बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के हालिया नतीजों ने एक बार फिर साबित किया है कि सूबे के गांवों में प्रतिभाओं का अथाह भंडार है। इसी कड़ी में, गया जिले के गुरारू प्रखंड के सुदूर पलाकी सखी गांव के रहने वाले अभिषेक कुमार चौधरी ने BPSC परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का पद प्राप्त किया है। पिता अनिल चौधरी के इस होनहार बेटे की यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे गया जिले और शोषित-वंचित समाज के आत्मसम्मान की एक बड़ी जीत के रूप में देखी जा रही है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बन गई है। अभिषेक चौधरी की यह कामयाबी विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह एक ऐसे ग्रामीण समाज और इलाके से आती है, जहां प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचना आज भी एक बड़े सपने जैसा माना जाता है। गुरारू का पलाकी सखी गांव आज इस सफलता पर गर्व से फूला नहीं समा रहा है। पासी समाज सहित पूरे जिले से मिल रही बधाइयों का तांता इस बात का प्रमाण है कि समाज अपने इस बेटे की कड़ी मेहनत को कितनी शिद्दत से महसूस कर रहा है। यह उपलब्धि दिखाती है कि कैसे खाकी वर्दी पर चमकने वाले सितारे जब एक आम परिवार के युवा के कंधे पर सजते हैं, तो वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं। DSP पद पर अभिषेक का चयन केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि हाशिए पर खड़े समाज की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी का प्रतीक है। पासी समाज द्वारा दी जा रही हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं इस बात की ओर संकेत करती हैं कि शिक्षा ही वह अचूक हथियार है, जिससे सामाजिक असमानता की दीवारों को ढहाया जा सकता है। जब वंचित समाज का कोई युवा व्यवस्था के नीति-निर्धारक और सुरक्षात्मक पदों पर आसीन होता है, तो आम जनमानस में न्याय और कानून के प्रति विश्वास कई गुना बढ़ जाता है, जो सामाजिक समरसता और बदलाव का एक बड़ा सूचक है। गया जिला, जो ज्ञान और मोक्ष की भूमि के रूप में प्रसिद्ध रहा है, अब प्रशासनिक योद्धाओं की भूमि के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। अभिषेक चौधरी ने अपनी लगन और सही दिशा से यह सिद्ध किया है कि राज्य की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा को भी क्रैक किया जा सकता है। एक DSP के रूप में, अभिषेक के सामने अब कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने की एक बड़ी और अहम जिम्मेदारी होगी। इस ऐतिहासिक कामयाबी पर अभिषेक कुमार चौधरी और उनके गौरवशाली परिवार को कोटि-कोटि बधाई देते हुए, यह विश्वास जताया गया है कि गुरारू की मिट्टी का यह लाल जब पुलिसिया वर्दी में अपनी जिम्मेदारी संभालेगा, तो जिले का नाम और रौशन होगा। उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक सीधी चुनौती और आमंत्रण है जो अपनी किस्मत को कोसते हैं, उन्हें उठकर, पढ़कर और अपने हक व समाज के गौरव के लिए व्यवस्था के शीर्ष पर अपनी जगह सुनिश्चित करने का संदेश देती है।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के हालिया नतीजों ने एक बार फिर साबित किया है कि सूबे के गांवों में प्रतिभाओं का अथाह भंडार है। इसी कड़ी में, गया जिले के गुरारू प्रखंड के सुदूर पलाकी सखी गांव के रहने वाले अभिषेक कुमार चौधरी ने BPSC परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का पद प्राप्त किया है। पिता अनिल चौधरी के इस होनहार बेटे की यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे गया जिले और शोषित-वंचित समाज के आत्मसम्मान की एक बड़ी जीत के रूप में देखी जा रही है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बन गई है। अभिषेक चौधरी की यह कामयाबी विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह एक ऐसे ग्रामीण समाज और इलाके से आती है, जहां प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचना आज भी एक बड़े सपने जैसा माना जाता है। गुरारू का पलाकी सखी गांव आज इस सफलता पर गर्व से फूला नहीं समा रहा है। पासी समाज सहित पूरे जिले से मिल रही बधाइयों का तांता इस बात का प्रमाण है कि समाज अपने इस बेटे की कड़ी मेहनत को कितनी शिद्दत से महसूस कर रहा है। यह उपलब्धि दिखाती है कि कैसे खाकी वर्दी पर चमकने वाले सितारे जब एक आम परिवार के युवा के कंधे पर सजते हैं, तो वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं। DSP पद पर अभिषेक का चयन केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि हाशिए पर खड़े समाज की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी का प्रतीक है। पासी समाज द्वारा दी जा रही हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं इस बात की ओर संकेत करती हैं कि शिक्षा ही वह अचूक हथियार है, जिससे सामाजिक असमानता की दीवारों को ढहाया जा सकता है। जब वंचित समाज का कोई युवा व्यवस्था के नीति-निर्धारक और सुरक्षात्मक पदों पर आसीन होता है, तो आम जनमानस में न्याय और कानून के प्रति विश्वास कई गुना बढ़ जाता है, जो सामाजिक समरसता और बदलाव का एक बड़ा सूचक है। गया जिला, जो ज्ञान और मोक्ष की भूमि के रूप में प्रसिद्ध रहा है, अब प्रशासनिक योद्धाओं की भूमि के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। अभिषेक चौधरी ने अपनी लगन और सही दिशा से यह सिद्ध किया है कि राज्य की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा को भी क्रैक किया जा सकता है। एक DSP के रूप में, अभिषेक के सामने अब कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने की एक बड़ी और अहम जिम्मेदारी होगी। इस ऐतिहासिक कामयाबी पर अभिषेक कुमार चौधरी और उनके गौरवशाली परिवार को कोटि-कोटि बधाई देते हुए, यह विश्वास जताया गया है कि गुरारू की मिट्टी का यह लाल जब पुलिसिया वर्दी में अपनी जिम्मेदारी संभालेगा, तो जिले का नाम और रौशन होगा। उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक सीधी चुनौती और आमंत्रण है जो अपनी किस्मत को कोसते हैं, उन्हें उठकर, पढ़कर और अपने हक व समाज के गौरव के लिए व्यवस्था के शीर्ष पर अपनी जगह सुनिश्चित करने का संदेश देती है।
- चतरा के हंटरगंज में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को हंटरगंज थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अंचल पुलिस इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने की, जबकि थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने इसका संचालन किया। इस दौरान दोनों समुदायों के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मुहर्रम पर्व मनाने का निर्णय लिया। पुलिस प्रशासन ने पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि हंटरगंज थाना क्षेत्र के लोग हमेशा से सभी पर्व-त्योहारों को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाते आए हैं और इस परंपरा को आगे भी कायम रखना आवश्यक है। बैठक में पंचायत स्तर पर संचालित लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी अखाड़ों की समीक्षा की गई। अखाड़ा समितियों के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और कम से कम 10 सदस्यों के नाम तथा मोबाइल नंबर थाना में जमा करने का निर्देश दिया गया, साथ ही जिन अखाड़ों के लाइसेंस समाप्त हो चुके हैं, उन्हें शीघ्र नवीनीकरण के लिए आवेदन देने को कहा गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुहर्रम का जुलूस केवल निर्धारित रूट से ही निकाला जाएगा। जुलूस के दौरान असामाजिक और शरारती तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी, और सामाजिक एवं धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नारों व गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, डीजे बजाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। बैठक में उपस्थित लोगों से यह अपील भी की गई कि किसी भी प्रकार की समस्या या विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दी जाए, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। इस बैठक में पूर्व बीस सूत्री जिला उपाध्यक्ष प्रभु दयाल यादव, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अरुण चौरसिया, राजद कार्यकारणी प्रखंड अध्यक्ष देवलाल यादव, वकील खान, एसआई नीतीश कुमार, एएसआई वीर बहादुर सिंह, भोला साव, सुनील दुबे, रंजीत कुमार सिंह, अजय महतो, मुखिया प्रतिनिधि दिलीप दास, बृज किशोर सिंह, जिप सदस्य प्रतिनिधि बेचन पासवान, चैतू यादव, मो. मशीर आलम सहित दोनों समुदायों के काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।1
- गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत शेरपुर गांव निवासी 18 वर्षीय छात्र संजीत कुमार की सड़क दुर्घटना में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई है। यह दुखद घटना शनिवार शाम को भलुहार-मटुआ के पास हुई थी, जहाँ एक अज्ञात बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दी थी। टक्कर से संजीत गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तुरंत गुरुआ स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के बाद जब उसकी स्थिति बिगड़ने लगी, तो चिकित्सकों ने उसे गया मगध मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मगध मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान संजीत कुमार ने दम तोड़ दिया। मृतक दसवीं कक्षा का छात्र था और अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गया मगध मेडिकल कॉलेज भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।2
- गया जिले के चौरी बाजार में रहने वाले लोग पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाजार में स्थित लगभग 500 घरों में से किसी भी घर में पानी नहीं आता है। स्थिति यह है कि नल जल योजना के तहत घरों में सिर्फ नल लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंचती। ऐसे में, लोग इस योजना के औचित्य पर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि ऐसी योजना का क्या फायदा जब घरों में पानी ही न मिले।1
- बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। मृतक युवक की बहनों ने हाल ही में खुलासा किया है कि भरत तिवारी को तीन नहीं, बल्कि कुल पाँच गोलियाँ लगी थीं।1
- गया शहर के माडनपुर बाईपास निवासी इंदु भूषण प्रसाद के पुत्र शेषांक सिन्हा ने बीपीएससी 70वीं परीक्षा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इस परीक्षा में 208वीं रैंक प्राप्त की है, जिसके परिणामस्वरूप वे डीएसपी (DSP) पद पर चयनित होकर एक नया इतिहास रच चुके हैं। शेषांक की इस सफलता से उनके पूरे परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।1
- दैहर (चौपारण) प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर में 21 जून, रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही अनुशासित ढंग से मनाया गया। प्रातः काल से ही विद्यालय परिसर में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं में उत्साह का माहौल था। योग कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण और वंदन के साथ एक संस्कारपूर्ण वातावरण में हुआ, जहाँ योग के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति में योग के महत्व के साथ-साथ संस्कारों का ज्ञान भी दिया गया। इस आयोजन को 'संस्कार क्रांति' का एक अनूठा संगम बताया गया। कार्यक्रम के दौरान, शिक्षक उपेंद्र कुमार वर्मा ने योग के माध्यम से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला को मजबूत किया। विद्यालय प्रांगण में प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यालय परिधान में सुसज्जित छात्र-छात्राएं एक साथ योग की विभिन्न क्रियाएं जैसे ग्रीवा चालन, स्कंद संचालन, कटि चालन, घुटना चालन कर रहे थे। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, भद्रासन, शशकासन, पद्मासन, बलासन, हलासन जैसे योगासनों के साथ-साथ प्राणायाम की विभिन्न विधाओं का भी अभ्यास किया, जो शिक्षक और छात्रों के बीच के अनूठे समन्वय को दर्शाता था। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया। इस अवसर पर, समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे दैनिक जीवन में अपनाने का आग्रह किया, क्योंकि इससे मन और शरीर स्वस्थ रहते हैं और सकारात्मक विचार आते हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर के प्रधानाध्यापक अभिमन्यु गौतम ने कहा कि वे चाहते हैं कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनें, बल्कि अच्छे इंसान बनें, जिसके लिए उन्हें शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत होना होगा। उन्होंने योग को इसमें काफी लाभकारी बताया और बच्चों को इसे समय निकालकर करने की सलाह दी, क्योंकि योग शरीर को स्फूर्तिपूर्ण और मन को एकाग्र व मजबूत बनाता है। उन्होंने बच्चों को राष्ट्र की धरोहर बताते हुए कहा कि उनके सकारात्मक विचारों और कार्यों से ही नए भारत की नींव तैयार होगी। कार्यक्रम का समापन 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः॥' मंत्र के साथ हुआ। संकुल संसाधन केंद्र के प्रभाकर कुमार ने इस अवसर पर शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के बीच अद्भुत समन्वय और शिक्षकों के प्रति आदर व सम्मान के भाव की सराहना की। उन्होंने समर्पित शिक्षकों को 'सजग राष्ट्र निर्माता' बताया, जो बच्चों के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं और उनमें शिक्षा, ज्ञान तथा संस्कार का अद्भुत समन्वय स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से योग को जीवन का आधार मानकर प्रतिदिन की दिनचर्या में अपनाने का आग्रह किया, क्योंकि जिसने इसे अपनाया वह हमेशा स्वस्थ रहा। इस मौके पर प्रधानाध्यापक अभिमन्यु गौतम, शिक्षक उपेंद्र कुमार वर्मा, हरे राम राय, अमर कुमार, प्रतिभा कुमारी, विभा कुमारी, रजनी रंजन, रेशमन के साथ-साथ वरिष्ठ समाजसेवी नागेंद्र कुमार, वार्ड सदस्य केदार राम दांगी, वरीय अधिवक्ता इंदूभूषण पांडेय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।3
- बिहार के गया जिले के टिकारी में, हरियाणा की विशेष PCPNDT टीम ने राज स्कूल के समीप स्थित 'शिवशक्ति अल्ट्रासाउंड' सेंटर पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई लिंग जांच के खिलाफ की गई, जिसके तहत अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ हुआ है। छापेमारी के बाद इस सेंटर को सील कर दिया गया है।1
- बिहार के शेरघाटी में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में एक छात्रा की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी और फरार वाहन की तलाश लगातार जारी है।1