धनबाद जिले के हाथबाड़ी स्थित आनंद वाटिका में गुरुवार को मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर पांच दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब 251 कन्याओं की विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। कलश यात्रा हाथबाड़ी से प्रारंभ होकर निरसा चौक होते हुए भलजोड़िया फाटक स्थित नदी तट पर पहुँची, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक विधि-विधानों के बीच कन्याओं ने कलशों में पवित्र जल भरा। इसके बाद श्रद्धालु और कन्याएं कलश लेकर एक भव्य शोभायात्रा के रूप में कथा स्थल आनंद वाटिका पहुँचे, जहाँ श्रद्धा और उत्साह का अनूठा दृश्य उपस्थित हो गया। आयोजनकर्ता और समाजसेवी परमजीत सिंह ने बताया कि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए वृंदावन से विद्वान आचार्यगण विशेष रूप से पधारे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मंदिर में स्थापित किया जाने वाला शिवलिंग ओंकारेश्वर से लाया गया एक दुर्लभ स्फटिक शिवलिंग है, जो इस धार्मिक आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। परमजीत सिंह के अनुसार, ऐसे धार्मिक आयोजन सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के साथ-साथ सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि श्रीमद्भागवत कथा मानवता, प्रेम, सद्भाव और विश्व शांति का संदेश देती है। इस पाँच दिवसीय कथा के दौरान, वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य श्री धनंजय कृपालु जी महाराज श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का श्रवण कराएँगे। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीतल पेय, शरबत और लस्सी की विशेष व्यवस्था की गई है। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है, और क्षेत्रवासियों में मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर विशेष उत्साह बना हुआ है। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आनंद वाटिका पहुँच रहे हैं।
धनबाद जिले के हाथबाड़ी स्थित आनंद वाटिका में गुरुवार को मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर पांच दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब 251 कन्याओं की विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी
संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। कलश यात्रा हाथबाड़ी से प्रारंभ होकर निरसा चौक होते हुए भलजोड़िया फाटक स्थित नदी तट पर पहुँची, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक विधि-विधानों के बीच कन्याओं ने कलशों में पवित्र जल भरा। इसके बाद श्रद्धालु और कन्याएं कलश
लेकर एक भव्य शोभायात्रा के रूप में कथा स्थल आनंद वाटिका पहुँचे, जहाँ श्रद्धा और उत्साह का अनूठा दृश्य उपस्थित हो गया। आयोजनकर्ता और समाजसेवी परमजीत सिंह ने बताया कि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए वृंदावन से विद्वान आचार्यगण विशेष रूप से पधारे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मंदिर में स्थापित
किया जाने वाला शिवलिंग ओंकारेश्वर से लाया गया एक दुर्लभ स्फटिक शिवलिंग है, जो इस धार्मिक आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। परमजीत सिंह के अनुसार, ऐसे धार्मिक आयोजन सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के साथ-साथ सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में अहम भूमिका
निभाते हैं, क्योंकि श्रीमद्भागवत कथा मानवता, प्रेम, सद्भाव और विश्व शांति का संदेश देती है। इस पाँच दिवसीय कथा के दौरान, वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य श्री धनंजय कृपालु जी महाराज श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का श्रवण कराएँगे। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीतल पेय,
शरबत और लस्सी की विशेष व्यवस्था की गई है। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है, और क्षेत्रवासियों में मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर विशेष उत्साह बना हुआ है। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आनंद वाटिका पहुँच रहे हैं।
- बीसीसीएल अधिकारी पर हमले की निंदा, अवैध कोयला कारोबार पर सख्त रोक की मांग: विजय कुमार झा1
- बोकारो एसपी के निर्देश पर गुरुवार को चंद्रपुरा थाना परिसर में थाना दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान चंद्रपुरा के अंचलाधिकारी सह बीडीओ ईश्वर दयाल महतो ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का तुरंत निपटारा किया। नर्रा, तेलो, पपलो, चंद्रपुरा, कुरुम्बा, तरंगा, बंदियो और आसपास के अन्य गांवों से लोग मुख्य रूप से जमीन विवाद, बंटवारे, अतिक्रमण तथा आपसी कलह से संबंधित शिकायतें लेकर पहुंचे थे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर आवश्यक कागजातों की जांच की और मौके पर ही कई पुराने विवादों, विशेषकर जमीन विवाद के मामलों को सुलझाया।4
- गिरिडीह जिले के गोरहंड डैम, मरकच्चो में 25 किलोग्राम की एक विशाल मछली पकड़ी गई है। स्थानीय लोग अन्य लोगों को भी गोरहंड डैम आकर इस नजारे का और वहां के माहौल का आनंद लेने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।1
- गिरिडीह में एक पिता ने अपनी बेटी का जीते जी पिंडदान कर दिया, जिसकी शादी की तैयारियों में वह व्यस्त था। यह प्रतीकात्मक श्राद्ध और पिंडदान गिरिडीह जिले के सरिया स्थित प्रसिद्ध उत्तरवाहिनी तट राजदह धाम में किया गया। बताया जा रहा है कि बेटी शादी से ठीक आठ दिन पहले अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी और उसने प्रेम विवाह कर लिया था। प्रेम विवाह के बाद बेटी ने अपने पति बने प्रेमी के साथ एक वीडियो बनाकर अपने घरवालों पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे आहत होकर पिता ने अपनी जीवित बेटी का यह प्रतीकात्मक श्राद्ध और पिंडदान किया। जानकारी के अनुसार, यह मामला कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र के निवासी राजू मेहता का है, जिन्होंने अपनी बेटी सुनैना कुमारी की शादी तय की थी। सुनैना की बारात 20 जून को आनी थी और परिवार शादी की खरीदारी तथा अन्य तैयारियों में जुटा था। रिश्तेदारों का घर पर आना भी शुरू हो गया था, लेकिन शादी से 8 दिन पहले, यानी 12 जून को, सुनैना कुमारी घर से गायब हो गई।1
- गिरिडीह जिले के पचंबा स्थित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में नशा मुक्त भारत बनाने के उद्देश्य से एक प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। इस प्रभात फेरी में लगभग 800 बच्चों ने भाग लिया। सीनियर बच्चे स्कूल का बैनर लेकर प्रभात फेरी का नेतृत्व कर रहे थे, जबकि अन्य बच्चे 'नशा मुक्त' बनाने वाले नारों की तख्तियां लिए कतारबद्ध चल रहे थे। प्रभात फेरी के बाद, विद्यालय की मॉर्निंग असेंबली में शिक्षकों और बच्चों को नशा मुक्त भारत बनाने के लिए शपथ भी दिलाई गई।1
- अदालत में सुनवाई के बाद एक पति को बेकसूर मानते हुए बरी कर दिया गया है। विभिन्न उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि पत्नी द्वारा पति पर लगाए गए आरोप, जैसे कि दहेज, प्रताड़ना, या चरित्र हनन के झूठे मामले, अदालत में गलत साबित होते हैं, तो इसे पति के प्रति 'मानसिक क्रूरता' माना जाता है। इस प्रकार के झूठे आरोप और मुकदमे तलाक का एक वैध आधार बन जाते हैं। पत्नी द्वारा लगाए गए इन झूठे आरोपों और मुकदमों से पति को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।1
- सिख धर्म के पाँचवें गुरु, गुरु श्री अर्जन देव जी महाराज का 420वां शहीदी दिवस गुरुवार को निरसा में श्रद्धा, सम्मान और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर निरसा गुरुद्वारा परिसर में विशेष लंगर का आयोजन किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब को नमन किया और लंगर सेवा में भाग लिया। इस वार्षिक कार्यक्रम के तहत राहगीरों के बीच ठंडा शरबत और चना प्रसाद भी वितरित किया गया। निरसा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य सरदार मंजीत सिंह ने बताया कि गुरु अर्जन देव जी का जन्म वर्ष 1563 में हुआ था। उन्होंने सिख धर्म के प्रचार-प्रसार और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, साथ ही सिखों के पवित्र ग्रंथ आदि ग्रंथ के प्रारंभिक स्वरूप का संकलन भी कराया था। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 1606 में तत्कालीन मुगल सम्राट जहांगीर के शासनकाल में गुरु अर्जन देव जी को कठोर यातनाएँ दी गईं और सिख परंपरा के अनुसार, उन्होंने अपने सिद्धांतों एवं धर्म से समझौता करने से इनकार करते हुए शहादत स्वीकार की। गुरु अर्जन देव जी की शहादत सिख समुदाय को सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए कठिन से कठिन परिस्थितियों का भी साहसपूर्वक सामना करने का संदेश देती है। उनके बलिदान को याद करते हुए, संगत ने मानवता, सेवा और भाईचारे के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।8
- बोकारो जिले की दुग्दा बस्ती में एक विवाहिता की मौत के बाद मामला गरमा गया है, जिससे वहां हंगामा खड़ा हो गया है। मृतका के मायके वालों ने उसके ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। इस पूरे मामले में पुलिस गहन जांच में जुटी हुई है।4
- गिरिडीह जिले के डुमरी स्थित पीएनडी जैन उच्च विद्यालय में गुरुवार को आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के निर्देश पर योग प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया गया। प्रधानाध्यापक सुनील कुमार जैन की अध्यक्षता में विद्यालय में एक योग क्लब का भी गठन किया गया है, जिसमें सुनील कुमार जैन को पदेन अध्यक्ष और दयानंद कुमार को पदेन सचिव मनोनीत किया गया। बाल संसद के प्रधानमंत्री कुंदन कुमार को खेल मंत्री, प्रिंस कुमार को स्वास्थ्य मंत्री और शीला कुमारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया, जबकि जीव विज्ञान शिक्षक देवेश कुमार देव विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। खेल शिक्षक दयानंद कुमार के प्रशिक्षण में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने ध्यान, अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका प्राणायाम, कपालभाति, सूक्ष्म व्यायाम एवं योग गायन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। इस कार्यक्रम में संगीता जैन, डॉ. श्याम कुमार सिंह, रजत जैन, देवेश कुमार देव, रूपलाल प्रसाद मंडल, सुब्रत कुमार सामंत, दयानंद कुमार, डॉ. विवेक जैन, वैभव रानी, नैना सिन्हा, एतवारी महतो, रविंद्र कुमार सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे। इसी दौरान, अष्टम कक्षा के छात्र आनंद कुमार को विद्यालय का योग एम्बेस्डर घोषित किया गया, जिन्होंने शीर्षासन का प्रदर्शन कर सभी को चकित कर दिया। विद्यालय में योग सप्ताह के दौरान अष्टम वर्ग के छात्र-छात्राओं के बीच पोस्टर एवं स्लोगन मेकिंग प्रतियोगिता तथा नवम-दशम कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।4