यूपी एसआईआर: 75 जिलों में लाखों वोट कटे, कई जिलों में 25% से अधिक मतदाता सूची से बाहर लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के सभी 75 जिलों में लाखों मतदाताओं के वोट काटे गए, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, कई जिलों में 15 से 30 प्रतिशत तक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। राजधानी लखनऊ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, प्रयागराज और मेरठ जैसे बड़े जिलों में वोट कटने की संख्या सबसे अधिक रही। पश्चिमी यूपी में भारी असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी एसआईआर का खासा असर देखने को मिला। गाजियाबाद में 8.18 लाख (28.83%) मेरठ में 6.65 लाख (24.65%) सहारनपुर में 4.32 लाख (16.37%) मुजफ्फरनगर में 3.44 लाख (16.29%) हापुड़ में 2.57 लाख (22.30%) वोट कटे। राजधानी और बड़े शहर लखनऊ में सबसे अधिक 12,00,138 वोट (30.04%) काटे गए। प्रयागराज में 11.56 लाख (24.64%) कानपुर नगर में 9.02 लाख (25.50%) आगरा में 8.36 लाख (23.25%) वोट सूची से हटाए गए। पूर्वांचल और बुंदेलखंड पूर्वांचल में भी बड़ी संख्या में वोट कटे— वाराणसी 5.73 लाख (18.18%) आजमगढ़ 5.66 लाख (15.25%) गोरखपुर 6.45 लाख (17.61%) बलरामपुर में प्रतिशत के लिहाज से 25.98% वोट कटे। बुंदेलखंड के जिलों में तुलनात्मक रूप से आंकड़े कम रहे— ललितपुर 9.95% हमीरपुर 10.78% महोबा 12.42% प्रशासन का तर्क प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई मृत मतदाताओं, डुप्लीकेट नामों, स्थानांतरित नागरिकों और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई है, ताकि मतदाता सूची शुद्ध और पारदर्शी बन सके।
यूपी एसआईआर: 75 जिलों में लाखों वोट कटे, कई जिलों में 25% से अधिक मतदाता सूची से बाहर लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के सभी 75 जिलों में लाखों मतदाताओं के वोट काटे गए, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, कई जिलों में 15 से 30 प्रतिशत तक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। राजधानी लखनऊ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, प्रयागराज और मेरठ जैसे बड़े जिलों में वोट कटने की संख्या सबसे अधिक रही। पश्चिमी यूपी में भारी असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी एसआईआर का खासा असर देखने को मिला। गाजियाबाद में 8.18 लाख (28.83%) मेरठ में 6.65 लाख (24.65%) सहारनपुर में 4.32 लाख (16.37%) मुजफ्फरनगर में 3.44 लाख (16.29%) हापुड़ में 2.57 लाख (22.30%) वोट कटे। राजधानी और बड़े शहर लखनऊ में सबसे अधिक 12,00,138 वोट (30.04%) काटे गए। प्रयागराज में 11.56 लाख (24.64%) कानपुर नगर में 9.02 लाख (25.50%) आगरा में 8.36 लाख (23.25%) वोट सूची से हटाए गए। पूर्वांचल और बुंदेलखंड पूर्वांचल में भी बड़ी संख्या में वोट कटे— वाराणसी 5.73 लाख (18.18%) आजमगढ़ 5.66 लाख (15.25%) गोरखपुर 6.45 लाख (17.61%) बलरामपुर में प्रतिशत के लिहाज से 25.98% वोट कटे। बुंदेलखंड के जिलों में तुलनात्मक रूप से आंकड़े कम रहे— ललितपुर 9.95% हमीरपुर 10.78% महोबा 12.42% प्रशासन का तर्क प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई मृत मतदाताओं, डुप्लीकेट नामों, स्थानांतरित नागरिकों और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई है, ताकि मतदाता सूची शुद्ध और पारदर्शी बन सके।
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