बिहार के चक सिकंदर कल्याणपुर पंचायत अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-20, चकजैनव पर सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) का आयोजन किया गया। इस अंकेक्षण के दौरान केंद्र पर संचालित विभिन्न सेवाओं और योजनाओं की समीक्षा की गई, साथ ही लाभार्थियों से प्राप्त सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई गई। सामाजिक अंकेक्षण में बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को दी जा रही सेवाओं, पूरक पोषण आहार वितरण, टीकाकरण, वजन मापन, प्री-स्कूल शिक्षा और केंद्र के अभिलेखों की गहनता से जांच की गई। इस दौरान उपस्थित लाभार्थियों और ग्रामीणों ने अपने सुझावों और अनुभवों को भी साझा किया। महिला पर्यवेक्षिका निभा कुमारी ने इस अवसर पर सरकार की आईसीडीएस योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक अंकेक्षण का मुख्य उद्देश्य योजनाओं में पारदर्शिता लाना और लाभार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। केंद्र की आंगनवाड़ी सेविका सविता कुमारी ने केंद्र पर चल रही गतिविधियों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया, जिसमें बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित नियमित संचालन शामिल है। अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कर्मचारी महासभा की प्रदेश महासचिव सविता कुमारी यादव ने आईसीडीएस की छह प्रमुख सेवाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभाग के निर्देशानुसार, टी.एच.आर. (पूरक पोषाहार) कच्चा राशन के रूप में एफ.आर.एस. सिस्टम के तहत लाभार्थियों को वितरित किया जाता है, जबकि बच्चों को साप्ताहिक मेनू के अनुसार आंगनवाड़ी केंद्र पर खाना खिलाया जाता है। उन्होंने स्कूल पूर्व शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और संदर्भ सेवाओं के महत्व पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, महीने के दूसरे सोमवार को टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच (वी.एच.एस.एन.डी.), 7 तारीख को गोद भराई और 19 तारीख को अन्नप्राशन कराया जाता है, जहाँ माताओं को खान-पान, साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाती है। सविता कुमारी ने यह भी बताया कि अब सभी कार्यों को रजिस्टर की बजाय पोषण ट्रैकर ऐप पर मोबाइल के माध्यम से दर्ज किया जाता है, जिसमें सभी लाभार्थियों से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड किए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को सूचित किया कि आंगनवाड़ी केंद्र पर पढ़ रहे 3 से 6 साल के बच्चों को जीविका दीदी द्वारा एक सेट ड्रेस उपलब्ध कराया गया है, और अभिभावकों से बच्चों को ड्रेस कोड में केंद्र भेजने का अनुरोध किया। इस पर अभिभावकों ने नाराजगी व्यक्त की, उनका कहना था कि 400 रुपये में मिली एक ड्रेस की गुणवत्ता घटिया है और वे इसे बच्चों को नहीं पहना सकते, इसलिए सरकार को सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से माता-पिता के खाते में पैसे भेजने चाहिए। इसके अलावा, सविता कुमारी यादव ने एक महत्वपूर्ण समस्या उठाई कि कई गांवों और कस्बों में छोटे, अनधिकृत निजी स्कूल खुल गए हैं, जो बच्चों के अभिभावकों को बहका कर उन्हें आंगनवाड़ी केंद्रों से दूर ले जा रहे हैं। उनका आरोप था कि इससे बच्चों का बचपन ही नहीं, बल्कि उनका पोषण भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी जिला पदाधिकारी को पत्र सौंपा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, और आगे भी इस विषय पर पत्र लिखा जाएगा। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि अप्रैल 2023 से प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी इन्हें जारी करते हैं, और आंगनवाड़ी सेविका को सूचक के रूप में फर्म पर हस्ताक्षर करने होते हैं। उन्होंने सही जानकारी देने और गलत जानकारी पर हस्ताक्षर के लिए सेविका पर दबाव न बनाने का अनुरोध किया। यह सामाजिक अंकेक्षण शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्रामीणों ने आंगनवाड़ी सेविका दीदी के अच्छे कार्यों के लिए गर्मजोशी से तालियाँ बजाकर उन्हें बधाई दी और भविष्य में और बेहतर कार्य करने की इच्छा जताई। सेविका दीदी ने भी ग्रामीणों से बेहतर से बेहतर कार्य करने का वादा किया। बैठक में महिला पर्यवेक्षिका निभा कुमारी, आंगनवाड़ी सहायिका प्रीति कुमारी, आशा कार्यकर्ता रिंकू कुमारी सहित रामदयाल राय, अशर्फी देवी, विश्वनाथ राय, अनिल कुमार सिंह, निशा देवी, मीरा देवी, राजमहल देवी, वीणा देवी, बॉबी, मानती देवी, आशा देवी, विजय कुमार, पूजा कुमारी, लालछड़ी देवी जैसे अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बिहार के चक सिकंदर कल्याणपुर पंचायत अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र संख्या-20, चकजैनव पर सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) का आयोजन किया गया। इस अंकेक्षण के दौरान केंद्र पर संचालित विभिन्न सेवाओं और योजनाओं की समीक्षा की गई, साथ ही लाभार्थियों से प्राप्त सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई गई। सामाजिक अंकेक्षण में बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को दी जा रही सेवाओं, पूरक पोषण आहार वितरण, टीकाकरण, वजन मापन, प्री-स्कूल शिक्षा और केंद्र के अभिलेखों की गहनता से जांच की गई। इस दौरान उपस्थित लाभार्थियों और ग्रामीणों ने अपने सुझावों और अनुभवों को भी साझा किया। महिला पर्यवेक्षिका निभा कुमारी ने इस अवसर पर सरकार की आईसीडीएस योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक अंकेक्षण का मुख्य उद्देश्य योजनाओं में पारदर्शिता लाना और लाभार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। केंद्र की आंगनवाड़ी सेविका सविता कुमारी ने केंद्र पर चल रही गतिविधियों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया, जिसमें बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित नियमित संचालन शामिल है। अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कर्मचारी महासभा की प्रदेश महासचिव सविता कुमारी यादव ने आईसीडीएस की छह प्रमुख सेवाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभाग के निर्देशानुसार, टी.एच.आर. (पूरक पोषाहार) कच्चा राशन के रूप में एफ.आर.एस. सिस्टम के तहत लाभार्थियों को वितरित किया जाता है, जबकि बच्चों को साप्ताहिक मेनू के अनुसार आंगनवाड़ी केंद्र पर खाना खिलाया जाता है। उन्होंने स्कूल पूर्व शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और संदर्भ सेवाओं के महत्व पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, महीने के दूसरे सोमवार को टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच (वी.एच.एस.एन.डी.), 7 तारीख को गोद भराई और 19 तारीख को अन्नप्राशन कराया जाता है, जहाँ माताओं को खान-पान, साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाती है। सविता कुमारी ने यह भी बताया कि अब सभी कार्यों को रजिस्टर की बजाय पोषण ट्रैकर ऐप पर मोबाइल के माध्यम से दर्ज किया जाता है, जिसमें सभी लाभार्थियों से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड किए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को सूचित किया कि आंगनवाड़ी केंद्र पर पढ़ रहे 3 से 6 साल के बच्चों को जीविका दीदी द्वारा एक सेट ड्रेस उपलब्ध कराया गया है, और अभिभावकों से बच्चों को ड्रेस कोड में केंद्र भेजने का अनुरोध किया। इस पर अभिभावकों ने नाराजगी व्यक्त की, उनका कहना था कि 400 रुपये में मिली एक ड्रेस की गुणवत्ता घटिया है और वे इसे बच्चों को नहीं पहना सकते, इसलिए सरकार को सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से माता-पिता के खाते में पैसे भेजने चाहिए। इसके अलावा, सविता कुमारी यादव ने एक महत्वपूर्ण समस्या उठाई कि कई गांवों और कस्बों में छोटे, अनधिकृत निजी स्कूल खुल गए हैं, जो बच्चों के अभिभावकों को बहका कर उन्हें आंगनवाड़ी केंद्रों से दूर ले जा रहे हैं। उनका आरोप था कि इससे बच्चों का बचपन ही नहीं, बल्कि उनका पोषण भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी जिला पदाधिकारी को पत्र सौंपा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, और आगे भी इस विषय पर पत्र लिखा जाएगा। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि अप्रैल 2023 से प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी इन्हें जारी करते हैं, और आंगनवाड़ी सेविका को सूचक के रूप में फर्म पर हस्ताक्षर करने होते हैं। उन्होंने सही जानकारी देने और गलत जानकारी पर हस्ताक्षर के लिए सेविका पर दबाव न बनाने का अनुरोध किया। यह सामाजिक अंकेक्षण शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्रामीणों ने आंगनवाड़ी सेविका दीदी के अच्छे कार्यों के लिए गर्मजोशी से तालियाँ बजाकर उन्हें बधाई दी और भविष्य में और बेहतर कार्य करने की इच्छा जताई। सेविका दीदी ने भी ग्रामीणों से बेहतर से बेहतर कार्य करने का वादा किया। बैठक में महिला पर्यवेक्षिका निभा कुमारी, आंगनवाड़ी सहायिका प्रीति कुमारी, आशा कार्यकर्ता रिंकू कुमारी सहित रामदयाल राय, अशर्फी देवी, विश्वनाथ राय, अनिल कुमार सिंह, निशा देवी, मीरा देवी, राजमहल देवी, वीणा देवी, बॉबी, मानती देवी, आशा देवी, विजय कुमार, पूजा कुमारी, लालछड़ी देवी जैसे अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के आनंद गोलवा गांव निवासी शिवशंकर सिंह का ईनामी अपराधी पुत्र लल्लन सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में मारा गया है।1
- पूर्वी चंपारण के मेहसी थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहां दो ट्रकों के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे का सीसीटीवी फुटेज दिखाता है कि मुजफ्फरपुर की ओर से आ रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में घुस गया, जिसके परिणामस्वरूप यह टक्कर हुई। गनीमत रही कि हादसे से महज 2 सेकंड पहले एक बस उस स्थान से गुजर चुकी थी, अन्यथा नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।1
- भरत भूषण तिवारी से जुड़े एनकाउंटर मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।1
- समस्तीपुर के ताजपुर में 22 जून 2026, सोमवार को भाकपा माले और बिहार राज्य व्यवसायी संघ के संयुक्त आह्वान पर जनता मैदान (कर्बला पोखर) से जुलूस निकालकर ताजपुर थाने का घेराव किया गया। यह प्रदर्शन ताजपुर थाना कांड संख्या 98/26 के मृतक संजीव सहनी के हत्यारों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में बढ़ती हत्या, लूट एवं अन्य आपराधिक घटनाओं के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने थाना परिसर के सामने जमकर नारेबाजी करते हुए अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एक सभा आयोजित की गई, जिसे भाकपा माले के राज्य और जिला कमिटी सदस्यों के साथ-साथ मृतक संजीव सहनी की पत्नी रविना कुमारी, पिता देवकी सहनी और भाई सुशील सहनी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ताजपुर थाना क्षेत्र में हत्या, लूट, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम लोगों और व्यवसायियों में भय का माहौल है। उन्होंने संजीव सहनी हत्याकांड, किराना व्यवसायी नरेश चौधरी से लूट एवं गोलीकांड, दर्गाहिया चौक हत्याकांड, नीम चौक सोना लूटकांड जैसे विभिन्न मामलों का शीघ्र उद्भेदन कर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान तैनात मजिस्ट्रेट के माध्यम से थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को सात सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर संजीव सहनी हत्याकांड समेत अन्य मामलों के अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आंदोलन शुरू किया जाएगा। सभा के अंत में प्रशासन से कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और महिला थाना कांड संख्या 61/26 के आरोपी की भी अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की गई।1
- बिहार में बीजेपी सरकार के खिलाफ जबरदस्त राजनीतिक विरोध देखने को मिला है। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी सरकार के विरोध में तीखे नारे लगाए, जिसमें स्पष्ट रूप से 'बीजेपी सरकार मुर्दाबाद!' और 'बिहार के मुख्यमंत्री इस्तीफा दो' की मांग की गई। यह प्रदर्शन बिहार की राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर रहा है और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की जोरदार मांग उठा रहा है।1
- मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाला और संगठित अपराधियों के साथ मिलकर कई घटनाओं को अंजाम देने वाला ₹1.25 लाख का इनामी बदमाश रविवार देर रात यूपी STF पुलिस के हाथों ढेर हो गया। यह घटना उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित सरसावा नकुर रोड पर हुई। मृतक की पहचान मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के हरेल पंचायत के आनंद गोलवा गांव निवासी शिवशंकर सिंह के पुत्र लल्लन सिंह के रूप में हुई है, जिसकी तलाश यूपी पुलिस को लंबे समय से थी। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात पुलिस द्वारा वाहन जांच के दौरान दो अपराधियों को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में वांछित इनामी अपराधी लल्लन सिंह मारा गया, जबकि उसका दूसरा साथी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। फरार अपराधी की तलाश अभी भी जारी है। इस घटना की सूचना मोहिउद्दीन नगर थाने के ग्रामीण पुलिस ने आनंद गोलवा में रह रहे मृतक के माता-पिता को दी। पुत्र लल्लन सिंह के यूपी के सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की खबर सुनते ही उनके घर में कोहराम मच गया। मृतक के माता रेशमी देवी और पिता श्री सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना तो मिली है, लेकिन उनका आरोपी पुत्र से वर्षों से न ही कोई वास्ता था और न ही किसी तरह का संबंध। उन्होंने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि वे खुद विकलांग हैं और अपने दुर्भाग्यपूर्ण विकलांग जीवन पर आंसू बहा रहे हैं।1
- वैशाली के लालगंज में एक अज्ञात बोलेरो वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद सड़क हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।1