साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मिली राहत, पुलिस ने वापस कराए 28,921 रुपये संतकबीरनगर। जनपद में चलाए जा रहे क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक पीड़ित के खाते में 28 हजार 921 रुपये की धनराशि वापस कराई गई। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के उद्देश्य से साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर ठगी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए पीड़ित को आंशिक धनराशि वापस दिलाई गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी रमेश चन्द्र पुत्र रामप्यारे निवासी धरैची थाना खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर की पुत्री शिवांगी चौधरी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को साइबर अधिकारी बताते हुए मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो और फोटो देखने का आरोप लगाकर डराया तथा गिरफ्तारी की धमकी दी। डर के कारण युवती ने क्यूआर कोड के माध्यम से 48,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। घटना की जानकारी होने पर वादी ने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही साइबर क्राइम थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 40,800 रुपये की धनराशि होल्ड करा दी। इसमें से 06 मार्च 2026 को 28,921 रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए, जबकि शेष धनराशि की वापसी के लिए संबंधित बैंक को न्यायालय के आदेश की प्रति भेजी गई है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना जयप्रकाश चौबे, हेड कांस्टेबल मोहम्मद हिन्दे आजाद, कांस्टेबल रामप्रवेश मद्देशिया, कांस्टेबल धीरेन्द्र कुमार प्रसाद, महिला कांस्टेबल अमृता सिंह एवं महिला कांस्टेबल हिना गौड़ शामिल रहीं। पुलिस की अपील: जनपदीय पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मिली राहत, पुलिस ने वापस कराए 28,921 रुपये संतकबीरनगर। जनपद में चलाए जा रहे क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक पीड़ित के खाते में 28 हजार 921 रुपये की धनराशि वापस कराई गई। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के उद्देश्य से साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर ठगी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए पीड़ित को आंशिक धनराशि वापस दिलाई गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी रमेश चन्द्र पुत्र रामप्यारे निवासी धरैची थाना खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर की पुत्री शिवांगी चौधरी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को साइबर अधिकारी बताते हुए मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो और फोटो देखने का आरोप लगाकर डराया तथा गिरफ्तारी की धमकी दी। डर के कारण युवती ने क्यूआर कोड के माध्यम से 48,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। घटना की जानकारी होने पर वादी ने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही साइबर क्राइम थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 40,800 रुपये की धनराशि होल्ड करा दी। इसमें से 06 मार्च 2026 को 28,921 रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए, जबकि शेष धनराशि की वापसी के लिए संबंधित बैंक को न्यायालय के आदेश की प्रति भेजी गई है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना जयप्रकाश चौबे, हेड कांस्टेबल मोहम्मद हिन्दे आजाद, कांस्टेबल रामप्रवेश मद्देशिया, कांस्टेबल धीरेन्द्र कुमार प्रसाद, महिला कांस्टेबल अमृता सिंह एवं महिला कांस्टेबल हिना गौड़ शामिल रहीं। पुलिस की अपील: जनपदीय पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
- आकाशवाणी , 7-3-3026 ई0, 🕉 शं शनिश्चराय नमः!1
- इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल 2025 के विरोध में 10 मार्च को देशव्यापी प्रदर्शन, 27 लाख बिजली कर्मी करेंगे कार्य बहिष्कार बिजली कर्मचारियों ने बिल को बताया किसान, उपभोक्ता और कर्मचारी विरोधी; संतकबीरनगर में भी कर्मचारियों ने जताया विरोध संतकबीरनगर। प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल 2025 को संसद में पेश किए जाने की योजना के विरोध में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 10 मार्च 2026 को कार्य बहिष्कार कर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय संघर्ष समिति की आयोजित बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने की। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर मांग की जाएगी कि किसान, उपभोक्ता और कर्मचारी विरोधी बताए जा रहे इस बिल को संसद में पेश न किया जाए। संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप सिंह ने कहा कि इससे पहले विद्युत मंत्रालय ने इस बिल पर हितधारकों से सुझाव मांगे थे। देशभर के पावर सेक्टर से जुड़े विभिन्न फेडरेशनों, ट्रेड यूनियनों और संगठनों ने सर्वसम्मति से इसे जनविरोधी बताते हुए वापस लेने की मांग की थी, लेकिन इन सुझावों को सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी 2026 को विद्युत मंत्रालय द्वारा एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया गया, जिसमें ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन को भी शामिल किया गया है, जो पहले से ही बिजली क्षेत्र के निजीकरण का समर्थन करता रहा है। इससे पूरी प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी आर्यन कुमार ने कहा कि जिस संगठन ने पहले ही इस बिल का समर्थन किया है, उसे ही कानून को अंतिम रूप देने वाली समिति में शामिल करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। इसके चलते बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों में गहरा आक्रोश है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी नारायण चंद्र चौरसरिया ने बताया कि 9 मार्च को दिल्ली में एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के सांसदों को आमंत्रित कर इस बिल के किसानों, गरीब उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही सांसदों से अपील की जाएगी कि संसद में पेश होने की स्थिति में इस बिल का विरोध करें। इसी क्रम में संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान ई० कार्यकारी सहायक दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद, सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, नारायण चंद्र चौरसरिया, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, श्रवण प्रजापति, संजय यादव, मनीष मिश्रा, राजकुमार, वीरेंद्र मौर्य सहित अन्य बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।1
- साइबर सेल थाना दुधारा पुलिस की बड़ी सफलता: पुलिस बनकर ठगी करने वाले गिरोह से ठगी गई शत-प्रतिशत धनराशि कराई वापस पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के क्रम में थाना दुधारा के साइबर सेल पुलिस टीम द्वारा सतत प्रभावी कार्यवाही करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़िता के खाते में 25700 रुपये की धनराशि वापस कराई गयी । *घटना का विवरण:-* विदित हो कि दिनांक 16.07.2025 को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा पीड़िता को स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर फोन किया गया और उसे डरा-धमकाकर 25,700 रुपये की साइबर ठगी की गई थी। इस संबंध में पीड़िता के देवर द्वारा थाना दुधारा स्थित साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। *पुलिस की कार्यवाही:-* शिकायत प्राप्त होते ही साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात आ0 ऋषिकेश यादव द्वारा तत्काल प्रभावी कार्यवाही करते हुए शिकायत दर्ज की गई और संबंधित बैंक व वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर धनराशि को फ्रीज कराया गया। कड़ी मेहनत के फलस्वरूप: • दिनांक 31.01.2026 को प्रथम किश्त के रूप में 6,000 रुपये पीड़िता के खाते में वापस कराइ गइ । • शेष धनराशि की निरंतर पैरवी के बाद, आज दिनांक 06.03.2026 को ठगी गई पूरी बकाया राशि भी पीड़िता को सकुशल बरामद करा दी गई है। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर पीड़िता और उनके परिजनों ने संतकबीरनगर पुलिस व साइबर टीम का आभार व्यक्त किया है । *पुलिस टीम का विवरण:-* उ0नि0 अनिल मिश्रा, आ0 हेमन्त कुशवाहा,आ0 ऋषिकेश यादव,आ0 अनुज कुमार । *जनपदीय पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी बैंक जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें, सावधानी ही सुरक्षा है* ।1
- Post by Vipin Times Khlilabad1
- संत कबीर नगर।।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 10 मार्च 2026 को प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को संसद में पेश किए जाने के विरोध में कार्य बहिष्कार कर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय संघर्ष समिति की एक बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने की। बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर मांग की जाएगी कि किसान, उपभोक्ता और कर्मचारी विरोधी माने जा रहे इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को संसद में पेश न किया जाए। यदि सरकार इस बिल को संसद में पेश करती है तो देशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर इसका कड़ा विरोध करेंगे। संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप सिंह ने बताया कि इससे पहले विद्युत मंत्रालय द्वारा इस बिल पर हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे। देशभर के पावर सेक्टर से जुड़े फेडरेशनों, ट्रेड यूनियनों और संगठनों ने सर्वसम्मति से इसे जनविरोधी बताते हुए वापस लेने की मांग की थी। इसके बावजूद न तो हितधारकों की टिप्पणियां सार्वजनिक की गईं और न ही परामर्श बैठकों की कार्यवाही जारी की गई। संघर्ष समिति के पदाधिकारी आर्यन कुमार ने कहा कि 30 जनवरी 2026 को विद्युत मंत्रालय ने एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया, जिसमें ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन को भी शामिल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संगठन पहले से ही बिजली क्षेत्र के निजीकरण का समर्थन करता रहा है, ऐसे में उसे कानून को अंतिम रूप देने वाली समिति में शामिल करना पूरी प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण बनाता है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी नारायण चंद्र चौरसरिया ने बताया कि 9 मार्च को दिल्ली में एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के सांसदों को आमंत्रित कर प्रस्तावित बिल के किसानों, गरीब उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। सांसदों से अनुरोध किया जाएगा कि यदि यह बिल संसद में पेश होता है तो वे इसका विरोध करें। इसी क्रम में संत कबीर नगर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में कार्यकारी सहायक दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद, सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, नारायण चंद्र चौरसरिया, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, श्रवण प्रजापति, संजय यादव, मनीष मिश्रा, राजकुमार, वीरेंद्र मौर्य समेत अन्य बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के क्रम में साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम द्वारा सतत प्रभावी कार्यवाही करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को 28 हजार 921 रुपये की धनराशि उनके खातों में वापस कराई गयी । घटना का संक्षिप्त विवरण वादी रमेश चन्द्र पुत्र रामप्यारे निवासी धरैची थाना खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर पुत्री शिवांगी चौधरी को अज्ञात नम्बर के काल आया तथा अपने को साइबर अधिकारी बताते हुए कि आप अपने मोबाइल में गंदे विडियो व फोटो देखती है, इतना पैसा भेज दिजिए नहीं तो आपको गिरफ्तार कर लिया जायेगा । वादी की पुत्री डर गयी और 48,500 रूपये क्यूआर कोड के माध्यम से ट्रान्सफर कर दिया गया । तत्पश्चात् वादी द्वारा ncrp पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज किया गया । जिसके उपरान्त तत्काल कार्यवाही करते हुए 40,800 रूपये की धनराशि होल्ड कराई गयी । जिसमे से आज दिनांक 06.03.2026 को 28,921 रूपये आवेदक के खाते में वापस करा दिया गया । शेष धनराशि रिफन्ड करने हेतु सम्बन्धित बैंक को मा0 न्यायालय के आदेश की प्रति भेजी गयी है । बरामदगी टीमप्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना जयप्रकाश चौबे , हे0का0 मोहम्मद हिन्दे आजाद, का0 रामप्रवेश मद्देशिया, का0 धीरेन्द्र कुमार प्रसाद, म0का0 अमृता सिंह, म0का0 हिना गौड़ । जनपदीय पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी बैंक जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें, सावधानी ही सुरक्षा है ।1
- Post by Abc Hindustan1
- आकाशवनी , 6-3-2026 ई0, ICC T 20 वर्ल्ड कप ! भारत 2007 और 2024 में विश्व विजेता रहा है । अभी तीसरी बार इतिहास रचने का समय आगया है । भारतीय टीम को फाइनल में पहुंचने के लिए हार्दिक शुभकामनाएं ! ऐसे ही तीरंगा शान से विश्व के विजयपथ पर लहराता रहे । ➡️ झंडा ऊंचा रहे हमारा , विजयी विश्व तीरंगा प्यारा!!! 🇮🇳1