हजारीबाग के बरही स्थित खोड़ाहर में आयोजित हूल दिवस कार्यक्रम में हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर आदिवासी समाज की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर सांसद का आत्मीय स्वागत किया। सांसद मनीष जायसवाल ने सिद्धू-कान्हू सहित हूल आंदोलन के अमर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को नमन किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने हूल आंदोलन को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय बताया। सांसद ने कहा कि सिद्धू-कान्हू और अन्य वीर आदिवासी सेनानियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष कर अन्याय तथा शोषण के विरुद्ध आवाज बुलंद की, और उनके नेतृत्व में आदिवासी समाज ने जिस साहस और एकजुटता का परिचय दिया, वह आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस आंदोलन की लड़ाई का परिणाम ही था कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा हेतु सीएनटी (CNT) और एसपीटी (SPT) एक्ट जैसे महत्वपूर्ण कानून अस्तित्व में आए। मनीष जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट संकल्प है कि किसी भी परिस्थिति में आदिवासी समाज की जमीन पर कोई अवैध कब्जा नहीं कर सकता, और केंद्र सरकार आदिवासी समाज के अधिकारों व सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रत्येक समाज से आदिवासी समाज की संस्कृति, प्रकृति संरक्षण की भावना, एकता और संघर्षशीलता से सीख लेने की आवश्यकता पर बल दिया। सांसद ने यह भी कहा कि शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और समाज तथा राष्ट्र हमेशा उनका ऋणी रहेगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास, शहीदों के संघर्ष और उनके बलिदान से परिचित हो सकें, इसके लिए हूल दिवस को प्रत्येक वर्ष पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाए। इस कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि बरही विधानसभा मुकुंद साव, विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, सह सांसद प्रतिनिधि रंजीत चन्द्रवंशी, रामस्वरूप पासवान, सांसद प्रतिनिधि चौपारण मध्य मंडल रिशु बर्णवाल, मोतीलाल चौधरी, जिला परिषद प्रतिनिधि गणेश यादव, जिप प्रतिनिधि गुरुदेव गुप्ता, मुखिया प्रतिनिधि खिरोधर यादव, उपमुखिया रोहित यादव, समिति के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त रेंज ऑफिसर दिलीप एक्का, सचिव सुनील टोप्पो, अशोक बाड़ा, मगदली बाड़ा, सिलमनी टोप्पो, रवि बाड़ा, जगदीश उरांव, सुखदेव उरांव, उमेश राम, वार्ड सदस्य पूनम कच्छप सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज की महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे। वहीं, ग्राम दौरवा में आयोजित हूल दिवस कार्यक्रम में सांसद मनीष जायसवाल को प्राकृतिक टोपी, माला और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, जहाँ बरही प्रमुख मनोज रजक, बोधन ओरांव, बीना उरांव, कैलाश ठाकुर, प्रमेश्वर यादव, अरुण सिंह, राजेश उरांव, दीनानाथ यादव, गुलेंद्र यादव, फूलचंद सिंह, केवल सिंह, रूपलाल सिंह, जितेन्द्र प्रजापति, लोकन प्रजापति, लोकनाथ रजक, बाली सिंह, प्रदीप यादव और डेगलाल सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
हजारीबाग के बरही स्थित खोड़ाहर में आयोजित हूल दिवस कार्यक्रम में हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर आदिवासी समाज की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर सांसद का आत्मीय स्वागत किया। सांसद मनीष जायसवाल ने सिद्धू-कान्हू सहित हूल आंदोलन के अमर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को नमन किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने हूल आंदोलन को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय बताया। सांसद ने कहा कि सिद्धू-कान्हू और अन्य वीर आदिवासी सेनानियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष कर अन्याय तथा शोषण के विरुद्ध आवाज बुलंद की, और उनके नेतृत्व में आदिवासी समाज ने जिस साहस और एकजुटता का परिचय दिया, वह आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस आंदोलन की लड़ाई का परिणाम ही था कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा हेतु सीएनटी (CNT) और एसपीटी (SPT) एक्ट जैसे महत्वपूर्ण कानून अस्तित्व में आए। मनीष जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट संकल्प है कि किसी भी परिस्थिति में आदिवासी समाज की जमीन पर कोई अवैध कब्जा नहीं कर सकता, और केंद्र सरकार आदिवासी समाज के अधिकारों व सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रत्येक समाज से आदिवासी समाज की संस्कृति, प्रकृति संरक्षण की भावना, एकता और संघर्षशीलता से सीख लेने की आवश्यकता पर बल दिया। सांसद ने यह भी कहा कि शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और समाज तथा राष्ट्र हमेशा उनका ऋणी रहेगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास, शहीदों के संघर्ष और उनके बलिदान से परिचित हो सकें, इसके लिए हूल दिवस को प्रत्येक वर्ष पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाए। इस कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि बरही विधानसभा मुकुंद साव, विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, सह सांसद प्रतिनिधि रंजीत चन्द्रवंशी, रामस्वरूप पासवान, सांसद प्रतिनिधि चौपारण मध्य मंडल रिशु बर्णवाल, मोतीलाल चौधरी, जिला परिषद प्रतिनिधि गणेश यादव, जिप प्रतिनिधि गुरुदेव गुप्ता, मुखिया प्रतिनिधि खिरोधर यादव, उपमुखिया रोहित यादव, समिति के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त रेंज ऑफिसर दिलीप एक्का, सचिव सुनील टोप्पो, अशोक बाड़ा, मगदली बाड़ा, सिलमनी टोप्पो, रवि बाड़ा, जगदीश उरांव, सुखदेव उरांव, उमेश राम, वार्ड सदस्य पूनम कच्छप सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज की महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे। वहीं, ग्राम दौरवा में आयोजित हूल दिवस कार्यक्रम में सांसद मनीष जायसवाल को प्राकृतिक टोपी, माला और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, जहाँ बरही प्रमुख मनोज रजक, बोधन ओरांव, बीना उरांव, कैलाश ठाकुर, प्रमेश्वर यादव, अरुण सिंह, राजेश उरांव, दीनानाथ यादव, गुलेंद्र यादव, फूलचंद सिंह, केवल सिंह, रूपलाल सिंह, जितेन्द्र प्रजापति, लोकन प्रजापति, लोकनाथ रजक, बाली सिंह, प्रदीप यादव और डेगलाल सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
- रांची में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की जा रही है।1
- दिनांक 30.06.26 को हज़ारीबाग के पुलिस अधीक्षक ने ईचाक थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, हज़ारीबाग ज्ञान रंजन; पुलिस दारू अंचल के पुलिस निरीक्षक विमल कुमार लकड़ा; ईचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार; और अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। निरीक्षण के क्रम में, पुलिस अधीक्षक महोदय ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने थाना की विधि व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही, थाना में सभी पंजों का अवलोकन कर लंबित कांडों, वारंट, कुर्की, चरित्र सत्यापन और पासपोर्ट संबंधित मामलों की समीक्षा की तथा संबंधित पदाधिकारियों को इनके त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में फरार चल रहे सभी अभियुक्तों को तत्काल गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। अवैध मादक पदार्थ से संबंधित लंबित कांडों में भी अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, लोगों के बीच नशा के विरुद्ध व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और क्षेत्र में शांतिपूर्ण विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए आमजनों व जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने पर भी बल दिया गया।1
- हजारीबाग में सोमवार को हूल दिवस के अवसर पर सिद्धो-कान्हू चौक पर सरना समिति द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी उपस्थित लोगों ने वीर शहीदों के संघर्ष से प्रेरणा लेने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष महेंद्र बैंक ने कहा कि हूल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि यह आदिवासी समाज के स्वाभिमान, अस्मिता और आजादी के लिए किए गए ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सिद्धो-कान्हू ने अंग्रेजी हुकूमत और शोषण के खिलाफ जिस साहस और एकजुटता के साथ आंदोलन का नेतृत्व किया था, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। महेंद्र बैंक ने युवाओं से अपने इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को जानने, साथ ही समाज की एकता और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि हूल दिवस हमें अन्याय और शोषण के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने तथा समाज में भाईचारा, शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश देता है। इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने वीर शहीद सिद्धो-कान्हू के बलिदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर छात्र संघ के अध्यक्ष सुनील उरांव, रमेश हेम्ब्रम, सुनील लकड़ा, बंधन एक्का, पवन तिग्गा, सुधीर बास्के, रति लिंडा सहित सरना समिति के कई पदाधिकारी, सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- 30 जून को "हूल दिवस" के अवसर पर, पीडब्ल्यूडी चौक पर स्थित ऐतिहासिक वीरता और बलिदान के प्रतीक सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस मौके पर उपायुक्त श्री हेमन्त सती, पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार, उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता, अपर समाहर्ता श्री महेंद्र छोटन उरांव और सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय सहित जिले के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि दी। उपायुक्त ने अपने संदेश में सिदो-कान्हू के बलिदान को याद करते हुए बताया कि उन्होंने 30 जून 1855 को ब्रिटिश शासन के खिलाफ "हूल विद्रोह" का नेतृत्व किया था, जिससे आदिवासी समाज में जागरूकता और स्वतंत्रता की अलख जगी। उन्होंने इस आंदोलन को अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया, जो अन्याय के खिलाफ संघर्ष और आत्मसम्मान की प्रेरणा देता है। उपायुक्त ने जोर दिया कि "हूल दिवस" हमें सामाजिक एकता, समरसता और स्वतंत्रता के मूल्यों को बनाए रखने तथा सिदो-कान्हू, चांद भैरव, फूलो झानो के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। इस गरिमामय आयोजन के माध्यम से जनमानस को देश की आजादी में आदिवासी समाज के महत्वपूर्ण योगदान से भी अवगत कराया गया।1
- हजारीबाग में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 को लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान, उपायुक्त ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए जिलेवासियों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों के आलोक में 01 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है, जिससे प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल हो सके और अपात्र नामों को हटाया जा सके। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 20 जून से 29 जून 2026 तक तैयारी, प्रशिक्षण और प्रिंटिंग का कार्य संपन्न किया जा रहा है। इसके बाद, 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रहण करेंगे। 29 जुलाई 2026 तक मतदान केंद्रों का पुनर्गठन भी किया जाएगा, जिसके उपरांत 05 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। फिर, 05 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी, और 05 अगस्त से 03 अक्टूबर 2026 तक नोटिस तथा दावे/आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 07 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। उपायुक्त ने सभी पात्र मतदाताओं से आग्रह किया कि वे गणना प्रपत्र को समय पर हस्ताक्षर के साथ भरकर बीएलओ को जमा करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता का नाम छूट गया हो या किसी प्रकार की त्रुटि हो, तो निर्धारित अवधि में दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत कर उसका निराकरण कराया जा सकता है। उपायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है, इसलिए सभी नागरिक इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।3
- रामगढ़ जिले के मांडू में एक रजिस्ट्रार की हत्या कर दी गई है। यह घटना जमीन विवाद के कारण हुई बताई जा रही है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए मांडू पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।1
- हूल दिवस के पावन अवसर पर पूरा झारखंड श्रद्धापूर्वक नतमस्तक हो गया। इस महत्वपूर्ण दिवस पर, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अमर शहीद सिदो-कान्हू को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- हजारीबाग जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देश पर एक बड़ी कार्रवाई की है। चौपारण थाना क्षेत्र के परसातरी और अम्बातारी गांवों में उत्पाद विभाग द्वारा सघन छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान नदी किनारे और जंगलों में संचालित कई अवैध शराब भट्टियों को ध्वस्त कर दिया गया। छापेमारी के दौरान मौके पर ही लगभग 8,800 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया, जबकि करीब 1,200 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई। शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बर्तन, सामग्री और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अवैध शराब के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में उत्पाद विभाग के अधिकारियों के साथ चौपारण थाना पुलिस और सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान भी मौजूद रहे।2