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अयोध्या में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर कड़ा राजनीतिक प्रहार किया। उन्होंने विपक्षी दलों की आस्था पर सवाल उठाते हुए तीखे शब्दों में कहा कि जो लोग आज आस्था की बातें कर रहे हैं, उन्होंने ही अतीत में अयोध्या की पवित्र हनुमानगढ़ी में नमाज़ पढ़वाने का काम किया था। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर विपक्ष को सीधे कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि इन लोगों को अपने कृत्यों का जवाब देना होगा। उन्होंने हनुमानगढ़ी से जुड़े इस मामले को लेकर विपक्ष की भूमिका की कड़ी आलोचना की।
Arvind Kumar yadav
अयोध्या में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर कड़ा राजनीतिक प्रहार किया। उन्होंने विपक्षी दलों की आस्था पर सवाल उठाते हुए तीखे शब्दों में कहा कि जो लोग आज आस्था की बातें कर रहे हैं, उन्होंने ही अतीत में अयोध्या की पवित्र हनुमानगढ़ी में नमाज़ पढ़वाने का काम किया था। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर विपक्ष को सीधे कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि इन लोगों को अपने कृत्यों का जवाब देना होगा। उन्होंने हनुमानगढ़ी से जुड़े इस मामले को लेकर विपक्ष की भूमिका की कड़ी आलोचना की।
- Subodh DhimanMuzaffarnagar, Uttar Pradeshjai shree Raam6 hrs ago
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- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास कार्यों के दौरान दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। अब खिरौनी सोहावल नगर पंचायत को मां ज्वाला देवी नगर पंचायत के नाम से जाना जाएगा, वहीं भरत कुंड भदरसा नगर पंचायत का नाम बदलकर भरत नगर भरत कुंड कर दिया गया है। इन घोषणाओं के साथ ही मुख्यमंत्री ने बीकापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए ₹432 करोड़ की 217 विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया है। अपने दौरे के क्रम में, उन्होंने सोहावल विकासखंड परिसर में स्व. मुन्ना सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और आवास की चाबियां भी सौंपी।1
- अयोध्या के हनुमानगढ़ी स्थित इमली की बगिया में अखिल भारतीय पंच रामानंदी निर्वाणी अनी अखाड़ा की ओर से गोलोकवासी महंत संतराम दास महाराज की तेरहवीं के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अयोध्या के संत-महंतों, महामंडलेश्वर, जगतगुरुओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने अपने गुरुदेव को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन सनातन धर्म और समाज सेवा के लिए समर्पित रहा। इस मौके पर पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने महंत संतराम दास महाराज को एक तपस्वी और विद्वान संत बताते हुए उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में संत समाज के अलावा सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों से जुड़े लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।3
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद बांदा में ₹710 करोड़ से अधिक लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के तहत लाभार्थियों को कैशलेस हेल्थ कार्ड वितरित किए। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लोगों को नियुक्ति-पत्र, स्वीकृति-पत्र, आयुष्मान कार्ड, टूलकिट और प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए गए। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को निरंतर गति मिल रही है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आगामी 12 जुलाई 2026 को पूरे प्रदेश में एक वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को हरा-भरा और सुंदर बनाना है, जिसके लिए सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी की है। यह वृक्षारोपण अभियान उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों, कस्बों और शहरों में आयोजित किया जाएगा। इस पहल के तहत प्रदेश वासियों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की गई है ताकि पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके और जीवन को सफल बनाया जा सके।1
- पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह अयोध्या पहुंचे, जहाँ उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में विधि-विधान के साथ दर्शन और पूजा-अर्चना की। इस दौरे के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे यह सवाल किया कि क्या वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भी जाएंगे, तो उन्होंने कोई सीधा जवाब देने के बजाय प्रसिद्ध कविता की पंक्तियों का सहारा लिया। बृजभूषण शरण सिंह ने जवाब में कहा, "चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ, चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ, चाह नहीं सम्राटों के शव पर हे हरि डाला जाऊँ, चाह नहीं देवों के सिर पर चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ।" हालांकि उन्होंने इस दौरान राम मंदिर न जाने के पीछे कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन उनके इस कथन को कई लोग एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं। उनके इस बयान और अयोध्या दौरे को लेकर राजनीतिक व सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।1
- अयोध्या जिले के जनौरा निवासी और अयोध्या-फैजाबाद कचहरी के फौजदारी अधिवक्ता विजय कुमार सिंह ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में अयोध्या विधानसभा सीट से विधायक पद के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा की है। विजय कुमार सिंह का दावा है कि उन्होंने उजाला के लिए एक विशेष 'पावर शक्ति' शोध तैयार किया है। उनका कहना है कि इस शोध के जरिए न केवल अयोध्यावासियों, बल्कि पूरे भारतवर्ष के किसानों, नौजवानों और अन्य वर्गों की कई समस्याओं का समाधान संभव है। इस दावे के साथ, विजय कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार से आग्रह किया है कि वे अपनी टीम भेजकर उनके शोध कार्य का परीक्षण करें। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे पहले उनके शोध के लाभ को परखें और उसके बाद ही उन्हें अपना कीमती वोट देकर विधायक चुनें। वहीं, सिविल कोर्ट के अधिवक्ता पीयूष मय त्रिपाठी ने भी विजय कुमार सिंह की उम्मीदवारी को अपना समर्थन और आशीर्वाद देने की बात कही है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने 432 करोड़ रुपये की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये दल कभी जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने मंदिर निर्माण में बाधा खड़ी की और राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, जबकि आज डबल इंजन की सरकार में भगवान राम का भव्य मंदिर निर्माण संभव हो पाया है। महर्षि वाल्मीकि के नाम पर बने अयोध्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा इसका विरोध किया और लोगों को गुमराह करने का काम किया। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को इस बात की तकलीफ है कि रैन बसेरे का नाम निषादराज गुह के नाम पर क्यों रखा गया, जबकि उनकी सरकार ने श्रृंगवेरपुर में भगवान राम और निषादराज के मिलन की भव्य प्रतिमा स्थापित की है। उन्होंने दावा किया कि स्पष्ट नीति और साफ मंशा के कारण ही आज अयोध्या में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।1
- अयोध्या के हनुमानगढ़ी स्थित इमली की बगिया में गौलोकवासी महंत संतराम दास महाराज की तेरहवीं के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय पंच रामानंदी निर्वाणी अनी अखाड़ा द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महंत, महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने महाराज जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने इस अवसर पर कहा कि उनके पूज्य गुरुदेव का जीवन पूरी तरह से सनातन धर्म और समाज सेवा के लिए समर्पित रहा। पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और महंत संतराम दास महाराज को एक तपस्वी एवं विद्वान संत बताते हुए उन्हें नमन किया। इस श्रद्धांजलि सभा और भंडारे में संत समाज के साथ-साथ सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों के कई लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने महाराज जी को याद करते हुए प्रसाद ग्रहण किया।3
- अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले पर ज्योतिर्मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को जिम्मेदार माना गया था, तो आज राम मंदिर में हुई इस कथित चोरी के लिए "डबल इंजन सरकार", मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उतने ही जिम्मेदार हैं। शंकराचार्य का यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर से संबंधित कथित चोरी के इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज़ हो गई है। मामले की जांच और लगाए गए आरोपों के संबंध में विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं लगातार दे रहे हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बयान है, और इसकी सामग्री उनके आरोपों तथा विचारों को दर्शाती है। संबंधित अन्य पक्षों की राय या जांच के आधिकारिक निष्कर्ष इन विचारों से भिन्न हो सकते हैं।1