चित्तौड़गढ़ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी द्वारा कलेक्ट्रेट चौराहे पर एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। यह प्रदर्शन देश में लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के आसमान छूते दामों के विरोध में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता महंगाई की मार से त्रस्त है, क्योंकि रसोई गैस, खाद्य तेल, दालें, दूध, पेट्रोल-डीजल सहित सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। जाड़ावत ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ने 'अच्छे दिनों' का वादा किया था, लेकिन आज गरीब, किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग और युवा सभी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि "बहुत हुई महंगाई की मार, वापस लाओ कांग्रेस सरकार" और "मोदी है तो महंगाई है" जैसे नारे आज देश की वास्तविक स्थिति और जनता की आवाज बन चुके हैं। जाड़ावत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है और आमजन की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रही, जिससे पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाए जा रहे टैक्स और बढ़ती कीमतों ने आमजन की कमर तोड़ दी है, जबकि बेरोजगारी और महंगाई ने मिलकर जनता का जीवन कठिन बना दिया है। प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से केंद्र सरकार को महंगाई पर नियंत्रण करने, पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस के दाम कम करने तथा आमजन को राहत देने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। इसी कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने सहकारिता मंत्री गौतम दक द्वारा पुलिस कर्मियों के प्रति कथित अभद्र भाषा के प्रयोग पर भी तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने इसे सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मर्यादाओं और प्रशासनिक गरिमा को ठेस पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जाड़ावत ने कहा कि पुलिस कर्मी दिन-रात जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए काम करते हैं, ऐसे में उन्हें सार्वजनिक मंच पर अपमानित करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के मंत्री सत्ता के मद में अनुशासन और संवैधानिक मर्यादाएं भूलते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर प्रशासनिक तंत्र के मनोबल पर पड़ेगा। जाड़ावत ने मुख्यमंत्री से इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने, मंत्री से सार्वजनिक माफी मंगवाने और उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और आमजन के हित में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विधानसभा संगठन प्रभारी नरेंद्रसिंह गुढ़ा, वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, शहर अध्यक्ष अनिल सोनी, ग्रामीण अध्यक्ष विक्रम जाट, प्रदेश सचिव रणजीत लोट, पूर्व सभापति रमेशनाथ योगी, उप सभापति कैलाश पंवार, जिला उपाध्यक्ष नगेंद्र सिंह राठौड़, जिला उपाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह जाड़ावत, सरपंच संघ जिला अध्यक्ष रविराज सिंह जाड़ावत, शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेणु कंवर राठौड़, ग्रामीण महिला कांग्रेस अध्यक्ष गायत्री चौधरी सहित वृत्तिका सालवी, नेहा सिंह, माया सालवी, आशा परमार, कुसुम मीणा, ललिता रैगर एवं अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चित्तौड़गढ़ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी द्वारा कलेक्ट्रेट चौराहे पर एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। यह प्रदर्शन देश में लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के आसमान छूते दामों के विरोध में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता महंगाई की मार से त्रस्त है, क्योंकि रसोई गैस, खाद्य तेल, दालें, दूध, पेट्रोल-डीजल सहित सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। जाड़ावत ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ने 'अच्छे दिनों' का वादा किया था, लेकिन आज गरीब, किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग और युवा सभी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि "बहुत हुई महंगाई की मार, वापस लाओ कांग्रेस सरकार" और "मोदी है तो महंगाई है" जैसे नारे आज देश की वास्तविक स्थिति और जनता की आवाज बन चुके हैं। जाड़ावत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है और आमजन की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रही, जिससे पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाए जा रहे टैक्स और बढ़ती कीमतों ने आमजन की कमर तोड़ दी है, जबकि बेरोजगारी और महंगाई ने मिलकर जनता का जीवन कठिन बना दिया है। प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से केंद्र सरकार को महंगाई पर नियंत्रण करने, पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस के दाम कम करने तथा आमजन को राहत देने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। इसी कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने सहकारिता मंत्री गौतम दक द्वारा पुलिस कर्मियों के प्रति कथित अभद्र भाषा के प्रयोग पर भी तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने इसे सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मर्यादाओं और प्रशासनिक गरिमा को ठेस पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जाड़ावत ने कहा कि पुलिस कर्मी दिन-रात जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए काम करते हैं, ऐसे में उन्हें सार्वजनिक मंच पर अपमानित करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के मंत्री सत्ता के मद में अनुशासन और संवैधानिक मर्यादाएं भूलते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर प्रशासनिक तंत्र के मनोबल पर पड़ेगा। जाड़ावत ने मुख्यमंत्री से इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने, मंत्री से सार्वजनिक माफी मंगवाने और उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और आमजन के हित में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विधानसभा संगठन प्रभारी नरेंद्रसिंह गुढ़ा, वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, शहर अध्यक्ष अनिल सोनी, ग्रामीण अध्यक्ष विक्रम जाट, प्रदेश सचिव रणजीत लोट, पूर्व सभापति रमेशनाथ योगी, उप सभापति कैलाश पंवार, जिला उपाध्यक्ष नगेंद्र सिंह राठौड़, जिला उपाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह जाड़ावत, सरपंच संघ जिला अध्यक्ष रविराज सिंह जाड़ावत, शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेणु कंवर राठौड़, ग्रामीण महिला कांग्रेस अध्यक्ष गायत्री चौधरी सहित वृत्तिका सालवी, नेहा सिंह, माया सालवी, आशा परमार, कुसुम मीणा, ललिता रैगर एवं अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- एक माँ अपनी बेटी को मर्यादा का पाठ पढ़ा रही है, जिसके साथ यह संदेश दिया गया है कि बच्चों को संस्कार बचपन में ही दिए जाने चाहिए।1
- श्री सांवलिया सेठ के दिव्य लाइव श्रृंगार दर्शन में भक्तों का एक विशाल श्रद्धा सैलाब उमड़ पड़ा। इस पवित्र अवसर पर, अपने आराध्य देव के मनमोहक स्वरूप के दर्शन पाकर भक्तगण अत्यंत आनंदित और भाव-विभोर हो गए, जिससे वे स्वयं को निहाल महसूस कर रहे थे।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में शुक्रवार को न्यायालय के भौतिक सत्यापन और निर्णय के बाद 17 पुलिस थानों में जब्त किए गए 66 क्विंटल से अधिक अवैध डोडाचूरा, गांजा, स्मेक और एमडीएमए को नष्ट कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह की उपस्थिति में जिला औषधि व्ययन समिति द्वारा थाना शंभूपुरा के सावा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट के कीलन में इन्हें जलाकर खत्म किया गया। एनसीबी की मानक कीमत के अनुसार, नष्ट किए गए इन मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के पुलिस थानों के मालखाने एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त मादक पदार्थों और वाहनों से भरे पड़े थे, जिससे अन्य जब्तशुदा सामान रखने में समस्या आ रही थी। माल निस्तारण और थानों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की नॉन एसआर शाखा ने संबंधित थानाधिकारियों से निस्तारण संबंधी प्रस्ताव प्राप्त कर रिकॉर्ड तैयार किया। इस पूरी कार्यवाही के दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, डीएसपी भदेसर विनोद कुमार, पुलिस निरीक्षक जोधाराम, थानाधिकारी शंभूपुरा धर्मराज सहित 17 संबंधित थानों के थानाधिकारी, मालखाना प्रभारी और नॉन एसआर शाखा प्रभारी एएसआई मनोज कुमार व कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे। आवश्यक रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद मादक पदार्थों का वजन किया गया। वजन और नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे, इसके लिए संपूर्ण कार्यवाही की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी करवाई गई। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि चित्तौड़गढ़ जिले के कुल 17 पुलिस थानों — कोतवाली चित्तौड़गढ़, सदर चित्तौड़गढ़, कोतवाली निम्बाहेड़ा, सदर निम्बाहेड़ा, बस्सी, आकोला, मंगलवाड़, रावतभाटा, बेगूं, राशमी, साडास, पारसोली, भूपालसागर, शंभूपुरा, बिजयपुर, कपासन और निकुम्भ — में दर्ज कुल 48 प्रकरणों में से 30 प्रकरणों में 65 क्विंटल 76 किग्रा 537 ग्राम डोडा चूरा, 11 प्रकरणों में 34 किग्रा 748 ग्राम गांजा, 06 प्रकरणों में 996 ग्राम एमडीएमए और 01 प्रकरण में 135 ग्राम स्मेक जब्त किया गया था। इन सभी 48 प्रकरणों में जब्त किए गए अवैध मादक पदार्थों को अल्ट्राटेक सीमेंट के अधिकारियों यूनिट हेड उत्त्तम राय, एच आर हेड नितेश राठी, मुख्य सुरक्षा अधिकारी धीरेंद्र राठौड़, जनसंपर्क प्रबंधक दीपक भट्ट और पर्यावरण विभाग के मिथिलेश बेनीवाल की उपस्थिति में शुक्रवार को शंभूपुरा थाने के सावा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की कीलन में जलाकर नष्ट कर दिया गया।1
- नीमच शहर के स्कीम नंबर 36-ए स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में 31 मई से लेकर 7 जून तक एक सात दिवसीय धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ होगा, जिसमें श्रीमद्भागवत कथा, श्रीराम कथा, भूमिया सरकार का दिव्य दरबार और महाप्रसादी सहित कई अन्य धार्मिक आयोजन शामिल रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कार्यक्रम स्थल पर विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में महलों के चौक स्थित राजमहल का ऐतिहासिक मुख्य द्वार कल रात आए तेज अंधड़ और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। यह दरवाजा नीचे से टूटकर सड़क पर टिका हुआ है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। यह परिसर संवेदनशील है क्योंकि इसके अंदर एक बैंक, उप जेल और नगर पालिका का पुराना कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। इसके अतिरिक्त, यहां सुबह की सब्जी मंडी और दो विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिसके चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का यहां से आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस क्षतिग्रस्त दरवाजे की तत्काल मरम्मत कर इस धरोहर को संरक्षित करने की मांग की है।1
- नारी शक्ति को जागरूक करने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने वाली ज्योति वैष्णव को हाल ही में विशेष रूप से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें समाज में महिलाओं के बीच जागरूकता फैलाने के उनके विशिष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया।1
- नीमच से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ सड़क निर्माण कार्य के दौरान हुई एक दुर्घटना में एक युवक की जान चली गई। बताया जा रहा है कि यह घटना नीमच सिटी थाना क्षेत्र के बोरदिया गांव से अपने गांव आमलीखेड़ा लौट रहे रघुवीर सिंह के साथ हुई, जब वे अपनी मेडिकल दुकान बंद कर घर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, जिस मार्ग से रघुवीर सिंह गुजर रहे थे, वहाँ सड़क निर्माण कार्य चल रहा था और सड़क के ठीक बीचों-बीच मिट्टी का एक ढेर पड़ा हुआ था। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर उस मिट्टी के ढेर पर चढ़ गई, जिससे रघुवीर सिंह लगभग 10 फीट दूर जा गिरे और उनके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद, मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए उन्हें एक निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुँचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने रघुवीर सिंह का उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान ही उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई, और उनके अंकल बलवंत सिंह भी तुरंत अस्पताल पहुँचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है। इस घटना ने सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1