बिहटा:आईआईटी अमहारा थाने में भारी मात्रा में शराब नष्ट पटना, बिहार: पटना जिले के आईआईटी अमहारा थाने में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में जब्त की गई अवैध शराब को नष्ट कर दिया. पुलिस के मुताबिक, विभिन्न मामलों में जब्त की गई लगभग 383 लीटर शराब को प्रशासनिक आदेश के तहत नष्ट किया गया. अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई शराब को नष्ट करने की कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और उत्पाद विभाग के अधिकारी मौजूद थे. पटना के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. एस. एम. त्यागराजन के निर्देश पर मदनिषेध विभाग ने गुरुवार को यह कार्रवाई की. इस मौके पर मदनिषेध विभाग के इंस्पेक्टर अरुण कुमार, आईआईटी अमहारा थाना प्रभारी रोशन कुमार राज और अतिरिक्त प्रभारी राम सहोदर सहित कई पुलिसकर्मी और चौकीदार मौजूद थे. 383 लीटर शराब नष्ट पुलिस के मुताबिक, नष्ट की गई शराब में कुल 366 लीटर अंग्रेजी शराब और 17 लीटर देसी शराब शामिल थी. यह शराब पिछले कुछ समय में अलग-अलग 8 मामलों में जब्त की गई थी. सुरक्षा और पारदर्शिता अधिकारियों ने बताया कि शराब को नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की गई ताकि यह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके. शराब को नष्ट करने के लिए बोतलों को तोड़कर और तरल पदार्थ को नष्ट कर दिया गया. अवैध शराब के खिलाफ अभियान इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि जब्त की गई शराब को नियमों के तहत नष्ट करना अनिवार्य है ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध शराब के खिलाफ विभाग का अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई की जाएगी. कानून-व्यवस्था को मजबूती प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और शराब तस्करों को यह स्पष्ट संदेश मिलेगा कि गैरकानूनी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बिहार में शराबबंदी बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब का निर्माण, बिक्री और सेवन अवैध है. पुलिस और मदनिषेध विभाग लगातार छापेमारी कर अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं. यह कार्रवाई भी उसी अभियान का हिस्सा है.
बिहटा:आईआईटी अमहारा थाने में भारी मात्रा में शराब नष्ट पटना, बिहार: पटना जिले के आईआईटी अमहारा थाने में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में जब्त की गई अवैध शराब को नष्ट कर दिया. पुलिस के मुताबिक, विभिन्न मामलों में जब्त की गई लगभग 383 लीटर शराब को प्रशासनिक आदेश के तहत नष्ट किया गया. अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई शराब को नष्ट करने की कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और उत्पाद विभाग के अधिकारी मौजूद थे. पटना के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. एस. एम. त्यागराजन के निर्देश पर मदनिषेध विभाग ने गुरुवार को यह कार्रवाई की. इस मौके पर मदनिषेध विभाग के इंस्पेक्टर अरुण कुमार, आईआईटी अमहारा थाना प्रभारी रोशन कुमार राज और अतिरिक्त प्रभारी राम सहोदर सहित कई पुलिसकर्मी और चौकीदार मौजूद थे. 383 लीटर शराब नष्ट पुलिस के मुताबिक, नष्ट की गई शराब में कुल 366 लीटर अंग्रेजी शराब और 17 लीटर देसी शराब शामिल थी. यह शराब पिछले कुछ समय में अलग-अलग 8 मामलों में जब्त की गई थी. सुरक्षा और पारदर्शिता अधिकारियों ने बताया कि शराब को नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की गई ताकि यह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके. शराब को नष्ट करने के लिए बोतलों को तोड़कर और तरल पदार्थ को नष्ट कर दिया गया. अवैध शराब के खिलाफ अभियान इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि जब्त की गई शराब को नियमों के तहत नष्ट करना अनिवार्य है ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध शराब के खिलाफ विभाग का अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई की जाएगी. कानून-व्यवस्था को मजबूती प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और शराब तस्करों को यह स्पष्ट संदेश मिलेगा कि गैरकानूनी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बिहार में शराबबंदी बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब का निर्माण, बिक्री और सेवन अवैध है. पुलिस और मदनिषेध विभाग लगातार छापेमारी कर अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं. यह कार्रवाई भी उसी अभियान का हिस्सा है.
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- Mukhiyajee Reporter | Patna बिहार : मोकामा के चाराडीह स्थित बाबा चौहरमल की जयंती के अवसर पर मेला का हुआ आयोजन। इस अवसर पर लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बाबा चौहरमल की प्रतिमा की पूजा अर्चना।1
- स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने एवं क्षेत्रीय चिकित्सकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से एक दो दिवसीय सर्जिकल वर्कशॉप एवं कॉन्फ्रेंस एबीएसआई स्किलकॉन -2026 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 अप्रैल 2026 को किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर-पूर्वी राज्यों तथा सम्पूर्ण भारत एवं नेपाल के चिकित्सक सम्मिलित होंगे। इस बात की जानकारी कंकड़बाग स्थित सवेरा कैंसर हॉस्पिटल (या एक अस्पताल)में गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ कैंसर सर्जन और एबीएसआई स्किलकॉन -2026 के आयोजन अध्यक्ष डॉ. वी पी सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत के चिकित्सकों को नवीनतम सर्जिकल तकनीकों एवं स्तन रोगों के आधुनिक उपचार पद्धतियों से अवगत कराना है, ताकि इसका प्रत्यक्ष लाभ इस क्षेत्र की आम जनता को गुणवत्तापूर्ण उपचार के रूप में मिल सके। इस सर्जिकल वर्कशॉप एवं कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे, जिनमें इंग्लैंड से डॉ. ऋषिकेश परमेश्वर, डॉ. अमर देशपांडेय, टाटा मेमोरियल से डॉ. शलाका जोशी, अपोलो प्रोटॉन कैंसर सेंटर से डॉ. मंजुला राव, एम्स दिल्ली से डॉ. आशुतोष मिश्रा, टीएमसी कोलकाता से डॉ. संजीत अग्रवाल, मैक्स दिल्ली से डॉ. नवनीत कौर, IPGMER कोलकाता से डॉ. दीप्तेन्द्र कुमार सरकार, रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल मुंबई से डॉ सेवंती लिमये सहित बैंगलोर, हुबली, पुणे एवं पूरे भारत तथा विदेशों से 20 स्तन कैंसर विशेषज्ञ शामिल होंगे। आयोजन होटल चाणक्य में होगा। मौके पर आयोजन सचिव डॉ. आकाश कुमार सिंह ने बताया कि इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर भी क्षेत्र के सभी प्रमुख कैंसर विशेषज्ञ इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता देंगे, जिससे न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होगा बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में समग्र उन्नयन को भी बढ़ावा मिलेगा। पहले दिन स्तन कैंसर पर डॉक्टरों का विशेषज्ञ व्याख्यान: उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का आरंभ प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित होने वाली सर्जिकल वर्कशॉप से होगा। इसके बाद लाइव वॉलंटियर्स एवं मॉडल्स पर विशेष डेमोंस्ट्रेशन सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें फ्लैप तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह सत्र विशेष रूप से युवा एवं उभरते सर्जनों के लिए उपयोगी रहेगा, जो स्तन सर्जरी के क्षेत्र में दक्षता प्राप्त करना चाहते हैं। दोपहर के पश्चात उद्घाटन समारोह आयोजित होगा, जिसके बाद स्तन कैंसर से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों—जैसे इम्यूनोथेरेपी, कैंसर जेनेटिक्स आदि—पर विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, चूंकि लगभग 70-80% स्तन रोग सौम्य ( बिनाइन) होते हैं, अतः इस महत्वपूर्ण विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी, जो इस क्षेत्र के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। दूसरे दिन कैंसर उपचार के नवीन तकनीकों पर चर्चा : कार्यकारिणी समिति के सह-अध्यक्ष डॉ. राहुल कुमार चौधरी ने बताया कि दूसरे दिन का आरंभ वीडियो वर्कशॉप से होगा, जिसमें सर्जिकल कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे युवा सर्जनों को व्यावहारिक समझ विकसित करने में सहायता मिलेगी। इसके पश्चात स्तन कैंसर उपचार से संबंधित नवीनतम रुझानों—विशेषकर हार्मोनल थेरेपी एवं HEA थेरेपी—पर दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम में युवा पीजी (स्नातकोत्तर) छात्रों एवं रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए एक विशेष पोस्टर सत्र भी आयोजित किया जाएगा। प्रतिभागियों को स्तन कैंसर से संबंधित पोस्टर प्रस्तुत करने हेतु आमंत्रित किया गया है। इन पोस्टरों का मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन लगभग दोपहर 2 बजे आयोजित समापन समारोह के साथ होगा। यह आयोजन क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा एवं उपचार की गुणवत्ता को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा तथा इससे क्षेत्र के मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इस कार्यक्रम में एम्स पटना, आईजीआईएम , पीएमसीएच , महावीर कैंसर संस्थान सहित कई प्रमुख संस्थान भाग ले रहे हैं। यह आयोजन क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और उपचार की गुणवत्ता को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कॉन्फ्रेंस में डॉ. वी. पी. सिंह (आयोजन अध्यक्ष), डॉ. राहुल कुमार चौधरी (सह-अध्यक्ष), डॉ. पी. के. झा (सह-अध्यक्ष),डॉ. आकाश कुमार सिंह (आयोजन सचिव), डॉ. एस. सिरकार (संयोजक), डॉ. अमित कुमार (संयोजक), डॉ. मनीष कुमार (संयुक्त सचिव), डॉ. जगजीत पांडेय (संयुक्त सचिव), डॉ. मनोज कुमार (कोषाध्यक्ष) एवं आईजीआईएमएस के डॉ प्रदीप जायसवाल उपस्थित रहे।2
- नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में कैसा होगा सियासी समीकरण? नई सरकार पर आया बड़ा अपडेट बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार के अगले कदमों को लेकर अटकलें तेज हैं. सूत्रों के मुताबिक, 14 अप्रैल के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. राज्यसभा जाने की तैयारी और 7 सर्कुलर रोड आवास का दौरा इस बदलाव के संकेत दे रहे हैं. मंत्रिमंडल में भी बड़े फेरबदल की संभावना है. अब सबकी नजर 14 अप्रैल के बाद होने वाले फैसलों पर टिकी है. बिहार की राजनीति इन दिनों बेहद गर्म है और सत्ता परिवर्तन को लेकर अटकलों का बाजार चरम पर है. सूत्रों के मुताबिक, 14 अप्रैल के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो सकती है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार के अगले कदमों और नए नेतृत्व को लेकर सियासी हलचल लगातार बढ़ती जा रही है. राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर डालें तो पूरी प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ती दिख रही है. दरअसल सबसे पहले नीतीश कुमार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा, फिर राज्यसभा जाने की तैयारी और 10 अप्रैल को दिल्ली जाने का कार्यक्रम ये सभी घटनाएं संकेत दे रही हैं कि सत्ता परिवर्तन की पटकथा लगभग तैयार हो चुकी है. इसके साथ ही पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड आवास का लगातार दौरा भी इस बात की ओर इशारा करता है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नए ठिकाने पर शिफ्ट होने की तैयारी में हैं.1
- देश में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। UGC से जुड़े हालिया फैसलों पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ब्रजेश मिश्र ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को राजनीतिक स्वार्थों के लिए इस्तेमाल करना बेहद चिंताजनक है और इसका सीधा असर देश के भविष्य पर पड़ सकता है। ब्रजेश मिश्र ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में वोट बैंक की राजनीति हावी हो चुकी है, जिसके कारण नीतियां गुणवत्ता और योग्यता के बजाय तुष्टिकरण को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह फैसले लिए जाते रहे, तो उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आना तय है। उन्होंने आगे कहा कि UGC जैसे संस्थानों का उद्देश्य देश में शिक्षा का स्तर सुधारना और छात्रों को बेहतर अवसर देना है, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप इसकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता को कमजोर कर रहा है। यह स्थिति न केवल छात्रों बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। अंत में ब्रजेश मिश्र ने सरकार से अपील की कि शिक्षा को राजनीति से दूर रखा जाए और ऐसे निर्णय लिए जाएं जो देश के युवाओं के हित में हों। उन्होंने कहा कि मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही देश को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा आधार है।1
- मां आरण्य देवी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर कई बार 'आयरन देवी' कहा जाता है) बिहार के आरा (भोजपुर) शहर की सबसे प्रमुख अधिष्ठात्री देवी हैं। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक (सिद्धपीठ) माना जाता है, जिसका संबंध रामायण काल और पांडवों (महाभारत) से है। यहाँ माँ के महालक्ष्मी और महासरस्वती रूप की पूजा होती है। मां आरण्य देवी के बारे में मुख्य बातें: स्थान: यह मंदिर बिहार के आरा शहर के शीश महल चौक के पास स्थित है। इतिहास और मान्यता: मान्यता है कि पांडवों ने वनवास के दौरान इस स्थान पर देवी की स्थापना की थी। रामायण काल में भी भगवान राम ने यहाँ पूजा की थी। नाम का अर्थ: 'आरण्य' का अर्थ है 'वन' (जंगल)। चूँकि यह क्षेत्र प्राचीन काल में वन (आरण्य) था, इसलिए इन्हें आरण्य देवी कहा जाता है। 'आरा' शहर का नाम भी इन्हीं देवी के नाम पर पड़ा है। प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में दो प्रमुख प्रतिमाएँ हैं - एक काली (महा सरस्वती) और दूसरी श्वेत (महालक्ष्मी), जो ५ फीट ऊँचे सिंहासन पर विराजमान हैं। महत्व: यह सिद्धपीठ है और नवरात्र के दौरान यहाँ विशेष उत्सव और भारी भीड़ होती है1
- बिहटा: प्रखंड के महुआर स्थित पावर हाउस की अनदेखी का खामियाजा पाली फीडर से जुड़े गांवों के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले करीब एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, जिससे सोन नदी के तटीय क्षेत्रों में खेती बुरी तरह प्रभावित हो गई है। बिजली नहीं रहने के कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नतीजतन, हजारों एकड़ में लगी मकई, खीरा, ककड़ी, तरबूज, भिंडी जैसी फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। समय पर पानी नहीं मिलने से खेतों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि एक सप्ताह से बिजली नहीं आने के कारण फसलों की सिंचाई ठप है। अगर जल्द ही आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। पहले से ही आलू की गिरती कीमतों ने किसानों को परेशान कर रखा है, अब दूसरी फसल भी बर्बादी की कगार पर है।1
- पटना सिटी स्थित बाहरी बेगमपुर जल्ला बाले महावीर मंदिर में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर गुरुवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर “जय श्री राम” और “हनुमान जी की जय” के उद्घोष से गूंजता रहा। सुबह से ही महिला और पुरुष श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर बजरंगबली के दर्शन और पूजन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा पाठ और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से भगवान हनुमान की पूजा की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के आसपास मेले जैसा दृश्य देखने को मिला, जहां सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद रहा। स्थानीय पूर्व पुजारी जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि हनुमान जयंती का दिन अत्यंत हर्ष और आस्था का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष इस अवसर पर जल्ला हनुमान मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यह मंदिर लगभग 450 वर्ष प्राचीन है और इसकी विशेषता यह है कि यहां स्थापित हनुमान जी की मूर्ति भभूत (राख) से निर्मित है, जो इसे अन्य मंदिरों से अलग पहचान देती है। उन्होंने बताया कि इस मंदिर की आस्था केवल पटना सिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से यहां पूजा करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।#ApnaCityTakNews #PatnaCity #HanumanMandir #JlalaHanumanMandir #1
- पटना जिला के पालीगंज थाना क्षेत्र के कुरकुरी गांव के समीप खेत में एक अधेड़ महिला का शव मिलने का मामला प्रकाश में आया पुलिस जांच में जुटी1