प्रतापगढ़ जिले में 22 जून 2026 को केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चार ग्राम पंचायतों में रात्रि चौपालों का आयोजन किया गया। इन चौपालों में प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए। ये रात्रि चौपालें विकास खंड सण्ड़वा चन्द्रिका की ग्राम पंचायत बांसी, सांगीपुर की राजमतीपुर, लक्ष्मणपुर की चमरूपुर शुक्लान और रामपुर संग्रामगढ़ की हरनाहर ग्राम पंचायत में आयोजित हुईं। चौपालों के दौरान, नामित नोडल अधिकारियों ने ग्रामीणों की आवास, वृद्धावस्था एवं निराश्रित पेंशन, राशन कार्ड, पेयजल, स्वच्छता, भूमि विवाद और अन्य विकास संबंधी समस्याओं को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इन चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। अधिकारियों ने पात्र लाभार्थियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लाभ को पहुँचाना है। इस अवसर पर, स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, उन्हें आवश्यक दवाएँ वितरित कीं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी प्रदान किया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने के साथ-साथ शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
प्रतापगढ़ जिले में 22 जून 2026 को केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चार ग्राम पंचायतों में रात्रि चौपालों का आयोजन किया गया। इन चौपालों में प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए। ये रात्रि चौपालें विकास खंड सण्ड़वा चन्द्रिका की ग्राम पंचायत बांसी, सांगीपुर की राजमतीपुर, लक्ष्मणपुर की चमरूपुर शुक्लान और रामपुर संग्रामगढ़ की हरनाहर ग्राम पंचायत में आयोजित हुईं। चौपालों के दौरान, नामित नोडल अधिकारियों ने ग्रामीणों की आवास, वृद्धावस्था एवं निराश्रित पेंशन, राशन कार्ड, पेयजल, स्वच्छता, भूमि विवाद और अन्य विकास संबंधी समस्याओं को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इन चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। अधिकारियों ने पात्र लाभार्थियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लाभ को पहुँचाना है। इस अवसर पर, स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, उन्हें आवश्यक दवाएँ वितरित कीं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी प्रदान किया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने के साथ-साथ शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
- आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र, प्रतापगढ़ पुलिस ने जिले में ताजिया दफन स्थलों का गहन निरीक्षण किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की व्यवस्थाओं का जायजा लेना था। यह कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए की गई कि पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और पारंपरिक ढंग से संपन्न हो। पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में, क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने उपजिलाधिकारी पट्टी, तहसीलदार पट्टी और प्रभारी निरीक्षक कंधई समेत अन्य अधिकारियों के साथ थाना कंधई क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न ताजिया दफन स्थलों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने ताजिया दफन स्थलों, आवागमन मार्गों और समग्र सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से मुआयना करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान, स्थानीय संभ्रांत व्यक्तियों और ताजियादारों से भी संवाद स्थापित कर मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की अपील की गई। निरीक्षण के क्रम में, यातायात नियमों के उल्लंघन पर एक वाहन के विंडशील्ड पर लगी काली फिल्म को मौके पर ही हटवाया गया तथा वाहन स्वामी को यातायात नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया। अधिकारियों द्वारा लोगों को पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के संबंध में भी जागरूक किया गया। जनपद प्रतापगढ़ पुलिस ने आगामी मोहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने हेतु अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई है।1
- सोमवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद की जिला अध्यक्ष बिंदेश्वरी प्रसाद उर्फ बिंदू पाठक ने भारत सरकार के गृह मंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन उप जिला अधिकारी पट्टी को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से बिहार राज्य के जनपद भोजपुर के थाना शाहपुर क्षेत्र के गांव बिलौटी में 17-6-26 को पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी को मार गिराए जाने के मामले में वैधानिक कार्यवाही की मांग की गई है। परिषद के जिला अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि उक्त व्यक्ति ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर हथियार डाल दिए थे। उनकी दलील है कि ऐसी स्थिति में, उन्हें विधि सम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, परंतु ऐसा नहीं किया गया। ज्ञापन में इस पूरे मामले में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्यवाही किए जाने की पुरजोर मांग की गई है।1
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- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह इस वक्त क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रेम विवाह करने वाले इस दंपति ने अपनी कानूनी सुरक्षा के लिए शपथ पत्र के माध्यम से गुहार लगाई है। इस पूरे प्रकरण पर युवक अमन कुमार गौतम ने अपनी बात रखी है।1
- सुलतानपुर के गोसाईगंज बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास पांचवीं मोहर्रम के अवसर पर गरीब सेवा समिति द्वारा एक भव्य शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सराहनीय प्रयास के तहत हजारों लोगों को शरबत वितरित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के प्रदेश अल्पसंख्यक अध्यक्ष डॉ. नसीब खान ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य पद के संभावित उम्मीदवार गुड्डू खान भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मोहर्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महीना त्याग, बलिदान और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से जरूरतमंदों की सहायता करने और नेक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में आबाद हाशमी, दिलशाद बाबा कादरी, कबीर अहमद, पप्पू भाई, दानिश अहमद, आदिल कुरैशी, मौलाना सोहेल साहब सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित होकर इस पहल का समर्थन किया।1
- जौनपुर में चर्चित दूल्हा हत्याकांड से जुड़ा एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मृतक दूल्हा आजाद बिंद को अवैध तमंचे से फायरिंग करते देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो घटना के कुछ दिन पूर्व का है।1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी क्षेत्र में एक व्यक्ति के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम कुसुशंकर मिश्र नामक व्यक्ति को एक ढाबे से कुछ लोग अपने साथ ले गए, जिन्होंने खुद को SOG पुलिस बताया था। इस घटना के बाद से कुसुशंकर मिश्र का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना को लेकर कुसुशंकर मिश्र की पत्नी ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में पति की सकुशल बरामदगी की मांग की है और आशंका जताई है कि उनके पति के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। फिलहाल इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह समाचार केवल शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के आधार पर प्रकाशित किया गया है, और संबंधित एजेंसियों का आधिकारिक पक्ष एवं पुष्टि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।1
- लखनऊ में हुई भीषण अग्नि दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके उपरांत, वे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुँचे, जहाँ उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से घायलों के उपचार तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी घायलों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न रहे और पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताते हुए मुख्यमंत्री ने जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में सभी प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है, साथ ही उन्होंने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को तत्काल ₹5-5 लाख और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और दुर्घटना के कारणों की भी जांच कराई जाएगी।1