सुरक्षा शून्य, रफ्तार फुल: जिला कारागार निर्माण में मजदूर की जान पर खेल 🔴सुरक्षा नियमों की उड़ाई धज्जियां, लापरवाही ने पहुंचाया महिला मजदूर को आईसीयू मे 🔴कागजों में सुरक्षा, जमीन पर लापरवाही, निर्माण स्थल बना खतरे का अड्डा कुशीनगर। पडरौना में निर्माणाधीन जिला कारागार परिसर में महिला मजदूर संगीता देवी के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने पूरे निर्माण तंत्र की पोल खोल दी है। सवाल सिर्फ एक हादसे का नहीं, बल्कि उस लापरवाही का है जहा मजदूरों की जान से ज्यादा “काम की रफ्तार” को अहमियत दी जा रही है। सबब है कि बीते शनिवार को जब पूरा सिस्टम एआईजी कारागार के संभावित निरीक्षण की तैयारी में “दौड़” रहा था, उसी वक्त एक गरीब मजदूर की जिंदगी खून से लथपथ होकर ज़मीन पर तड़प रही थी। बताया जाता है कि एआईजी (कारागार) के रविवार को संभावित निरीक्षण को लेकर शनिवार को निर्माणाधीन जिला जेल मे तेजी से काम कराया जा रहा था। इस दौरान निर्माणाधीन टाइप-2 बिल्डिंग में काम करते समय संगीता देवी के सिर पर अचानक ऊपरी मंजिल से एक ईंट का टुकड़ा गिर गया और उनका सिर फट गया। इसके बाद आनन-फानन कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने संगीता देवी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां आईसीयू में उनका इलाज शुरू हुआ। सिटी स्कैन में सिर में गंभीर चोट की पुष्टि होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल मे चिकित्सको ने संगीता देवी की नाजुक स्थिति को देखते हुए गोरखपुर रेफर कर दिया। सवाल यह उठता है कि क्या ‘निरीक्षण दिखाने’ की जल्दबाजी में मजदूरों की सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया?क्या डेडलाइन के दबाव में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई? जानकार घटना के बाद कार्यदायी संस्था की भूमिका पर सवाल खडा कर रहे है। क्या साइट पर सेफ्टी ऑडिट हुआ था? क्या संगीता देवी ने हेलमेट पहना था?क्या काम के दौरान कोई सेफ्टी नेट लगाया गया था? मौके पर कौन जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था?क्या मजदूरों का बीमा कराया गया है?क्या हादसे के बाद कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने आया? ऐसे तमाम सवाल है जो सुरसा की तरह मुंह बाये खडी है। 🔴सुरक्षा गाइडलाइन की खुली धज्जियां निर्माण कार्य से जुडे विशेषज्ञ बताते है कि निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट नियम व गाइडलाइन हैं, लेकिन निर्माण हो रहे जिला जेल में यह गाइडलाइन सिर्फ कागजों तक सीमित दिख रहा है। ऊंचाई पर काम के दौरान सेफ्टी हेलमेट अनिवार्य होता है। ऊपर से गिरने वाले मलबे को रोकने के लिए सेफ्टी नेट/कवरिंग जरूरी है। कार्यस्थल पर सुपरविजन और सेफ्टी ऑफिसर की मौजूदगी अनिवार्य है और खतरनाक जोन में एंट्री कंट्रोल और चेतावनी संकेत के साथ मजदूरों को सुरक्षा प्रशिक्षण देने का प्राविधान है। किन्तु अफसोस यह सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा था। ऐसे मे गंभीर सवाल यह है कि अगर सुरक्षा इंतजाम पुख्ता होते, तो क्या यह हादसा होता?सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी घटना के बाद अब तक कोई कार्रवाई क्यो नही हुई? जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज क्यो नही हुआ? अब तक सुरक्षा मानकों की जांच क्यो नही की गई?
सुरक्षा शून्य, रफ्तार फुल: जिला कारागार निर्माण में मजदूर की जान पर खेल 🔴सुरक्षा नियमों की उड़ाई धज्जियां, लापरवाही ने पहुंचाया महिला मजदूर को आईसीयू मे 🔴कागजों में सुरक्षा, जमीन पर लापरवाही, निर्माण स्थल बना खतरे का अड्डा कुशीनगर। पडरौना में निर्माणाधीन जिला कारागार परिसर में महिला मजदूर संगीता देवी के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने पूरे निर्माण तंत्र की पोल खोल दी है। सवाल सिर्फ एक हादसे का नहीं, बल्कि उस लापरवाही का है जहा मजदूरों की जान से ज्यादा “काम की रफ्तार” को अहमियत दी जा रही है। सबब है कि बीते शनिवार को जब पूरा सिस्टम एआईजी कारागार के संभावित निरीक्षण की तैयारी में “दौड़” रहा था, उसी वक्त एक गरीब मजदूर की जिंदगी खून से लथपथ होकर ज़मीन पर तड़प रही थी। बताया जाता है कि एआईजी (कारागार) के रविवार को संभावित निरीक्षण को लेकर शनिवार को निर्माणाधीन जिला जेल मे तेजी से काम कराया जा रहा था। इस दौरान निर्माणाधीन टाइप-2 बिल्डिंग में काम करते समय संगीता देवी के सिर पर अचानक ऊपरी मंजिल से एक ईंट का टुकड़ा गिर गया और उनका सिर फट गया। इसके बाद आनन-फानन कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने संगीता देवी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां आईसीयू में उनका इलाज शुरू हुआ। सिटी स्कैन में सिर में गंभीर चोट की पुष्टि होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल मे चिकित्सको ने संगीता देवी की नाजुक स्थिति को देखते हुए गोरखपुर रेफर कर दिया। सवाल यह उठता है कि क्या ‘निरीक्षण दिखाने’ की जल्दबाजी में मजदूरों की सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया?क्या डेडलाइन के दबाव में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई? जानकार घटना के बाद कार्यदायी संस्था की भूमिका पर सवाल खडा कर रहे है। क्या साइट पर सेफ्टी ऑडिट हुआ था? क्या संगीता देवी ने हेलमेट पहना था?क्या काम के दौरान कोई सेफ्टी नेट लगाया गया था? मौके पर कौन जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था?क्या मजदूरों का बीमा कराया गया है?क्या हादसे के बाद कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने आया? ऐसे तमाम सवाल है जो सुरसा की तरह मुंह बाये खडी है। 🔴सुरक्षा गाइडलाइन की खुली धज्जियां निर्माण कार्य से जुडे विशेषज्ञ बताते है कि निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट नियम व गाइडलाइन हैं, लेकिन निर्माण हो रहे जिला जेल में यह गाइडलाइन सिर्फ कागजों तक सीमित दिख रहा है। ऊंचाई पर काम के दौरान सेफ्टी हेलमेट अनिवार्य होता है। ऊपर से गिरने वाले मलबे को रोकने के लिए सेफ्टी नेट/कवरिंग जरूरी है। कार्यस्थल पर सुपरविजन और सेफ्टी ऑफिसर की मौजूदगी अनिवार्य है और खतरनाक जोन में एंट्री कंट्रोल और चेतावनी संकेत के साथ मजदूरों को सुरक्षा प्रशिक्षण देने का प्राविधान है। किन्तु अफसोस यह सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा था। ऐसे मे गंभीर सवाल यह है कि अगर सुरक्षा इंतजाम पुख्ता होते, तो क्या यह हादसा होता?सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी घटना के बाद अब तक कोई कार्रवाई क्यो नही हुई? जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज क्यो नही हुआ? अब तक सुरक्षा मानकों की जांच क्यो नही की गई?
- Post by Neeraj Saha Journalist1
- Post by Times of Uttar Pradesh1
- विभिन्न सामाजिक और महिला संगठनों से जुड़ी मीन जिंदल को भाजपा का जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने पर शहर के व्यापारियों ने खुशी जताई । उन्हें बुके देकर बधाई दी। पडरौना नगर के प्रतिष्ठित व्यवसाई सतीश जिंदल की पत्नी मीनू जिंदल पडरौना नगर सहित कुशीनगर जिले में भी सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं साथ ही शिक्षा एवं महिला कल्याण कार्यों में सराहनीय सक्रियता रहती हैं। मीन जिंदल को भाजपा का जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने पर अग्रवाल महासभा के जिलाध्यक्ष प्रदीप चहाड़िया, व्यापारी नेता सचिन चौरसिया,संजय मारोदिया, प्रदीप लोहिया, राजेश अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, अभिषेक बंका, अभिषेक अग्रवाल, संजय टिंबड़ेवाल, नीरज बंका, दीप नारायण अग्रवाल, सांवर गोयल आदि मौजूद रहे।1
- कुशीनगर बुद्ध बिहार नगरी1
- कुशीनगर | जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना कसया पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) बाराबंकी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 2.505 किलोग्राम अवैध हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 11,040 रुपये नकद और 4 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विनोद साहनी (पश्चिमी चंपारण, बिहार) और राहुल कुमार (चतरा, झारखंड) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कुशीनगर केशव कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कसया कुंदन कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। पूछताछ में बड़ा खुलासा: आरोपियों ने बताया कि वे अफीम खरीदकर उससे हेरोइन तैयार करते थे और फिर उसे महंगे दामों पर बेचते थे। दोनों आरोपी तैयार माल को बेचने के लिए कुशीनगर आए थे, जहां पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। कानूनी कार्रवाई जारी: मामले में थाना कसया पर मु0अ0सं0 197/2026 के तहत धारा 8/21/29 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुटी हुई है और फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।1
- 5 करोड़ की हेरोइन को पुलिस ने पकड़ा - पुलिस ने 2 अंतरराज्यीय तस्कर को भी किया गिरफ्तार - कसया पुलिस और एएनटीएफ बाराबंकी की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई - 2.505 किलो अवैध हेरोइन बरामद - अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपये - 11,040 रुपये नकद और 4 मोबाइल फोन भी जब्त - बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं दोनों आरोपी - अफीम से खुद बनाते थे हेरोइन - तस्कर ऊंचे दामों पर करते थे सप्लाई - NDPS एक्ट के तहत पुलिस ने केस किया दर्ज - पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी - पुलिस अब पूरे नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगालने में जुटी बाइट - केशव कुमार, पुलिस अधीक्षक कुशीनगर।2
- कुशीनगर, 04 अप्रैल। प्रदेश के मा० मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा “स्कूल चलो अभियान 2026-27” का शुभारंभ आज वाराणसी स्थित कंपोजिट विद्यालय शिवपुर से किया गया, जिसका सजीव प्रसारण कुशीनगर के विकास भवन सभागार में उत्साहपूर्वक आयोजित हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद विजय कुमार दुबे एवं विधायक विनय प्रकाश गोंड की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद उपस्थित जनों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। सांसद विजय कुमार दुबे ने इस मौके पर सभी को संकल्प दिलाया कि जनपद का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण बन गया। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा बच्चों को पुस्तकें वितरित की गईं तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में “स्कूल चलो अभियान 2026-27” के तहत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वन्दिता श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ० राम जियावन मौर्य सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- Post by Neeraj Saha Journalist1