उरई कोतवाली क्षेत्र के चौरसी गांव निवासी मजदूर ऋषि राज की 32 वर्षीय पत्नी अनीता उर्फ ममता बीती 11 अप्रैल से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। पत्नी के गायब होने के 100 से अधिक दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला और पुलिस का रवैया ढुलमुल बना रहा, तो पीड़ित पति अपने तीन बिलखते मासूम बच्चों को लेकर बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गया। माँ के इंतजार में रोते-बिलखते मासूमों और लाचार पिता की सिसकियों से पूरा कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा। पीड़ित ऋषि राज ने बताया कि उसने रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर पत्नी की काफी खोजबीन की थी। उसने आटा थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक नाम के युवक पर संदेह जताते हुए उरई कोतवाली पुलिस को स्पष्ट नामजद जानकारी और साक्ष्य सौंपे थे। आरोप है कि पुलिस ने संदिग्ध युवक से कड़ाई से पूछताछ करने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस की इसी बेरुखी और लगातार मिल रहे केवल आश्वासनों से आहत होकर मजदूर पिता को अपने बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट की चौखट पर धरना देने को मजबूर होना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच कलेक्ट्रेट की जमीन पर बैठे बिलखते मासूमों को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। मामला तूल पकड़ते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अफसरों ने ऋषि राज की आपबीती सुनकर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई का ढांढस बंधाया। हालांकि पीड़ित का स्पष्ट कहना है कि उसे अब खोखले आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि पत्नी की सकुशल बरामदगी चाहिए और जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उसकी लड़ाई जारी रहेगी।
उरई कोतवाली क्षेत्र के चौरसी गांव निवासी मजदूर ऋषि राज की 32 वर्षीय पत्नी अनीता उर्फ ममता बीती 11 अप्रैल से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। पत्नी के गायब होने के 100 से अधिक दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला और पुलिस का रवैया ढुलमुल बना रहा, तो पीड़ित पति अपने तीन बिलखते मासूम बच्चों को लेकर बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गया। माँ के इंतजार में रोते-बिलखते मासूमों और लाचार पिता की सिसकियों से पूरा कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा। पीड़ित ऋषि राज ने बताया कि उसने रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर पत्नी की काफी खोजबीन की थी। उसने आटा थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक नाम के युवक पर संदेह जताते हुए उरई कोतवाली पुलिस को स्पष्ट नामजद जानकारी और साक्ष्य सौंपे
थे। आरोप है कि पुलिस ने संदिग्ध युवक से कड़ाई से पूछताछ करने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस की इसी बेरुखी और लगातार मिल रहे केवल आश्वासनों से आहत होकर मजदूर पिता को अपने बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट की चौखट पर धरना देने को मजबूर होना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच कलेक्ट्रेट की जमीन पर बैठे बिलखते मासूमों को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। मामला तूल पकड़ते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अफसरों ने ऋषि राज की आपबीती सुनकर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई का ढांढस बंधाया। हालांकि पीड़ित का स्पष्ट कहना है कि उसे अब खोखले आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि पत्नी की सकुशल बरामदगी चाहिए और जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उसकी लड़ाई जारी रहेगी।
- अभिजीत दीपके ने कहा है कि वह नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहते हैं, क्योंकि अगर सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से नहीं हटाया जाता तो उनका आंदोलन इतना बड़ा नहीं बनता।1
- जालौन के जुगनू पंचायत विवाद में मारपीट और लूट के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंद्रपाल रूरा ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि पंचायत में सहयोग न करने के कारण उनकी छवि धूमिल करने की साजिश रची जा रही है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन को चुनौती दी है कि यदि जांच में वे या उनके साथी दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए।1
- जालौन के कालपी क्षेत्र में काजल मंसूरी और ओम ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। इस पूरे घटनाक्रम और विवाद के बीच अब ओम ठाकुर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया के जरिए एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष सामने रखा है। इस जारी किए गए वीडियो बयान में उन्होंने मामले से जुड़ी अपनी बात रखी है। वीडियो वायरल होने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई थीं, जिस पर अब ओम ठाकुर के इस बयान से नया मोड़ आ गया है।1
- मुहम्मदाबाद गांव में जाने वाली मुख्य सड़क पिछले कई सालों से बदहाल पड़ी हुई है और इस पर अब तक किसी प्रकार का कोई सुधार नहीं किया गया है। लंबे समय से उपेक्षित पड़ी इस मुख्य सड़क की स्थिति को देखते हुए अब इसे जल्द से जल्द बनवाने की गुहार लगाई गई है और सड़क निर्माण कराने की अपील की गई है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है। प्रदेश में जापान की अग्रणी कंपनियों की बढ़ती रुचि को राज्य की मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर बुनियादी ढांचे और उद्योग-अनुकूल वातावरण में निवेशकों के बढ़ते विश्वास के रूप में देखा जा रहा है। योगी सरकार द्वारा प्रदेश में कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने, निवेश प्रक्रियाओं को सरल करने और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सरकार के इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश देश और विदेश के निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। जापानी कंपनियों की इस बढ़ती दिलचस्पी से प्रदेश में नए निवेश, औद्योगिक विस्तार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य निवेश के माध्यम से उत्तर प्रदेश को आर्थिक विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना और इसे एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।1
- पूर्व CM अखिलेश यादव ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार ने करोड़ों लोगों और छात्रों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद इस बात को स्वीकार किया है, जिसका सीधा मतलब यही है कि पेपर लीक हुआ था। अखिलेश यादव ने इस गंभीर मामले पर सरकार से तुरंत इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि इस विषय पर पहले सरकार का इस्तीफा होना चाहिए और उसके बाद ही कोई चर्चा की जानी चाहिए।1
- मोदी जी के जंतर-मंतर पहुंचने को लेकर श्याम रंगीला ने उन पर जबरदस्त तंज कसा है। छात्रों की आवाज उठाने के लिए श्याम रंगीला का धन्यवाद जताया जा रहा है, जिन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी।1
- Post by Sugirv Kushwha1