समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी कुँवर जयेश प्रसाद की नगर विधानसभा सीट पर बढ़ती सक्रियता ने शाहजहांपुर जिले की राजनीति का केंद्र बदल दिया है। उनके संभावित चुनाव लड़ने की चर्चाओं ने न केवल नगर विधानसभा, बल्कि पूरे जनपद के राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दे दी है, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया है और समर्थकों में उत्साह की लहर है। कुँवर जयेश प्रसाद का नाम सामने आते ही समाजवादी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जिले के प्रतिष्ठित प्रसाद परिवार से आने वाले जयेश प्रसाद दो बार विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। वर्षों से संगठन और जनता के बीच सक्रिय रहने के कारण उनका व्यापक जनसंपर्क और मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कुँवर जयेश प्रसाद नगर विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो यह मुकाबला केवल एक सीट का चुनाव नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जिले की राजनीति की दिशा तय करने वाला बन सकता है। उनकी सक्रियता ने विपक्षी दलों की चिंता बढ़ा दी है और कई राजनीतिक दल अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करने को मजबूर दिख रहे हैं। नगर विधानसभा सीट पर लंबे समय से भाजपा से विधायक सुरेश कुमार खन्ना हैं, लेकिन जयेश प्रसाद की संभावित उम्मीदवारी ने मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उनकी मजबूत सामाजिक पकड़, युवाओं में बढ़ती लोकप्रियता और विभिन्न वर्गों में स्वीकार्यता चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है। पिछले कुछ समय से जिले में उनकी लगातार बढ़ती सक्रियता को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और कार्यकर्ता बैठकों में उनकी मौजूदगी ने समर्थकों के उत्साह को नई ऊर्जा दी है, जिससे उनके चुनाव लड़ने की संभावना ने पूरे जिले के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन कुँवर जयेश प्रसाद की दस्तक ने नगर विधानसभा सहित पूरे शाहजहांपुर की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, और यदि वह चुनाव मैदान में उतरते हैं तो यह मुकाबला जिले के इतिहास के सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित चुनावी संघर्षों में से एक साबित हो सकता है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी कुँवर जयेश प्रसाद की नगर विधानसभा सीट पर बढ़ती सक्रियता ने शाहजहांपुर जिले की राजनीति का केंद्र बदल दिया है। उनके संभावित चुनाव लड़ने की चर्चाओं ने न केवल नगर विधानसभा, बल्कि पूरे जनपद के राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दे दी है, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया है और समर्थकों में उत्साह की लहर है। कुँवर जयेश प्रसाद का नाम सामने आते ही समाजवादी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जिले के प्रतिष्ठित प्रसाद परिवार से आने वाले जयेश प्रसाद दो बार विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। वर्षों से संगठन और जनता के बीच सक्रिय
रहने के कारण उनका व्यापक जनसंपर्क और मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कुँवर जयेश प्रसाद नगर विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो यह मुकाबला केवल एक सीट का चुनाव नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जिले की राजनीति की दिशा तय करने वाला बन सकता है। उनकी सक्रियता ने विपक्षी दलों की चिंता बढ़ा दी है और कई राजनीतिक दल अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करने को मजबूर दिख रहे हैं। नगर विधानसभा सीट पर लंबे समय से भाजपा से विधायक सुरेश कुमार खन्ना हैं, लेकिन जयेश प्रसाद की संभावित उम्मीदवारी ने मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उनकी मजबूत सामाजिक पकड़, युवाओं में बढ़ती लोकप्रियता और
विभिन्न वर्गों में स्वीकार्यता चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है। पिछले कुछ समय से जिले में उनकी लगातार बढ़ती सक्रियता को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और कार्यकर्ता बैठकों में उनकी मौजूदगी ने समर्थकों के उत्साह को नई ऊर्जा दी है, जिससे उनके चुनाव लड़ने की संभावना ने पूरे जिले के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन कुँवर जयेश प्रसाद की दस्तक ने नगर विधानसभा सहित पूरे शाहजहांपुर की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, और यदि वह चुनाव मैदान में उतरते हैं तो यह मुकाबला जिले के इतिहास के सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित चुनावी संघर्षों में से एक साबित हो सकता है।
- फिरोजाबाद में डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे को बेरहमी से पटक-पटक कर मार डालने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला आरोपी कोई और नहीं बल्कि बच्चे की मां के पति की बुआ का बेटा विराज पाठक है, जिसने बच्चे को 8 बार जमीन पर पटका, जिससे उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बच्चे की मां का अपने पति से विवाद चल रहा था, जिसके चलते वह अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान, अकेला पाकर आरोपी विराज पाठक ने महिला को शादी के लिए प्रपोज किया। हालांकि, महिला ने यह कहकर प्रस्ताव ठुकरा दिया कि वह शादीशुदा है और उसका डेढ़ साल का बेटा भी है। आरोपी ने इस बच्चे को अपनी शैतानी सोच में बाधक मानते हुए यह सोचा कि अगर बच्चे को मार दिया जाए, तो महिला उससे शादी करने के लिए मान जाएगी। इसी शैतानी विचार के तहत आरोपी ने मासूम बच्चे को निर्ममता से आठ बार जमीन पर पटका और फरार हो गया। इस घटना के बाद महिला का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विराज पाठक को पकड़ लिया है, जिसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसका 'हाफ एनकाउंटर' किया गया। हालांकि, इस मामले में लोगों का कहना है कि पुलिस को आरोपी का 'फुल एनकाउंटर' करके उसे उसके किए की पूरी सजा मिल जानी चाहिए थी।3
- राष्ट्रीय पत्रकार सेकुलर सुरक्षा यूनियन परिषद का पंजीकरण हो चुका है। इस यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वैभव ठाकुर हैं, जो पत्रकारों की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहते हैं।1
- एक संगोष्ठी के दौरान, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष और पत्रकार कुलदीप कुमार ‘दीपक’ ने अपनी कविता के माध्यम से पत्रकारिता के दायित्व, समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी, और लोकतंत्र में प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी इस काव्य प्रस्तुति को वहाँ उपस्थित सभी अतिथियों, पत्रकारों और श्रोताओं ने खूब सराहा, जिससे तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया गया।1
- शाहजहांपुर के सिंधौली थाना क्षेत्र स्थित ग्राम चक्रकुंडू निवासी शिवकुमार उर्फ लल्ले की मौत के बाद उनके परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया है कि मारपीट में घायल होने के बावजूद पुलिस ने समय पर न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही युवक का मेडिकल परीक्षण कराया। इस गंभीर लापरवाही के कारण युवक की हालत लगातार बिगड़ती गई और उपचार के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, मृतक शिवकुमार ने 26 और 29 मई को पुलिस को लिखित शिकायतें दी थीं। इन शिकायतों में उन्होंने गांव के कुछ लोगों पर ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे करने, धमकी देने और संभावित हमले की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप है कि इन शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद, 27 मई को शिवकुमार पर हमला हुआ, जिसमें वह घायल हो गए और अंततः उनकी जान चली गई।1
- शाहजहांपुर जनपद के अल्हागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नदी में नहाते समय दो बच्चे डूब गए। इस घटना के संबंध में जलालाबाद क्षेत्राधिकारी ने पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के बारे में जानकारी दी।1
- फ़िरोज़ाबाद में एक बेहद अमानवीय घटना सामने आई है, जहाँ एक मासूम बच्चे को बेरहमी से ज़मीन पर पटक-पटक कर मार डाला गया। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया है, जिसके दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगी है। हालांकि, इस कार्रवाई को 'हाफ एनकाउंटर' बताते हुए पोस्ट में यह दृढ़ इच्छा व्यक्त की गई है कि आरोपी को उसके कुकृत्य की सज़ा 'फूल एनकाउंटर' करके मिलनी चाहिए थी। यह घटना तब हुई जब एक महिला का अपने पति से विवाद चल रहा था और वह इसी कारण अपने मायके में रह रही थी। इस बीच, पति की बुआ के बेटे, विराज पाठक, ने महिला की अकेली स्थिति का फायदा उठाते हुए उससे शादी का प्रस्ताव रखा। महिला ने यह कहते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया कि वह शादीशुदा है और उसका डेढ़ वर्षीय बेटा भी है। इस बात से क्रुद्ध होकर और शैतानी सोच के साथ, आरोपी विराज पाठक ने यह घिनौना विचार किया कि यदि वह बच्चे को मार देता है, तो संभवतः महिला उससे शादी कर लेगी। अपनी इसी दुर्भावना को पूरा करने के लिए आरोपी ने उस मासूम बच्चे को आठ बार ज़मीन पर ज़ोर से पटका, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे मुठभेड़ में घायल कर पकड़ लिया है। इस भयावह घटना के बाद से बच्चे की माँ का रो-रोकर बुरा हाल है।4
- एक दलित व्यक्ति को सरकारी नल से पानी पीने के कारण बर्बरता का सामना करना पड़ा। इस अमानवीय घटना में, उस व्यक्ति के कपड़े उतारे गए और उन्हें जूते में पानी पिलाया गया। पीड़ित दलित परिवार इस घटना के बाद भी न्याय के लिए आज भी भटक रहा है।1