अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र के खिदिरपुर चौरे बाजार में कोटेदार की मनमानी और दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के सरकारी राशन की दुकान के कोटेदार भागचंद पर आरोप है कि उसने एक लाभार्थी का अंगूठा लगवाने के बावजूद उसे राशन देने से साफ इनकार कर दिया। इस अन्याय का विरोध करने और मौके पर खबर की कवरेज करने पहुंचे स्थानीय पत्रकार भानु प्रताप प्रजापति के साथ कोटेदार ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। कोटेदार की इस हरकत से ग्रामीणों और मीडियाकर्मियों में भारी रोष है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के दर्जनों पत्रकारों ने एकजुट होकर उपजिलाधिकारी बीकापुर संतोष कुमार को एक लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा है। पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोष सिद्ध होने पर कोटेदार का लाइसेंस निरस्त करने और पत्रकार को धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे। वहीं, एसडीएम ने इस गंभीर मामले की जांच कराकर न्याय करने का आश्वासन दिया है।
अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र के खिदिरपुर चौरे बाजार में कोटेदार की मनमानी और दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के सरकारी राशन की दुकान के कोटेदार भागचंद पर आरोप है कि उसने एक लाभार्थी का अंगूठा लगवाने के बावजूद उसे राशन देने से साफ इनकार कर दिया। इस अन्याय का विरोध करने और मौके पर खबर की कवरेज करने पहुंचे स्थानीय पत्रकार भानु प्रताप प्रजापति के साथ कोटेदार ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। कोटेदार की इस हरकत से ग्रामीणों और मीडियाकर्मियों में भारी रोष है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के दर्जनों पत्रकारों ने एकजुट होकर उपजिलाधिकारी बीकापुर संतोष कुमार को एक लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा है। पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोष सिद्ध होने पर कोटेदार का लाइसेंस निरस्त करने और पत्रकार को धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे। वहीं, एसडीएम ने इस गंभीर मामले की जांच कराकर न्याय करने का आश्वासन दिया है।
- अंतर्राष्ट्रीय संकल्प सनातन महापरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर रामकुमार चौहान, मुख्य महासचिव प्रो हरीश सिंह और मीडिया सलाहकार श्री लालचंद सोनी ने संगठन के पांच प्रमुख संकल्पों की घोषणा की है। संगठन का पहला 'संस्कृति संकल्प' सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं की रक्षा करने तथा हर घर में गीता, रामायण और संस्कारों का प्रकाश पहुंचाने पर केंद्रित है। दूसरे 'राष्ट्र संकल्प' के तहत "राष्ट्र सर्वोपरि" के भाव से देश की एकता, अखंडता, तिरंगे के सम्मान और भारत को विश्वगुरु बनाने में योगदान देने की बात कही गई है। 'सेवा संकल्प' के जरिए गरीब, असहाय, गौमाता, विद्यार्थी और पीड़ितों की सेवा के साथ अन्नदान, शिक्षादान और स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, 'शिक्षा संकल्प' के माध्यम से गुरुकुल पद्धति से वैदिक शिक्षा, शास्त्रीय संगीत, योग और नैतिक शिक्षा का प्रचार-प्रसार कर युवाओं को संस्कारवान बनाने तथा 'एकता संकल्प' के तहत जाति व मतभेद भुलाकर "पहले सनातन, पहले भारत" के भाव से संगठित रहने का आह्वान किया गया है। संगठन ने "धर्मो रक्षति रक्षितः", "सेवा परमो धर्मः" और "भारत माता की जय" का नारा भी दिया है।1
- अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की हुई बैठक में कई प्रमुख फैसले लिए गए हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि SIT की अंतिम जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है और मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण इस पर विस्तृत चर्चा नहीं की गई। बैठक के दौरान गणना कक्ष सहित सभी कैमरों की सुरक्षा समीक्षा की गई और सुरक्षा अधिकारियों को सभी कैमरों की पहुंच उपलब्ध कराने की बात कही गई। इसके अलावा, श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ावे में आए सोने और चांदी की मात्रा व शुद्धता की जांच भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोगी संस्थान टकसाल (मिंट) से लगातार कराए जाने का निर्णय लिया गया है। चढ़ावा गणना व्यवस्था को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की भूमिका और प्रतिक्रिया पर ट्रस्ट ने निराशा जताई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए वित्त समिति को एमओयू (MoU) और संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासनिक मोर्चे पर, अधिक आवेदन आने के कारण CEO के चयन को फिलहाल टाल दिया गया है और चयन समिति को एक महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। वहीं, मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक सचिव नियुक्त करने और मीडिया व समाज से नियमित संवाद के लिए आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का फैसला हुआ है। बैठक में धार्मिक समिति का पुनर्गठन करते हुए स्वामी गोविंद देव गिरि को अध्यक्ष बनाया गया है। इस समिति में जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, स्वामी दिनेंद्रदास, स्वामी कमलनयनदास, महंत राजकुमार दास, स्वामी रामानंद दास और महंत मिथिलेशनंदिनी शरण को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। ट्रस्ट में रिक्त अन्य पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है, जिसे पूरा होने में कुछ सप्ताह लगेंगे। अंत में, ट्रस्ट ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि इससे रामभक्तों की आस्था या मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।3
- अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए हैं। बैठक में चढ़ावा प्रकरण से जुड़ी एसआईटी (SIT) रिपोर्ट पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी, क्योंकि ट्रस्ट के अनुसार अंतिम जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है और मामला अदालत में विचाराधीन है। वहीं, ट्रस्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की चढ़ावा गणना व्यवस्था को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए वित्त समिति को बैंक के साथ हुए एमओयू और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान गणना कक्ष सहित पूरे मंदिर परिसर के सीसीटीवी तंत्र को देखा गया, जिसमें ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा एजेंसियों के पास सभी कैमरों तक पहुंच है और सुरक्षा पूरी तरह सक्रिय है। चढ़ावे में मिलने वाले सोना-चांदी की मात्रा और शुद्धता की जांच पूर्ववत भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोगी संस्थान टकसाल (मिंट) से ही कराई जाती रहेगी। इसके अलावा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए अधिक आवेदन मिलने के कारण चयन समिति को एक महीने का अतिरिक्त समय देते हुए नियुक्ति फिलहाल टाल दी गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सचिव का नया पद सृजित करने और मीडिया व समाज से संवाद के लिए आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया है। धार्मिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि होंगे। समिति में जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, स्वामी दिनेंद्रदास, स्वामी कमलनयनदास, महंत राजकुमार दास, स्वामी रामानंद दास और महंत मिथिलेशनंदिनी शरण को सदस्य बनाया गया है। ट्रस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी रहने की जानकारी देते हुए बैठक के अंत में चढ़ावा प्रकरण को लेकर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया गया और कहा गया कि इनका रामभक्तों की आस्था तथा दर्शनार्थियों की संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।2
- अयोध्या में आयोजित श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। ट्रस्ट ने बैठक के दौरान उठे विभिन्न मुद्दों, व्यवस्थाओं और आरोपों पर अपना रुख स्पष्ट किया। ट्रस्ट ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा कि इससे रामभक्तों की आस्था और मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। बैठक में चढ़ावा गणना व्यवस्था को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की भूमिका और प्रतिक्रिया पर ट्रस्ट ने निराशा जताई तथा वित्त समिति को एमओयू और प्रक्रियाओं की समीक्षा के निर्देश दिए। चढ़ावे में आने वाले सोने-चांदी की मात्रा और शुद्धता की जांच भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोगी संस्थान टकसाल (मिंट) से जारी रखी जाएगी। इसके अलावा, गणना कक्ष सहित सभी सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा की गई और सुरक्षा अधिकारियों को इनकी पहुंच उपलब्ध कराने की बात कही गई। वहीं, एसआईटी रिपोर्ट पर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि अंतिम जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है और मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण विस्तृत चर्चा नहीं की गई। प्रशासनिक और संगठनात्मक बदलावों के तहत स्वामी गोविंद देव गिरि की अध्यक्षता में धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया है। इसमें जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, स्वामी दिनेंद्रदास, स्वामी कमलनयनदास, महंत राजकुमार दास, स्वामी रामानंद दास और महंत मिथिलेशनंदिनी शरण को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक सचिव और नियमित संवाद के लिए आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। अधिक आवेदन आने के कारण सीईओ का चयन एक महीने के लिए टाल दिया गया है, जबकि ट्रस्ट के अन्य रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है जिसे पूरा होने में कुछ और सप्ताह लगेंगे।1
- जनपद अयोध्या के शिक्षा क्षेत्र तारुन स्थित कम्पोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापक बाबा आनंद सिंह और सहायक अध्यापकों की कड़ी मेहनत से स्कूल की तस्वीर और तकदीर बदल गई है। विद्यालय में वर्तमान में 218 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनमें से इस वर्ष कक्षा 6 में ही 92 नए बच्चों का दाखिला हुआ है। प्रधानाध्यापक ने पड़ोस के विद्यालयों से कक्षा 5 पास करने वाले बच्चों के अभिभावकों से खुद मिलकर विश्वास दिलाया कि बिना कोई फीस दिए उनका बच्चा प्राइवेट स्कूलों से कई गुना बेहतर पढ़ाई-लिखाई और संस्कार हासिल करेगा। विद्यालय में व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रधानाध्यापक ने अपने खुद के खर्च से सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं, जिसके माध्यम से वे सभी कक्षाओं पर नजर रखते हैं। बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रतिदिन दो अभिभावकों को बच्चों के साथ ही खाना खिलाया जाता है। विद्यालय में मूक-बधिर होने के बाद भी एक बच्चे की बेहद सुंदर लेखनी और पढ़ाई में रुचि देखने को मिली है। इस इंग्लिश मीडियम स्कूल की बेहतर शिक्षा और व्यवस्था की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है और अभिभावक अपने बच्चों को यहाँ भेजकर काफी खुश हैं।1
- अयोध्या जिले के थाना कुमारगंज अंतर्गत आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित भाजपा के विधानसभा स्तरीय बूथ अध्यक्ष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भोजन वितरण में रोटी को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी इतनी बढ़ गई कि कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए और जमकर लात-घूंसे चले, जिससे पूरे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह विवाद अमानीगंज मंडल महामंत्री सर्वेश तिवारी और भाजपा कार्यकर्ता एवं सभासद रवि सिंह के समर्थकों के बीच हुआ। मारपीट की घटना के बाद दोनों पक्ष अलग-अलग तहरीर लेकर कुमारगंज थाने पहुंचे और एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुरेश कुमार पटेल ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर मिल गई है और मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1