हिंडौन सिटी के गांवडा मीना स्थित नसीर बाबा स्टेडियम में चल रही गांवडा प्रीमियर लीग-4 में रविवार रात क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक रही। इस दौरान खेले गए तीन मुकाबलों में बल्लेबाजों की विस्फोटक पारियों और गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इन मैचों में डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन ने लगातार दो शानदार जीत हासिल कर अपनी दावेदारी मजबूत की। रात्रि के पहले मुकाबले में करनपुरा केपीएल फ्रेंड्स 11 ने धाधरेन पर एकतरफा जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए धाधरेन की टीम 10 ओवर में 73/7 रन ही बना सकी, जिसमें रवि मीना ने 25 और होलू ने 17 रन का योगदान दिया। करनपुरा के गेंदबाज राजेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 ओवर में 17 रन देकर 4 विकेट हासिल कर विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। 74 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी करनपुरा की सलामी जोड़ी हेमंत लोटवारा (44 रन) और हरकेश मीना (31 रन) ने तूफानी पारी खेलते हुए मात्र 5 ओवर में टीम को 79/0 तक पहुंचाकर 10 विकेट से शानदार जीत दिलाई। दूसरे मुकाबले में डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन ने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर ब्रदर क्रिकेट क्लब लांका को 27 रन से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन ने 10 ओवर में 107/4 का मजबूत स्कोर बनाया, जिसमें शैलेन्द्र चौधरी ने नाबाद 48 रन और जीतू मीना ने मात्र 11 गेंदों में 35 रन की पारी खेली। 108 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए लांका की टीम 80/9 रन ही बना सकी, जिसमें महेन्द्र कुमार बैरवा ने 22 रन बनाए। गेंदबाजी में अनुज ने 4 विकेट झटके और जीतू मीना ने 2 विकेट लेकर ऑलराउंड प्रदर्शन किया। सबसे महत्वपूर्ण मुकाबले में डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन ने करनपुरा केपीएल फ्रेंड्स 11 को 6 विकेट से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए करनपुरा की टीम 10 ओवर में 71/4 रन ही बना सकी, जिसमें हेमंत लोटवारा ने 29 और हरकेश मीना ने 16 रन बनाए। डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन के निरंजन कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मात्र 4 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। 72 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन ने केवल 5.3 ओवर में 73/4 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया, जिसमें विष्णु और डॉ. सौरभ मीना ने 21-21 रन की तेजतर्रार पारियां खेलकर टीम को आसान जीत दिलाई।
हिंडौन सिटी के गांवडा मीना स्थित नसीर बाबा स्टेडियम में चल रही गांवडा प्रीमियर लीग-4 में रविवार रात क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक रही। इस दौरान खेले गए तीन मुकाबलों में बल्लेबाजों की विस्फोटक पारियों और गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इन मैचों में डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन ने लगातार दो शानदार जीत हासिल कर अपनी दावेदारी मजबूत की। रात्रि के पहले मुकाबले में करनपुरा केपीएल फ्रेंड्स 11 ने धाधरेन पर एकतरफा जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए धाधरेन की टीम 10 ओवर में 73/7 रन ही बना सकी, जिसमें रवि मीना ने 25 और होलू ने 17 रन का योगदान दिया। करनपुरा के गेंदबाज राजेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 ओवर में 17 रन देकर 4 विकेट हासिल कर विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। 74 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी करनपुरा की सलामी जोड़ी हेमंत लोटवारा (44 रन) और हरकेश मीना (31 रन) ने तूफानी पारी खेलते हुए मात्र 5 ओवर में टीम को 79/0 तक पहुंचाकर 10 विकेट से शानदार जीत दिलाई। दूसरे मुकाबले में डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन ने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर ब्रदर क्रिकेट क्लब लांका को 27 रन से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन ने 10 ओवर में 107/4 का मजबूत स्कोर बनाया, जिसमें शैलेन्द्र चौधरी ने नाबाद 48 रन और जीतू मीना ने मात्र 11 गेंदों में 35 रन की पारी खेली। 108 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए लांका की टीम 80/9 रन ही बना सकी, जिसमें महेन्द्र कुमार बैरवा ने 22 रन बनाए। गेंदबाजी में अनुज ने 4 विकेट झटके और जीतू मीना ने 2 विकेट लेकर ऑलराउंड प्रदर्शन किया। सबसे महत्वपूर्ण मुकाबले में डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन ने करनपुरा केपीएल फ्रेंड्स 11 को 6 विकेट से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए करनपुरा की टीम 10 ओवर में 71/4 रन ही बना सकी, जिसमें हेमंत लोटवारा ने 29 और हरकेश मीना ने 16 रन बनाए। डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन के निरंजन कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मात्र 4 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। 72 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए डॉ. मूंडिया ललिता इलेवन ने केवल 5.3 ओवर में 73/4 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया, जिसमें विष्णु और डॉ. सौरभ मीना ने 21-21 रन की तेजतर्रार पारियां खेलकर टीम को आसान जीत दिलाई।
- राजस्थान के करौली जिले के भैसा गांव में सड़कों के अभाव के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे गांव का बाजार एक स्थायी तालाब में तब्दील हो गया है। इस जलभराव के कारण भैसा गांव के बाजार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- हिंडौन सिटी के खरेटा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डीएनसी (DNC) के तीन दिन बाद रविवार को एक महिला की मृत्यु हो गई। नई मंडी थाना पुलिस ने सोमवार को मृतका का जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। जिला जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव के हिंडौन तहसील अध्यक्ष बबलू चौरसिया ने इस घटना की जानकारी दी। मृतका की पहचान श्री महावीरजी के नौरंगाबाद निवासी पुष्पा देवी जाटव पत्नी भंवर सिंह के रूप में हुई है, जो तीन माह की गर्भवती थीं। पुष्पा देवी 19 जून को अपनी ननद अनीता (निवासी मनेमा) के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की जांच कराने निजी अस्पताल पहुंची थीं। वहां चिकित्सक ने जांच के बाद बच्चा खराब होने की जानकारी देते हुए डीएनसी कराने की सलाह दी। उसी दिन शाम को पुष्पा देवी को अस्पताल में भर्ती कर डीएनसी की गई। इसके कुछ देर बाद उन्हें पेट में तेज दर्द हुआ, जिस पर डॉक्टर के उपचार के बाद दर्द कम हुआ और उन्हें रात में छुट्टी दे दी गई। 20 जून को पुष्पा को एक बार फिर पेट दर्द हुआ, जिस पर परिजन उन्हें दोबारा उसी निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टर के उपचार से दर्द कम होने पर उन्हें फिर घर भेज दिया गया। घर पर तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां से उपचार के बाद उनकी मां उन्हें ऑटो से बेरखौ ले जा रही थीं। जटनगला नदी के पास उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और मां उन्हें दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां रविवार को पुष्पा की मौत हो गई। चिकित्सकों ने शव को मोर्चरी में रखवाया, जिसका पोस्टमार्टम सोमवार को परिजनों की मौजूदगी में करवाकर शव उन्हें सौंप दिया गया।1
- करौली जिले में पांचना पानी के मुद्दे पर 28 स्या मीणा समाज के प्रवक्ता देवीसिंह पटेल ने गुर्जरों और राज्य सरकार को एक बड़ा और अंतिम अल्टीमेटम दिया है। देवीसिंह पटेल ने स्पष्ट किया है कि अब अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मीणा समाज के लोग अपना हक लेकर रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें मरना या मिटना क्यों न पड़े।1
- टोडाभीम के रंग लाल का पुरा के पास सड़क किनारे मिले अज्ञात व्यक्ति के शव की पहचान हो गई है। सोमवार सुबह रंग लाल का पुरा के पास एक अज्ञात शव पड़ा हुआ मिला था, जिसकी पहचान सोमवार शाम 5:00 बजे करीरी निवासी गोलू मीणा के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों ने युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को प्राथमिक की पेश की है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया है और उन्होंने शव लेने से भी इनकार कर दिया है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।1
- भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष का सरमथुरा पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया गया। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों ने उनका अभिनंदन किया।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव की पंचायत हक के पानी के लिए चल रहे एक बड़े जन आंदोलन का केंद्र बन गई है। यह 411 गांवों के किसानों का एक विशाल महासंगम है, जिन्होंने अपने हक के पानी के लिए यह महा अभियान शुरू किया है।1
- करौली जिले में कुट्टिन का बालाजी से दानालपुर तक हाल ही में निर्मित डाबर सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क बारिश के मौसम से पहले ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है, जिससे इसमें गड्ढे बनने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि यदि सड़क अभी से उखड़ने लगी है, तो बारिश के दिनों में सड़क से गिट्टियां पूरी तरह से गायब हो जाएंगी। उन्होंने उच्चाधिकारियों से इस सड़क की गुणवत्ता की शीघ्र जांच करने और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र मीना ने भी इस मामले में त्वरित जांच और उचित कार्रवाई की मांग का समर्थन किया है।1
- मेघराज मीणा नारौली डांग की कलम से लिखे अनुसार, खण्डीप और उसके आसपास के करीब 25 गांवों में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहा है। यहाँ माता-बहनें, बड़े-बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने वाले लोगों को हाथ जोड़कर ठंडा नींबू पानी, कोल्ड ड्रिंक और नाश्ते का वितरण कर रहे हैं। इस आयोजन को अश्वमेघ यज्ञ की आहुति के समान बताया जा रहा है, जो खण्डीप की धरा पर हो रहा है। इस विराट आयोजन में, कमेटी, कार्यकर्ता और हजारों सेवकों के पैरों में रोज़ धूप में घूमने से छाले पड़ चुके हैं, फिर भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखती। लगभग 400-500 महिला-पुरुष बिना रुके, कई घंटों तक हाथों में बीजना लेकर आगंतुकों को हवा कर रहे हैं। यहाँ तक कि 70-80 साल के बुजुर्ग भी हाथ जोड़कर व्यवस्था संभाल रहे हैं, जिनमें कहीं कोई थकान या शिकन का भाव नहीं है। इस महापड़ाव में ना कोई राजनीति, ना कोई पार्टी, ना कोई क्षेत्र और ना ही कोई जाति की भावना है; बल्कि सभी किसान एक अविश्वसनीय एकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। वक्ताओं द्वारा सहज और संविधान के दायरे में भाषण दिए जा रहे हैं। यहाँ हर व्यक्ति गांव के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही खुद को जिम्मेदार मानता है, जिसके हाथ अभिवादन के लिए और सिर सम्मान के लिए झुके रहते हैं। इसे सर्व समाज का समुद्र मंथन बताया गया है, जो मात्र एक आंदोलन नहीं बल्कि संविधान पर चलने वालों के लिए एक चुनौतीपूर्ण परीक्षा है, जिसकी तैयारी अब तक जोरों पर चल रही है। जनसमूह की भावना अपने चरम पर है, और लेखक का मानना है कि यदि किसी ने इस 'अश्वमेघ यज्ञ की आहुति ज्वाला' के दर्शन नहीं किए हैं, तो वे जीवन के सबसे बेहतरीन और भावुक क्षणों से वंचित हो रहे हैं। लेखक इस बात पर गर्व महसूस करने का आह्वान करते हैं कि उन्होंने एक सभ्य, संविधान को मानने वाली और समझदार कौम में जन्म लिया है।1