बड़वानी जिले के निवाली में गुरुवार, 9 जुलाई को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विनोद पाटीदार को एक ज्ञापन सौंपकर शासकीय छात्रावासों में वर्षों से पदस्थ अधीक्षकों को तत्काल हटाने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने बीईओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए अपनी यह मांग रखी। उनका तर्क है कि कुछ अधीक्षक दस से पंद्रह वर्षों से एक ही छात्रावास में जमे हुए हैं, जिससे पारदर्शिता और प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि निवाली विकासखंड के अंतर्गत संचालित विभिन्न शासकीय छात्रावासों में पदस्थ सभी अधीक्षक अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इसके बावजूद वे लंबे समय से उसी छात्रावास में निरंतर पदस्थ हैं, जिसे शासन के स्थानांतरण एवं पदस्थापना संबंधी प्रावधानों तथा प्रशासनिक पारदर्शिता की भावना के विपरीत बताया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थ रहने से प्रशासनिक निष्पक्षता, जवाबदेही तथा छात्रावासों के प्रभावी संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि इससे अन्य कर्मचारियों को अधीक्षक का कार्य सीखने और संभालने का मौका व अनुभव नहीं मिल पाता है। कार्यकर्ताओं ने बीईओ से विनम्र अनुरोध किया है कि निवाली विकासखंड के समस्त छात्रावासों में पदस्थ अधीक्षकों के कार्यकाल, पदस्थापना एवं विभागीय अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मांग की गई है कि जिन अधीक्षकों का कार्यकाल शासन के प्रचलित नियमों एवं आदेशों के अनुसार पूरा हो चुका हो, उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें वर्तमान पदस्थापना से कार्यमुक्त कर नवीन पदस्थापना की प्रक्रिया शीघ्र सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन की प्रतियां सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, बड़वानी और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पानरोमल, बड़वानी को भी भेजी गई हैं। इस अवसर पर दीपक निगवाल, प्रदीप सेनानी, सायसिंग तड़वे, दिलीप नरगावे, अखिलेश ब्राह्मणे, दादू जाधव, जगदीश डावर, सोहन अलावे और शिकारिया ब्राह्मणे सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। ज्ञापन में अंत में कहा गया है कि यदि किसी स्तर पर शासन के निर्देशों की अवहेलना पाई जाती है, तो उसके संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं सुशासन की भावना बनी रहे। कार्यकर्ताओं ने जनहित एवं छात्रहित को ध्यान में रखते हुए इस प्रकरण में शीघ्र निष्पक्ष एवं नियमसम्मत कार्रवाई की अपेक्षा की है।
बड़वानी जिले के निवाली में गुरुवार, 9 जुलाई को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विनोद पाटीदार को एक ज्ञापन सौंपकर शासकीय छात्रावासों में वर्षों से पदस्थ अधीक्षकों को तत्काल हटाने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने बीईओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए अपनी यह मांग रखी। उनका तर्क है कि कुछ अधीक्षक दस से पंद्रह वर्षों से एक ही छात्रावास में जमे हुए हैं, जिससे पारदर्शिता और प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि निवाली विकासखंड के अंतर्गत संचालित विभिन्न शासकीय छात्रावासों में पदस्थ
सभी अधीक्षक अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इसके बावजूद वे लंबे समय से उसी छात्रावास में निरंतर पदस्थ हैं, जिसे शासन के स्थानांतरण एवं पदस्थापना संबंधी प्रावधानों तथा प्रशासनिक पारदर्शिता की भावना के विपरीत बताया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थ रहने से प्रशासनिक निष्पक्षता, जवाबदेही तथा छात्रावासों के प्रभावी संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि इससे अन्य कर्मचारियों को अधीक्षक का कार्य सीखने और संभालने का मौका व अनुभव नहीं
मिल पाता है। कार्यकर्ताओं ने बीईओ से विनम्र अनुरोध किया है कि निवाली विकासखंड के समस्त छात्रावासों में पदस्थ अधीक्षकों के कार्यकाल, पदस्थापना एवं विभागीय अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मांग की गई है कि जिन अधीक्षकों का कार्यकाल शासन के प्रचलित नियमों एवं आदेशों के अनुसार पूरा हो चुका हो, उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें वर्तमान पदस्थापना से कार्यमुक्त कर नवीन पदस्थापना की प्रक्रिया शीघ्र सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन की प्रतियां सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, बड़वानी और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पानरोमल, बड़वानी को भी भेजी गई
हैं। इस अवसर पर दीपक निगवाल, प्रदीप सेनानी, सायसिंग तड़वे, दिलीप नरगावे, अखिलेश ब्राह्मणे, दादू जाधव, जगदीश डावर, सोहन अलावे और शिकारिया ब्राह्मणे सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। ज्ञापन में अंत में कहा गया है कि यदि किसी स्तर पर शासन के निर्देशों की अवहेलना पाई जाती है, तो उसके संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं सुशासन की भावना बनी रहे। कार्यकर्ताओं ने जनहित एवं छात्रहित को ध्यान में रखते हुए इस प्रकरण में शीघ्र निष्पक्ष एवं नियमसम्मत कार्रवाई की अपेक्षा की है।
- सूरत में हुई भारी बारिश के कारण लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश का पानी कई दुकानों में घुस गया, जिससे बड़े पैमाने पर क्षति हुई है।1
- इंदौर जिले के महू स्थित रेलवे बास्केटबॉल मैदान के सामने एक वाहन द्वारा तीन बच्चों को टक्कर मार दी गई।1
- खरगोन जिले में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने आपसी विवाद के चलते अपने पिता की कथित तौर पर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- खरगोन जिले के सनावद अंतर्गत ग्राम भोगांवा सिपानी में पुल के पास उसी गाँव के निवासी नारायण नामक व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। थाना बेड़िया को सूचना मिलने पर मर्ग क्रमांक 38/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। शव संदेहास्पद स्थिति में मिलने, मृतक को लगी चोटों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ-साथ पीएम रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु का कारण गंभीर चोटें लगना पाया गया, जिसके बाद थाना बेड़िया में अपराध क्रमांक 175/2026 धारा 103(1) बी.एन.एस. के तहत हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एसडीओपी बड़वाह श्रीमती अर्चना रावत के मार्गदर्शन में और थाना प्रभारी बेड़िया निरीक्षक श्री रामेश्वर ठाकुर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसे आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, जिसमें जानकारी मिली कि घटना दिनांक 04.07.26 को मृतक नारायण का अपने पुत्र जयपाल से घर न जाने और गाली-गलौज करने को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी विवाद में जयपाल ने अपने पिता को जान से मारने की नीयत से उनके सीने में 5-6 बार लात मारी और पुलिया पर पैर पकड़कर घसीटा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने जयपाल को हिरासत में लिया और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने 04.07.26 को अपने पिता को जान से मारने की नीयत से लात मारने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी जयपाल को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि आरोपी जयपाल पर पूर्व में भी वर्ष 2024 में थाना बेड़िया में अपराध क्रमांक 145/24 धारा 294,323,506 भादवि का मामला दर्ज था। इस घटना के साथ, खरगोन पुलिस ने आपसी विवाद में पुत्र द्वारा पिता की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है।1
- प्रमोद जैन के एक वीडियो बुलेटिन के अनुसार, लोग कुत्तों और अन्य जानवरों के कारण लगातार परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस समस्या के तत्काल समाधान की पुरजोर माँग सद्भावना मंच द्वारा की गई है। मंच ने अपनी माँग में यह सवाल भी उठाया है कि क्या इस गंभीर मुद्दे का कोई त्वरित और स्थायी हल निकाला जाएगा।1
- एक पीड़ित व्यापारी ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एक महिला आरक्षक ने अपने पति, ससुर और अन्य परिजनों के माध्यम से चाकू, हॉकी और डंडों के साथ उत्पाद मचाया। व्यापारी ने अपनी शिकायत के साथ कथित सीसीटीवी वीडियो फुटेज और अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। शिकायत में प्रस्तुत साक्ष्यों की समीक्षा के बाद, पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच के लिए एडीसीपी मल्हारगंज को निर्देश जारी किए हैं।1
- बरवाहा में नपाध्यक्ष राकेश गुप्ता का 57वां जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर कुल 57 केक काटे गए, जिससे उत्सव में एक अनोखा आकर्षण जुड़ गया। देर रात तक शहर भर के निवासी नपाध्यक्ष राकेश गुप्ता को जन्मदिन की बधाई देने के लिए उमड़ पड़े, जिससे समारोह में भव्य भीड़ और उत्साह का माहौल बना रहा।1
- उत्तर प्रदेश के संभल में एक खोजी कुतिया मैरी ने अपनी अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन करते हुए मात्र 5 मिनट के भीतर दुष्कर्म के एक आरोपी तक पुलिस को पहुंचा दिया। डॉग स्क्वाड की सूझबूझ के परिणामस्वरूप इस दुष्कर्म मामले का खुलासा हो सका। इस बहादुरी और महत्वपूर्ण योगदान के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) ने कुतिया मैरी को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया।1
- सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने रेल सेवाओं को जल्दी चालू करने का मुद्दा उठाया है।1