📚 हर पुरुष गलत नहीं होता और न ही हर बात का बवंडर बनना चाहिए! 🌟 आज समाज और रिश्तों को लेकर एक कड़वी सच्चाई पर बात करनी जरूरी है। जब कभी परिवार में अनबन होती है, तो अक्सर केवल एक पक्ष की बात सुनकर फैसला ले लिया जाता है। एकतरफा सोच और मर्द का दर्द: समाज यह भूल जाता है कि एक पुरुष, एक पति और एक पिता भी इंसान है। वह चाहकर भी अपना हर दर्द खुलकर रो नहीं सकता, अपनी पीड़ा हर जगह बयान नहीं कर सकता। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि गलती हमेशा पुरुष की ही होती है। तीसरे पक्ष का गलत हस्तक्षेप: हर घर में छोटी-मोटी बातें होती हैं, लेकिन जब कोई तीसरा बीच में आकर बिना पूरी सच्चाई जाने आग में घी डालने का काम करता है, तो हंसते-खेलते घर उजड़ जाते हैं। ताली हमेशा दोनों हाथ से बजती है। स्वयं का दर्द और समझदारी: जितना बेहतर पति-पत्नी आपस में एक-दूसरे की स्थिति को समझ सकते हैं, उतना कोई बाहरी या तीसरा व्यक्ति नहीं समझ सकता। हर कहानी बताने वाला खुद को सही साबित करता है। 🛑 विशेष संदेश: जीवन में कोई भी रिश्ता हो, उसे तोड़ने के बजाय जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए। न हर पुरुष गलत होता है और न हर महिला; जरूरत है तो बस एक-दूसरे को समझने की, धैर्य रखने की और संस्कारों के साथ परिवार को एक साथ चलाने की। 📍 स्थान: पनई बुजुर्ग, जिला - उन्नाव (उत्तर प्रदेश) 🎙️ प्रस्तुतकर्ता: अनुज सिंह चौहान (पत्रकार / समाज सेवक / मानवाधिकार प्रतिनिधि) 📺 अनाया सिंह पाठशाला 1 (निःशुल्क शिक्षा)
📚 हर पुरुष गलत नहीं होता और न ही हर बात का बवंडर बनना चाहिए! 🌟 आज समाज और रिश्तों को लेकर एक कड़वी सच्चाई पर बात करनी जरूरी है। जब कभी परिवार में अनबन होती है, तो अक्सर केवल एक पक्ष की बात सुनकर फैसला ले लिया जाता है। एकतरफा सोच और मर्द का दर्द: समाज यह भूल जाता है कि एक पुरुष, एक पति और एक पिता भी इंसान है। वह चाहकर भी अपना हर दर्द खुलकर रो नहीं सकता, अपनी पीड़ा हर जगह बयान नहीं कर सकता। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि गलती हमेशा पुरुष की ही होती है। तीसरे पक्ष का गलत हस्तक्षेप: हर घर में छोटी-मोटी बातें होती हैं, लेकिन जब कोई तीसरा बीच में आकर बिना पूरी सच्चाई जाने आग में घी डालने का काम करता है, तो हंसते-खेलते घर उजड़ जाते हैं। ताली हमेशा दोनों हाथ से बजती है। स्वयं का दर्द और समझदारी: जितना बेहतर पति-पत्नी आपस में एक-दूसरे की स्थिति को समझ सकते हैं, उतना कोई बाहरी या तीसरा व्यक्ति नहीं समझ सकता। हर कहानी बताने वाला खुद को सही साबित करता है। 🛑 विशेष संदेश: जीवन में कोई भी रिश्ता हो, उसे तोड़ने के बजाय जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए। न हर पुरुष गलत होता है और न हर महिला; जरूरत है तो बस एक-दूसरे को समझने की, धैर्य रखने की और संस्कारों के साथ परिवार को एक साथ चलाने की। 📍 स्थान: पनई बुजुर्ग, जिला - उन्नाव (उत्तर प्रदेश) 🎙️ प्रस्तुतकर्ता: अनुज सिंह चौहान (पत्रकार / समाज सेवक / मानवाधिकार प्रतिनिधि) 📺 अनाया सिंह पाठशाला 1 (निःशुल्क शिक्षा)
- 📚 डिग्रियां बहुत हैं, पर संस्कार कहां हैं? — एक पिता और समाज सेवक का कड़वा सच 🌟 📚 डिग्रियां बहुत हैं, पर संस्कार कहां हैं? — एक पिता और समाज सेवक का कड़वा सच 🌟 आज के समय में केवल बड़ी डिग्रियां होना और पैसे का घमंड दिखाना ही सब कुछ नहीं होता। इंसानियत और रिश्ते तब तार-तार हो जाते हैं जब अपनों के पास शिक्षा तो हो, लेकिन तमीज, आदर और संस्कार बिल्कुल न हों। 📖 आज की जमीनी हकीकत: हमने समाज के बच्चों को पढ़ाने और उन्हें सही रास्ते पर लाने के लिए 'अनाया सिंह पाठशाला 1' (निःशुल्क शिक्षा) की शुरुआत की थी। पिछले 5 महीनों से यह पाठशाला बहुत अच्छे से चल रही थी और दर्जनों बच्चे यहाँ पढ़ रहे थे। लेकिन आज स्थिति यह है कि ससुराल पक्ष के लोगों (विशेषकर शिवानी जी के पिता और बहन) के अनावश्यक हस्तक्षेप, धमकियों और पारिवारिक कलह के कारण मेरी यह निशुल्क पाठशाला और बच्चों की पढ़ाई बीच में ही प्रभावित हो गई है। 👧 एक मासूम बेटी का दर्द: मेरी अढ़ाई साल की छोटी बिटिया की तबियत इन दिनों खराब है। ऐसे में उसे सही इलाज और प्यार देने के बजाय, ससुराल वाले जबरदस्ती का माहौल बनाकर उसे ले गए। वह मासूम बच्ची बस सबका सहमा हुआ चेहरा देखती रही। जब घर में कोई कमाने वाला नहीं है, नौकरी छूट चुकी है और मैं अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा कर रहा हूँ—ऐसे संघर्ष के समय में—साथ देने के बजाय केवल पैसे, बंगले और रुतबे का ताना देना कहाँ की इंसानियत है? सच्चाई यह है कि सिर्फ पैसे या बड़ी डिग्रियों से किसी का चरित्र तय नहीं होता। ऐसे लोगों से संबंध जोड़ने से पहले समाज को यह सोचना चाहिए कि जहाँ बड़ों का सम्मान और संस्कारों की कीमत न हो, वहाँ रिश्ते कभी टिक नहीं सकते। 📍 स्थान: पनई बुजुर्ग, जिला - उन्नाव (उत्तर प्रदेश) 🎙️ प्रस्तुतकर्ता: अनुज सिंह चौहान (पत्रकार / समाज सेवक / मानवाधिकार प्रतिनिधि) 📺 अनाया सिंह पाठशाला 1 (निःशुल्क शिक्षा)2
- Post by Shubham S1
- बड़ी अपडेट हसनगंज शाहपुर तोंदा सोसाइटी में मोहान विधायक बृजेश रावत का औचक निरीक्षण खाद वितरण में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश निरीक्षण के दौरान किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद दिए जाने सहित कई खामियां सामने आईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने तत्काल एसडीएम हसनगंज शालिनी सिंह तोमर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही तत्काल प्रभाव से टीम गठित कर क्षेत्र की सभी सहकारी समितियों (सोसाइटियों) की जांच कराने के निर्देश दिए गए। विधायक ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- स्टेट बैंक पुरवा: मुख्य द्वार छोड़ ग्राहकों की कुर्सी पर सुस्ता रहे सुरक्षा गार्ड, मोबाइल में मस्त; सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे पुरवा (उन्नाव)। भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बैंक की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले गार्ड मुख्य द्वार पर मुस्तैद रहने के बजाय अंदर ग्राहकों की कुर्सियों पर विराजमान होकर मोबाइल चलाने में मस्त रहते हैं। सुरक्षा गार्ड की इस घोर लापरवाही के कारण जहाँ बैंक की सुरक्षा राम भरोसे चल रही है, वहीं दूर-दराज से आने वाले ग्राहकों को बैठने के लिए कुर्सियाँ तक नसीब नहीं हो पा रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और बैंक आए ग्राहकों के अनुसार, मुख्य द्वार पर गार्ड के लिए तय कुर्सी अक्सर खाली पड़ी रहती है। गार्ड साहब अंदर ग्राहकों की जगह पर बैठकर बेफिक्र होकर फोन में बिजी रहते हैं। मुख्य गेट से आने-जाने वाले लोगों पर कोई निगरानी नहीं रखी जा रही है। बैंक जैसी संवेदनशील जगह पर, जहाँ रोजाना लाखों रुपये का लेन-देन और सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है, वहाँ मुख्य द्वार से सुरक्षा का इस तरह नदारद होना किसी बड़ी आपराधिक वारदात को सीधा न्योता देने जैसा है। स्थानीय ग्राहकों ने इस पर गहरा रोष जताते हुए सवाल उठाया है कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल में मग्न रहने वाले गार्ड की वजह से यदि बैंक में कोई अप्रिय घटना या लूटपाट जैसी वारदात होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या प्रबंधन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? ग्राहकों का कहना है कि सुरक्षा गार्ड की इस मनमानी और अनदेखी से आम जनता में भारी नाराजगी और असुरक्षा का माहौल है। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच कराकर लापरवाह गार्ड और संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी पर तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।1
- दबंग भू माफिया ने बेवा महिला के जमीन पर किया अवैध कब्जा, महिला ने लगाया आरोप #उन्नाव में बेवा महिला ने भूमाफियाओं पर लगाया जमीन कब्जाने का आरोप डीएम से निष्पक्ष पैमाइश और न्याय दिलाने की लगाई गुहार बिना सूचना राजस्व टीम व पुलिस की मौजूदगी में कब्जा कराने का आरोप विरोध करने पर परिजनों को थाने ले जाकर धमकाने का भी लगाया आरोप सड़क से लगी जमीन पर रकबे के अनुसार अपना हक दिलाने की मांग जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच, पैमाइश और आवश्यक कार्रवाई की मांग मौरावां थाना क्षेत्र का मामला1
- ‼️गाली देने वाले बच्चे गुमराह हैं, उन्हें सजा नहीं—सही रास्ता दिखाने की जरूरत है। मैंने उन्हें माफ कर दिया।‼️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कथित तौर पर गाली देने वाले बच्चों को लेकर सख्ती के बजाय सुधार और माफी का संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भटके हुए बच्चों को सजा देने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाना ज्यादा जरूरी है। संदेश साफ है—गलती पर सजा से पहले सुधार का रास्ता अपनाया जाए।1
- Post by Ramakant1
- बी ई ओ की समीक्षा बैठक प्रत्येक विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित हो एवं उनकी डिजिटल उपस्थित भी की जाए - मनींद्र कुमार मियागंज , उन्नाव उत्तर प्रदेश के ब्लाक मियागंज से इस वक्त की बड़ी खबर जहां पर मियागंज मेंबी ई ओ की समीक्षा बैठक प्रत्येक विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित हो एवं उनकी डिजिटल उपस्थित भी की जाए - मनींद्र कुमार मियागंज ,1