कन्नौद के वरिष्ठ पत्रकार इरफान अली ने देवास के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर अपने भतीजे व पत्रकार फरहान अली की आत्महत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, पत्रकार फरहान अली ने 23 मई 2026 की शाम को सल्फास की गोलियां खा ली थीं, जिससे उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में 24 मई को मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। परिजनों का आरोप है कि जांच के दौरान फरहान के मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग से यह खुलासा हुआ है कि टाकलीखेड़ा निवासी जफर अली ने रुपए-पैसों के लेन-देन को लेकर उस पर मानसिक दबाव बनाया था। वहीं, एक अन्य मोबाइल की रिकॉर्डिंग से एक महिला द्वारा भी मृतक को पैसों के लिए प्रताड़ित किए जाने की बात सामने आई है। परिजनों का दावा है कि ये सभी सबूत पुलिस के पास उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज करने के बजाय मामले में समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में टीआई और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने कलेक्टर से मांग की है कि फरहान अली को खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले आरोपियों पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए और पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाए। आवेदन में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो शिकायतकर्ता भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी।
कन्नौद के वरिष्ठ पत्रकार इरफान अली ने देवास के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर अपने भतीजे व पत्रकार फरहान अली की आत्महत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, पत्रकार फरहान अली ने 23 मई 2026 की शाम को सल्फास की गोलियां खा ली थीं, जिससे उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में 24 मई को मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। परिजनों का आरोप है कि जांच के दौरान फरहान के मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग से यह खुलासा हुआ है कि टाकलीखेड़ा निवासी जफर अली ने रुपए-पैसों के लेन-देन को लेकर उस पर मानसिक दबाव बनाया था। वहीं, एक अन्य मोबाइल की रिकॉर्डिंग से एक महिला द्वारा भी मृतक को पैसों के लिए प्रताड़ित किए जाने की बात सामने आई है। परिजनों का दावा है कि ये सभी सबूत पुलिस के पास उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज करने के बजाय मामले में समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में टीआई और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने कलेक्टर से मांग की है कि फरहान अली को खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले आरोपियों पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए और पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाए। आवेदन में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो शिकायतकर्ता भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी।
- सीहोर जिले के इछावर स्थित नेता जी सुभाष चंद्र बोस महाविद्यालय में इछावर थाना पुलिस द्वारा 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' नशामुक्ति जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के साथ उनके माता-पिता और अभिभावकों को भी शामिल किया गया। इस दौरान चित्रकला, निबंध, पेंटिंग, स्लोगन लेखन, रंगोली और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में व्याख्यान देकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी दी गई, नशा न करने की शपथ दिलाई गई और नशा मुक्ति से संबंधित पम्पलेट का वितरण किया गया।2
- देवास के टोंकखुर्द में पुलिस के 'नशे से दूरी है, जरूरी 2.0' अभियान को जनसमर्थन प्राप्त हुआ है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान को स्थानीय लोगों का समर्थन मिल रहा है।1
- मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मुंदी नगर परिषद में चार नए एल्डरमैन नियुक्त किए हैं, जिसके संबंध में शासन ने आदेश जारी कर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को मनोनीत किया है। जारी आदेश के मुताबिक, वार्ड क्रमांक-1 से श्रीमती अनीता श्रीवास्तव, वार्ड क्रमांक-11 से अशोक जैन, वार्ड क्रमांक-3 से निलेश राठौर और वार्ड क्रमांक-14 से अशोक गुर्जर को मुंदी नगर परिषद का एल्डरमैन मनोनीत किया गया है। इन नए एल्डरमैनों की नियुक्ति से नगर परिषद की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस नियुक्ति के बाद से क्षेत्र में बधाई का दौर शुरू हो गया है, जहाँ विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों सहित नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने नव मनोनीत एल्डरमैनों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की है। लोगों को उम्मीद है कि वे नगर के विकास, जनहित और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।1
- सीहोर के श्यामपुर में बारिश होते ही स्थानीय बुनियादी ढांचे और जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है। यहाँ सर्विस रोड पर एमपीबी/बिजली कार्यालय के सामने सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जल निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण पूरी सर्विस रोड जलमग्न हो गई है, जिससे दोपहिया और पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए निकलना काफी जोखिम भरा हो गया है। सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी लगातार बनी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पानी से लबालब सड़क पर छिपे गड्ढों के कारण हर पल किसी बड़े हादसे या वाहन दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। इसके अलावा, ठेकेदार द्वारा पानी की निकासी न किए जाने से स्थानीय दुकानों में भी पानी भर गया है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि प्रशासन और ठेकेदार शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। लोगों ने तुरंत पानी की निकासी का समाधान करने और लापरवाह ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है ताकि आम जनता को राहत मिल सके।1
- देवास जिले के कन्नौद निवासी इरफान अली ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर अपने भतीजे फरहान अली की आत्महत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की गुहार लगाई है। फरहान अली ने 23 मई 2026 की शाम को सल्फास की गोलियां खा ली थीं, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने अगले ही दिन 24 मई को मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि फरहान के मोबाइल फोन की कॉल रिकॉर्डिंग से यह साफ हुआ है कि टाकलीखेड़ा निवासी जफर अली ने रुपयों के लेन-देन को लेकर उस पर भारी मानसिक दबाव बनाया था। इसके अलावा, एक अन्य व्यक्ति के मोबाइल में मिली रिकॉर्डिंग के अनुसार एक महिला भी पैसों के लिए मृतक को लगातार परेशान कर रही थी। परिजनों का दावा है कि ये सभी पुख्ता साक्ष्य पुलिस के पास मौजूद होने के बावजूद आरोपियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है, बल्कि मामले को रफा-दफा करने और समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने आरोपियों पर मामला दर्ज करवाने के लिए टीआई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से भी गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अब तक कोई संतोषजनक परिणाम नहीं मिला। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर आरोपियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो शिकायतकर्ता भोपाल में मुख्यमंत्री आवास के सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला और पुलिस प्रशासन की होगी।1
- सीहोर जिले के भैरूंदा में पुलिस ने दो वाहन चोरी के मामलों में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के पास से नकबजनी की दो वारदातों का भी खुलासा किया है और उसके कब्जे से करीब ₹1,00,000 की कीमत के चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मुहास उर्फ मुहाज खान (निवासी वार्ड 06, भैरूंदा) के रूप में हुई है। इस मामले में फरियादी कामिल खाँ ने 24 मार्च 2026 और फरियादी अंकित तिवारी ने 21 मार्च 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोरों ने रात में उनके घरों का ताला तोड़कर अलमारी से नगदी और गहने चोरी कर लिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीहोर पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत के निर्देशन में तथा अनुविभागीय अधिकारी रोशन कुमार जैन के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम दांगी द्वारा विशेष टीमों का गठन किया गया था। गठित टीम ने 19 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर संदेही मुहास उर्फ मुहाज खान को पकड़ा। पूछताछ में उसने अंकित तिवारी के घर से चांदी के आभूषण चोरी करने के साथ-साथ गुड़ बाजार भैरूंदा और हरिसिटी कॉलोनी भैरूंदा से मोटरसाइकिलें चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी का एक चांदी का हार, दो बच्चों के हाथ के कड़े, दो चांदी की पायजेब, दो चांदी की पट्टी और चार चांदी की बिछूड़ी बरामद की है। पुलिस ने आरोपी को 20 जुलाई 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी चारों मामलों में जेल वारंट प्राप्त होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में उपनिरीक्षक कोशलेन्द्र सिंह बघेल, प्रधान आरक्षक लोकेश रघुवंशी, प्रधान आरक्षक मुकेश, प्रधान आरक्षक प्रकाश और आरक्षक रविन्द्र मेहर की सराहनीय भूमिका रही। इसके अलावा, सीहोर फिंगर प्रिंट शाखा के उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम ने भी इस मामले में विशेष भूमिका निभाई।1
- सीहोर के बरखेड़ा हसन सहित पूरे क्षेत्र में 15 दिनों के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार मानसून फिर से लौट आया है। सोमवार शाम और मंगलवार सुबह हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। सोमवार शाम से लगातार हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण क्षेत्र का नाला भी उफान पर आ गया है।1