आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सरिता बंसल और आशा एवं आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रदेश सह प्रभारी महेंद्र सिंह गुर्जर ने आशा सहयोगिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार से मुलाकात कर उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान राज्यमंत्री ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने मानदेय वृद्धि को लेकर कहा कि सरकार स्तर पर प्रयास जारी हैं और यदि ₹30,000 संभव नहीं हो पाया, तो ₹20,000 तक बढ़ाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी। स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पर राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विषय केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय से जुड़ा है, इसलिए राज्य सरकार अकेले इस पर निर्णय नहीं ले सकती। सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सहायता और पेंशन सहित अन्य मांगों पर भी सकारात्मक प्रयासों का आश्वासन दिया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की बकाया प्रोत्साहन राशि के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की बात कहते हुए करीब 15 दिनों में लंबित भुगतान जारी होने की जानकारी दी गई। अतिरिक्त कार्यभार के मुद्दे पर राज्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अनावश्यक अतिरिक्त कार्य नहीं लिया जाएगा, वहीं उड़ान योजना में ऑफलाइन व्यवस्था की कार्यकर्ताओं की मांग को स्वीकार करते हुए इस दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। चुनाव, शिविर, अन्य विभागीय कार्यों, भवन किराया, मोबाइल भत्ता और बकाया मानदेय सहित अन्य मांगों पर भी सरकार स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। संघ की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सरिता बंसल ने कहा कि संघ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों के लिए निरंतर संघर्ष कर रहा है और जब तक उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश सह प्रभारी महेंद्र सिंह गुर्जर ने सरकार द्वारा कई मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाने की बात कहते हुए चेतावनी दी कि संघ सरकार के आश्वासनों के क्रियान्वयन पर बारीकी से नज़र रखेगा और यदि तय समय में मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सरिता बंसल और आशा एवं आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रदेश सह प्रभारी महेंद्र सिंह गुर्जर ने आशा सहयोगिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार से मुलाकात कर उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान राज्यमंत्री ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने मानदेय वृद्धि को लेकर कहा कि सरकार स्तर पर प्रयास जारी हैं और यदि ₹30,000 संभव नहीं हो पाया, तो ₹20,000 तक बढ़ाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी। स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पर राज्यमंत्री ने स्पष्ट
किया कि यह विषय केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय से जुड़ा है, इसलिए राज्य सरकार अकेले इस पर निर्णय नहीं ले सकती। सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सहायता और पेंशन सहित अन्य मांगों पर भी सकारात्मक प्रयासों का आश्वासन दिया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की बकाया प्रोत्साहन राशि के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की बात कहते हुए करीब 15 दिनों में लंबित भुगतान जारी होने की जानकारी दी गई। अतिरिक्त कार्यभार के मुद्दे पर राज्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अनावश्यक अतिरिक्त कार्य नहीं लिया जाएगा, वहीं उड़ान योजना में ऑफलाइन व्यवस्था की कार्यकर्ताओं की मांग को स्वीकार करते हुए इस दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। चुनाव, शिविर, अन्य
विभागीय कार्यों, भवन किराया, मोबाइल भत्ता और बकाया मानदेय सहित अन्य मांगों पर भी सरकार स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। संघ की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सरिता बंसल ने कहा कि संघ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों के लिए निरंतर संघर्ष कर रहा है और जब तक उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश सह प्रभारी महेंद्र सिंह गुर्जर ने सरकार द्वारा कई मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाने की बात कहते हुए चेतावनी दी कि संघ सरकार के आश्वासनों के क्रियान्वयन पर बारीकी से नज़र रखेगा और यदि तय समय में मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
- धौलपुर में स्कूली छात्रों के लिए 'ट्रांसफोर्मेशन ट्यूसडे' नामक अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान, सचिव रेखा यादव और सभी न्यायिक अधिकारियों ने मिलकर विभिन्न विद्यालयों में वृक्षारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण के महत्व, विभिन्न कानूनी योजनाओं और सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना था। जागरूकता शिविरों में नालसा की 'डॉन-ड्रग जागरुकता और कल्याण, मार्गदर्शन-ड्रग मुक्त भारत के लिए' योजना 2025 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसका लक्ष्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, प्रभावित व्यक्तियों को विधिक सहायता और परामर्श देना तथा उन्हें पुनर्वास के लिए प्रेरित करना है, क्योंकि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर गंभीर असर डालता है। न्यायिक अधिकारियों ने पीड़ित प्रतिकर योजना के बारे में भी बताया, जिसके तहत अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता और पुनर्वास प्रदान किया जाता है। पात्र पीड़ित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकते हैं। नालसा की थीम 'एक मुट्ठी आसमान' और जिंगल के माध्यम से महिलाओं व बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, उन्हें समान अवसर, सम्मान व न्याय दिलाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। दहेज प्रथा को एक सामाजिक कुरीति बताते हुए उसके दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला गया और लोगों से इसे बहिष्कार कर दहेज मुक्त समाज बनाने का आह्वान किया गया। 'सेव चाइल्डहुड मूवमेंट' के तहत शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अधिकार पर जोर दिया गया तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए बाल श्रम, बाल विवाह और बाल शोषण के विरुद्ध जागरूक होने का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में बताया गया, जिस पर जरूरतमंद व्यक्ति निःशुल्क विधिक सहायता, सलाह या जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। लोकपाल के दायित्व और कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए इसे भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए स्थापित एक स्वतंत्र संस्था बताया गया, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को बढ़ावा देना है। सभी न्यायिक अधिकारियों ने विद्यालयों में 'कोर्ट वाली दीदी सुझाव पेटिका' भी स्थापित की, जिसमें बच्चे अपनी शिकायतें लिखकर डाल सकते हैं।4
- स्थानीय निवासियों ने एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें बताया गया है कि उनके क्षेत्र में एक 'डागरा' (सड़क) कई सालों से अधूरी पड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सड़क आधी बनी हुई है और आधी अधूरी छोड़ दी गई है, जिसके कारण उनके घरों तक आने-जाने में भारी असुविधा हो रही है और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस 'डागरा' को पूरी तरह से बनवाया जाए ताकि निवासियों के लिए आवाजाही पूरी तरह से सुविधाजनक हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क पर आने-जाने के लिए बने 'गेल' को भी पूरा करने का आग्रह किया है, ताकि राहगीरों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।2
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे के मुख्य बाजार में सोमवार को दिनदहाड़े एक व्यापारी पर फायरिंग की घटना से व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस घटना के विरोध में मंगलवार को राजाखेड़ा बाजार पूरी तरह से बंद रहा। व्यापारियों ने उपखंड अधिकारी सुशीला मीणा को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और बाजार में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। उपखंड अधिकारी ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। व्यापार मंडल के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर करीब 4:30 बजे टाउन चौकी से लगभग 300 मीटर दूर मुख्य बाजार में हुई थी, जहां तीन बदमाशों ने एक व्यापारी पर जानलेवा नीयत से फायरिंग की। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पूरे बाजार में दहशत का माहौल बन गया। ज्ञापन में व्यापार मंडल ने प्रशासन के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखीं: फायरिंग में शामिल तीनों आरोपियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए और मुख्य बाजार में नियमित एवं प्रभावी पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि व्यापारियों और आमजन में सुरक्षा की भावना बनी रहे। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बाजार बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह जादौन ने पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की बात कही और व्यापारियों के साथ अन्याय होने पर सभी के एकजुट होने का आश्वासन दिया। उन्होंने भी बाजार क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की। पूर्व वार्ड पार्षद लोकेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए अधिकांश सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। राजाखेड़ा थानाधिकारी गंभीर सिंह कंसाना ने मामले की गंभीरता से जांच करने, आरोपियों की पहचान कर लेने और जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास करने का भरोसा दिया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह जादौन, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष नवल सिंह तोमर, व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रिंस जैन, लोकेंद्र सिंह चौहान, शांतिलाल गारमेंट्स के प्रतिनिधि, रिंकू जैन, राजुद्दीन खान, प्रवीण पहलवान सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।3
- धौलपुर के संतर रोड स्थित अम्मा जी मंदिर परिसर में सार्वजनिक स्थान पर अवैध कब्जे और व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि मंदिर के पुजारी भगवान दास शर्मा ने मंदिर परिसर के सार्वजनिक उपयोग वाले हिस्से को किराए पर दे दिया है, जिससे आम जनता के लिए इसका उपयोग मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, मंदिर के परिक्रमा मार्ग में भी एक गोदाम बना दिया गया है, जिसके कारण श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और परिक्रमा करने में भारी बाधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह मंदिर परिसर कई वर्षों से सार्वजनिक उपयोग के लिए खुला रहता था, जहाँ आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपने छोटे-मोटे सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर पाते थे। अब परिसर का अधिकांश भाग किराए पर दिए जाने के कारण सामान्य लोगों की पहुँच सीमित हो गई है। श्रद्धालुओं का यह भी आरोप है कि जब भी वे इस विषय पर पुजारी से बात करने का प्रयास करते हैं, तो पुजारी उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज करते हैं, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। बताया गया है कि इस पूरे मामले की शिकायत नगर पालिका में भी की जा चुकी है, लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस या प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जाँच करने और मंदिर परिसर को पुनः सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के अपनी पूजा-अर्चना और परिक्रमा सुचारु रूप से कर सकें।4
- धौलपुर जिले के बसई डांग थाना क्षेत्र के रजई खुर्द गांव में मंगलवार और बुधवार की मध्य रात्रि करीब 1 बजे करंट लगने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब युवक खेत की रखवाली कर रहा था और हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। मृतक की पहचान रजई खुर्द निवासी 45 वर्षीय राम लखन पुत्र विशंभर के रूप में हुई है। घटना के बाद, परिजन गंभीर हालत में युवक को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।1
- राजाखेड़ा में शाम करीब 4:30 बजे तीन अज्ञात बाइक सवारों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। बदमाशों ने पहले राजू खान मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर के शटर में गोली मारी और फिर शांतिलाल गारमेंट्स की दुकान के शीशे में भी दो गोलियां दाग दीं, जिससे पूरे बाजार में अफरातफरी मच गई। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि बिना नंबर की बाइक पर सवार तीन बदमाश रामखिलाड़ी चौराहे की ओर से आते हैं, राजू मोबाइल सेंटर के शटर पर फायरिंग करते हैं और फिर फरार हो जाते हैं। राजू खान ने बताया कि उनका किसी से कोई मनमुटाव या बहस नहीं है, न ही उन्हें पता है कि ये लोग कौन थे या फायरिंग क्यों की। शांतिलाल गारमेंट्स के रिंकू जैन ने पुलिस प्रशासन पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना को लगभग एक घंटा हो चुका है, लेकिन अब तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची है। उन्होंने यह भी बताया कि फायरिंग की इस घटना से करीब एक घंटा पहले, इन्हीं बाइक सवारों ने एक सब्जीवाले के साथ मारपीट भी की थी। फायरिंग के पीछे का कारण फिलहाल अज्ञात है, लेकिन पुलिस का एक घंटे बाद भी मौके पर न पहुंचना चिंताजनक है।4
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय महारपुर के प्रधानाध्यापक नरेंद्र सिंह ने 1 जुलाई को अपना जन्मदिन सपेरा बस्ती गदरपुरा में घुमंतू और अर्ध-घुमंतू परिवारों के बच्चों के बीच मनाया। समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और "पे बैक टू सोसाइटी" की भावना को साकार करते हुए, उन्होंने शिक्षा की मुख्यधारा से दूर रह रहे इन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्टेशनरी सामग्री वितरित की तथा नियमित रूप से शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक नरेंद्र सिंह ने कहा कि समाज के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि घुमंतू एवं वंचित समुदायों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है, और ऐसे छोटे-छोटे प्रयास उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. रामावतार वर्मा, युवा चेतना फाउंडेशन के अध्यक्ष रामदास तरुण, रविन्द्र कोमल, हिमांशु सागर, अध्यापक मनीष कुमार सहित अन्य गणमान्यजनों ने भी इस पहल की सराहना की। अतिथियों ने कहा कि जन्मदिवस जैसे विशेष अवसरों को समाजहित के कार्यों से जोड़ना प्रेरणादायी है, क्योंकि इससे समाज में सेवा, सहयोग और शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक वातावरण तैयार होता है, तथा अन्य लोगों को भी जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है।4
- धौलपुर के पुराने शहर के कोटला मोहल्ले में दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। यह कहासुनी बढ़ते-बढ़ते पथराव और फायरिंग तक पहुंच गई, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।1