इंदौर में कांग्रेस छोड़ चुके पूर्व नेता राकेश यादव ने राहुल गांधी पर एक बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। अपने इस्तीफे के बाद राकेश यादव ने राहुल गांधी को एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने पार्टी की कार्यशैली, नेतृत्व और पिछले कई वर्षों की राजनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर तथ्यों के बिना आरोप लगाने, हार की राजनीति करने और अंधभक्ति की संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पूर्व कांग्रेस नेता राकेश यादव ने अपने पत्र में कहा है कि साल 2013 से 2026 तक केंद्र सरकार पर लगाए गए कई बड़े आरोप कभी साबित नहीं हो सके। उन्होंने नोटबंदी, जीएसटी और राफेल जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस अपने आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य पेश नहीं कर पाई। राफेल मामले में तो सुप्रीम कोर्ट तक जाने के बावजूद आरोप सिद्ध नहीं हुए। यादव ने एमएसपी और जातीय जनगणना जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। पत्र में राकेश यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रभारी हरीश चौधरी और विधायक चिंटू चौकसे को "डुप्लीकेट नेता" बताते हुए कहा कि पार्टी में वास्तविक नेतृत्व खत्म हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस झूठे आरोपों की राजनीति कर रही है, जिसके कारण 500 करोड़ रुपये के मानहानि दावे जैसी स्थिति भी बनी। राकेश यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अब एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एनजीओ बनाकर रख दिया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी अपनी जीत की परिभाषा भूल चुकी है और उनके इस्तीफे के बाद भी मुद्दों पर जवाब देने के बजाय अपनी साख बचाने में लगी है। राकेश यादव ने राहुल गांधी पर अंधभक्ति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उन्हें भाजपा के लोग अंधभक्त नहीं बल्कि देशभक्त लगने लगे हैं। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई सियासी बहस छिड़ गई है।
इंदौर में कांग्रेस छोड़ चुके पूर्व नेता राकेश यादव ने राहुल गांधी पर एक बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। अपने इस्तीफे के बाद राकेश यादव ने राहुल गांधी को एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने पार्टी की कार्यशैली, नेतृत्व और पिछले कई वर्षों की राजनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर तथ्यों के बिना आरोप लगाने, हार की राजनीति करने और अंधभक्ति की संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पूर्व कांग्रेस नेता राकेश यादव ने अपने पत्र में कहा है कि साल 2013 से 2026 तक केंद्र सरकार पर लगाए गए कई बड़े आरोप कभी साबित नहीं हो सके। उन्होंने नोटबंदी, जीएसटी और राफेल जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस अपने आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य पेश नहीं कर पाई। राफेल मामले में तो सुप्रीम कोर्ट तक जाने के बावजूद आरोप सिद्ध नहीं हुए। यादव ने एमएसपी और जातीय जनगणना जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। पत्र में राकेश यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रभारी हरीश चौधरी और विधायक चिंटू चौकसे को "डुप्लीकेट नेता" बताते हुए कहा कि पार्टी में वास्तविक नेतृत्व खत्म हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस झूठे आरोपों की राजनीति कर रही है, जिसके कारण 500 करोड़ रुपये के मानहानि दावे जैसी स्थिति भी बनी। राकेश यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अब एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एनजीओ बनाकर रख दिया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी अपनी जीत की परिभाषा भूल चुकी है और उनके इस्तीफे के बाद भी मुद्दों पर जवाब देने के बजाय अपनी साख बचाने में लगी है। राकेश यादव ने राहुल गांधी पर अंधभक्ति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उन्हें भाजपा के लोग अंधभक्त नहीं बल्कि देशभक्त लगने लगे हैं। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई सियासी बहस छिड़ गई है।
- इंदौर में समाज में शिक्षा के स्तर को सुधारने और युवाओं के बेहतर भविष्य के उद्देश्य से 'नूर एजुकेशन एंड हेल्थ फाउंडेशन' ने खजराना स्थित एचबीके गार्डन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। फाउंडेशन के सदस्य और एलएंडटी इंडिया के लीड इंजीनियर शादाब अहमद ने बताया कि संस्था का मुख्य लक्ष्य बच्चों को सही मार्गदर्शन देना और उनके करियर को आगे बढ़ाना है। अपनी शुरुआत के मात्र चार महीने के भीतर, संस्था ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को साथ जोड़कर 75 बच्चों की परीक्षा ली थी, जिसमें से शीर्ष 10 प्रतिभावान बच्चों को इस कार्यक्रम के दौरान स्कॉलरशिप प्रदान की गई। शादाब अहमद ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय शिक्षा का है और उन्नति के लिए बच्चों का पढ़ाई से जुड़ा रहना अनिवार्य है। संस्था का कार्यक्षेत्र केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह स्वास्थ्य (हेल्थ) के क्षेत्र में भी काम करेगी और समाज के अन्य प्रतिभावान व्यक्तियों को आगे लाने में सहयोग करेगी। इस नेक कार्य में समाज के हर वर्ग, वक्फ बोर्ड और स्थानीय ओहदेदारों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। बच्चों के बेहतर मार्गदर्शन के लिए फाउंडेशन ने श्रीनगर एक्सटेंशन में 'टेक फ्रॉम टेकी' नाम से एक काउंसलिंग ऑफिस भी स्थापित किया है।1
- इंदौर के खजराना क्षेत्र में प्रस्तावित 100 बेड का सिविल अस्पताल पिछले लगभग छह वर्षों से सिर्फ कागज़ों पर ही चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि जहाँ एक ओर अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है और न ही मरीजों के लिए कोई सुविधाएँ शुरू की गई हैं, वहीं दूसरी ओर इसके लिए 87 पदों को स्वीकृत कर उन पर भर्ती और पदस्थापन भी कर दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, नियुक्त किए गए अधिकांश कर्मचारियों को फिलहाल अन्य सरकारी अस्पतालों में तैनात किया गया है। यह स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि अस्पताल के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण और भवन निर्माण का कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों व व्यवस्थापक से जवाबदेही की मांग की जा रही है।1
- इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में नगर निगम ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए जर्जर मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई बारिश के बीच भी जारी रही, जहाँ नगर निगम ने असुरक्षित मकान को ढहाने का काम किया।1
- इंदौर में नगर निगम ने एक आत्मनिर्भर दिव्यांग व्यक्ति की साइकिल उठा ली। इस घटना के बाद मुख्यालय में पावती जारी करने के नाम पर रिश्वतखोरी चलने का गंभीर आरोप सामने आया है।1
- इंदौर के प्रेस क्लब में महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने आज एक प्रेस वार्ता की, जिसमें उन्होंने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने छात्रों और युवाओं के भविष्य, किसानों के संकट, उज्जैन भूमि घोटाले और चौतरफा भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। श्रीमती ओझा ने घोषणा की कि इन सभी मुद्दों को लेकर प्रदेशव्यापी जन आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन आरोपों पर जवाब देने या अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की और यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगी।1
- एक व्यक्ति ने अपनी समस्या बताते हुए कहा है कि एक गड्ढे में उनकी गाड़ियां बार-बार गिर जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों से इस गंभीर समस्या के जल्द से जल्द समाधान की मांग की है।1
- इंदौर में प्रशासन ने फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध क्लिनिकों पर ताला लगा दिया है। कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने उन लोगों को निशाना बनाया जो बिना किसी वैध योग्यता के एलोपैथिक इलाज कर रहे थे। इस सख्त कार्रवाई से फर्जी डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने नियम तोड़ने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। बताया गया है कि अब यह अभियान पूरे जिलेभर में चलाया जाएगा।1
- इंदौर में ATM कैश लोडिंग के दौरान ₹40 लाख की कथित हेराफेरी का एक मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर CMS कंपनी के कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1