चार महीने से खराब ट्रांसफार्मर, ढिबरी युग में जीने को मजबूर ग्रामीण चार महीने से खराब ट्रांसफार्मर, ढिबरी युग में जीने को मजबूर ग्रामीण रिपोर्ट:- अमित राज /गुमला 14 सितंबर 2026 गुमला जिले के सिसई प्रखंड क्षेत्र स्थित ओलमुंडा पंचायत अंतर्गत अमकुली करम टंगरा गांव के ग्रामीण पिछले करीब चार महीने से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में लगा बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। लंबे समय से बिजली नहीं रहने के कारण ग्रामीणों को मजबूरन ढिबरी से काम चलाना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई हो अथवा अन्य दैनिक कार्य हो,सभी के लिए ढिबरी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हालांकि इसमें भी समस्या है की मिट्टी का तेल ₹160 तेल रुपए लीटर में भी बहुत ही मुश्किल से मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक ट्रांसफार्मर की मरम्मत या नया ट्रांसफार्मर लगाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं मोबाइल चार्ज करने से लेकर घरेलू कामकाज तक लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात और रात के समय बिजली की समस्या और भी गंभीर हो जाती है। कई बार घरों में जहरीले सांप भी घुस जा रहे हैं और अंधेरे में उन्हें देखने में परेशानी भी होती है। यही नहीं महिलाओं को घरेलू कार्य करने में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द खराब ट्रांसफार्मर को बदलकर गांव में बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।लोगों का कहना है कि आधुनिक दौर में भी चार महीने से बिजली के बिना रहना उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लगातार वज्रपात के कारण ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है इसलिए ट्रांसफार्मर का अगर जगह बदल दिया जाए तो वज्रपात से खराब होने की समस्या नहीं रह जाएगी। ऐसे में सवाल पैदा होता है कि जब सरकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात करती है और किसी आदिवासी ग्रामीण क्षेत्र में 4 महीने से ज्यादा बिजली ना हो तो ग्रामीण इस योजना का लाभ कैसे ले पाएंगे। यहां पर गुमला का बिजली विभाग पर भी सवाल उठता है कि आखिर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी स्थिति क्यों है किसी गांव में चार-चार महीने तक ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली नहीं है जबकि 24 घंटे के अंदर बिजली बहाल करने की बात कही जाती है। और जब इस क्षेत्र के लोगों को बिजली जैसी बुनियादी सुविधा ही नहीं है तो फिर इस क्षेत्र के लोग दूसरे प्रदेशों में पलायन करने के अलावा दूसरा उनके पास विकल्प क्या है?
चार महीने से खराब ट्रांसफार्मर, ढिबरी युग में जीने को मजबूर ग्रामीण चार महीने से खराब ट्रांसफार्मर, ढिबरी युग में जीने को मजबूर ग्रामीण रिपोर्ट:- अमित राज /गुमला 14 सितंबर 2026 गुमला जिले के सिसई प्रखंड क्षेत्र स्थित ओलमुंडा पंचायत अंतर्गत अमकुली करम टंगरा गांव के ग्रामीण पिछले करीब चार महीने से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में लगा बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। लंबे समय से बिजली नहीं रहने के कारण ग्रामीणों को मजबूरन ढिबरी से काम चलाना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई हो अथवा अन्य दैनिक कार्य हो,सभी के लिए ढिबरी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हालांकि इसमें भी समस्या है की मिट्टी का तेल ₹160 तेल रुपए लीटर में भी बहुत ही मुश्किल से मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक ट्रांसफार्मर की मरम्मत या नया ट्रांसफार्मर लगाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं मोबाइल चार्ज करने से लेकर घरेलू कामकाज तक लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात और रात के समय बिजली की समस्या और भी गंभीर हो जाती है। कई बार घरों में जहरीले सांप भी घुस जा रहे हैं और अंधेरे में उन्हें देखने में परेशानी भी होती है। यही नहीं महिलाओं को घरेलू कार्य करने में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द खराब ट्रांसफार्मर को बदलकर गांव में बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।लोगों का कहना है कि आधुनिक दौर में भी चार महीने से बिजली के बिना रहना उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लगातार वज्रपात के कारण ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है इसलिए ट्रांसफार्मर का अगर जगह बदल दिया जाए तो वज्रपात से खराब होने की समस्या नहीं रह जाएगी। ऐसे में सवाल पैदा होता है कि जब सरकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात करती है और किसी आदिवासी ग्रामीण क्षेत्र में 4 महीने से ज्यादा बिजली ना हो तो ग्रामीण इस योजना का लाभ कैसे ले पाएंगे। यहां पर गुमला का बिजली विभाग पर भी सवाल उठता है कि आखिर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी स्थिति क्यों है किसी गांव में चार-चार महीने तक ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली नहीं है जबकि 24 घंटे के अंदर बिजली बहाल करने की बात कही जाती है। और जब इस क्षेत्र के लोगों को बिजली जैसी बुनियादी सुविधा ही नहीं है तो फिर इस क्षेत्र के लोग दूसरे प्रदेशों में पलायन करने के अलावा दूसरा उनके पास विकल्प क्या है?
- Floriyan Teteसिसई, गुमला, झारखंडअमकुली गांव में बहुत जरूरी है7 hrs ago
- लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड अंतर्गत हटी कुम्बा टोली में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव अभिनव सिद्धार्थ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन समिति द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस दौरान उन्होंने मैदान में उतरकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा प्रतियोगिता की विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड अंतर्गत हटी कुम्बा टोली में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव अभिनव सिद्धार्थ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन समिति द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस दौरान उन्होंने मैदान में उतरकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा प्रतियोगिता की विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।2
- विश्व का सबसे खतरनाक घाटी क्षेत्र वाला रोड लातेहार जिला चंदवा प्रखंड विश्व का सबसे खतरनाक घाटी क्षेत्र वाला रोड लातेहार जिला चंदवा प्रखंड1
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- गांव में शुद्ध पानी पीने तक की व्यवस्था नहीं है, खंबन रनगड़ा की जमीन हकीकत आजादी के इतने दिन बीत जाने के बाद भी इस गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंचा है1
- खूंटी जिला में महिलाओं ने हरित तालिका तीज पर्व धूमधाम से मनाया। खूंटी जिला में हिंदु धार्मालम्बियो महिलाओं और कुवारी कन्याओं ने सोमवार को हरित तालिका तीज पर्व पूजा धमधाम से मनाया गया। उपसिनो ने दिन भर निर्जला उपवास रखकर पूजा से पहले सोलह श्रृंगार कर पुजन सामग्री और फल ,फुल , प्रासद जिसमें (पेडकीया और ढेकुवा) का भोग भगवान शिव को अर्पित किया। साथ ही कुंवारी लड़कीयों ने सुंदर और तेजस्वी पति प्राप्ति का कामना की वहीं सुहागीन महिलाओं ने अपने पति का दिर्घायु और परिवारो का मंगल का कामना किया। मान्यता है की माता पार्वती ने भगवान शिवशंकर,भोलेनाथ को पाने के लिए घनघोर जंगल के बीच एक पहाड़ के गुफा में 12 बर्ष तक शिव का तपस्या में लिंन थी। भादों शुक्ल पक्ष द्वितीया प्रतिपद के दिन भगवान शिव ने माता पार्वती का तपस्या से खुश होकर पार्वती के समक्ष प्रकट हुए और माता पार्वती से शादी कर लिए।1
- *मासियतू में आजाद क्लब फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य उद्घाटन, झामुमो महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रीना उरांव ने फीता काट कर किया टूर्नामेंट का शुभारंभ, खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला* *बालूमाथ (लातेहार)।* बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत मासियतू पंचायत में *आजाद क्लब द्वारा आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ।* प्रतियोगिता का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि *झामुमो महिला मोर्चा लातेहार जिला अध्यक्ष श्रीमती रीना उरांव ने फीता काटकर किया।* उद्घाटन के दौरान मैदान में बड़ी संख्या में ग्रामीण, खेलप्रेमी एवं युवा मौजूद रहे। सैकड़ों लोगों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए उनका हौसला अफजाई किया। इस अवसर पर रीना उरांव ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ उनके उत्साह और मनोबल को बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाली ऐसी खेल प्रतियोगिताएं स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि फुटबॉल जैसे खेलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है। खासकर ग्रामीण इलाकों में जब अलग-अलग समुदाय के लोग एकजुट होकर खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हैं, तो इससे सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूती मिलती है। रीना उरांव ने कहा कि झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि इन प्रतिभाओं को उचित मंच, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिले। उन्होंने युवाओं से खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ-साथ शिक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की अपील की। आयोजकों ने बताया कि टूर्नामेंट में क्षेत्र की विभिन्न फुटबॉल टीमों के बीच मुकाबले होंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं स्थानीय खेलप्रेमी उपस्थित रहे।4
- सोनाहातु के बारेंदा टोला देवानसारणा में रविवार सुबह करीब 8:30 बजे एक तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे 42 वर्षीय सिंधु वाला देवी की मौके पर ही मौत हो गई और उनके पति रमेश महतो गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों एक कार्यक्रम से लौटकर अपने गांव जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना के बाद चालक हाइवा लेकर भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे झाबरी पेट्रोल पंप के पास पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। सूचना देने के बाद भी 108 एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने एंबुलेंस सेवा की लापरवाही के विरोध में सिल्ली-रांगामाटी मुख्य मार्ग जाम कर दिया और कार्रवाई की मांग की। सोनाहातु के और उनके पति रमेश महतो गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों एक कार्यक्रम से लौटकर अपने गांव जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना के बाद चालक हाइवा लेकर भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे झाबरी पेट्रोल पंप के पास पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। सूचना देने के बाद भी 108 एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने एंबुलेंस सेवा की लापरवाही के विरोध में सिल्ली-रांगामाटी मुख्य मार्ग जाम कर दिया और कार्रवाई की मांग की।1
- पब्लिक का टेक्स का पैसा को मुखिया द्वारा विकास के नाम पर कैसे लूटा जा रहा है देखिए1
- ट्रक ओनर एसोसिएशन ने उठाए सवाल क्या अब गाड़ियों में हेलीकॉप्टर वाला पंखा लगवाना होगा.? #gadi #road1