बोर्ड परीक्षा के मद्देनज़र डीजे संचालकों व होटल-मैरिज गार्डन प्रबंधकों की बैठक अंबिकापुर | 18 फरवरी 2026 सरगुजा जिले में आगामी बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए डीजे संचालन को लेकर प्रशासन व पुलिस द्वारा सख्त रुख अपनाया गया है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर थाना कोतवाली अंबिकापुर में जिले के सभी डीजे संचालकों, मैरिज गार्डन एवं होटल मैनेजरों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि डीजे संचालन केवल विधिवत अनुमति लेकर, तय ध्वनि मानकों के अनुरूप एवं रात्रि 10 बजे से पहले ही किया जाए। निर्धारित समय के बाद डीजे संचालन पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई और जप्ती की चेतावनी दी गई। साथ ही डीजे संचालकों को रजिस्टर संधारण, अनुमति पत्र एवं आयोजक की पहचान संबंधी विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज रखने के निर्देश दिए गए। मैरिज गार्डन व होटल प्रबंधकों को भी यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि तय समय के बाद उनके परिसरों में किसी भी प्रकार का डीजे संचालन न हो। इसके अलावा डीजे के दौरान किसी भी धर्म या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला संगीत न बजाने की कड़ी हिदायत दी गई। बैठक में सभी डीजे संचालकों ने दिशा-निर्देशों का पालन करने की सहमति जताई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बोर्ड परीक्षा के मद्देनज़र डीजे संचालकों व होटल-मैरिज गार्डन प्रबंधकों की बैठक अंबिकापुर | 18 फरवरी 2026 सरगुजा जिले में आगामी बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए डीजे संचालन को लेकर प्रशासन व पुलिस द्वारा सख्त रुख अपनाया गया है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर थाना कोतवाली अंबिकापुर में जिले के सभी डीजे संचालकों, मैरिज गार्डन एवं होटल मैनेजरों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए
गए कि डीजे संचालन केवल विधिवत अनुमति लेकर, तय ध्वनि मानकों के अनुरूप एवं रात्रि 10 बजे से पहले ही किया जाए। निर्धारित समय के बाद डीजे संचालन पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई और जप्ती की चेतावनी दी गई। साथ ही डीजे संचालकों को रजिस्टर संधारण, अनुमति पत्र एवं आयोजक की पहचान संबंधी विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज रखने के निर्देश दिए गए। मैरिज गार्डन व होटल प्रबंधकों को भी यह
सुनिश्चित करने को कहा गया कि तय समय के बाद उनके परिसरों में किसी भी प्रकार का डीजे संचालन न हो। इसके अलावा डीजे के दौरान किसी भी धर्म या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला संगीत न बजाने की कड़ी हिदायत दी गई। बैठक में सभी डीजे संचालकों ने दिशा-निर्देशों का पालन करने की सहमति जताई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- गांव के सरपंच उपसरपंच और चुने हुए पंच गण अवस्था जांच की बच्चो को किस तरह से भोजन की सुविधा दी जा रही हैं1
- बगीचा कांसाबेल जशपुर कुनकुरी बतौली एवं आसपास के सभी जगहों पर हमारी सेवा उपलब्ध है।1
- ग्राम पंचायत कोरोमा के आश्रित ग्राम कचांदी के ग्रामीण कलेक्टरेट कार्यालय पहुच कर ज्ञापन सौपा । ज्ञापन देने पहुचे ग्रामीणों का कहना है कि उन्हे पिछले तीन महीनों से शासकीय योजना अंतर्गत मिलने वाला राशन नहीं मिला है दुकान संचालक द्वारा फिंगरप्रिंट लेकर भी चावल नहीं दिया जा रहा जिससे समस्या हो रही । ग्रामीणों ने मांग की है की जल्द से जल्द उन्हे राशन दिया जाना चाहिए ।1
- उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार जिले की आंगनबाड़ी सेविकाओं को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों में दक्ष बनाने की कवायद तेज हो गई है। जानकारी देते हुए बुधवार को शाम पाँच बजे बताया गया कि चैनपुर प्रखंड सभागार में आयोजित तीन दिवसीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिला स्तरीय चयन समिति के अनुमोदन पर विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसाइटी के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाना है। चैनपुर प्रखंड की चालीस आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सोलह फरवरी से अठारह फरवरी तक चले इस प्रशिक्षण में भाग लिया। मुख्य प्रशिक्षक एवं जिला समन्वयक पिंटू दास, सहायक प्रशिक्षक सुमन गोस्वामी तथा प्रशांत कुमार महतो ने सत्र का संचालन किया। प्रशिक्षण के दौरान सभी सेविकाओं को “नन्हे कदम” पुस्तक एवं आवश्यक शिक्षण सामग्री किट उपलब्ध कराई गई। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि खेल-खेल में और रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास को कैसे बढ़ावा दिया जाए। प्रशिक्षकों ने बताया कि सेविकाओं की कार्यक्षमता बढ़ने से केंद्रों पर बच्चों के लिए सीखने का एक खुशनुमा और अनुकूल वातावरण तैयार होगा। गौरतलब है कि उपायुक्त के विजन के तहत पूरे जिले की पाँच सौ आंगनबाड़ी सेविकाओं को इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जमीनी स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य की नींव को और अधिक मजबूत किया जा सके।4
- गुमला:जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों की सक्रिय सहभागिता में निहित है। आपका एक मत आपके नगर के विकास, पारदर्शी प्रशासन और सशक्त स्थानीय स्वशासन की दिशा निर्धारित करता है।उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे 23 फरवरी को प्रातः 7 बजे से सायं 5 बजे के बीच अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुँचकर निर्भीक एवं निष्पक्ष वातावरण में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।उपायुक्त ने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं से लोकतांत्रिक उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकाधिक मतदान ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।1
- चैनपुर – बुधवार शाम करीब 4 बजे चैनपुर ब्लॉक चौक के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बैंक का काम निपटाकर घर लौट रहा एक परिवार उस वक्त हादसे का शिकार हो गया, जब उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक घर के गेट से जा टकराई। इस दुर्घटना में 5 वर्षीय मासूम बच्ची सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान संजित असुर, कुष्मिता असुर और सरिता असुर (ग्राम लुपुंग पाठ) के रूप में हुई है। सभी घायलों को आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।1
- ग्राम पंचायत कुटमा के उपसरपंच विवेकानन्द दास महंत जी ने अपने पंचायत की आंगनबाडी केन्द्र का निरीक्षण करते नज़र आ रहे है , सभी सरपंच उपसरपंच अपने अपने पंचायत में अवश्य जांच कर देखे कि आपकी पंचायत में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र एवं स्कूल में सही तरीके से गाइड की जा रही है या नहीं।।1
- चैनपुर ब्लॉक मोड़ के समीप एक अनियंत्रित बाइक दुर्घटना में एक ही परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। घटना उस वक्त हुई जब लूपुंग पाठ निवासी ये लोग ग्रामीण बैंक से पीएम जनमन आवास की राशि निकाल कर वापस लौट रहे थे।जानकारी के अनुसार, एक ही बाइक होंडा साइन पर कुल पांच लोग सवार होकर रामपुर की ओर जा रहे थे। ब्लॉक चौक के पास तीखे मोड़ पर बाइक अनियंत्रित हो गई। घायल संजीत असुर ने बताया कि पीछे से किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी, जिससे सभी सड़क पर गिर पड़े।दुर्घटना के समय चैनपुर मुखिया शोभा देवी अपनी ट्रेनिंग पूरी कर लौट रही थीं। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और राहगीरों की मदद से घायलों को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया।अस्पताल में डॉ. दीपशिखा किंडो ने सभी का प्राथमिक उपचार किया। घायलों में कुशमिता असुर 46 वर्ष,संजीत असुर 39 वर्ष,सविता असुर 45 वर्ष,अनुष्का असुर 5 वर्ष उपचार कर छुट्टी दी गई।राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई और प्राथमिक इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।दूसरी घटना चैनपुर थाना क्षेत्र के लंगड़ामोड़ गांव के पास मंगलवार शाम करीब 7:00 बजे एक अन्य सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल युवक की पहचान डीपाडीह निवासी उमेश नायक के रूप में हुई है। वह गुमला से किसी काम के बाद बाइक से घर लौट रहा था, तभी पोराचपरा के पास उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई। इस हादसे में उमेश के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उसे निजी वाहन द्वारा चैनपुर सीएचसी ले जाया गया। हालांकि, उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया है।4
- गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जन शिकायत कोषांग अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की वर्तमान स्थिति तथा लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए निष्पादन की गति को तेज करने के निर्देश दिए गए।समीक्षा के क्रम में बताया गया कि विभिन्न विभागों एवं अंचलों के कुल 1711 आवेदनों में से अब तक 784 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है तथा 321 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। शेष 606 लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन को सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपने-अपने लंबित आवेदनों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने Google Sheet में प्रत्येक आवेदन की अद्यतन स्थिति उचित टिप्पणी के साथ अंकित करें। साथ ही निष्पादन से संबंधित आधिकारिक पत्र, जो निस्तारण का प्रमाण हो, उसे अपलोड कर उसका लिंक Remarks Link सेक्शन में अनिवार्य रूप से अद्यतन करें, ताकि पारदर्शिता एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन शाखा, अंचल कार्यालय, प्रखंड विकास पदाधिकारी, खेल विभाग तथा अग्रणी जिला प्रबंधक को विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि वे अपनी प्रविष्टियों को नियमित एवं शुद्ध रूप से अद्यतन रखें तथा लंबित मामलों के निष्पादन में तत्परता बरतें।सभी संबंधित पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे निर्देशों का त्वरित अनुपालन सुनिश्चित करें। यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियात्मक समस्या उत्पन्न होती है तो तत्काल संबंधित पदाधिकारी से संपर्क कर समाधान प्राप्त करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें।2