रियान बड़ी में युवाओं ने गौ सेवा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम से जुड़े युवा पिछले 4-5 वर्षों से गायों की सेवा और संरक्षण में सक्रिय हैं। टीम के सदस्य प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष गौ सेवा अभियान चलाते हैं। यह टीम सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सहयोग राशि और दान एकत्र करती है। इस राशि से हरा चारा खरीदा जाता है, जिसे वाहन द्वारा गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रही गायों को खिलाया जाता है। इसके अतिरिक्त, टीम के सदस्य घर-घर जाकर गायों के लिए गुड़ और दाना इकट्ठा करते हैं। इस सामग्री से गोशाला में लापसी बनाकर गायों को खिलाई जाती है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम का कार्य केवल चारा खिलाने तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में लावारिस, बीमार या दुर्घटनाग्रस्त गायों की सूचना मिलने पर टीम के युवा तुरंत मौके पर पहुंचते हैं। वे घायल गायों का उपचार करवाते हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों या अच्छी गोशालाओं में भेजने का प्रयास करते हैं। दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए टीम लगातार सक्रिय रहती है। टीम के सदस्यों के अनुसार, गौ सेवा के लिए प्राप्त होने वाला सहयोग पूरी तरह से गायों की सेवा में उपयोग किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा भी इस सेवा कार्य से जुड़ रहे हैं। टीम में दिनेश माली, गौरव वैष्णव, टोनु माली और काना राम माली सहित कई युवा सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं। युवाओं की इस पहल से क्षेत्र में गौ सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और अन्य लोग भी इस सेवा कार्य के लिए प्रेरित हो रहे हैं। रियान बड़ी में युवाओं ने गौ सेवा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम से जुड़े युवा पिछले 4-5 वर्षों से गायों की सेवा और संरक्षण में सक्रिय हैं। टीम के सदस्य प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष गौ सेवा अभियान चलाते हैं। यह टीम सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सहयोग राशि और दान एकत्र करती है। इस राशि से हरा चारा खरीदा जाता है, जिसे वाहन द्वारा गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रही गायों को खिलाया जाता है। इसके अतिरिक्त, टीम के सदस्य घर-घर जाकर गायों के लिए गुड़ और दाना इकट्ठा करते हैं। इस सामग्री से गोशाला में लापसी बनाकर गायों को खिलाई जाती है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम का कार्य केवल चारा खिलाने तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में लावारिस, बीमार या दुर्घटनाग्रस्त गायों की सूचना मिलने पर टीम के युवा तुरंत मौके पर पहुंचते हैं। वे घायल गायों का उपचार करवाते हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों या अच्छी गोशालाओं में भेजने का प्रयास करते हैं। दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए टीम लगातार सक्रिय रहती है। टीम के सदस्यों के अनुसार, गौ सेवा के लिए प्राप्त होने वाला सहयोग पूरी तरह से गायों की सेवा में उपयोग किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा भी इस सेवा कार्य से जुड़ रहे हैं। टीम में दिनेश माली, गौरव वैष्णव, टोनु माली और काना राम माली सहित कई युवा सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं। युवाओं की इस पहल से क्षेत्र में गौ सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और अन्य लोग भी इस सेवा कार्य के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
रियान बड़ी में युवाओं ने गौ सेवा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम से जुड़े युवा पिछले 4-5 वर्षों से गायों की सेवा और संरक्षण में सक्रिय हैं। टीम के सदस्य प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष गौ सेवा अभियान चलाते हैं। यह टीम सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सहयोग राशि और दान एकत्र करती है। इस राशि से हरा चारा खरीदा जाता है, जिसे वाहन द्वारा गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रही गायों को खिलाया जाता है। इसके अतिरिक्त, टीम के सदस्य घर-घर जाकर गायों के लिए गुड़ और दाना इकट्ठा करते हैं। इस सामग्री से गोशाला में लापसी बनाकर गायों को खिलाई जाती है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम का कार्य केवल चारा खिलाने तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में लावारिस, बीमार या दुर्घटनाग्रस्त गायों की सूचना मिलने पर टीम के युवा तुरंत मौके पर पहुंचते हैं। वे घायल गायों का उपचार करवाते हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों या अच्छी गोशालाओं में भेजने का प्रयास करते हैं। दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए टीम लगातार सक्रिय रहती है। टीम के सदस्यों के अनुसार, गौ सेवा के लिए प्राप्त होने वाला सहयोग पूरी तरह से गायों की सेवा में उपयोग किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा भी इस सेवा कार्य से जुड़ रहे हैं। टीम में दिनेश माली, गौरव वैष्णव, टोनु माली और काना राम माली सहित कई युवा सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं। युवाओं की इस पहल से क्षेत्र में गौ सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और अन्य लोग भी इस सेवा कार्य के लिए प्रेरित हो रहे हैं। रियान बड़ी में युवाओं ने गौ सेवा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम से जुड़े युवा पिछले 4-5 वर्षों से गायों की सेवा और संरक्षण में सक्रिय हैं। टीम के सदस्य प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष गौ सेवा अभियान चलाते हैं। यह टीम सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सहयोग राशि और दान एकत्र करती है। इस राशि से हरा चारा खरीदा जाता है, जिसे वाहन द्वारा गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रही गायों को खिलाया जाता है। इसके अतिरिक्त, टीम के सदस्य घर-घर जाकर गायों के लिए गुड़ और दाना इकट्ठा करते हैं। इस सामग्री से गोशाला में लापसी बनाकर गायों को खिलाई जाती है। महाकाल गौ रक्षक सेवा टीम का कार्य केवल चारा खिलाने तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में लावारिस, बीमार या दुर्घटनाग्रस्त गायों की सूचना मिलने पर टीम के युवा तुरंत मौके पर पहुंचते हैं। वे घायल गायों का उपचार करवाते हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों या अच्छी गोशालाओं में भेजने का प्रयास करते हैं। दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए टीम लगातार सक्रिय रहती है। टीम के सदस्यों के अनुसार, गौ सेवा के लिए प्राप्त होने वाला सहयोग पूरी तरह से गायों की सेवा में उपयोग किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा भी इस सेवा कार्य से जुड़ रहे हैं। टीम में दिनेश माली, गौरव वैष्णव, टोनु माली और काना राम माली सहित कई युवा सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं। युवाओं की इस पहल से क्षेत्र में गौ सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और अन्य लोग भी इस सेवा कार्य के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
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- मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर सजा ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला, उमड़ा आस्था का महासागर; लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर सजा ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला, उमड़ा आस्था का महासागर; लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा मांगलियावास (अजमेर), 12 अगस्त 2026: श्रावण मास की हरियाली अमावस्या के पावन पर्व पर आज अजमेर जिले के मांगलियावास में प्रसिद्ध और ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला पूरी भव्यता और धार्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। विश्वविख्यात 'राजा-रानी' कल्पवृक्ष के जोड़े के दर्शन और पूजन के लिए अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। अमावस्या की पूर्व रात्रि से शुरू हुआ भक्तों का आगमन मेले को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। हरियाली अमावस्या की पूर्व रात्रि से ही मांगलियावास में भक्तों के पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिसमें दूर-दराज से आए लाखों लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मेले में चारों तरफ हर-हर महादेव और लोकगीतों की गूंज सुनाई दे रही है। मनोकामना पूर्ति का केंद्र है कल्पवृक्ष धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मांगलियावास के ये प्राचीन कल्पवृक्ष जोड़े के रूप में स्थित हैं, जिन्हें इच्छापूर्ति का वरदान प्राप्त है। हरियाली अमावस्या के इस विशेष अवसर पर मन्नत मांगने और कल्पवृक्ष की पूजा करने का विशेष महत्व है। आज दिनभर यहाँ कुंवारी कन्याओं और महिलाओं द्वारा वृक्षों की परिक्रमा करने, मौली बांधने और रक्षा सूत्र अर्पित करने का क्रम जारी है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से जो भी मन्नत मांगी जाती है, वह अवश्य पूरी होती है। मेला परिसर में रौनक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मेला ग्राउंड पर सजी खिलौनों, चाट-पकौड़ों, श्रृंगार सामग्री और झूला-चकरी की दुकानों पर बच्चों व युवाओं की खासी भीड़ नजर आ रही है। प्रशासन और स्थानीय समितियों द्वारा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मेला संपन्न कराने के लिए सुरक्षा, यातायात और पेयजल के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े4
- लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष, त्याग और साहस लोकतंत्र की अमूल्य विरासत है। उनके सम्मान और कल्याण के लिए हमारी सरकार निरंतर संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।1
- मांगलियावास का ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला आस्था और उल्लास का केंद्र बना रहा। मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। पीसांगन के मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्ष मेले में उमड़ा जनसैलाब, 2 लाख श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर पीसांगन उपखंड क्षेत्र के मांगलियावास का ऐतिहासिक कल्पवृक्ष मेला आस्था और उल्लास का केंद्र बना रहा। मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। तड़के से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कल्पवृक्ष की पूजा कर मांगी सुख-समृद्धि मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन कल्पवृक्ष के पवित्र जोड़े के नीचे सच्चे मन से की गई कामना पूर्ण होती है। श्रद्धालुओं ने राजा, रानी और राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध पवित्र वृक्षों को शुद्ध जल से सींचा। इसके बाद कुमकुम, रोली,मोली,अक्षत,मिष्ठान,नारियल और वस्त्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कुंवारी कन्याओं ने अच्छे वर की कामना की, जबकि सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की मनोकामना मांगी। श्रद्धालुओं द्वारा बांधी गई मौलियों से वृक्षों के तने ढक गए और पूजा सामग्री का ढेर लग गया। मेले में झूलों और दुकानों पर रही भीड़ पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में लगे गगनचुंबी झूलों और चकरी का जमकर आनंद लिया। मिठाई, चाट, पकौड़ी और आइसक्रीम की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ब्यावर-अजमेर डिपो की ओर से मेला स्पेशल बसें चलाई गईं। आयुर्वेद विभाग के उप स्वास्थ्य केंद्र पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। जनप्रतिनिधि और प्रशासन रहा मौजूद मेले में नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, नसीराबाद विधानसभा प्रत्याशी शिवप्रकाश गुर्जर पीसांगन प्रधान दिनेश नायक, सीआर प्रदीप वाल्मीकि,ब्रिकचियावास सरपंच भैरूलाल धांधड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे। कानून व्यवस्था के लिए पीसांगन बीडीओ साजिया तबस्सुम, ग्राम विकास अधिकारी रमेश चौधरी, मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी सहित पीसांगन, नसीराबाद, गेगल और पुलिस लाइन का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा।2
- Ajmer किसानों ने ट्रैक्टर पर निकाली रैल please like Karen subscribe Karen YouTube per channel ko bhi किसानों का ट्रैक्टर प्रदर्शन ट्रैक्टर लेकर निकाली रैली दूर-दूर तक लगाया जाम #shorts #youtubeshorts1
- जाटावास से रियां बड़ी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया है। लगातार बारिश से सड़क की स्थिति खराब हो गई थी, जिससे स्थानीय निवासियों और दुपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भरा होने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ था। सड़क की बिगड़ती हालत को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता थी। ग्रामीणों ने बताया कि यह एक मुख्य मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। समस्या की गंभीरता को देखते हुए जाटावास ग्राम पंचायत के युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने प्रशासनिक सहयोग से बुधवार रात को सड़क के गहरे गड्ढों में कंक्रीट और गिट्टी डलवाकर उन्हें भरवाया। इसके बाद जेसीबी मशीन का उपयोग कर सड़क को समतल किया गया, जिससे फिलहाल आवागमन में राहत मिली है। रात में किए गए इस कार्य से ग्रामीणों ने राहत महसूस की। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा था। गड्ढे भरने और सड़क के समतलीकरण से आवागमन कुछ हद तक सुगम हो गया है। ग्रामीणों ने सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव और गड्ढों की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां द्वारा तत्काल पहल कर सड़क को अस्थायी रूप से दुरुस्त करवाने के लिए ग्रामीणों ने उनकी सराहना की है। जाटावास से रियां बड़ी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया है। लगातार बारिश से सड़क की स्थिति खराब हो गई थी, जिससे स्थानीय निवासियों और दुपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भरा होने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ था। सड़क की बिगड़ती हालत को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता थी। ग्रामीणों ने बताया कि यह एक मुख्य मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। समस्या की गंभीरता को देखते हुए जाटावास ग्राम पंचायत के युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने प्रशासनिक सहयोग से बुधवार रात को सड़क के गहरे गड्ढों में कंक्रीट और गिट्टी डलवाकर उन्हें भरवाया। इसके बाद जेसीबी मशीन का उपयोग कर सड़क को समतल किया गया, जिससे फिलहाल आवागमन में राहत मिली है। रात में किए गए इस कार्य से ग्रामीणों ने राहत महसूस की। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा था। गड्ढे भरने और सड़क के समतलीकरण से आवागमन कुछ हद तक सुगम हो गया है। ग्रामीणों ने सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव और गड्ढों की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। युवा जनप्रतिनिधि सुनील कासनियां द्वारा तत्काल पहल कर सड़क को अस्थायी रूप से दुरुस्त करवाने के लिए ग्रामीणों ने उनकी सराहना की है।1
- चावण्डिया में बदहाल रास्ता बना परेशानी का सबब, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें चावण्डिया में बदहाल रास्ता बना परेशानी का सबब, बारिश के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं। कीचड़ और खराब रास्ते से आवागमन प्रभावित, ग्रामीणों ने समस्या के समाधान की मांग उठाई।1
- माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार संसद में हर विषय पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष का बार-बार चर्चा से भागना उसकी गैरजिम्मेदाराना राजनीति को दर्शाता है।1
- 15 अगस्त की सुरक्षा को लेकर अजमेर रेलवे स्टेशन पर सख्ती 15 अगस्त की सुरक्षा को लेकर अजमेर रेलवे स्टेशन पर सख्ती GRP और RPF ने की एंटी-सबोटाज चेकिंग, यात्रियों के बैग भी खंगाले एंकर: अजमेर रेलवे स्टेशन पर 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर आज GRP और RPF की टीम द्वारा एंटी-सबोटाज चेकिंग की गई।इस दौरान रेलवे स्टेशन के विभिन्न हिस्सों की जांच के साथ ही यात्रियों के बैग और सामान की भी चेकिंग की गई । सुरक्षा एजेंसियां स्टेशन परिसर में संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों पर विशेष नजर रखे हुए है।स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल सुरक्षा कर्मियों को1