन व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। बैरकों का भी निरीक्षण किया गया। बंदियों से निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें यह सुविधा मिल रही है। बंदियों ने निरीक्षण के दौरान अपनी कोई विशेष समस्या नहीं बताई। न्यायाधीश/सचिव प्रियंका गांधी ने पुरुष और महिला बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी बंदी के पास पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है, तो वह कारागार अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फर्रुखाबाद को प्रार्थना पत्र भेजकर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। इस अवसर पर जिला जेल कारागार अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, जेलर वैभव कुशवाहा, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सुरेंद्र कुमार राणा,जेल प्रशासन के उन अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- जिला अध्यक्ष की बात सुनिये किया बोल दिया1
- फर्रुखाबाद फतेहगढ़ चौराहे से लेकर भोलेपुर तक चला अतिक्रमण हटाओ अभियान जिस अभियान के तहत नगर पालिका द्वारा पीला पंजा चलाया गया और जो भी रोड के किनारे आक्रमण लगा था उसे हटाया गया जहां पर कई दुकानों को दोस्त किया गया और सभी को चेतावनी दी गई की रोड के किनारे कोई भी स्थाई जगाना बनाया और खाली करने की अपील भी की गई जिनके द्वारा खोखा हटा लिया गया और जिन लोगों ने नहीं हटाया उन लोगों को तोड़फोड़ की गई1
- नौगवाँ शाहजहांपुर रधुनाथपुर2
- *हमले के बाद थाना अध्यक्ष पर गंभीर आरोप,लगातार विवादों के बावजूद उच्च अधिकारी साधे चुप्पी* अमृतपुर/फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर लाठी-डंडों से हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाना अध्यक्ष पर भी लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय स्तर पर थाना अध्यक्ष को लेकर लगातार विवाद की चर्चाएं हैं, बावजूद इसके उच्च अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित ने तहरीर में बताया कि 15 फरवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे वह अपने गांव की ओर जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान गांव पिथनापुर के कुछ युवक,शामिल थे, ने उसे रास्ते में रोक लिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। एक आरोपी के हाथ में रायफल भी बताई गई है। हमले में युवक को चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घायल युवक का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर अमृतपुर थाने पहुंचा तो थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज करते हुए थाने से भगा दिया और मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि थाना क्षेत्र में लगातार लापरवाही, पक्षपात और भेदभाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उसके मुताबिक, अमृतपुर थाना इस समय “दलालों का अड्डा” बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना अध्यक्ष को लेकर पूर्व में भी विवाद सामने आते रहे हैं, लेकिन अब तक उच्च अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।2
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- एक घंटे में 60 मिनट इसलिए होते हैं क्योंकि यह प्राचीन बेबीलोन (Babylonian) सभ्यता की 4,000 साल गणना प्रणाली पर आधारित है। 60 एक ऐसी संख्या है जो आसानी से 1, 2, 3, 4, 5, 6, 10, 12, 15, 20 और 30 से विभाजित हो सकती है, जिससे समय को छोटे भागों में बांटना बेहद सुविधाजनक हो जाता है। [1, 2, 3, 4 • गणितीय सुविधा (Mathematical Ease (12 और 60 का महत्व) बताते हैं कि 10 या 100 की तुलना में 60 के अधिक विभाजक (divisors) होते हैं, जो गणनाओं को आसान बनाते हैं। • प्राचीन खगोल विज्ञान (Ancient Astronomy): बेबीलोनियन और सुमेरियन खगोलविदों ने 60-आधारित प्रणाली का उपयोग किया क्योंकि यह खगोलीय गणनाओं (जैसे 360-डिग्री का वृत्त) के साथ अच्छी तरह से मेल खाता था। • इतिहास और परंपरा: यूनानियों (Greeks) ने इसी पद्धति को आगे बढ़ाया, और समय के साथ यह पूरी दुनिया में समय मापने का मानक (Standard) बन गया। [1, 2, 3, 5, 6, 7] संक्षेप में: यह एक ऐतिहासिक और सुविधाजनक गणितीय परंपरा है, न कि 59 या 61 की कोई अन्य तार्किक आवश्यकता।1
- लोक तंत्र की हत्या आज फिर सुनिये1