भोपाल के अयोध्या बायपास पर 10 लेन सड़क परियोजना के नाम पर हजारों पेड़ों की 'बलि' दिए जाने से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। इस निर्माण कार्य के निरीक्षण के बाद, सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिस पर जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निरीक्षण में सामने आया कि कई स्थानों पर निर्माण की मूलभूत प्रक्रियाएँ और गुणवत्ता मानक सवालों के घेरे में हैं। मिट्टी को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त कंप्रेशन, पानी का छिड़काव और आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, बल्कि काम को जल्दबाजी में पूरा करने की तस्वीरें दिखाई दीं। इस स्थिति पर जनता ने सरकार से जवाब माँगा है कि जब वे विभिन्न करों के माध्यम से अपना पैसा देते हैं, तो क्या उन्हें मजबूत और टिकाऊ सड़क पाने का अधिकार नहीं है? यह स्पष्ट किया गया है कि विकास का विरोध नहीं है, लेकिन हजारों पेड़ काटकर घटिया निर्माण करना जनता के पैसे और पर्यावरण, दोनों के साथ अन्याय है। भोपाल की जनता सरकार से यह जानकारी चाहती है कि कितने पेड़ काटे गए और कितने लगाए गए, निर्माण की गुणवत्ता की जाँच किसने की, और क्या इस पूरे प्रोजेक्ट का कोई स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराया जाएगा। जनता का सीधा सवाल है कि हजारों पेड़ काटने के बाद यह सड़क आखिर कितने साल तक चलेगी, और वे अपने पैसे का हिसाब मांग रहे हैं।
भोपाल के अयोध्या बायपास पर 10 लेन सड़क परियोजना के नाम पर हजारों पेड़ों की 'बलि' दिए जाने से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। इस निर्माण कार्य के निरीक्षण के बाद, सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिस पर जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निरीक्षण में सामने आया कि कई स्थानों पर निर्माण की मूलभूत प्रक्रियाएँ और गुणवत्ता मानक सवालों के घेरे में हैं। मिट्टी को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त कंप्रेशन, पानी का छिड़काव और आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, बल्कि काम को जल्दबाजी में पूरा करने की तस्वीरें दिखाई दीं। इस स्थिति पर जनता ने सरकार से जवाब माँगा है कि जब वे विभिन्न करों के माध्यम से अपना पैसा देते हैं, तो क्या उन्हें मजबूत और टिकाऊ सड़क पाने का अधिकार नहीं है? यह स्पष्ट किया गया है कि विकास का विरोध नहीं है, लेकिन हजारों पेड़ काटकर घटिया निर्माण करना जनता के पैसे और पर्यावरण, दोनों के साथ अन्याय है। भोपाल की जनता सरकार से यह जानकारी चाहती है कि कितने पेड़ काटे गए और कितने लगाए गए, निर्माण की गुणवत्ता की जाँच किसने की, और क्या इस पूरे प्रोजेक्ट का कोई स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराया जाएगा। जनता का सीधा सवाल है कि हजारों पेड़ काटने के बाद यह सड़क आखिर कितने साल तक चलेगी, और वे अपने पैसे का हिसाब मांग रहे हैं।
- भोपाल के इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी सेक्टर बी में नगर पालिका द्वारा 100 से अधिक मकानों को तोड़ा गया। यह कार्रवाई नगर पालिका द्वारा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में घरों को ध्वस्त कर दिया गया।1
- उज्जैन में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ 500 करोड़ रुपये मूल्य की एक ज़मीन एक ट्रस्ट को मात्र 1 रुपये में दे दी गई है। बताया गया है कि इस ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री राम जी नाम के एक व्यक्ति हैं, जिनकी पहचान मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार के रूप में भी की गई है।1
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- Post by Naved khan1
- मोहनलाल जी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है!मोहनलाल जी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है! मोहनलाल जी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है!मोहनलाल जी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है!1
- मोहर्रम पर्व के अवसर पर भोपाल में शिया समुदाय द्वारा हजरत इमाम हुसैन की याद में मातमी जुलूस निकाले गए। देर रात पीर गेट इलाके से निकले इन जुलूसों में बड़ी संख्या में अकीदतमंद काले वस्त्र पहनकर और नंगे पैर मातम करते हुए शामिल हुए। सातवें मोहर्रम पर विशेष रूप से हजरत अली असगर की शहादत को याद किया गया। इस दौरान झूले, ताबूत और विभिन्न मातमी जुलूस निकाले गए। शिया समुदाय ने इस अवसर पर कहा कि करबला की कुर्बानियां सत्य, इंसाफ और त्याग का महत्वपूर्ण संदेश देती हैं, और इस परंपरा का मुख्य उद्देश्य इन्हीं संदेशों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।1
- भोपाल जिले की झागरिया ग्राम पंचायत के ग्रामीण स्मार्ट मीटर से जूझ रहे हैं और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत में सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की गंभीर समस्या से भी जनता परेशान है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।1
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