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लातेहार जिले में उपायुक्त संदीप कुमार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को सभी योग्य लाभुकों को शत-प्रतिशत योजनाओं से जोड़ने और लंबित आधार सीडिंग को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। प्रशासन की प्राथमिकता है कि लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
देवसुंदर यादव (DS)
लातेहार जिले में उपायुक्त संदीप कुमार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को सभी योग्य लाभुकों को शत-प्रतिशत योजनाओं से जोड़ने और लंबित आधार सीडिंग को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। प्रशासन की प्राथमिकता है कि लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
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- चंदवा के चकला-बाना स्थित रेशमी मेटेलिक्स प्लांट गेट के सामने रविवार से मैनपावर कर्मियों और प्रभावित ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी ने नौकरी नियमितीकरण, लंबित भुगतान और विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़े अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। आंदोलनकारियों ने बताया कि 14 जनवरी से कई कर्मियों का भुगतान रोक दिया गया है, और वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को अब तक नियमित नहीं किया गया है। अपनी मांगों को लेकर, प्रदर्शनकारियों ने एक सात सूत्री मांग पत्र सौंपा है, जिसमें नौकरी नियमित करने, लंबित पीएफ-वीडीए भुगतान, भूमि मुआवजा देने और विस्थापित परिवारों को रोजगार या एन्युटी का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे जिला प्रशासन को सूचना देकर कंपनी का कार्य पूरी तरह बंद करा देंगे। इस संबंध में, कंपनी प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।4
- लातेहार के बालूमाथ प्रखंड स्थित पिंडारकोम गांव में रविवार को NTPC, CCL और PNM कंपनियों के खिलाफ बसिया पंचायत के ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक ग्राम सभा का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और कंपनियों की कार्यशैली के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया। ग्राम सभा में ग्रामीणों ने अपने जल, जंगल, जमीन और हक-अधिकारों की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामकुमार यादव ने की, जिसमें बसिया पंचायत की मुखिया बिमला देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं, और मंच संचालन गंगेश्वर यादव ने किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के फ़ायरब्रांड नेता सौरभ श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि NTPC, CCL और PNM कंपनियां स्थानीय लोगों को रोजगार देने में अनदेखी कर रही हैं, जबकि वे अपने हाइवा वाहन चलाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि CCL द्वारा वर्ष 1962 में अधिग्रहित जमीन का उचित मुआवजा आज तक नहीं मिला है, और सेक्शन 9 लगाकर उनकी जमीनों पर नियंत्रण किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रभावित परिवारों को रोजगार भी नहीं दिया जा रहा, बल्कि हाइवा परिचालन के माध्यम से उन्हें बेरोजगार करने की साजिश रची जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि CCL और PNM कंपनी ने मिलकर लगभग 700 स्थानीय ट्रकों को काम से बाहर कर दिया है, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के पास अपने ट्रक होने के बावजूद बाहरी हाइवा वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे उनके सामने दाल-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। बैठक में हाइवा परिचालन को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार हाइवा वाहनों से लगातार बढ़ रहे सड़क दुर्घटनाओं के खतरे पर चिंता जताई, खासकर बच्चों के स्कूल आने-जाने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेलने के दौरान। साथ ही, हाइवा से उड़ने वाली धूल के कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न शिकायतें भी सामने आईं, जो ट्रकों की तुलना में कहीं अधिक थीं। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि गांव में हाइवा परिचालन नहीं होने दिया जाएगा और स्थानीय ट्रकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उपस्थित ग्रामीणों ने भगवान और धरती माता को साक्षी मानकर हाथ उठाकर यह संकल्प लिया कि वे अपने जल, जंगल, जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे और किसी भी परिस्थिति में दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। मुखिया बिमला देवी ने जोर देकर कहा कि गांव की सहमति के बिना कोई भी कंपनी यहां कार्य नहीं कर सकती, और जल, जंगल, जमीन गांव की पहचान हैं जिनकी हर हाल में रक्षा की जाएगी। झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों के हक और अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कंपनियों को स्थानीय हितों का सम्मान करने और विस्थापितों को न्याय सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। ग्राम सभा ने स्थानीय हित में चौदह बिंदुओं का एक प्रस्ताव भी पारित किया, जिसमें ग्राम सभा को प्रदत्त शक्तियों के तहत निर्णय लिए गए हैं। इस प्रस्ताव में CCL के सीएमडी से मिलकर कोलियरी को पूर्व की तर्ज़ पर खोलने की प्रमुख मांग शामिल है। ग्रामीणों की भारी उपस्थिति और एकजुटता, तथा सौरभ श्रीवास्तव की हुंकार को देखते हुए, बालुमाथ क्षेत्र के तेतरियाखाँड़ की इस लड़ाई में पलड़ा ग्रामीणों के पक्ष में झुकने की चर्चा सरेआम है, और CCL पर बंद पड़े खदान को ग्रामीणों की मांग के अनुरूप तत्काल खोलने का दबाव भी बढ़ा है।3
- सवाल पूछे जाने पर एक भाजपा नेता ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत को आज़ादी मिलने के इतने समय बाद भी अब तक सड़क का निर्माण क्यों नहीं हो पाया था। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि जब राज्यपाल महोदय को आना था, तो वही सड़क मात्र एक दिन के भीतर बनकर तैयार हो गई।1
- लातेहार जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि बनवारी शाहू महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवक आयुष चौधरी का चयन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतिष्ठित “एक भारत श्रेष्ठ भारत युवा संगम 2026” कार्यक्रम के लिए हुआ है। आयुष के इस चयन से पूरे जिले में खुशी का माहौल है और इसे युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणादायक उपलब्धि माना जा रहा है। यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम 25 मई 2026 से 3 जून 2026 तक मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित Indian Institute of Technology Indore में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित युवा प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं के बीच सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक समन्वय को मजबूत कर “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को और अधिक सशक्त बनाना है। आयुष चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों, तकनीकी सत्रों, शैक्षणिक भ्रमण तथा नेतृत्व विकास कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इस वर्ष कार्यक्रम का थीम “5 पी” रखा गया है, जिसमें पर्यटन, प्रौद्योगिकी, परस्पर संवाद, परंपरा और प्रगति जैसे विषय शामिल हैं। आयुष ने “शुभम संवाद” से बातचीत करते हुए बताया कि उनका चयन राज्य स्तर से आयोजित चयन प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि बनवारी शाहू महाविद्यालय तथा नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय क्षेत्र से लातेहार जिले में केवल उनका ही चयन हुआ है, जो उनके लिए बेहद गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, महाविद्यालय के शिक्षकों तथा एनएसएस के पदाधिकारियों को दिया। आयुष चौधरी के पिता मनोज चौधरी कल्याण विभाग लातेहार में चालक के पद पर कार्यरत हैं और एक साधारण परिवार से आने वाले आयुष ने अपनी मेहनत और लगन से यह उपलब्धि हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। आयुष चौधरी के चयन की खबर मिलते ही उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई और उनके माता-पिता ने उन्हें आशीर्वाद देकर कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विदा किया। इस उपलब्धि पर बनवारी शाहू महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी.के. तिवारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे महाविद्यालय और पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे अन्य विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भाग लेने की प्रेरणा मिलेगी। वहीं, एनएसएस के जिला नोडल कार्यक्रम पदाधिकारी नवल किशोर प्रसाद ने आयुष की सफलता को पूरे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया और उम्मीद जताई कि आयुष कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे। महाविद्यालय की सचिव अंजू गुप्ता ने आयुष चौधरी को बधाई देते हुए उन्हें अनुशासित, मेहनती और प्रतिभाशाली छात्र बताया और अन्य विद्यार्थियों से भी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। आयुष चौधरी की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से लातेहार जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। जिले के लोगों ने इसे युवा प्रतिभा और मेहनत की मिसाल बताते हुए आयुष को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भागीदारी निश्चित रूप से आयुष के अनुभव और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा आने वाले समय में जिले के अन्य युवाओं को भी नई दिशा और प्रेरणा देगी।4
- आदिवासी महिलाएँ अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली पहुँची हैं।1
- दिल्ली के लाल किला में आयोजित जनजाति संस्कृति महा संगम कार्यक्रम में झारखंड के लातेहार जिले के पोचरा, माजर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह खेरवार ने जनजाति हित, संस्कृति और समाज के उत्थान पर एक प्रभावशाली उद्बोधन दिया। इस कार्यक्रम में देश के गृहमंत्री अमित शाह भी मंच पर उपस्थित थे, जिन्होंने सत्येंद्र सिंह की बातों को गंभीरता से सुना। अपने संबोधन के दौरान, अमित शाह ने कई बार सत्येंद्र सिंह का नाम लेकर उनके कार्यों की सराहना की, जिससे लातेहार का नाम राष्ट्रीय मंच पर गूंज उठा। सत्येंद्र सिंह ने लातेहार जैसे छोटे जिले के माजर गांव से निकलकर एक संगठन के माध्यम से अपनी राष्ट्रीय पहचान बनाई है। उनका प्रारंभिक जीवन वनवासी कल्याण केंद्र में प्रखंड संगठन मंत्री के रूप में शुरू हुआ था। इस दौरान उन्हें स्व. डॉ. आर.पी. गुप्ता और उनकी धर्मपत्नी स्व. कुंती देवी का हर कदम पर मार्गदर्शन और सहयोग मिला। आज वे राष्ट्रीय स्तर पर जनजाति समाज की एक प्रमुख आवाज बन चुके हैं। नई दिल्ली में देशभर से आए लाखों जनजाति समाज के लोगों के बीच मंच से मार्गदर्शन देना लातेहार के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। एक छोटे गांव से निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाना युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। माजर भले ही एक अविकसित गांव है, लेकिन इसके निवासी आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए वर्षों जेल में रहे थे। राष्ट्र और धर्म के लिए माजर गांव सदैव आगे रहा है।1
- कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में भटकल के पास एक नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए आठ लोगों की डूबने से मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद दो अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मरने वालों में सात महिलाएं शामिल थीं। यह घटना तब हुई जब ये लोग नदी में सीपियां चुन रहे थे।1
- लातेहार जिले के पिंडारकोम गांव में आयोजित एक ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एनटीपीसी, सीसीएल और पीएनएम कंपनियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कंपनियों पर स्थानीय लोगों को रोजगार न देने, बाहरी हाईवा वाहनों को प्राथमिकता देने और उनकी जमीन संबंधी समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया। इस ग्रामसभा में शामिल हुए झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने जल, जंगल और जमीन के अपने हक की इस लड़ाई में ग्रामीणों का अंतिम समय तक साथ देने का ऐलान किया। उन्होंने कंपनियों से स्थानीय हितों का सम्मान करने और विस्थापितों को न्याय प्रदान करने की मांग की। ग्रामसभा में मौजूद ग्रामीणों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने स्थानीय ट्रकों को प्राथमिकता देने और बंद पड़ी कोलियरियों को फिर से शुरू करने की भी मांग की।3