खेत में गेहूं काटने गई बहु के साथ ससुर ने कर दिया कां#ड/लोगों के होश उड़ गए/ जोधपुर का /खूनी/ न्याय: मर्यादा की /हत्या/ और एक बहू का प्रतिशोध प्रस्तावना: अंजनीसर गांव की खामोशी के पीछे का सच राजस्थान की वीर धरा, जहाँ शौर्य और मर्यादा की मिसालें दी जाती हैं, वहीं जोधपुर जिले के अंजनीसर गांव से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया। यह कहानी है अमर सिंह, उसके बेटे करण सिंह और बहू गौरी की। यह कहानी बताती है कि जब रिश्तों में /वासना/ का जहर घुलता है, तो उसका अंत कितना /भयानक/ और /खूनी/ होता है। अध्याय १: एक एकड़ जमीन और /भटके/ हुए रास्ते अमर सिंह एक साधारण किसान था, जिसके पास मात्र एक एकड़ जमीन थी। घर चलाने के लिए वह पास के एक कारखाने में मजदूरी भी करता था। अमर सिंह की पत्नी का /देहांत/ हो चुका था। घर में उसका इकलौता बेटा करण सिंह और बहू गौरी रहते थे। लेकिन अमर सिंह का चरित्र /मैला/ था। वह अपनी /अतृप्त/ इच्छाओं को पूरा करने के लिए गांव की अन्य महिलाओं के साथ /अनैतिक/ संबंध रखता था। उसका बेटा करण सिंह भी कुछ कम नहीं था। वह आलसी था और काम में मन नहीं लगाता था। ४ साल पहले उसकी शादी गौरी से हुई थी, लेकिन करण अपनी की तरह बाहरी औरतों में दिलचस्पी रखता था। अध्याय २: खेत की झाड़ियों में /पाप/ का खेल गांव में मधु नाम की एक विधवा महिला रहती थी, जिसका चरित्र संदिग्ध माना जाता था। १० फरवरी २०२६ को अमर सिंह ने खेत में मधु को बुलाया। मधु को अपने बच्चों की फीस भरने के लिए पैसों की जरूरत थी। अमर सिंह ने मौके का फायदा उठाया और ₹२००० के बदले मधु के साथ /शारीरिक/ संबंध बनाए। विडंबना देखिए, कुछ दिनों बाद अमर सिंह का बेटा करण भी उसी मधु के साथ उसी खेत में /अश्लील/ काम करते पाया गया। बाप और बेटा, दोनों एक ही महिला के साथ /अवैध/ रिश्तों में डूबे हुए थे। लेकिन इसी दौरान एक हादसा हुआ—खेत में बिजली ठीक करते समय करण खंभे से गिर गया और उसकी रीढ़ की हड्डी /टूट/ गई। अब वह हमेशा के लिए बिस्तर पर आ गया था। अध्याय ३: ससुर की /गंदी/ नजर और बहू की मजबूरी🩵🩵
खेत में गेहूं काटने गई बहु के साथ ससुर ने कर दिया कां#ड/लोगों के होश उड़ गए/ जोधपुर का /खूनी/ न्याय: मर्यादा की /हत्या/ और एक बहू का प्रतिशोध प्रस्तावना: अंजनीसर गांव की खामोशी के पीछे का सच राजस्थान की वीर धरा, जहाँ शौर्य और मर्यादा की मिसालें दी जाती हैं, वहीं जोधपुर जिले के अंजनीसर गांव से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया। यह कहानी है अमर सिंह, उसके बेटे करण सिंह और बहू गौरी की। यह कहानी बताती है कि जब रिश्तों में /वासना/ का जहर घुलता है, तो उसका अंत कितना /भयानक/ और /खूनी/ होता है। अध्याय १: एक एकड़ जमीन और /भटके/ हुए रास्ते अमर सिंह एक साधारण किसान था, जिसके पास मात्र एक एकड़ जमीन थी। घर चलाने के लिए वह पास के एक कारखाने में मजदूरी भी करता था। अमर सिंह की पत्नी का /देहांत/ हो चुका था। घर में उसका इकलौता बेटा करण सिंह और बहू गौरी रहते थे। लेकिन अमर सिंह का चरित्र /मैला/ था। वह अपनी /अतृप्त/ इच्छाओं को पूरा करने के लिए गांव की अन्य महिलाओं के साथ /अनैतिक/ संबंध रखता था। उसका बेटा करण सिंह भी कुछ कम नहीं था। वह आलसी था और काम में मन नहीं लगाता था। ४ साल पहले उसकी शादी गौरी से हुई थी, लेकिन करण अपनी की तरह बाहरी औरतों में दिलचस्पी रखता था। अध्याय २: खेत की झाड़ियों में /पाप/ का खेल गांव में मधु नाम की एक विधवा महिला रहती थी, जिसका चरित्र संदिग्ध माना जाता था। १० फरवरी २०२६ को अमर सिंह ने खेत में मधु को बुलाया। मधु को अपने बच्चों की फीस भरने के लिए पैसों की जरूरत थी। अमर सिंह ने मौके का फायदा उठाया और ₹२००० के बदले मधु के साथ /शारीरिक/ संबंध बनाए। विडंबना देखिए, कुछ दिनों बाद अमर सिंह का बेटा करण भी उसी मधु के साथ उसी खेत में /अश्लील/ काम करते पाया गया। बाप और बेटा, दोनों एक ही महिला के साथ /अवैध/ रिश्तों में डूबे हुए थे। लेकिन इसी दौरान एक हादसा हुआ—खेत में बिजली ठीक करते समय करण खंभे से गिर गया और उसकी रीढ़ की हड्डी /टूट/ गई। अब वह हमेशा के लिए बिस्तर पर आ गया था। अध्याय ३: ससुर की /गंदी/ नजर और बहू की मजबूरी🩵🩵
- अमही और शाहपुर उचकी पट्टी में गूंजा ‘जय भीम’, भीमराव अंबेडकर जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा #भीमजयंती #जयभीम #AmbedkarJayanti #KushinagarNews #Dudahi #BahujanSamaj #SocialUnity #UPNews #DalitPride #VillageNews1
- Post by News of Kushinagar1
- पूरा वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करें यूट्यूब चैनल - Rahul sir pcb1
- पूरा वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करें यूट्यूब चैनल - Rahul sir pcb1
- पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड अंतर्गत लौकरिया पंचायत के वार्ड संख्या 3 और 5 में 10 अप्रैल को लगी भीषण आग ने करीब डेढ़ सौ घरों को राख में बदल दिया। इस अग्निकांड में कई परिवारों की जिंदगी भर की जमा पूंजी जलकर खाक हो गई, वहीं कई घरों में शादियों की तैयारियां भी पूरी तरह बर्बाद हो गईं। घटना के बाद स्थानीय विधायक और बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ितों को जल्द मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी ना तो पर्याप्त भोजन की व्यवस्था हो सकी है और ना ही मुआवजा राशि का वितरण शुरू हो पाया है। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और प्रशासनिक मदद का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर आपदा के समय त्वरित राहत देने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। सरकार और जिला प्रशासन की सुस्ती से पीड़ितों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।1
- यह वीडियो बिहार के बक्सर के गुरुदासपुर मठिया गांव का है। जिसे पेड़ पर उल्टा लटकाया हुआ है, उसका नाम रवि कुमार है। रवि के गांव वालो ने ही उस पर चोरी आरोप लगाकर उसके साथ दरिंदगी की तमाम हदें पार की हैं। उसे जानवरों की तरह पीटा गया, उसके शरीर पर जख्म हुए तो उन जख्मों पर मिर्च पाउडर डाला गया। रवि के पिता का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते उनके बेटे के साथ यह हैवानियत की गई है। वो अपने बेटे को बचाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन दरिंदे उस पर ज़ुल्म करते रहे। इस मामले में गांव के ही 16 लेगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। सवाल यह है हि कि इस अमानवीयता के खिलाफ हिन्दुवादी संगठनों के लोग आवाज़ नहीं उठाएंगे? क्या रवि इंसाफ का हक़दार नहीं है? क्या उसके साथ दरिंदगी करने वालो को सख्त सज़ा नहीं मिलनी चाहिए?1
- मिडिल ईस्ट में हो रहल युद्ध से गैस सिलेंडर सप्लाई अउर सीएनजी खातिर गैस एजेंसी अउर पेट्रोल पंप पर भीड़ लाग रहल बा। घंटों इंतजार कई ला के बाद वाहन में सीएनजी भरल जा रहल बा। लोग परेशान बा।1
- सम्राट चौधरी ने आज बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। वे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने हैं और राज्य के इतिहास में पहले भाजपा के मुख्यमंत्री हैं।1