विधानसभा में गूंजा सहारनपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों का मुद्दा देहात विधायक आशु मलिक ने जर्जर भवनों, बुनियादी सुविधाओं और जवाबदेही पर सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब सहारनपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा के चल रहे सत्र में सहारनपुर देहात के विधायक आशु मलिक ने आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी हकीकत को सदन में मजबूती से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े सवालों का समाधान कराना है। सदन में बोलते हुए विधायक आशु मलिक ने विशेष रूप से सहारनपुर जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से पूछा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर हो चुके आंगनबाड़ी भवनों का पुनर्निर्माण कब तक होगा? पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं कब उपलब्ध कराई जाएंगी? पोषण की गुणवत्ता की जवाबदेही किसकी होगी? और जो योजनाएं कागजों पर संचालित दिखाई देती हैं, उनका असर जमीन पर कब नजर आएगा? विधायक ने आंकड़ों के साथ स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सहारनपुर में कुल 3410 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से 102 केंद्र पूरी तरह जर्जर अवस्था में हैं, जबकि 407 केंद्र अभी भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के पुनर्निर्माण की स्वीकृति पिछले एक वर्ष से लंबित है। उन्होंने कहा कि सरकार के उत्तर में योजनाएं, पोर्टल, आवंटन और आदेशों का उल्लेख तो था, लेकिन स्पष्ट समयसीमा, जवाबदेही और परिणामों का अभाव दिखाई दिया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा सहारनपुर की समस्या को अलग से दिखाने का आश्वासन दिया गया, जिसे उन्होंने स्वागत योग्य बताया। आशु मलिक ने कहा कि यदि व्यवस्था संतोषजनक होती तो गुणवत्ता सुधार के लिए अलग से निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यदि प्रणाली मजबूत होती तो इतने केंद्र जर्जर स्थिति में क्यों होते? उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि गांव के आंगन में बैठा बच्चा सुरक्षित रहे, उसकी थाली भरी रहे और उसकी मां को यह भरोसा हो कि सरकार केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी मौजूद है। विधायक ने कहा कि विपक्ष का दायित्व है प्रश्न पूछना और वह तब तक सवाल उठाते रहेंगे जब तक जमीनी स्तर पर सुधार के स्पष्ट परिणाम दिखाई नहीं देते। उन्होंने सरकार से आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर स्पष्ट स्पष्टीकरण देते हुए व्यापक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग
विधानसभा में गूंजा सहारनपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों का मुद्दा देहात विधायक आशु मलिक ने जर्जर भवनों, बुनियादी सुविधाओं और जवाबदेही पर सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब सहारनपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा के चल रहे सत्र में सहारनपुर देहात के विधायक आशु मलिक ने आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी हकीकत को सदन में मजबूती से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े सवालों का समाधान कराना है। सदन में बोलते हुए विधायक आशु मलिक ने विशेष रूप से सहारनपुर जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से पूछा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर हो चुके आंगनबाड़ी भवनों का पुनर्निर्माण कब तक होगा? पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं कब उपलब्ध कराई जाएंगी? पोषण की गुणवत्ता की जवाबदेही किसकी होगी? और जो योजनाएं कागजों पर संचालित दिखाई देती हैं, उनका असर जमीन पर कब नजर आएगा? विधायक ने आंकड़ों के साथ स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सहारनपुर में कुल 3410 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से 102 केंद्र पूरी तरह जर्जर अवस्था में हैं, जबकि 407 केंद्र अभी भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के पुनर्निर्माण की स्वीकृति पिछले एक वर्ष से लंबित है। उन्होंने कहा कि सरकार के उत्तर में योजनाएं, पोर्टल, आवंटन और आदेशों का उल्लेख तो था, लेकिन स्पष्ट समयसीमा, जवाबदेही और परिणामों का अभाव दिखाई दिया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा सहारनपुर की समस्या को अलग से दिखाने का आश्वासन दिया गया, जिसे उन्होंने स्वागत योग्य बताया। आशु मलिक ने कहा कि यदि व्यवस्था संतोषजनक होती तो गुणवत्ता सुधार के लिए अलग से निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यदि प्रणाली मजबूत होती तो इतने केंद्र जर्जर स्थिति में क्यों होते? उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि गांव के आंगन में बैठा बच्चा सुरक्षित रहे, उसकी थाली भरी रहे और उसकी मां को यह भरोसा हो कि सरकार केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी मौजूद है। विधायक ने कहा कि विपक्ष का दायित्व है प्रश्न पूछना और वह तब तक सवाल उठाते रहेंगे जब तक जमीनी स्तर पर सुधार के स्पष्ट परिणाम दिखाई नहीं देते। उन्होंने सरकार से आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर स्पष्ट स्पष्टीकरण देते हुए व्यापक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग
- ₹1 लाख से नीचे आ सकता है सोने का भाव, खरीदने से पहले पढ़ लें यह खबर 2027 के अंत तक भारत में सोने की दरें 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ सकती हैं और कॉमेक्स गोल्ड की कीमत 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। भारत में सोने की दर 2027 के अंत तक 90,000 से 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आ सकती है।1
- सहारनपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह के कड़े निर्देश के बाद जनपद पुलिस लगातार अपराधियों पर नकेल कस रही है। इसी क्रम में थाना फतेहपुर पुलिस के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई को अंजाम देते हुए बीती रात चैंकिग के दौरान हुई दुसरी मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर गौकश रहमान को गिरफ्तार किया। घायल गौकश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी मुनीश चन्द्र ने जानकारी दी। वीडियो: जानकारी देते सीओ मुनीश चन्द्र1
- सहारनपुर। जनपद में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत थाना फतेहपुर पुलिस ने 16/17 फरवरी 2026 की रात दो अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में दो हिस्ट्रीशीटर गौकश बदमाशों को घायलावस्था में गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की गई है, जबकि उनके साथी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। पहली मुठभेड़: कमेशपुर पुलिया के पास कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान थानाध्यक्ष फतेहपुर विनय शर्मा व उपनिरीक्षक अमित सोनी पुलिस बल के साथ कमेशपुर की पुलिया के पास चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वे भागने लगे। पीछा करने पर चकरोड़ मार्ग पर मोटरसाइकिल फिसल गई और बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल बदमाश की पहचान कलीम पुत्र हमीद उर्फ मिद्दू निवासी गन्देवड़ा थाना फतेहपुर के रूप में हुई। उसके कब्जे से 01 तमंचा .315 बोर, 02 जिंदा व 01 खोखा कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद हुई। उसे उपचार हेतु सीएचसी फतेहपुर में भर्ती कराया गया। उसका साथी फरार हो गया, जिसकी तलाश में कांबिंग जारी है। कलीम पर जनपद के विभिन्न थानों में गौकशी, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट व आबकारी अधिनियम सहित डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। दूसरी मुठभेड़: कलसिया-जिवाला मार्ग पर भिड़ंत इसी रात वरि.उ.नि. फतेहपुर भूपेन्द्र शर्मा व उपनिरीक्षक बबलू कुमार पुलिस टीम के साथ कलसिया से जिवाला मार्ग पर चेकिंग कर रहे थे। मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्धों ने रुकने के बजाय पुलिस पर फायरिंग करते हुए आम के बाग की ओर भागने का प्रयास किया। पीछा करने पर कच्चे रास्ते में मोटरसाइकिल फिसल गई। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी। घायल बदमाश की पहचान रहमान पुत्र सलीम निवासी गन्देवड़ा थाना फतेहपुर के रूप में हुई। उसके कब्जे से 01 तमंचा .315 बोर, 02 जिंदा व 01 खोखा कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका साथी फरार है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। रहमान बी श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध जनपद सहारनपुर व अन्य राज्यों में गौकशी, पशु चोरी, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट व आबकारी अधिनियम के लगभग दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।2
- कमाई नहीं, सेवा ही उद्देश्य डॉ विशाल सिंघल ने लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर Behat1
- Post by Rishabh Nayar1
- हर जिले में किडनैपिंग का हो रहा बिजनेस कृपया अपने बच्चों को अपने से दूर अकेले मत भेजें किसी अनजान को अपना बच्चों को दूर रखें इमरजेंसी में 112 डायल करें धन्यवाद1
- Post by HR02 City News1
- सहारनपुर। टी20 वर्ल्डकप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए, पाकिस्तानी टीम पर फ़तेह हासिल की। जिससे देश भर के क्रिकेट प्रेमियों में हर्ष का माहौल बन गया। इसी क्रम में सहारनपुर में भी हर्ष व्यक्त करते हुए जश्न मनाया गया। देखें वीडियो:- जीत पर जश्न में झूमते लोग!1