एक जमाना था जब जनता मोदी- मोदी चिल्लाती थी ,आज जनता कह रही है वोट चोर ,वोट चोर, 2014 और 2019 के दौर में एक 'लहर' थी, जहाँ जनता मोदी को एक विकल्प के रूप में देख रही थी। लेकिन 10-12 साल के शासन के बाद, लोग अब केवल नारों पर नहीं, बल्कि रिपोर्ट कार्ड पर बात कर रहे हैं। जब उम्मीदें बहुत ऊंची होती हैं और धरातल पर परिणाम (जैसे रोजगार या महंगाई) वैसे नहीं दिखते, तो वही प्रशंसा आलोचना में बदल जाती है। वोट चोर" का नारा मुख्य रूप से दो स्थितियों में उभरा है: EVM पर संदेह: विपक्ष ने लगातार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जिससे जनता के एक वर्ग में यह धारणा बनी है। दलबदल की राजनीति: कई राज्यों में चुनाव के बाद जिस तरह से सरकारें बदली गईं या पार्टियों में टूट हुई, उसने आम मतदाता को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि उनके वोट की कीमत क्या है।
एक जमाना था जब जनता मोदी- मोदी चिल्लाती थी ,आज जनता कह रही है वोट चोर ,वोट चोर, 2014 और 2019 के दौर में एक 'लहर' थी, जहाँ जनता मोदी को एक विकल्प के रूप में देख रही थी। लेकिन 10-12 साल के शासन के बाद, लोग अब केवल नारों पर नहीं, बल्कि रिपोर्ट कार्ड पर बात कर रहे हैं। जब उम्मीदें बहुत ऊंची होती हैं और धरातल पर परिणाम (जैसे रोजगार या महंगाई) वैसे नहीं दिखते, तो वही प्रशंसा आलोचना में बदल जाती है। वोट चोर" का नारा मुख्य रूप से दो स्थितियों में उभरा है: EVM पर संदेह: विपक्ष ने लगातार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जिससे जनता के एक वर्ग में यह धारणा बनी है। दलबदल की राजनीति: कई राज्यों में चुनाव के बाद जिस तरह से सरकारें बदली गईं या पार्टियों में टूट हुई, उसने आम मतदाता को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि उनके वोट की कीमत क्या है।
- नमस्कार, मैं हूँ [एमजे अंसारी]। बिहार में शराबबंदी के दावों के बीच एक ऐसी हकीकत सिर उठा रही है, जो आने वाली पीढ़ी को खोखला कर रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा है और आरोप लगाया है कि बिहार अब 'सूखे नशे' यानी ड्रग्स की मंडी बनता जा रहा है। क्या सत्ता की कुर्सी पर बैठी BJP-JDU सरकार इस भयावह मंजर को देख नहीं पा रही? या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?1
- Post by NASIM ANSARI1
- बिहार में पोते ने दादी की अंतिम यात्रा में बना दिया माहौल,सात सौ गाड़ियां तीस से ज्यादा बैंड,दर्जनों लौंडा डांसर देख दंग रह गए लोग।1
- प्रतापगंज प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरजापूर 3 राजस्व वाला पंचायत है जो वार्ड संख्या 01 से 8 तक का एक महत्वपूर्ण भाग सुरजापूर है घनी आबादी वाले इस गाँव में गली मुहल्ले में बसे लोगों के घरों से निकलने वाला पानी जो मेन रोड से सटे पश्चिम की ओर कच्चा नाला है इसी नाला के जरिए बारिश का पानी आम लोगों के घरों का गंदा पानी बहलोल के गड्ढे में जाकर गिरता है 50 वर्षो से अधिक समय से यह कच्चा नाला एक मात्र जरिया है धीरे-धीरे इस नाला में कचरा गाद भर जाने से गड्ढा सड़क के बराबर होने लगा और मल मूत्र वाला गंदा पानी सड़क पर जमा होने लगा इस समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई और समस्या का समाधान निकालने के लिए मुखिया पंचायत समिति को बार बार बोलते रहे हर बार जनप्रतिनिधियों द्वारा झूठा आश्वासन दिया गया और आजकल करते हुए 2001 से लगातार 2026 तक सत्ता सुख भोगने वाले मुखिया समिति सदस्य जनता को ठगते रहे अब तो नौबत यह कि छोटे बच्चों को स्कुल जाने बूढे बुजुर्गों के साथ अन्य लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है हाट बाजार के लिए लोग नही जा पाते विभागीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए आम लोगों द्वारा धरना प्रदर्शन का विचार विमर्श किया जा रहा है अगर इस समस्या का समाधान जल्द नही निकला तो आम जनों द्वारा वरीय अधिकारियों को आवेदन के साथ एक धरना प्रदर्शन किया जाएगा मो० जफरूल हसन एवं समस्त ग्राम वासी सुरजापूर2
- ये दोनों पति पत्नी अपने जीवन में खूब मेहनत कर रहे हैं पति मुंबई में रह कर सेटरिंग का काम कर रहे हैं तो वही पत्नी ये सोच के जी रही है कि आज नहीं तो कल सोशल मीडिया पे वो भी ट्रेंड में आएगी और अपने घर के सारे दुख को खुशी में बदल देगी लेकिन ये ऊपर वाले को मंजूर नहीं फिर भी ये रोज सुबह एक नई उड़ान के लिए तैयार हो जाती है और शाम में निरास होके सो जाती है1
- Post by Jankari Adda1
- जोगबनी में भव्य कलश यात्रा, 48 घंटे का अष्टयाम शुरू जोगबनी/अररिया सीमावर्ती शहर जोगबनी में सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब स्थानीय वार्ड संख्या 3 इंद्रानगर से पटेल नगर स्थित शिवालय तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कलश यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। महिलाएं सिर पर कलश लेकर पारंपरिक वेशभूषा में चल रही थीं, जबकि पुरुष और बच्चे भी पूरे जोश के साथ यात्रा में शामिल थे। कलश यात्रा के उपरांत सोमवार से 48 घंटे का भव्य अष्टयाम का आयोजन भी शुरू किया गया है, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। आयोजन स्थल पर भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सुन्दर पंडाल, लाइट की अच्छी व्यवस्था दिखी। इस अवसर पर दिनेश पासवान, आकाश पासवान, भोला पासवान, राजेश यादव, ललन कामत, राजेंद्र प्रसाद, मिथिलेश राय सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इस आयोजन ने पूरे जोगबनी क्षेत्र को भक्ति और आस्था के रंग में रंग दिया है।1
- अब बिहार की महिलाएं दुदु लाख के लिए इंतजार कर रही है1