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प्रयागराज में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह सर्किट हाउस में छात्रों के साथ पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर एक बैठक कर रहे थे। इसी दौरान एडीएम सिटी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और इस चर्चा पर आपत्ति जताते हुए इसे बंद करने का निर्देश दिया, जिसके बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस प्रशासनिक हस्तक्षेप पर सांसद संजय सिंह ने सवाल उठाते हुए इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया।
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प्रयागराज में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह सर्किट हाउस में छात्रों के साथ पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर एक बैठक कर रहे थे। इसी दौरान एडीएम सिटी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और इस चर्चा पर आपत्ति जताते हुए इसे बंद करने का निर्देश दिया, जिसके बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस प्रशासनिक हस्तक्षेप पर सांसद संजय सिंह ने सवाल उठाते हुए इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक महिला को सड़क पर भगा-भगा कर पीटा जा रहा है। आरोप है कि शादी के 12 साल बाद भी बच्चा न होने के कारण महिला को लगातार यातनाएँ दी जा रही हैं। यह भी आरोप है कि घटना से पहले महिला को कई दिन तक एक कमरे में भूखा-प्यासा रखा गया था।1
- समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेरठ कलेक्ट्रेट पर बढ़ती महंगाई और निरंतर हो रहे पेपर लीक के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इन गंभीर समस्याओं के विरोध में धरना देते हुए प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- बागपत के एक गांव में ग्रामीण गंदगी और ओवरफ्लो हो रहे तालाब की समस्या से गंभीर रूप से प्रभावित हैं। गांव के निवासियों का कहना है कि तालाब का गंदा पानी अब आसपास के रास्तों और आबादी वाले क्षेत्रों तक फैल गया है, जिससे वहां दुर्गंध और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और विभागों से कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इस लगातार बढ़ रही परेशानी के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी ज्यादा खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान करने की पुरजोर मांग की है। अब सवाल यह उठता है कि ग्रामीणों की इन शिकायतों को आखिर कब तक अनदेखा किया जाता रहेगा, जबकि उनकी परेशानी हर दिन बढ़ती जा रही है?1
- मेरठ के गंगा नगर स्थित कैनरी पार्क कॉलोनी में नालियों की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कॉलोनी में नालियाँ हमेशा जाम रहती हैं, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चौंकाने वाली बात यह है कि नगर आयुक्त का आवास भी इस कॉलोनी से कुछ ही मिनट की दूरी पर है, फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। निवासियों ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल गाँवों की हालत भी कैनरी पार्क कॉलोनी से बेहतर है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में तंज कसा कि यही 'नया विकसित भारत' है। आरोप है कि नालियों की सफाई समय पर नहीं होती, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और वे लगातार परेशान हैं।1
- सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति द्वारा योगी आदित्यनाथ जी को 'गंदी गालियां' दिए जाने का वीडियो सामने आया है। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए एक अपील की गई है। अपीलकर्ता ने सीधे योगी आदित्यनाथ जी से आग्रह किया है कि इस व्यक्ति का 'जल्द से जल्द इलाज' किया जाए। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने का आह्वान भी किया गया है ताकि 'इस सुर का इलाज हो जाए' और उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।1
- मेरठ के रतन नगर भोला रोड पर स्थित बांके बिहारी मंदिर में एक रक्तदान शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह शिविर ठाकुर संदीप एनिमल केयर फाउंडेशन के प्रदेश सदस्य के सान्निध्य में संपन्न कराया गया।1
- हापुड़ के थाना हापुड़ देहात क्षेत्र स्थित मोहल्ला गिरधारी नगर में एक मकान में घुसकर अज्ञात बदमाशों द्वारा लूटपाट की घटना को अंजाम देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बदमाशों ने घर में मौजूद परिवार के सदस्यों और चौकीदार को बंधक बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर थाना हापुड़ देहात में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना के खुलासे के लिए जनपद स्तर पर चार विशेष टीमों और रेंज स्तर पर तीन टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही हैं।1
- मेरठ में आयोजित नौचंदी मेले में झूलों का आनंद लेने के लिए लोगों को भारी भीड़ के कारण लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा। शाम होते ही झूलों के बाहर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से व्यवस्था बनाए रखना एक चुनौती बन गया था। इस भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए, झूला संचालकों ने निजी गार्डों को तैनात किया। इन गार्डों ने लाइन की व्यवस्था संभाली और लोगों को क्रमवार झूलों तक पहुंचाने का काम किया, ताकि सभी को अपनी बारी का इंतजार शांतिपूर्ण ढंग से करने का मौका मिले। बच्चों और युवाओं में झूलों को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। कई लोगों ने यह भी बताया कि लंबा इंतजार तो करना पड़ा, लेकिन झूलों का रोमांच उस प्रतीक्षा को सार्थक बना गया। मेले में लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए, आयोजकों और संचालकों ने सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही है।1