कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बिहार में वोटर रोल के स्पेशल इंटीग्रेटेड रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग (ECI) के फैसले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सही ठहराए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि SIR की प्रक्रिया चार साल में होनी चाहिए, न कि चार या छह महीने में, खासकर चुनावों से ठीक पहले बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इसे अंजाम देना उचित नहीं है। तिवारी ने अपनी चिंता का मुख्य कारण बताया कि मजदूर वर्ग कमाई के लिए बाहर जाता है, जिससे लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कट जाते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि लाखों अपीलों में से 6,000 लोगों को वैध माना गया, लेकिन सवाल यह है कि उन लाखों लोगों का क्या होगा जिनकी अपीलों पर अभी फैसला नहीं आया है और जो बाद में वैध हो सकते हैं। इन गंभीर मुद्दों को उजागर करते हुए, कांग्रेस ने राज्यसभा में इसके खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया है, जहाँ इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रमोद तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट के इस जजमेंट को अपनी "नैतिक जीत" बताया है, क्योंकि उनके अनुसार सरकार और अदालत अभी भी उन सवालों पर चुप हैं जो उन्होंने उठाए हैं।
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बिहार में वोटर रोल के स्पेशल इंटीग्रेटेड रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग (ECI) के फैसले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सही ठहराए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि SIR की प्रक्रिया चार साल में होनी चाहिए, न कि चार या छह महीने में, खासकर चुनावों से ठीक पहले बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इसे अंजाम देना उचित नहीं है। तिवारी ने अपनी चिंता का मुख्य कारण बताया कि मजदूर वर्ग कमाई के लिए बाहर जाता है, जिससे लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कट जाते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि लाखों अपीलों में से 6,000 लोगों को वैध माना गया, लेकिन सवाल यह है कि उन लाखों लोगों का क्या होगा जिनकी अपीलों पर अभी फैसला नहीं आया है और जो बाद में वैध हो सकते हैं। इन गंभीर मुद्दों को उजागर करते हुए, कांग्रेस ने राज्यसभा में इसके खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया है, जहाँ इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रमोद तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट के इस जजमेंट को अपनी "नैतिक जीत" बताया है, क्योंकि उनके अनुसार सरकार और अदालत अभी भी उन सवालों पर चुप हैं जो उन्होंने उठाए हैं।
- राजधानी दिल्ली के निहाल विहार थाना क्षेत्र में एक 25 वर्षीय युवती की कथित तौर पर अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। युवती के परिजनों ने विनय नामक व्यक्ति पर आरोप लगाया है कि वह उसे शिवराम पार्क स्थित अपने किराए के मकान में ले गया और वहीं उसकी हत्या कर दी। परिवार का यह भी दावा है कि आरोपी विनय ने खुद फोन कर उन्हें इस हत्या की बात कबूली। मृतक युवती का पोस्टमार्टम संजय गांधी अस्पताल में किया जा रहा है। इस बीच, परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की है और न ही आरोपी की गिरफ्तारी की गई है।1
- बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस के जामो थाना ने आज अमेठी के जामो बाजार क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस बल ने बाजार, मुख्य चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त कर स्थानीय लोगों से शांति एवं भाईचारा बनाए रखने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इस फ्लैग मार्च में थाना प्रभारी श्री विनोद सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया और त्योहार को मिल-जुलकर मनाने का भरोसा दिलाया। पुलिस प्रशासन ने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेशों से बचने की अपील भी की है।1
- दिल्ली के पीरागढ़ी में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का बाहरी जिला पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पश्चिम विहार वेस्ट थाना और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विनय और आयुष के रूप में हुई है, और पुलिस ने उनके कब्जे से एक बोलेरो गाड़ी भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इस वारदात की जड़ कुछ दिनों पहले हुए एक विवाद में है। आरोपी नाबालिग का सुरक्षा गार्ड से किसी बात को लेकर गाली-गलौज हुई थी। इसी विवाद का बदला लेने और सिक्योरिटी गार्ड को सबक सिखाने के मकसद से नाबालिग ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इन आरोपियों को मुंडका की तरफ से पकड़ा। फिलहाल, पुलिस टीम मामले में आगे की विधिक कार्यवाही में जुट गई है।1
- दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में चाकू की नोक पर हुई लूट की एक वारदात का आउटर नॉर्थ जिला पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि लूट की इस घटना का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित का जीजा ही निकला, जिसने रिश्तों को शर्मसार करते हुए यह साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी भारी कर्ज में डूबा हुआ था और पैसों की तंगी का सामना कर रहा था। इसी आर्थिक तंगी के चलते उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट की पूरी योजना बनाई। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पीड़ित की गतिविधियों और उसके पास नकदी के आने-जाने पर लगातार नजर रखी। सही मौका मिलते ही उन्होंने चाकू की नोक पर इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने जांच के दौरान वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू, लूटा गया बैग और प्रयुक्त स्कूटर बरामद कर लिया है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच में जुटी है।1
- वकील और TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार में शुरू किए गए मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखे जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बनर्जी ने स्पष्ट किया कि आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया यह फैसला केवल बिहार के मामले पर लागू होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोर्ट ने यह भी कहा है कि चुनाव आयोग के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन नागरिक है और कौन नहीं। बनर्जी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि बंगाल का मामला इससे बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार, बंगाल के मामले में 'तार्किक विसंगति' के बारे में बात की गई है, जिससे यह बिहार के मामले से पूरी तरह भिन्न हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रियागत सुरक्षा उपायों के संबंध में कई निर्देश जारी किए हैं।1
- उत्तर-पश्चिम जिले के थाना केशव पुरम ने ₹40 लाख की डकैती से अर्जित संपत्तियों को अटैच करते हुए, इस मामले में 04 सीसीएल (कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे) सहित कुल 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को 'अपराध का अंजाम बुरा' के रूप में बताया गया है। इस डकैती का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड धीरज रंधावा, जो धर्मप्रीत और दलाल के नाम से भी जाना जाता है, ने लूटी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा अपने पास रखा था। उसने अपराध से कमाए गए इस धन का उपयोग सोने के आभूषण खरीदने और राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक प्लॉट खरीदने में किया। पुलिस ने आरोपीगण और सीसीएल के कब्जे से ₹11,92,000/- नकद बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, न्यायालय के आदेश पर सोने के आभूषणों को भी अटैच कर लिया गया, जिन्हें विधिक प्रक्रिया के अनुसार शिकायतकर्ता को सुपुर्द कर दिया गया है।1
- बकरा ईद के अवसर पर ब्रह्मपुरी इलाके की गली नंबर 21 की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने घर-घर जाकर पीवीसी के बैग वितरित किए हैं। आरडब्ल्यूए की इस कार्यशैली के बाद, यह उम्मीद जताई जा रही है कि इलाके में होने वाली गंदगी में काफी हद तक कमी देखने को मिलेगी।1
- दिल्ली के विजय विहार इलाके में बहू और ससुराल पक्ष के बीच चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक तरफ बहू ने अपने ससुराल वालों पर मारपीट, गाली-गलौज और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके जवाब में, ससुराल पक्ष ने भी बहू पर पलटवार करते हुए कई बड़े आरोप जड़े हैं। ससुराल पक्ष का दावा है कि बहू खुद घर में झगड़ा करती है, बुजुर्ग सास के साथ मारपीट करती है और पूरे परिवार को परेशान करती है। दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। इस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।1