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राजसमंद नगर परिषद चुनाव के तहत चुनावी सरगरिया तेज अपने-अपने वार्ड में प्रत्याशी लग रहे हैं दम सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि जनता को केवल नाली सफाई पानी रोड यह ऐसी बहुत सुविधा चाहिए बाकी कुछ नहीं चाहिए जनता के मुंह से
फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
राजसमंद नगर परिषद चुनाव के तहत चुनावी सरगरिया तेज अपने-अपने वार्ड में प्रत्याशी लग रहे हैं दम सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि जनता को केवल नाली सफाई पानी रोड यह ऐसी बहुत सुविधा चाहिए बाकी कुछ नहीं चाहिए जनता के मुंह से
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- चारभुजा नाथ दर्शन रिपोर्टर नंदलालपुर विहार न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में1
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- विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर अभद्रता व रिश्वत मांगने के आरोप, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर अभद्रता व रिश्वत मांगने के आरोप, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की रेलमगरा। विद्युत कनेक्शन सहित विभिन्न विद्युत संबंधी कार्यों में कथित अनियमितता और कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगाते हुए रेलमगरा के ग्रामीणों एवं पीड़ित परिवारों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की ओर से रेलमगरा थाने में दी गई रिपोर्ट की कार्रवाई भी बंद कराने की मांग की है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम रेलमगरा निवासी गोपाल जाट, राज प्रजापत, मुकेश जाट, मंजू देवी गाडरी सहित अन्य लोगों ने विद्युत कनेक्शन के लिए सहायक अभियंता कार्यालय में आवेदन कर रखे हैं, लेकिन लंबे समय से इन आवेदनों पर कार्रवाई नहीं होने से उन्हें विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में उन्होंने प्रशासक पति भरत जाट को जानकारी दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भरत जाट एवं अन्य ग्रामीण विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचे और सहायक अभियंता वैध प्रकाश वर्मा से विद्युत कनेक्शन करवाने का आग्रह किया। आरोप है कि इस दौरान सहायक अभियंता आवेश में आ गए और ग्रामीणों के साथ अभद्रता एवं गाली-गलौच की। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि विभागीय कर्मचारी सुरेश कुमावत ने ग्रामीणों से कथित तौर पर कहा कि वह उनके बाप का नौकर नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार जब भरत जाट ने नम्रता से बात करने के लिए कहा तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद सहायक अभियंता ने अपना बचाव करने तथा भरत जाट एवं अन्य ग्रामीणों पर दबाव बनाने की नीयत से रेलमगरा थाने में झूठे आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई। ग्रामीणों ने इस रिपोर्ट को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में विद्युत विभाग के कुछ कर्मचारियों पर विभिन्न कार्यों के बदले कथित रूप से रुपये मांगने के भी आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने दावा किया कि पूर्व में सुरेश कुमावत द्वारा मुकेश जाट के पिता सम्पत जाट के नाम से विद्युत कनेक्शन के लिए रुपये लिए गए तथा कथित तौर पर यह राशि उनके परिचित कानसिंह के बैंक खाते में डलवाई गई। इसी प्रकार प्यारचंद के खेत पर गिरे विद्युत खंभे को हटाने के लिए पांच हजार रुपये मांगने तथा प्रहलाद शर्मा की कार्यशाला के सामने लटक रहे तारों को हटाने के लिए भी कथित रूप से रुपये की मांग किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग की ओर से ग्राम रेलमगरा में चारागाह एवं बिलानाम भूमि पर कथित रूप से रुपये लेकर विद्युत कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों की विभागीय स्तर पर जांच कराए जाने पर पूर्व में सामने आए ऐसे अन्य मामले भी सामने आ सकते हैं। ग्रामीणों एवं पीड़ित परिवारों ने उपखंड अधिकारी से सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा भरत जाट एवं अन्य के विरुद्ध विद्युत विभाग की ओर से दी गई रिपोर्ट की कार्रवाई बंद कराने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, जिला कलेक्टर राजसमंद तथा अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता को भी भेजी गई है।1
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- नेपाल बाढ़ में तबाही के बीच सुरक्षित बचा वायरल घर, परिवार ने बताया- ‘यह हमारे लिए दूसरी जिंदगी नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच एक घर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। आसपास के इलाकों में भारी तबाही के बावजूद यह घर काफी हद तक सुरक्षित खड़ा रहा। घर के अंदर मौजूद परिवार ने इसे अपनी दूसरी जिंदगी बताया है। नेपाल में हालिया बाढ़ के दौरान नदियों और नालों में अचानक बढ़े पानी ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। कई मकान क्षतिग्रस्त हुए और कुछ निर्माण पानी के तेज बहाव में बह गए। इसी बीच एक हरे रंग का घर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, जो चारों तरफ पानी और मलबे के बावजूद खड़ा नजर आया। रिपोर्टों के मुताबिक, यह घर करीब 35–40 साल पुराना बताया जा रहा है। बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने के दौरान परिवार ने घर की ऊपरी मंजिल में शरण ली और पानी कम होने तक वहीं सुरक्षित रहा। बाद में परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घर के सुरक्षित बचने को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी मजबूत संरचना, RCC फ्रेम, स्टील रिइनफोर्समेंट और नींव की मजबूती ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो सकती है। इसके अलावा घर की भौगोलिक स्थिति और बाढ़ के पानी के प्रवाह की दिशा भी इसके बचने का एक कारण रही होगी। सोशल मीडिया पर इस घर को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इसे केवल चमत्कार कहना उचित नहीं होगा। घर की निर्माण गुणवत्ता और बाढ़ के दौरान पानी के वास्तविक दबाव जैसे तकनीकी पहलुओं ने भी इसके सुरक्षित रहने में भूमिका निभाई हो सकती है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मकानों का निर्माण किस तरह किया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। परिवार के लिए हालांकि यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है—क्योंकि आसपास तबाही के बीच उनका घर और उनकी जिंदगी दोनों बच गईं।1
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