किशनगंज के निवर्तमान जिलाधिकारी श्री विशाल राज को उनके स्थानांतरण के पश्चात ससम्मान भावविह्वल विदाई दी गई। इस अवसर पर किशनगंज के वर्तमान जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सहित जिले और प्रखंड के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित अधिकारियों ने श्री राज के कुशल नेतृत्व, दक्ष प्रशासनिक प्रबंधन, उनके सरल, सहज व्यवहार और मार्गदर्शन में जिले में हुए चौतरफा विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से बताया कि जिलाधिकारी महोदय की सहजता, सरलता, शालीनता और कार्य के प्रति उनकी पूर्ण निष्ठा सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने श्री राज के पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। किशनगंज के जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वे यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास करेंगे कि श्री राज द्वारा निर्धारित सभी विकास के मापदंडों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा सके। निवर्तमान जिलाधिकारी विशाल राज ने किशनगंज के जिलावासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास में यहां के लोगों से उन्हें काफी सहयोग मिला, जिसे वे हमेशा अपनी स्मृति में सहेज कर रखेंगे।
किशनगंज के निवर्तमान जिलाधिकारी श्री विशाल राज को उनके स्थानांतरण के पश्चात ससम्मान भावविह्वल विदाई दी गई। इस अवसर पर किशनगंज के वर्तमान जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सहित जिले और प्रखंड के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित अधिकारियों ने श्री
राज के कुशल नेतृत्व, दक्ष प्रशासनिक प्रबंधन, उनके सरल, सहज व्यवहार और मार्गदर्शन में जिले में हुए चौतरफा विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से बताया कि जिलाधिकारी महोदय की सहजता, सरलता, शालीनता और कार्य के प्रति उनकी पूर्ण निष्ठा सभी के
लिए अनुकरणीय है। उन्होंने श्री राज के पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। किशनगंज के जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वे यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास करेंगे कि श्री राज द्वारा निर्धारित सभी
विकास के मापदंडों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा सके। निवर्तमान जिलाधिकारी विशाल राज ने किशनगंज के जिलावासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास में यहां के लोगों से उन्हें काफी सहयोग मिला, जिसे वे हमेशा अपनी स्मृति में सहेज कर रखेंगे।
- देश के विभिन्न हिस्सों में मस्जिदों, मदरसों और इस्लामी पहचान के प्रतीकों को निशाना बनाए जाने तथा धार्मिक संस्थानों पर तरह-तरह के दबाव डाले जाने के मौजूदा माहौल में, कुछ मदरसों, उलेमा और दीनदार संस्थाओं का योग के नाम पर सबसे आगे खड़ा दिखाई देना 'अत्यंत दुःखद और चिंताजनक' बताया गया है। आफ़ताब अज़हर सिद्दीकी नामक लेखक ने इस व्यवहार को धार्मिक पहचान और आस्था के सिद्धांतों से समझौता माना है। लेखक के अनुसार, भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की पूर्ण स्वतंत्रता है; ठीक उसी तरह जैसे कोई मुसलमान गैर-मुस्लिम को नमाज़ पढ़ने के लिए बाध्य नहीं कर सकता, वैसे ही किसी मुसलमान को भी योग या ऐसे किसी कार्य में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिसमें अपने धार्मिक और आस्थागत पहलू मौजूद हों। ऐसे में, यदि कोई अपनी इच्छा से योग में भाग लेता है तो वह भिन्न है, लेकिन यह सवाल उठाया गया है कि आखिर कुछ धार्मिक संस्थानों के ज़िम्मेदारों को ऐसी क्या आवश्यकता पड़ गई कि वे योग के विभिन्न आसनों में अपनी तस्वीरें खिंचवाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करें। यह कार्रवाई सरकारी कृपा प्राप्त करने, भय की मनोवृत्ति का परिणाम या फिर कुछ अस्थायी लाभों के लिए धार्मिक गरिमा को दाँव पर लगाने का प्रयास हो सकती है। यह और भी दुःखद है कि वही लोग, जो मस्जिद में रुकू और सज्दे को अल्लाह की बंदगी का प्रतीक बताते हैं, वे योग की उन गतिविधियों में भाग लेते दिखाई देते हैं जिनकी पृष्ठभूमि में गैर-इस्लामी धार्मिक अवधारणाएँ मौजूद हैं। यह स्थिति आम मुसलमानों के भीतर गहरी बेचैनी पैदा करती है और सांस्कृतिक तथा वैचारिक कमज़ोरी की एक खतरनाक नींव रखती है। उलेमा, इमामों और मदरसों के ज़िम्मेदारों को स्मरण कराया गया है कि वे उम्मत की अमानत के संरक्षक हैं और उनका प्रत्येक कदम जनता के लिए एक आदर्श बनता है। चेतावनी दी गई है कि यदि धार्मिक नेतृत्व ही सांस्कृतिक और वैचारिक समझौते का मार्ग अपनाएगा, तो आने वाली पीढ़ियों के ईमान, पहचान और इस्लामी आत्मसम्मान को गंभीर क्षति पहुँच सकती है। किशनगंज, बिहार से आफ़ताब अज़हर सिद्दीकी ने मांग की है कि समुदाय के ज़िम्मेदार और निर्णयकारी लोग इस मुद्दे का गंभीरता से मूल्यांकन करें तथा धार्मिक संस्थानों को उनकी मूल जिम्मेदारियों की ओर पुनः केंद्रित करें। अन्यथा, इस तरह की लापरवाही भविष्य में ऐसे परिणाम उत्पन्न कर सकती है जिनकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।1
- santosh Kalki Shiv Baba suandaranath dham sarakar 🏴☠️🧿🦴🦁🐯🏹🪈🔱🪓🇮🇳🪡🌺🌹🌿🐁☕🐒🐕🦺🚨🚓🕋🚔✝️🪯🕉️🐉🐢🐊🎡🎠 me antim avatar hu.(kalki avatar.?) Lakshmigangakalideviji 🔯 Durgadeviji k. panchayat. sankarpur.wad.n.(2) jila. Araria1
- अररिया में हुई बारिश के चलते स्थानीय लोगों को आवागमन में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार से सड़कों की मरम्मत करने का आग्रह किया गया है।1
- बिहार की राजधानी पटना में अररिया के गहना ज्वैलर्स को सम्मानित किया गया। इस सम्मान के ज़रिए गहना ज्वैलर्स ने अपने ज़िले अररिया का नाम रोशन किया है।1
- जलालगढ़ थाना परिसर में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अवर निरीक्षक शिवम कुमार ने की, जहाँ मोहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था, जुलूस मार्ग और आपसी भाईचारा बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जानकारी दी गई कि जलालगढ़ थाना क्षेत्र के कुल 18 स्थानों से निशान यात्रा और मोहर्रम जुलूस निकाले जाते हैं। प्रशासन ने सभी आयोजकों और जनप्रतिनिधियों से दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। पुलिस अवर निरीक्षक शिवम कुमार ने विशेष रूप से आगाह करते हुए कहा कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। साथ ही, सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट साझा न करने की भी सलाह दी गई। इस बैठक में पूर्व प्रखंड प्रमुख मंजूर अहमद, सअनी सूरज कुमार, पीटीसी संतोष कुमार, मुखिया प्रतिनिधि मो. निजाम, दिलीप शर्मा, अशोक सिंह, समिति सदस्य प्रदीप मंडल, मो. आजाद, राजेंद्र प्रसाद दास, कुतुबुद्दीन अंसारी, मार्शल अंसारी, मो. इब्राहिम अंसारी, जाकिर अहमद सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने का भरोसा दिलाया।1
- आज, दिनांक 22/06/2026 को डेहटी कर्बला की जमीन की नापी शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक पूरी हुई। यह कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ, जो ग्रामीणों के आपसी सहयोग और समझदारी का परिणाम रहा। नापी कार्य के दौरान मुख्य रूप से मो. साबिर आलम, हसन बाबा, मुन्ना सर, मो. सोहराब, ममनुन अहमद, और नवाजिश आलम सहित अन्य सम्मानित ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग, आपसी भाईचारे और गहरी समझदारी ने इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाया। इस शांतिपूर्ण समापन के लिए सभी उपस्थित लोगों का हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया गया। संदेश में यह भी रेखांकित किया गया कि एकता, सहयोग और आपसी सद्भाव ही गांव की सबसे बड़ी ताकत है।1
- डोमचांच प्रखंड के ढोढाकोला गांव में तीन हाथियों का झुंड पहुँचने से ग्रामीणों में गहरा दहशत का माहौल है। सोमवार सुबह 6 बजे स्थानीय लोगों ने हाथियों की मौजूदगी की जानकारी दी, जिसके बाद आसपास के सभी निवासी सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों को अपनी फसलों और अन्य संपत्ति को संभावित नुकसान पहुँचने की चिंता सता रही है। इस मामले की सूचना मिलने पर वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के लोगों से सावधानी बरतने, रात में अकेले बाहर न निकलने और हाथियों के करीब न जाने की अपील की है। वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।4
- एक घोषणा में खुद को 'अंतिम अवतार' बताया गया है, जिसके 'कल्कि अवतार' होने का भी संकेत दिया गया है। यह पहचान लक्ष्मीगंगा कालीदेवी मंदिर संसारी दुर्गादेवी पंचायत, शंकरपुर, वार्ड नंबर 2 से संबंधित है। इस घोषणा में 'संतोष कल्कि शिव बाबा सुंदरानाथ धाम सरकार' का नाम भी शामिल है।1