कुशीनगर: मदरसे के पंखे पर लिखा था 'Made in Pakistan', पुलिस जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा Sub-headline: सऊदी अरब से दान में आया था पंखा, मरम्मत के दौरान खुली पोल; पुलिस ने पूछताछ के बाद प्रबंधक को छोड़ा। कुशीनगर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक मदरसे में लगे साधारण से पंखे ने उस वक्त सनसनी फैला दी, जब उस पर 'Made in Pakistan' लिखा पाया गया। रविवार को जैसे ही यह खबर स्थानीय पुलिस तक पहुँची, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और तुरंत मदरसे पहुँचकर पंखे को अपने कब्जे में ले लिया। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, गांव के एक मदरसे में बच्चों को गर्मी से राहत देने के लिए कुछ पंखे लगाए गए थे। इन्हीं में से एक पंखा जब खराब हुआ और उसे मरम्मत के लिए खोला गया, तब लोगों की नजर उस पर छपे 'Made in Pakistan' मार्क पर पड़ी। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। मदरसे के प्रबंधक और दान देने वाले व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं और माहौल तनावपूर्ण हो गया था। जांच में सामने आई सच्चाई पुलिस जांच और पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया: सऊदी अरब से कनेक्शन: जांच में पता चला कि यह पंखा करीब तीन साल पहले गांव के ही शमशुद्दीन नामक व्यक्ति ने मदरसे को दान दिया था। मजदूरी का सामान: शमशुद्दीन का बेटा सऊदी अरब में मजदूरी करता है। उसने वहां से यह पंखा खरीदकर अपने घर भेजा था। नेक इरादा: मदरसे के शिक्षक मोहम्मद मेराजुद्दीन ने बताया कि बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए गांव वालों से चंदे और सामान की अपील की गई थी, जिसके बाद डेढ़ साल पहले यह पंखा लगाया गया था। दस्तावेजों ने दी क्लीन चिट पुलिस ने पंखे की खरीद से जुड़े दस्तावेजों और दावों की बारीकी से पड़ताल की। जब यह स्पष्ट हो गया कि पंखा किसी संदिग्ध गतिविधि का हिस्सा नहीं बल्कि विदेश से लाया गया एक साधारण दान का सामान है, तो पुलिस ने मदरसा प्रबंधक और दानकर्ता को सम्मानजनक तरीके से छोड़ दिया। निष्कर्ष: घंटों तक चली इस सनसनीखेज जांच का अंत राहत भरा रहा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले में कोई भी देशविरोधी या संदिग्ध तथ्य नहीं पाया गया है। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है, लेकिन यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
कुशीनगर: मदरसे के पंखे पर लिखा था 'Made in Pakistan', पुलिस जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा Sub-headline: सऊदी अरब से दान में आया था पंखा, मरम्मत के दौरान खुली पोल; पुलिस ने पूछताछ के बाद प्रबंधक को छोड़ा। कुशीनगर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक मदरसे में लगे साधारण से पंखे ने उस वक्त सनसनी फैला दी, जब उस पर 'Made in Pakistan' लिखा पाया गया। रविवार को जैसे ही यह खबर स्थानीय पुलिस तक पहुँची, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और तुरंत मदरसे पहुँचकर पंखे को अपने कब्जे में ले लिया। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, गांव के एक मदरसे में बच्चों को गर्मी से राहत देने के लिए कुछ पंखे लगाए गए थे। इन्हीं में से एक पंखा जब खराब हुआ और उसे मरम्मत के लिए खोला गया, तब लोगों की नजर उस पर छपे 'Made in Pakistan' मार्क पर पड़ी। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। मदरसे के प्रबंधक और दान देने वाले व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं और माहौल तनावपूर्ण हो गया था। जांच में सामने आई सच्चाई पुलिस जांच और पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया: सऊदी अरब से कनेक्शन: जांच में पता चला कि यह पंखा करीब तीन साल पहले गांव के ही शमशुद्दीन नामक व्यक्ति ने मदरसे को दान दिया था। मजदूरी का सामान: शमशुद्दीन का बेटा सऊदी अरब में मजदूरी करता है। उसने वहां से यह पंखा खरीदकर अपने घर भेजा था। नेक इरादा: मदरसे के शिक्षक मोहम्मद मेराजुद्दीन ने बताया कि बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए गांव वालों से चंदे और सामान की अपील की गई थी, जिसके बाद डेढ़ साल पहले यह पंखा लगाया गया था। दस्तावेजों ने दी क्लीन चिट पुलिस ने पंखे की खरीद से जुड़े दस्तावेजों और दावों की बारीकी से पड़ताल की। जब यह स्पष्ट हो गया कि पंखा किसी संदिग्ध गतिविधि का हिस्सा नहीं बल्कि विदेश से लाया गया एक साधारण दान का सामान है, तो पुलिस ने मदरसा प्रबंधक और दानकर्ता को सम्मानजनक तरीके से छोड़ दिया। निष्कर्ष: घंटों तक चली इस सनसनीखेज जांच का अंत राहत भरा रहा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले में कोई भी देशविरोधी या संदिग्ध तथ्य नहीं पाया गया है। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है, लेकिन यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
- पाकिस्तान में गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे लोग, वहां अब कितनी है LPG सिलेंडर की कीमत? यूएस और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण क्रूड ऑयल की कमी दुनियाभर में देखने को मिल रही है. जिसके चलते एलपीजी का भी हाल बेहाल है. भारत समेत कई अन्य देशों में इसी की वजह से महंगाई भी लगातार बढ़ रही है. तो वहीं पाकिस्तान में तो बद से बदतर हालात हो गए हैं. इतने ज्यादा बुरे हालात कि लोग खाने वाली गैस को गुब्बारे में तक भरकर इस्तेमाल करने को मजबूर हो गए हैं. कराची के कुछ हिस्सों में रहवासी लंबे समय तक बिजली कटौती की वजह से परेशान हैं. इस परेशानी का तोड़ निकालते हुए लोगों ने प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस जमा करना शुरू कर दिया है. क्योंकि इसकी कमी के कारण रोजमर्रा की जिंदगी काफी प्रभावित हो रही थी. खासतौर से ओरंगी टाउन का मोमिनाबाद इलाका LPG की किल्लत से काफी प्रभावित नजर आ रहा है.1
- BJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर के ऑफिस का किया घेराव।1
- प्रथम स्वाधीनता संग्राम का इतिहास समेटे है नजफगढ़ का दिल्ली गेट 1857 की क्रांति का इतिहास समेटे है नजफगढ़ का दिल्ली गेट। नजफगढ़ का नाम नाहरगढ़ करने की मांग उठी। इतिहास से साक्षात्कार करता नजफगढ़ का दिल्ली गेट1
- गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल दवाई की लाइन में पब्लिक परेशान गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल दवाई की लाइन में पब्लिक परेशान सुबह 9 बजे से श्याम 6 बजे तोभी दवाई नहीं मिल रही इतने लेजी लोग दवाई देने वाले1
- फरीदाबाद: रूह कपा देने वाली वारदात, पिता ने 5 वर्षीय मासूम की हत्या कर खुद को लगाया फंदा मुख्य समाचार: औद्योगिक नगरी फरीदाबाद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पिता ने कथित तौर पर अपने ही 5 साल के मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी पंखे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस दोहरी मौत की खबर ने पूरे इलाके में सन्नाटा पसारा हुआ है। पूरी घटना का विवरण यह घटना फरीदाबाद के इलाके की है। पुलिस के अनुसार, मृतक पिता की पहचान के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घर के भीतर पहले पिता ने अपने इकलौते बेटे को मौत के घाट उतारा और फिर कमरे के अंदर सुसाइड कर लिया। जब परिवार के अन्य सदस्यों या पड़ोसियों ने काफी देर तक हलचल नहीं देखी, तो पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुँची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों के शवों को बरामद किया। संभावित कारण हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक 'सुसाइड नोट' बरामद होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस सूत्रों का मानना है कि इसके पीछे पारिवारिक कलह या भारी आर्थिक तंगी मुख्य कारण हो सकते हैं। पड़ोसियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से युवक काफी तनाव में देखा जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने बताया: "हमने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है कि आखिर एक पिता ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया।" इलाके में शोक की लहर मासूम बच्चे की मौत की खबर सुनकर हर किसी की आँखें नम हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बच्चा बेहद होनहार था। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। 1
- महासमुंद में सामने आया डेढ़ करोड़ रुपये के एलपीजी गैस गबन का मामला अब सिर्फ चोरी का केस नहीं रहा। बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे भ्रष्टाचार की बड़ी मिसाल बन चुका है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जिस अधिकारी पर सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। वही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड निकला। जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर करोड़ों की गैस गायब करने की पूरी साजिश रची।1
- ঝালদায় ড্রেন থেকে দেহ উদ্ধার ঘিরে চাঞ্চল্য ছড়াল এলাকায়1
- लोकतंत्र बचाओ चुनाव कराओ अभियान के तहत देहात जिला काग्रेस कमेटी की हुई बैठक।1