लालानगर विद्युत फीडर पर अघोषित कटौती के विरोध में उपभोक्ताओं का प्रदर्शन 18 घंटे बिजली आपूर्ति के शासनादेश के बावजूद मनमानी कटौती का आरोप, सुधार नहीं होने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत की चेतावनी गोपीगंज। लालानगर विद्युत वितरण उपखंड पर अघोषित विद्युत कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने बुधवार को धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के बावजूद लगातार बिजली कटौती किए जाने का आरोप लगाते हुए उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किए जाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं का आरोप था कि शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का प्रावधान किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका समुचित पालन नहीं हो रहा है। उपभोक्ताओं के अनुसार, शाम करीब छह बजे बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इसके बाद रात करीब नौ बजे कुछ समय के लिए बिजली आती है और फिर दोबारा आपूर्ति बाधित हो जाती है। भोर में बिजली मिलने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि इन दिनों गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं, बरसात के मौसम में रात के समय बिजली कटौती होने से गांवों में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे की आशंका भी बनी रहती है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि लालानगर के अलावा अन्य विद्युत फीडरों पर भी इसी तरह की समस्या बनी हुई है। प्रदर्शन के दौरान कुछ विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कथित तौर पर कहा कि उन्हें ऊपर से जो निर्देश प्राप्त होते हैं, उसी के अनुसार विद्युत आपूर्ति संचालित की जाती है। इस पर उपभोक्ताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीणों को निर्धारित समय के अनुसार बिजली उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। सुधार नहीं होने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत की चेतावनी प्रदर्शन में मौजूद भाजपा नेत्री महिमा चौधरी ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाना जरूरी है। यदि विद्युत वितरण प्रणाली में सुधार नहीं हुआ और अघोषित कटौती पर अंकुश नहीं लगा तो उपभोक्ताओं के साथ उच्चाधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के लिए जाने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं ने विद्युत आपूर्ति को नियमित करने, अघोषित कटौती पर रोक लगाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के निर्देशों के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। इस मौके पर महिमा चौधरी, मनोज उपाध्याय, दीपक पाठक, अश्वनी कुमार उर्फ मनीष पाठक, अंकित पाल, उमेश पाल, महेश प्रजापति सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
लालानगर विद्युत फीडर पर अघोषित कटौती के विरोध में उपभोक्ताओं का प्रदर्शन 18 घंटे बिजली आपूर्ति के शासनादेश के बावजूद मनमानी कटौती का आरोप, सुधार नहीं होने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत की चेतावनी गोपीगंज। लालानगर विद्युत वितरण उपखंड पर अघोषित विद्युत कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने बुधवार को धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के बावजूद लगातार बिजली कटौती किए जाने का आरोप लगाते हुए उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किए जाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं का आरोप था कि शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का प्रावधान किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका समुचित पालन नहीं हो रहा है। उपभोक्ताओं के अनुसार, शाम करीब छह बजे बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इसके बाद रात करीब नौ बजे कुछ
समय के लिए बिजली आती है और फिर दोबारा आपूर्ति बाधित हो जाती है। भोर में बिजली मिलने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि इन दिनों गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं, बरसात के मौसम में रात के समय बिजली कटौती होने से गांवों में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे की आशंका भी बनी रहती है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि लालानगर के अलावा अन्य विद्युत फीडरों पर भी इसी तरह की समस्या बनी हुई है। प्रदर्शन के दौरान कुछ विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कथित तौर पर कहा कि उन्हें ऊपर से जो निर्देश प्राप्त होते हैं, उसी के अनुसार विद्युत आपूर्ति संचालित की जाती है। इस पर उपभोक्ताओं ने सवाल उठाते हुए कहा
कि ग्रामीणों को निर्धारित समय के अनुसार बिजली उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। सुधार नहीं होने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत की चेतावनी प्रदर्शन में मौजूद भाजपा नेत्री महिमा चौधरी ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाना जरूरी है। यदि विद्युत वितरण प्रणाली में सुधार नहीं हुआ और अघोषित कटौती पर अंकुश नहीं लगा तो उपभोक्ताओं के साथ उच्चाधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के लिए जाने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं ने विद्युत आपूर्ति को नियमित करने, अघोषित कटौती पर रोक लगाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के निर्देशों के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। इस मौके पर महिमा चौधरी, मनोज उपाध्याय, दीपक पाठक, अश्वनी कुमार उर्फ मनीष पाठक, अंकित पाल, उमेश पाल, महेश प्रजापति सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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- गोपीगंज के श्री सिध्दीविनायक, हॉस्पिटल में एक गर्भवती मां ने एक साथ तीन बच्चों को दिया जनम, मां बच्चे सुरक्षित पृथ्वी पर भगवान को लोग आस्था से उनकी उपस्थिति और कृपा का अनुभव कर सकते है लेकिन आज भी लोग चिकित्सक को भगवान के दूसरे रूप में लोग जानते है और ऐसे कई काम सामने देखने को मिलता है जिससे पृथ्वी के दूसरे भगवान के रूप में चिकित्सकों को माना जाता है। एक ऐसा ही मामला भदोही जिले के गोपीगंज में स्थित श्री सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में बीते बुधवार की देर रात को देखने को मिला जहां पर सर्जन चिकित्सक डॉ एस के मिश्रा के नेतृत्व में एक महिला का सफल ऑपरेशन करते हुए उसके तीन बच्चों का सफल डेलवरी हुई। और महिला और उसके तीनों बच्चे सकुशल है। डॉ एस के मिश्रा के टीम में डॉ सुमन पाण्डेय, डॉ राजेश यादव, डॉ रंजन और डॉ धीरज पाण्डेय शामिल रहे। करीब आधा घंटे के काफ़ी प्रयास और मशक्क्तत के बाद ऑपरेशन सफल हुआ और महिला समेत उसके तीनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित है, इस वाकया को जो भी सुन रहा है, वह हॉस्पिटल के चिकित्सकों के प्रयास और मेहनत की खूब तारीफ कर रहा है। साथ ही महिला के परिजन भी हॉस्पिटल के चिकित्सक और व्यवस्था की भी खूब तारीफ कर रहे है। मालूम हो कि गोपीगंज नगर के ज्ञानपुर रोड स्थित फूलबाग निवासी आकाश उमरवैश्य की पत्नी ख़ुशी को बुधवार की रात में सफल ऑपरेशन के बाद तीन बच्चे पैदा हुए। हॉस्पिटल के संचालक कुशल पाण्डेय ने बताया कि अभी तक श्री सिद्धविनायक हॉस्पिटल में जुड़वा बच्चें पैदा हुए थे लेकिन तीन बच्चों का पैदा होना पहला मामला है, और इसमें डॉ एस के मिश्रा और उनके सहयोगी चिकित्सकों का काफ़ी योगदान है। कुशल पाण्डेय ने बताया कि उनके हॉस्पिटल श्री सिद्धविनायक हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में आधुनिक जांच मशीन, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी, डिजिटल एक्सरे, आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू , आर्थो, डिलेवरी, पैथलॉजी, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्सरे समेत आधुनिक सुविधाएं है। मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता है।4
- सफाई कर्मचारियों की लापरवाही से नही उठ रहा कूड़ा,जिम्मेदार मौन1
- : Writing सेमराधनाथ में सड़क पर घूम रहे आवारा पशु, राहगीरों को परेशानी भदोही। जनपद के प्रसिद्ध सेमराधनाथ क्षेत्र में इन दिनों आवारा पशुओं का सड़क पर टहलना राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़क पर जगह-जगह आवारा पशु घूमते और बैठे दिखाई दे रहे हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर अचानक पशुओं के आ जाने से दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। कई बार पशुओं के सड़क पर बैठे रहने से वाहन चालकों को रास्ता बदलकर निकलना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने संबंधित जिम्मेदार विभाग से सड़क पर : Writing सेमराधनाथ में सड़क पर घूम रहे आवारा पशु, राहगीरों को परेशानी भदोही। जनपद के प्रसिद्ध सेमराधनाथ क्षेत्र में इन दिनों आवारा पशुओं का सड़क पर टहलना राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़क पर जगह-जगह आवारा पशु घूमते और बैठे दिखाई दे रहे हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर अचानक पशुओं के आ जाने से दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। कई बार पशुओं के सड़क पर बैठे रहने से वाहन चालकों को रास्ता बदलकर निकलना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने संबंधित जिम्मेदार विभाग से सड़क पर घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या का समाधान कराने तथा उनके लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समस्या पर समय रहते ध्यान दिया जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- भदोही में भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। चकईनायत लोहराना गली में भव्य पंडाल सजाकर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना हुई। वहीं नगर के विभिन्न कारखानों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में भी मशीनों व औजारों की पूजा की गई। शाम को भक्ति गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। देखिए News Time UP की पूरी खबर और भदोही में विश्वकर्मा जयंती की खास तस्वीरें। #VishwakarmaJayanti #VishwakarmaPuja #Bhadohi #BhadohiNews #NewsTimeUP #VishwakarmaPuja2026 #UPNews #Bhakti #BreakingNews #LatestNews #HindiNews #भदोही #विश्वकर्माजयंती #विश्वकर्मापूजा1
- #वायरल होने की चाह में युवक ने की कड़ी साधना, गर्दन को 180 डिग्री तक घुमाकर दिखाई अनोखी कला कैप्शन: सोशल मीडिया पर पहचान बनाने का जुनून, वर्षों की मेहनत और योग साधना से शिव यादव ने हासिल किया अनोखा हुनर, परिवार के मना करने के बावजूद जारी रखी साधना #मध्यमवर्गीय परिवार के युवक ने अद्वितीय कला से सबको चौंकाया, सोशल मीडिया पर छाने की चाह में खुद को किया समर्पित ज्ञानपुर। सोशल मीडिया के दौर में हर कोई अपनी अलग पहचान बनाने और रातोंरात सुर्खियां बटोरने का सपना देखता है। कोई डांस के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाता है तो कोई गायन, अभिनय और अन्य कलाओं के माध्यम से लोगों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करता है। लेकिन भदोही जनपद के ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के डूहिया गांव निवासी एक मध्यमवर्गीय परिवार के युवक ने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने की चाह में ऐसी अनोखी कला का प्रदर्शन किया है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जा रहे हैं। डूहिया गांव निवासी केशलाल यादव के पुत्र शिव यादव ने बताया कि इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर डांस की रील बनाकर पोस्ट करना शुरू किया। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी मेहनत और प्रतिभा एक दिन लोगों के बीच पहचान बनाएगी, लेकिन लंबे समय तक अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और कुछ अलग करने का संकल्प लिया। # सफलता नहीं मिली तो कुछ अलग करने की ठानी शिव यादव के मुताबिक, सोशल मीडिया पर लगातार रील बनाने के बावजूद जब उन्हें वह मुकाम नहीं मिल सका, जिसकी उन्हें तलाश थी, तो उन्होंने मन में ठान लिया कि वह कुछ ऐसा करेंगे, जिससे लोग उन्हें अलग पहचान सकें। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी गर्दन को धीरे-धीरे घुमाने का अभ्यास शुरू किया। शिव का कहना है कि शुरुआत में यह उनके लिए आसान नहीं था। लगातार अभ्यास, कठिन परिश्रम और योग साधना के माध्यम से उन्होंने अपनी इस कला को विकसित करने का प्रयास किया। धीरे-धीरे अभ्यास करते हुए उन्होंने अपनी गर्दन को कथित तौर पर 180 डिग्री के कोण तक घुमाने में सफलता हासिल की। इस दौरान उनके एक सहयोगी ने भी उनका साथ दिया। उनका दावा है कि इस अनोखी कला को विकसित करने के पीछे उनकी वर्षों की मेहनत, लगन और कुछ अलग कर दिखाने का जुनून है। ### परिवार करता रहा मना, लेकिन जुनून के आगे नहीं मानी हार शिव यादव ने बताया कि उनकी इस साधना को लेकर माता-पिता, भाई-बहन लगातार उन्हें मना करते रहे। परिवार के लोगों को डर था कि इस तरह के अभ्यास से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, शिव अपने लक्ष्य को लेकर लगातार प्रयासरत रहे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कई चिकित्सकों से सलाह भी ली है। उनका कहना है कि वह अपनी कला को लेकर काफी सजग रहते हैं और इसे हासिल करने में उन्होंने कड़ी मेहनत की है। ### बच्चों और बड़ों को दी ऐसी साधना से दूर रहने की सलाह अपनी अनोखी कला का प्रदर्शन करने वाले शिव यादव ने लोगों से अपील की कि वे उनकी तरह गर्दन घुमाने या इस प्रकार की किसी भी साधना को स्वयं आजमाने का प्रयास न करें। खासकर छोटे बच्चों और युवाओं को उन्होंने ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में किसी को भी अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। किसी भी तरह का शारीरिक अभ्यास विशेषज्ञ की देखरेख और उचित चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। वायरल होने की चाह या जुनून की मिसाल? शिव यादव की कहानी उन युवाओं के लिए एक संदेश है, जो सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। उनकी मेहनत और कुछ अलग करने की चाह ने उन्हें चर्चा में ला दिया है। हालांकि, उनकी गर्दन घुमाने की कला को लेकर चिकित्सकीय दृष्टि से सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। नोट: गर्दन को असामान्य कोण तक घुमाने का अभ्यास गंभीर चोट का कारण बन सकता है। इस तरह की गतिविधियों को दोहराने या उसकी नकल करने से बचना चाहिए। #वायरल होने की चाह में युवक ने की कड़ी साधना, गर्दन को 180 डिग्री तक घुमाकर दिखाई अनोखी कला कैप्शन: सोशल मीडिया पर पहचान बनाने का जुनून, वर्षों की मेहनत और योग साधना से शिव यादव ने हासिल किया अनोखा हुनर, परिवार के मना करने के बावजूद जारी रखी साधना #मध्यमवर्गीय परिवार के युवक ने अद्वितीय कला से सबको चौंकाया, सोशल मीडिया पर छाने की चाह में खुद को किया समर्पित ज्ञानपुर। सोशल मीडिया के दौर में हर कोई अपनी अलग पहचान बनाने और रातोंरात सुर्खियां बटोरने का सपना देखता है। कोई डांस के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाता है तो कोई गायन, अभिनय और अन्य कलाओं के माध्यम से लोगों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करता है। लेकिन भदोही जनपद के ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के डूहिया गांव निवासी एक मध्यमवर्गीय परिवार के युवक ने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने की चाह में ऐसी अनोखी कला का प्रदर्शन किया है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जा रहे हैं। डूहिया गांव निवासी केशलाल यादव के पुत्र शिव यादव ने बताया कि इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर डांस की रील बनाकर पोस्ट करना शुरू किया। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी मेहनत और प्रतिभा एक दिन लोगों के बीच पहचान बनाएगी, लेकिन लंबे समय तक अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और कुछ अलग करने का संकल्प लिया। # सफलता नहीं मिली तो कुछ अलग करने की ठानी शिव यादव के मुताबिक, सोशल मीडिया पर लगातार रील बनाने के बावजूद जब उन्हें वह मुकाम नहीं मिल सका, जिसकी उन्हें तलाश थी, तो उन्होंने मन में ठान लिया कि वह कुछ ऐसा करेंगे, जिससे लोग उन्हें अलग पहचान सकें। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी गर्दन को धीरे-धीरे घुमाने का अभ्यास शुरू किया। शिव का कहना है कि शुरुआत में यह उनके लिए आसान नहीं था। लगातार अभ्यास, कठिन परिश्रम और योग साधना के माध्यम से उन्होंने अपनी इस कला को विकसित करने का प्रयास किया। धीरे-धीरे अभ्यास करते हुए उन्होंने अपनी गर्दन को कथित तौर पर 180 डिग्री के कोण तक घुमाने में सफलता हासिल की। इस दौरान उनके एक सहयोगी ने भी उनका साथ दिया। उनका दावा है कि इस अनोखी कला को विकसित करने के पीछे उनकी वर्षों की मेहनत, लगन और कुछ अलग कर दिखाने का जुनून है। ### परिवार करता रहा मना, लेकिन जुनून के आगे नहीं मानी हार शिव यादव ने बताया कि उनकी इस साधना को लेकर माता-पिता, भाई-बहन लगातार उन्हें मना करते रहे। परिवार के लोगों को डर था कि इस तरह के अभ्यास से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, शिव अपने लक्ष्य को लेकर लगातार प्रयासरत रहे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कई चिकित्सकों से सलाह भी ली है। उनका कहना है कि वह अपनी कला को लेकर काफी सजग रहते हैं और इसे हासिल करने में उन्होंने कड़ी मेहनत की है। ### बच्चों और बड़ों को दी ऐसी साधना से दूर रहने की सलाह अपनी अनोखी कला का प्रदर्शन करने वाले शिव यादव ने लोगों से अपील की कि वे उनकी तरह गर्दन घुमाने या इस प्रकार की किसी भी साधना को स्वयं आजमाने का प्रयास न करें। खासकर छोटे बच्चों और युवाओं को उन्होंने ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में किसी को भी अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। किसी भी तरह का शारीरिक अभ्यास विशेषज्ञ की देखरेख और उचित चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। वायरल होने की चाह या जुनून की मिसाल? शिव यादव की कहानी उन युवाओं के लिए एक संदेश है, जो सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। उनकी मेहनत और कुछ अलग करने की चाह ने उन्हें चर्चा में ला दिया है। हालांकि, उनकी गर्दन घुमाने की कला को लेकर चिकित्सकीय दृष्टि से सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। नोट: गर्दन को असामान्य कोण तक घुमाने का अभ्यास गंभीर चोट का कारण बन सकता है। इस तरह की गतिविधियों को दोहराने या उसकी नकल करने से बचना चाहिए।1
- प्रयागराज: TGT-PGT 2026 के 24 हजार पदों पर पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग को लेकर आमरण अनशन जारी।1
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