उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से पंचायत निधि में एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सौरिख विकास खंड की ग्राम पंचायत बैंगवा (देवपुर-बैंगवा) में कागजों पर खड़ंजा (ईंट मार्ग) निर्माण दिखाकर सरकारी खजाने से 38,004 रुपये निकाल लिए गए, जबकि मौके पर कोई काम नहीं हुआ है। यह राशि 5वें राज्य वित्त आयोग के मद से 18 मार्च 2026 को 'पंचायत भवन के पास खड़ंजा निर्माण कार्य' के नाम पर निकाली गई थी। इस फर्जी निर्माण कार्य के लिए वेंडर 'गौरव ब्रिक फील्ड सकरावा' को 31,200 रुपये और सतीश कुमार को 6,804 रुपये का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से किया गया। इस 'कागजी विकास' की पोल 16 जून 2026 को तब खुली, जब जिलाधिकारी कन्नौज के मौखिक निर्देश पर बीडीओ सौरिख ने मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया। बीडीओ को पंचायत भवन देवपुर-बैंगवा के पास दूर-दूर तक कोई खड़ंजा या निर्माण कार्य का नामोनिशान नहीं मिला, जबकि इसका शत-प्रतिशत भुगतान तीन महीने पहले ही हो चुका था। इस मामले में ग्राम प्रधान पुत्तन और पंचायत सचिव संजीव कुमार आरोपी हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ग्राम प्रधान पुत्तन का कार्यकाल 26 मई 2026 को ही समाप्त हो चुका है। कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही प्रधान और सचिव की मिलीभगत से सरकारी धन की यह बंदरबांट की गई। बिना काम कराए पंचायत निधि का पैसा निकालना गबन और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला है। अब देखना यह है कि बीडीओ की जांच रिपोर्ट और जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला आने के बाद आरोपी पंचायत सचिव संजीव कुमार और पूर्व प्रधान पुत्तन के खिलाफ जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, जिसमें एफआईआर दर्ज कर रिकवरी शामिल हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से पंचायत निधि में एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सौरिख विकास खंड की ग्राम पंचायत बैंगवा (देवपुर-बैंगवा) में कागजों पर खड़ंजा (ईंट मार्ग) निर्माण दिखाकर सरकारी खजाने से 38,004 रुपये निकाल लिए गए, जबकि मौके पर कोई काम नहीं हुआ है। यह राशि 5वें राज्य वित्त आयोग के मद से 18 मार्च 2026 को 'पंचायत भवन के पास खड़ंजा निर्माण कार्य' के नाम पर निकाली गई थी। इस फर्जी निर्माण कार्य के लिए वेंडर 'गौरव ब्रिक फील्ड सकरावा' को 31,200 रुपये और सतीश कुमार
को 6,804 रुपये का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से किया गया। इस 'कागजी विकास' की पोल 16 जून 2026 को तब खुली, जब जिलाधिकारी कन्नौज के मौखिक निर्देश पर बीडीओ सौरिख ने मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया। बीडीओ को पंचायत भवन देवपुर-बैंगवा के पास दूर-दूर तक कोई खड़ंजा या निर्माण कार्य का नामोनिशान नहीं मिला, जबकि इसका शत-प्रतिशत भुगतान तीन महीने पहले ही हो चुका था। इस मामले में ग्राम प्रधान पुत्तन और पंचायत सचिव संजीव कुमार आरोपी हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ग्राम प्रधान पुत्तन का
कार्यकाल 26 मई 2026 को ही समाप्त हो चुका है। कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही प्रधान और सचिव की मिलीभगत से सरकारी धन की यह बंदरबांट की गई। बिना काम कराए पंचायत निधि का पैसा निकालना गबन और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला है। अब देखना यह है कि बीडीओ की जांच रिपोर्ट और जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला आने के बाद आरोपी पंचायत सचिव संजीव कुमार और पूर्व प्रधान पुत्तन के खिलाफ जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, जिसमें एफआईआर दर्ज कर रिकवरी शामिल हो सकती है।
- फर्रुखाबाद में प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने पर मसेनी चौराहा स्थित जीआरडी गेस्ट हाउस को प्रशासन ने एक बार फिर सील कर दिया है। गेस्ट हाउस के संचालक पर आरोप है कि उसने पूर्व में सील किए गए परिसर का ताला तोड़कर सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाईं और वहां सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित कराने लगा। नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने जानकारी दी कि पिछले साल मानकों के उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं के कारण गेस्ट हाउस को सील किया गया था। इसके बावजूद, संचालक ने अपने निजी स्वार्थ के लिए सील किए गए हिस्से को खोल लिया और वहां कार्यक्रम होने लगे। शिकायत मिलने पर प्रशासन ने मौके पर जाकर जांच की, जिसमें ये आरोप सही पाए गए। इसके बाद गेस्ट हाउस को तत्काल प्रभाव से दोबारा सील कर दिया गया है और संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। नगर मजिस्ट्रेट ने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी कि जनपद में ऐसे सभी गेस्ट हाउस जो निर्धारित मानकों और नियमों के विपरीत काम कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से संचालित गेस्ट हाउसों में हड़कंप मच गया है, और शहर में इस बात की चर्चा है कि नियमों को नजरअंदाज करने वालों पर प्रशासन की सख्ती बढ़ने वाली है।4
- मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से फर्रुखाबाद में एक पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) डॉ. अंकुर लाठर ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने ताजियों की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट तक सीमित रखने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संबंधित विभागों को विद्युत तारों को दुरुस्त करने और मोहर्रम से पहले एक विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। इस बैठक का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि फर्रुखाबाद मोहर्रम के दौरान गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करे।1
- कन्नौज पुलिस ने डायल-112 की सूचनाओं का दुरुपयोग कर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी खुद को डायल-112 मुख्यालय का कर्मचारी बताकर घटनाओं से संबंधित जानकारी जुटाते थे, जिसके बाद वे शिकायतकर्ताओं को अपने जाल में फंसाकर ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपी पीआरवी कर्मियों से संपर्क कर घटनाओं की विस्तृत जानकारी और शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर हासिल करते थे। इसके बाद, वे पीड़ितों से संपर्क कर कभी पुलिसकर्मी, कभी लेखपाल, तो कभी अधिवक्ता बनकर उनका भरोसा जीतते थे। आरोपी शिकायतों के शीघ्र निस्तारण का झांसा देकर लोगों से अपने बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करा लेते थे। पुलिस जांच से यह सामने आया है कि दोनों शातिर अपराधी प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय थे और लंबे समय से इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहे थे। पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के निर्देशों पर एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। इस जांच के दौरान शाहजहांपुर निवासी अमन तिवारी उर्फ मुल्ली और रामवीर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी अधिवक्ता पहचान पत्र, नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। फिलहाल, दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों तथा उनके पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है। कन्नौज पुलिस की इस कार्रवाई को ऑनलाइन ठगी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले की ग्राम पंचायत मौधा के पंचायत भवन में साफ-सफाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। शिकायत के अनुसार, पंचायत भवन में कोई साफ-सफाई नहीं हो रही है, जिससे गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि न ही कोई कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर आता है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय सहायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक शख्स ने रेलवे के प्रति अपनी दीवानगी को एक अनोखे घर का रूप दिया है। दूर से देखने पर यह घर एक आलीशान मकान नहीं, बल्कि रेलवे का एक कोच जैसा दिखता है। इसके बाहर "कानपुर से फर्रुखाबाद" और "फर्रुखाबाद से कानपुर" लिखा है, जिससे हर कोई इसे पहली नजर में चलती ट्रेन ही समझ बैठता है। इसकी खिड़कियां और पूरा बाहरी लुक बिल्कुल रेलवे के डिब्बे जैसा तैयार किया गया है, जिसमें स्लाइडिंग खिड़कियां भी हैं जो रेल कोच का एहसास कराती हैं।4
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक युवक पर शादी का झांसा देकर एक छात्रा से संबंध बनाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) से संपर्क किया है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि युवक ने उससे विवाह करने का वादा किया और इसी आधार पर उसके साथ संबंध बनाए। छात्रा अब इस घटना के बाद इंसाफ और उचित कार्रवाई की मांग कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में घूरे पर ट्रैक्टर चढ़ाने के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में कई लोग घायल हो गए।1