अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर का दावा, 'हैपिडा स्काईनेक्स' फ्लाइंग व्हीकल प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण अल्मोड़ा। अल्मोड़ा निवासी इनोवेटर रवि टम्टा ने अपने विकसित किए गए 'हैपिडा स्काईनेक्स' फ्लाइंग व्हीकल प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण का दावा किया है। रवि टम्टा, हैपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। उनका कहना है कि यह उपलब्धि भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। रवि टम्टा के अनुसार कई वर्षों के शोध, डिजाइन, विकास और तकनीकी परीक्षण के बाद हैपिडा स्काईनेक्स प्रोटोटाइप ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। उन्होंने इसे परियोजना की पहली बड़ी तकनीकी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परीक्षण आगे के विकास और उन्नत परीक्षणों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह विद्युत संचालित, सुरक्षित और व्यक्तिगत उपयोग के लिए फ्लाइंग व्हीकल विकसित करना है। भविष्य में इस तकनीक का उपयोग आम लोगों के लिए व्यक्तिगत हवाई परिवहन के नए विकल्प के रूप में किया जा सकेगा। रवि टम्टा ने कहा कि परियोजना पर अभी भी तकनीकी परीक्षण और आवश्यक सुधार का कार्य जारी है। उनका लक्ष्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप इस तकनीक को व्यावहारिक उपयोग के लिए तैयार करना है। उनका मानना है कि परियोजना सफल होने पर भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं।
अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर का दावा, 'हैपिडा स्काईनेक्स' फ्लाइंग व्हीकल प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण अल्मोड़ा। अल्मोड़ा निवासी इनोवेटर रवि टम्टा ने अपने विकसित किए गए 'हैपिडा स्काईनेक्स' फ्लाइंग व्हीकल प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण का दावा किया है। रवि टम्टा, हैपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। उनका कहना है कि यह उपलब्धि भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। रवि टम्टा के अनुसार कई वर्षों के शोध, डिजाइन, विकास और तकनीकी परीक्षण के बाद हैपिडा स्काईनेक्स प्रोटोटाइप ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। उन्होंने इसे परियोजना की पहली बड़ी तकनीकी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परीक्षण आगे के विकास और उन्नत परीक्षणों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह विद्युत संचालित, सुरक्षित और व्यक्तिगत उपयोग के लिए फ्लाइंग व्हीकल विकसित करना है। भविष्य में इस तकनीक का उपयोग आम लोगों के लिए व्यक्तिगत हवाई परिवहन के नए विकल्प के रूप में किया जा सकेगा। रवि टम्टा ने कहा कि परियोजना पर अभी भी तकनीकी परीक्षण और आवश्यक सुधार का कार्य जारी है। उनका लक्ष्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप इस तकनीक को व्यावहारिक उपयोग के लिए तैयार करना है। उनका मानना है कि परियोजना सफल होने पर भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं।
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- नेटवर्क व्यवस्था सुदृढ़ करना प्रशासन की प्राथमिकता, दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सुविधाओं हो विस्तार: जिलाधिकारी लाभार्थीपरक योजनाओं, एसआईआर, आगामी चुनावों, मेलों एवं आपदा प्रबंधन को देखते हुए लंबित नेटवर्क व्यवस्था के कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला टेलीकॉम समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, भारतनेट योजना की प्रगति, मोबाइल नेटवर्क विस्तार तथा आपदा के दौरान निर्बाध संचार व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने दूरसंचार से संबंधित सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, आगामी निर्वाचन, धार्मिक मेलों तथा आपदा जैसी परिस्थितियों में मजबूत संचार व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में संबंधित विभाग एवं कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा में सभी कार्य पूर्ण करें। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) को निर्देशित किया कि जनपद के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों बूम, मंच तथा पूर्णागिरि में वायरलेस सेटअप (रेडियो संचार प्रणाली) स्थापित करने की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में संचार व्यवस्था बाधित न हो और राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन प्रभावी ढंग से किया जा सके। बैठक में भारतनेट योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए भारतनेट परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन आवश्यक है। जिलाधिकारी ने एयरटेल एवं जियो के प्रतिनिधियों को जनपद के नेटवर्क विहीन एवं कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से बूम, चूका, थूलीगाड़ तथा पूर्णागिरि मंदिर क्षेत्र में नेटवर्क गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने को कहा, जिससे स्थानीय निवासियों, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर दूरसंचार सुविधा उपलब्ध हो सके। बैठक में बीएसएनएल के जेटीओ श्री विजय बहादुर ने अवगत कराया कि विविल (लोहाघाट), कलचौड़ (लोहाघाट), ब्रह्मदेव (टनकपुर) तथा धरसौ में टेलीकॉम टावरों से संबंधित सिविल निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होते ही इन क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाएं सुचारु कर दी जाएंगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों एवं सेवा प्रदाता कंपनियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री जी.एस. खाती, बीएसएनएल के डीई श्री आशीष कुमार, जेटीओ श्री विजय बहादुर, एसडीओ श्री सुनील कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्री देवेंद्र पटवाल, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल श्री विजय सकारिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जबकि कुछ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।2
- अब खोखले वादों पर भरोसा नहीं करेंगे। हमारा समर्थन उसी को मिलेगा जो ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में AIIMS की स्थापना के लिए ठोस और सकारात्मक पहल करेगा। स्वास्थ्य हमारा अधिकार है, कोई एहसान नहीं। गैरसैंण में AIIMS की पहल होगी, तभी हमारा वोट होगा। एकजुट हों, जागरूक बनें और अपने अधिकार की आवाज बुलंद करें। #Gairsain #karanprayag #viralreelschallenge #PostViral #yuvashakti #public #GenZ1
- चंद्रमा की धरती से टकराया स्पेसएक्स रॉकेट , देखिए वीडियो चंद्रमा की धरती से टकराया स्पेसएक्स रॉकेट चाँद की धरती पर रॉकेट का टकराना और टक्कर को लाइव देखना बहुत बड़ी बात है। यह अपने आप में बड़ी घटना हैं। इससे वैज्ञानिक अंतरिक्ष अनुसंधान हो सकेंगे और चंद्रमा की धरती के बारे कई सारी जानकारियां मिल सकेंगी। मगर किसी रॉकेट का चंद्रमा से टकराने की घटना से बेहद खफा भी है। इसके घटना के दूरगामी परिणामो का आगे पता चल पाएगा। बहरहाल इस घटना के कुछ लाइव पहलू इस प्रकार हैं। अंतरिक्ष अनुसंधान की दुनिया में एक दिलचस्प घटना सामने आई है। दक्षिण कोरिया के चंद्र मिशन डैनुरी (Danuri) ने चंद्रमा की सतह पर एक ऐसे नए क्रेटर (गड्ढे) की तस्वीरें ली हैं, जो पृथ्वी से भेजे गए स्पेसएक्स के एक पुराने रॉकेट चरण के टकराने से बना है। वैज्ञानिकों के लिए यह घटना इसलिए खास है क्योंकि पहली बार किसी मानव-निर्मित अंतरिक्ष यान के चंद्रमा से टकराने से पहले और बाद की तस्वीरों की तुलना कर नए क्रेटर का अध्ययन करने का अवसर मिला है।1
- गहरी और रौबदार पुरुष आवाज़। नैरेशन की आवाज़ सबसे आगे (लगभग 90%)। बैकग्राउंड में केवल प्राकृतिक सिनेमैटिक माहौल: हल्की रेगिस्तानी हवा। दूर की वातावरणीय गूँज। बहुत हल्की ऑर्केस्ट्रल पैड जैसी एम्बियंस (यदि इस्तेमाल करें तो बेहद धीमी)। कोई तेज़ बीट, ड्रम या ऊँचा संगीत नहीं। आवाज़ में ठहराव, वक़ार और असर हो।1
- बागेश्वर‑कांडा हाईवे पर भूस्खलन, पार्क किए वाहन मलवे में दबे, बड़ा हादसा टला. बागेश्वर‑कांडा हाईवे पर भूस्खलन, पार्क किए वाहन मलवे में दबे, बड़ा हादसा टला. बागेश्वर जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश से पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो गई है, बागेश्वर में आज मलुवा व बोल्डर गिरने से 5 सड़कें बंद हैँ, कांडा‑बागेश्वर हाईवे पर धपोली के पास पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और मलवा सड़क पर गिरने से मार्ग के किनारे पार्क किए गए वाहन दब गए। गनीमत रही हादसा के समय वाहन खाली थे, अन्यथा नुकसान और जानी जोखिम हो सकता था। प्रशासन को सूचना मिलते ही घटना स्थल पर जेसीबी मशीन भेज कर राहत कार्य शुरू कर दिया गया। जेसीबी मशीन से मलवे में दबे वाहनों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और मार्ग को साफ कर यातायात बहाल कराया। प्रशासन ने लोगों से आवश्यक चेतावनी का पालन करने व संवेदनशील मार्गों पर अनावश्यक पार्किंग न करने का आग्रह किया है।1