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बिहार के सीमांचल क्षेत्र में भारी बारिश के साथ तूफान ने दस्तक दी है। इससे अररिया और किशनगंज जिलों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
Durganand kumar
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में भारी बारिश के साथ तूफान ने दस्तक दी है। इससे अररिया और किशनगंज जिलों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
More news from बिहार and nearby areas
- गुरसे में लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि उनकी आमदनी में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे उन्हें 'भूखे मरने की नौबत' का सामना करना पड़ रहा है।1
- किशनगंज जिले की ढेकसरा पंचायत के ट्यौंसा वार्ड नंबर 9 से आज की खबर सामने आई है।1
- Post by Md Abu Farhan1
- अररिया सदर अस्पताल में एक बच्चे की गतिविधियों को देखकर वहां मौजूद लोगों में चिंता पैदा हो गई। बच्चे की ये हरकतें इतनी परेशान करने वाली थीं कि इसने लोगों को इस बात की फिक्र करने पर मजबूर कर दिया कि रेबीज कितनी खतरनाक बीमारी हो सकती है।1
- अररिया सदर अस्पताल में एक बच्चे की हरकतों को देखकर वहाँ मौजूद लोग गहरी सोच में पड़ गए। बच्चे के व्यवहार को देखकर लोगों ने रेबीज़ की गंभीरता और उसके जानलेवा परिणामों पर चिंता व्यक्त की।1
- अररिया सदर अस्पताल में एक बच्चे की हरकतों ने वहाँ मौजूद लोगों को हैरत में डाल दिया। बच्चे की इन गतिविधियों को देखकर लोग यह सोचने पर मजबूर हो गए कि रेबीज़ कितनी ख़तरनाक बीमारी हो सकती है।1
- राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में गरीबों के लिए निर्धारित सरकारी राशन की कथित कालाबाजारी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी तंत्र और चावल माफियाओं की मिलीभगत से जन वितरण प्रणाली (P.D.S.) का अनाज खुले बाजार में बेचा जा रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 मई को धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास ट्रकों में सरकारी सील पैक चावल ले जाया जा रहा था, जिसे धुर्वा थाना और विधानसभा थाना की संयुक्त छापेमारी में पकड़ा गया। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो गरीबों के लिए था और कालाबाजारी के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब जब्त चावल को थाने में रखने के बजाय कथित तौर पर 25 मई तक एक अलग स्थान पर रखा गया और बाद में बिना किसी स्पष्ट कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिए जाने का आरोप लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो इस मामले में कोई F.I.R. दर्ज की गई और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। आरोप है कि केवल जब्ती सूची बनाकर चावल को कडरू-II गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस कथित नेटवर्क में सहायक गोदाम प्रबंधक मनोज कुमार, ठेकेदार अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद और विकास राय के साथ-साथ दलाल मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे हैं। आरोप है कि इनकी मिलीभगत से 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर कालाबाजार में बेचा जाता है। राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते हैं, लेकिन सरकारी अनाज की कालाबाजारी के लिए उन्होंने धुर्वा इलाके में निजी गोदाम भी रखा हुआ है। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले को दबाने के लिए M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP स्तर तक के अधिकारियों के नाम पैसे के लेनदेन में लिए जा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस पूरे मामले को लेकर समाजसेवियों ने प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े किए हैं, जैसे कि यदि चावल सही था तो उसे जब्त क्यों किया गया और यदि गलत था तो एफआईआर और गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? साथ ही, चावल किस गोदाम से निकला, किसकी अनुमति से धुर्वा पहुंचा और इसका वास्तविक मालिक कौन है, जैसे प्रश्न भी उठाए जा रहे हैं। मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच रांची जिला आपूर्ति पदाधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला गंभीर है और गरीबों के सरकारी अनाज में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि गरीबों तक उनका हक पहुंच सके।1
- किशनगंज जिले के ठेंगसरा पंचायत के वार्ड नंबर 9 से आज एक खबर सामने आई है, जिसको लेकर भारी गुस्सा और आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है।1