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जालौन जिले की साइबर थाना पुलिस और जनपद के अन्य थानों की गठित पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 210 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 35,70,000/- रुपये बताई गई है। पुलिस टीम ने इन सभी मोबाइलों को उनके मूल स्वामियों को सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद मोबाइल वापस पाकर मालिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस पूरे मामले को लेकर जालौन के पुलिस अधीक्षक द्वारा एक बयान भी जारी किया गया।
दैनिक विश्ववार्ता न्यूज जालौन
जालौन जिले की साइबर थाना पुलिस और जनपद के अन्य थानों की गठित पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 210 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 35,70,000/- रुपये बताई गई है। पुलिस टीम ने इन सभी मोबाइलों को उनके मूल स्वामियों को सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद मोबाइल वापस पाकर मालिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस पूरे मामले को लेकर जालौन के पुलिस अधीक्षक द्वारा एक बयान भी जारी किया गया।
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- जालौन जिले के कदौरा थाना क्षेत्र में एक महिला की गैर-इरादतन हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार फरार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई खून से सनी ईंट भी बरामद कर ली गई है, जिसे आलाकत्ल बताया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए चारों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। यह पूरा मामला 12 जून का है, जब वादी लालाराम ने कदौरा थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि आरोपियों ने उनकी पत्नी कमला, पुत्र वीरेंद्र, रोहित, बहू शशिप्रभा और नाती अंकित के साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी। इस दौरान शशिप्रभा के सिर पर पत्थर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिसके बाद उन्हें झांसी के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान शशिप्रभा की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में कदौरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत, कदौरा थाना पुलिस टीम ने 12 जून की रात नाकाबंदी और चेकिंग के दौरान चारों फरार अभियुक्तों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में 57 वर्षीय रामपाल पुत्र होरीदीन, 55 वर्षीय दयाराम पुत्र होरीदीन, 38 वर्षीय हलकू उर्फ विजय पुत्र रामविलास, और 45 वर्षीय बबलू पुत्र रामविलास शामिल हैं। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर रक्तरंजित ईंट बरामद की। मृतक महिला के परिजन शुरुआत में अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। जब पुलिस ने नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया, तब जाकर 24 घंटे बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने पुष्टि की है कि सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।1
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र से गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर रविवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों से हड़कंप मच गया। इन घटनाक्रमों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पहला हादसा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर संख्या 208 पर हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक आगे खड़े दूसरे ट्रक में पीछे से जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे ट्रक के कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, दूसरा हादसा किलोमीटर संख्या 205 पर हुआ, जहां मजदूरों से भरी एक डीसीएम गाड़ी बालू से लदे ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना में डीसीएम में सवार एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीम ने सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। घायलों में से आठ मजदूरों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर कर दिया गया है। इन घटनाओं की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और बाद में अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। अधिकारियों ने चिकित्सकों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाओं के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसों के कारणों की जांच की जा रही है।4
- यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'बेटी' एक बेटी ही होती है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। बेटियों के खिलाफ की जाने वाली किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।1
- तैलिक समाज सेवा फाउंडेशन 10 प्रांत द्वारा 14 जून 2026 को जालौन में मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समारोह का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करना और समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना था। कार्यक्रम में सांसद बंटी विवेक साहू और राज्य मंत्री राकेश राठौर (गुरु) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ भाजपा नेता योगेंद्र राठौर अशोक राठौर और जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह कालपी भी शामिल थे। डॉ. कमलेश राठौर ने समारोह की अध्यक्षता की, जबकि रोहित गैर ने सफल संचालन किया। अपने संबोधन में राज्य मंत्री राकेश राठौर (गुरु) ने शिक्षा को किसी भी समाज के विकास के लिए अपरिहार्य बताया। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को शिक्षित, संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा वर्तमान समय में हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी है। सांसद बंटी विवेक साहू ने समाज में एकता और संगठन की शक्ति पर जोर दिया, ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुटता बनाए रखने तथा राजनीति व सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मानित किए गए मेधावी विद्यार्थियों में हाईस्कूल से ऋषि कुमार साहू (प्रथम स्थान), शालिनी रागर (द्वितीय स्थान, 97%) और माधव राजा (तृतीय स्थान, 98%) शामिल थे। इंटरमीडिएट से यश राठौर (प्रथम स्थान, 95%), स्प्रेहा साहू (द्वितीय स्थान, 95%) और कार्तिक राठौर (तृतीय स्थान, 92.8%) को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह के दौरान मेधावी विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे, और मंच से सम्मान प्राप्त करने पर विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व को मजबूती से स्थापित करने और नई पीढ़ी को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का संदेश भी दे गया।1
- क्षेत्र में बिजली के खंभे टूटे पड़े हैं, जो बीते 28 अप्रैल से ही इसी खराब स्थिति में हैं। आज 14 जून हो चुकी है, लेकिन अब तक इन खंभों की मरम्मत नहीं की गई है, जिससे यह समस्या एक महीने से भी अधिक समय से जस की तस बनी हुई है।1
- कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के इकघरा गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक ने अपने घर के अंदर छत में लगे कुंडे से दुपट्टे द्वारा फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दरोगा रामवीर सिंह ने इस संबंध में बताया कि मृतक की पहचान नितेश कुशवाहा पुत्र रामरतन के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 26 वर्ष थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया है।1
- जालौन कोतवाली क्षेत्र के लोना संपर्क मार्ग पर पुलिस और एक शातिर इनामिया बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में 25 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर बदमाश छोटेलाल उर्फ लादेन के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार बदमाश छोटेलाल उर्फ लादेन वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था और उस पर लूट तथा बाइक चोरी सहित एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके पास से एक अवैध असलहा, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। यह पूरी कार्रवाई एसओजी, सर्विलांस और जालौन कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम ने मिलकर की।1
- कानपुर देहात के रुरा थाना क्षेत्र स्थित धनिरामपुर गांव के पैसठ वर्षीय बुजुर्ग बाबूराम उर्फ बब्बू नहर में डूबकर लापता हो गए हैं। इस घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम ने नहर में लगातार दो दिनों तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि, हरसंभव प्रयास के बावजूद लापता बुजुर्ग व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वहीं, लापता बुजुर्ग की पत्नी प्रेमा देवी ने अपने पति की गुमशुदगी की तहरीर दी है, जिसे थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने दर्ज करने की पुष्टि की है।1
- जालौन विकासखंड की ग्राम पंचायत लहचूरा में सार्वजनिक मरघट का रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों को खुले खेत-खलिहानों में शवों का अंतिम संस्कार करने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जो इंसानियत को शर्मसार करने वाली स्थिति है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सरकारी मरघट होने के बावजूद वहां तक पहुंचने वाले रास्ते पर एक दबंग ने कब्जा कर लिया है। वे बताते हैं कि पीढ़ियों से जिस रास्ते का उपयोग शवों को मरघट तक ले जाने के लिए होता था, उसे अब बंद कर दिया गया है। वीडियो में जलती चिता और आसपास बैठे ग्रामीणों का दर्द स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। एक बुजुर्ग ग्रामीण ने बताया कि सार्वजनिक मरघट जैसी सुविधा गांव में होना अत्यंत आवश्यक है और रास्ता रोके जाने के बाद उन्हें शवों के अंतिम संस्कार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश के मौसम में। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने इस संबंध में ग्राम प्रधान और तहसील में कई बार शिकायत की है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मामले पर ग्राम प्रधान अनिल कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने पुष्टि की कि मरघट की जमीन सरकारी है और रास्ता भी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। प्रधान ने बताया कि उन्होंने रास्ते से कब्जा हटवाने के लिए एसडीएम को पत्र लिखा है और जल्द ही रास्ता खुलवाकर मरघट तक पहुंच सुनिश्चित कराई जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाकर मरघट तक एक पक्का रास्ता बनवाने की मांग की है ताकि अंतिम संस्कार सम्मानजनक तरीके से संपन्न हो सकें।1