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मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड के माहपुर गांव में सरपंच सुलेखा देवी के आवास पर जन्मदिन का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बारबाला डांस का आयोजन किया गया।
Sumit sach bihar
मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड के माहपुर गांव में सरपंच सुलेखा देवी के आवास पर जन्मदिन का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बारबाला डांस का आयोजन किया गया।
- AVINASH KUMAR MISHRA PRESSMunger, Bihar🙏on 13 May
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- तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 13 में हुई हल्की बारिश के बाद सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है, जहाँ जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। इस स्थिति से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने शनिवार सुबह करीब 11 बजे बताया कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहता है, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित होता है। कई जगहों पर पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का डर बना रहता है। वार्ड निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन अब यह गंभीर रूप ले चुकी है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से तुरंत जल निकासी की व्यवस्था सुधारने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो मानसून के दौरान हालात और भी बदतर हो सकते हैं।1
- लखीसराय जिले के मननपुर बाजार में अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जमीनी स्तर पर नहीं हो सकी, जिसके चलते वे वर्तमान नोटिस को लेकर भी संशय में हैं। वे सीधे तौर पर आरोप लगा रहे हैं कि अधिकारी 'दाना पानी' लेकर शांत हो जाते हैं और कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर वर्षों से अतिक्रमण है, जिसमें कई जगहों पर स्थायी निर्माण भी कर लिए गए हैं। लोगों का मानना है कि वास्तविक कार्रवाई तभी मानी जाएगी जब अतिक्रमित भूमि को पूरी तरह से खाली कराया जाएगा। स्थानीय लोग प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अभियान चलाने और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सार्वजनिक भूमि खाली होती है, तो बाजार की व्यवस्था सुधरेगी और आम लोगों को भी राहत मिलेगी।3
- मुंगेर में भारत स्काउट एंड गाइड द्वारा आयोजित एक प्रशिक्षण शिविर में बच्चों के कौशल को निखारा गया। इस शिविर के दौरान बच्चों को प्राथमिक सहायता, अनुशासन और आपदा सहयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी और सीख प्रदान की गई।1
- मुंगेर के किलकारी बाल भवन में 'किलकारी चक धूम धूम समर कैंप' का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया है। यह कैंप बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियों की शुरुआत का प्रतीक है।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज कड़ी सुरक्षा के बीच भागलपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विक्रमशिला सेतु पुल पर बन रहे बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि पुल पर वाहनों का परिचालन जल्द ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 30 नवंबर तक विक्रमशिला सेतु पुल के पूरी तरह से बन जाने के बाद वे स्वयं इसके उद्घाटन के लिए उपस्थित रहेंगे। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री ने भागलपुर के समीक्षा भवन में अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर, उन्होंने कुल 203 करोड़ रुपये की लागत वाली 84 विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया।4
- मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. राजू ने हाल ही में तारापुर अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई की स्थिति और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के उपरांत, सिविल सर्जन ने अस्पताल की वर्तमान व्यवस्थाओं पर पूरी तरह से संतोष व्यक्त किया।1
- लखीसराय ज़िले के मननपुर बाज़ार में अतिक्रमण हटाने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज़ हो गई है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद, स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है; पहले भी कई बार ऐसे नोटिस जारी हुए हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। बाज़ार क्षेत्र में सार्वजनिक और सरकारी ज़मीन पर वर्षों से अतिक्रमण बना हुआ है, और कई जगहों पर तो स्थायी निर्माण तक कर लिए गए हैं। लोगों का मानना है कि पिछली बार की तरह, इस बार भी प्रशासन “दाना पानी लेकर शांत” हो सकता है, जिससे वास्तविक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा। वे मौजूदा नोटिस को लेकर भी संशय में हैं और कहते हैं कि असली कार्रवाई तभी मानी जाएगी जब अतिक्रमित भूमि को पूरी तरह से खाली कराया जाएगा। कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीक़े से अभियान चलाने तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। उनका दृढ़ता से कहना है कि यदि सार्वजनिक भूमि खाली हो जाती है, तो बाज़ार की व्यवस्था में सुधार होगा और आम लोगों को रोज़मर्रा की सहूलियत मिलेगी।4
- उद्योग सह गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने शुक्रवार को मुंगेर जिले का दौरा किया, जहाँ उन्होंने बंदूक फैक्ट्री और आईटीसी दूध फैक्ट्री का निरीक्षण किया। यह पहल राज्य सरकार द्वारा जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने और औद्योगिक गतिविधियों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। निरीक्षण के दौरान, सचिव ने दोनों इकाइयों के वर्तमान कार्यकलापों, उनकी उत्पादन क्षमता और विस्तार की संभावनाओं पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर निखिल धनराज निप्पाणीकर, सैयद इमरान मसूद और मनोज कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सचिव ने बताया कि राज्य सरकार मुंगेर में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। इसी क्रम में औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर उनकी आवश्यकताओं और विस्तार की संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने सचिव को जिले में उद्योग विकास की अन्य संभावनाओं और प्रस्तावित परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। इस पर सचिव ने भविष्य की योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।1