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राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की बनेड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली कुण्डिया कलां ग्राम पंचायत में स्थित ठिकरिया गाँव आज के युग में भी सड़क संपर्क से वंचित है। यह गाँव राज्य का एकमात्र ऐसा है जो न तो कच्ची और न ही पक्की सड़क से जुड़ा है। इस स्थिति के कारण, ठिकरिया गाँव के निवासियों को विशेष रूप से बारिश के मौसम में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
Satynarayan Vaishnav
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की बनेड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली कुण्डिया कलां ग्राम पंचायत में स्थित ठिकरिया गाँव आज के युग में भी सड़क संपर्क से वंचित है। यह गाँव राज्य का एकमात्र ऐसा है जो न तो कच्ची और न ही पक्की सड़क से जुड़ा है। इस स्थिति के कारण, ठिकरिया गाँव के निवासियों को विशेष रूप से बारिश के मौसम में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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- भीलवाड़ा शहर के सुभाष नगर स्थित छोटी पुलिया के पास बनी पीएचईडी की पानी की टंकी की सीढ़ियां शनिवार देर रात तेज तूफान और बारिश के दौरान अचानक भरभराकर ढह गईं। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस हादसे ने विभागीय रखरखाव और पुरानी संरचनाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 25 वर्ष पुरानी इस पानी की टंकी की सीढ़ियां शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि लगभग 1 बजे एक तेज आवाज के साथ गिरीं। जानकारी के अनुसार, टंकी के समीप एक ट्रांसफार्मर भी लगा हुआ है, जिससे स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती थी। इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में लोगों में दहशत का माहौल है। चम्बल पम्पिंग स्टेशन पर रात्रि ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी किशन धोबी ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे बताया कि रात 1 बजे उन्हें जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी, जिसके बाद बाहर निकलकर देखने पर उन्होंने पानी की टंकी की सीढ़ियां पूरी तरह ज़मीन पर ढही हुई पाईं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह टंकी काफी पुरानी हो चुकी थी और इसकी जर्जर हालत को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत और मजबूतीकरण का कार्य नहीं किया गया। लोगों ने प्रशासन और पीएचईडी विभाग से इस मामले की जांच करने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और शहर में मौजूद अन्य जर्जर जल संरचनाओं का भी तत्काल सर्वे कराने की मांग की है।1
- भीलवाड़ा में व्याप्त जल संकट को लेकर विधायक कोठारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।1
- भीलवाड़ा शहर में दिनभर की तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बाद शाम को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी के साथ हुई जोरदार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से तुरंत राहत मिली और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। शाम के समय आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। कई इलाकों में हुई तेज बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, वहीं तेज हवा के कारण लोगों को कुछ परेशानी का सामना भी करना पड़ा। लगातार पड़ रही गर्मी से परेशान शहरवासियों ने बारिश के बाद राहत महसूस की और मौसम ठंडा होने से उनके चेहरों पर खुशी दिखाई दी। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे में तेज बारिश की चेतावनी भी जारी की है।2
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने 30 मई को अपने कार्यालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) और चंबल परियोजना के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भीलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भीषण गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करना था। विधायक कोठारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि इस प्रचंड गर्मी में आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने जल वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने और किसी भी क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न होने पर तत्काल उसका समाधान करने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'वंदे गंगा जल जन अभियान' के तहत प्राचीन जलाशयों, बावड़ियों और कुओं के जल को जनता के लिए उपयोगी बनाने हेतु एक कार्ययोजना तैयार कर नागरिकों को राहत प्रदान करने को भी कहा। बैठक में अधीक्षण अभियंता चंबल विनोद गर्ग, अधिशाषी अभियंता चंबल महेश नरानिया, अधीक्षण अभियंता किशन खोईवाल, सहायक अभियंता दिलराज मीणा, कनिष्ठ अभियंता श्रीराम मीणा, सहायक अभियंता प्रेम जीनगर, कनिष्ठ अभियंता हरीश मीणा, सौभाग्य राज सिंह, सुरेश सालवी, संदीप मीणा, विजय सिंह खटाना और नरेश गुर्जर सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। उनके साथ एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेंद्र सिंह राठौड़, बाबूलाल टाक, सुंदरलाल बंबोरा, संजय राठी, चेतन मानसिहका, कमल कोठारी, केदार जागेटिया, प्रिंस जैन, अजय पाराशर और पृथ्वीराज सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।2
- आसींद विधानसभा क्षेत्र की जगपुरा ग्राम पंचायत के गांव रायरा में मनरेगा श्रमिकों को उनके किए गए कार्य के लिए उचित दरें नहीं मिलने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है। मनरेगा मेटों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने निर्धारित माप के अनुसार ही कार्य पूरा किया है, लेकिन उन्हें मिलने वाली मजदूरी की दरें काफी कम हैं। उनका आरोप है कि अन्य स्थानों पर चल रहे मनरेगा कार्यों में भले ही केवल खानापूर्ति की जा रही हो, वहाँ श्रमिकों को सही दरें मिल रही हैं, जबकि रायरा में मेहनत के बावजूद कम भुगतान हो रहा है। मनरेगा में कार्यरत महिला श्रमिकों ने भी अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरी निष्ठा से और माप के अनुरूप कार्य किया है। हालांकि, उन्हें जो दरें मिली हैं, उनसे परिवार का गुजर-बसर करना अत्यंत कठिन हो गया है। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि दिनभर घर-परिवार को छोड़कर काम करने के बावजूद उन्हें मिलने वाली मजदूरी बेहद कम है, जिससे श्रमिकों में गहरा विरोध और चिंता का माहौल है।1
- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्राध्यापक, प्राध्यापक (कृषि) एवं कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 भीलवाड़ा जिले में रविवार से प्रारंभ हो गई है। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। जिले में कुल 20 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 14 सरकारी और 6 निजी विद्यालय शामिल हैं। रविवार को दोनों पारियों की परीक्षा में कुल 9264 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिसमें प्रथम पारी में 6308 और द्वितीय पारी में 2956 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई और सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजेंद्र मार्ग के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह गहलोत ने बताया कि उनके केंद्र पर 528 अभ्यर्थी आवंटित किए गए थे। प्रथम पारी के लिए सुबह 7:30 बजे से प्रवेश शुरू हुआ और आयोग के निर्देशानुसार परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटा पूर्व, सुबह 9 बजे प्रवेश बंद कर दिया गया। परीक्षा केंद्र पर प्रशासन, पुलिस प्रशासन और विद्यालय स्टाफ द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। अभ्यर्थियों को वीडियोग्राफी, सघन तलाशी और सुपरवाइजर व फ्लाइंग स्क्वॉड की निगरानी के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया गया। RPSC की गाइडलाइन के अनुसार, अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पत्र, एक मूल पहचान पत्र और नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य किया गया है, तथा निर्धारित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिला। प्रथम पारी में सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान विषय की परीक्षा सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित की गई। वहीं, द्वितीय पारी में हिंदी विषय की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष संचालन के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं और आयोग द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।1
- साड़ास क्षेत्र में आई तेज़ आंधी और तूफान ने स्थानीय लोगों में भय और दहशत का माहौल बना दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई मकानों के चदर (छत) उड़ने की खबरें मिली हैं, जिससे लोगों को काफी नुकसान हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी निवासियों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में रहें और सुरक्षित स्थान पर रहकर सावधानी बरतें।1