logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

समता और मैत्री भाव से ही धर्म का सच्चा आनंद संभव : मुनिश्री विश्वसूर्य सागर मुनिराज श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर पर विराजमान मुनिश्री विश्वसूर्य सागर मुनिराज ने आशीष वचन देते हुए कहा कि तीर्थंकर परमात्मा की अमृतमयी वाणी का यहां आनंद प्राप्त हो रहा है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में मैत्री भाव को धारण कर ले, तो ऐसा आत्मिक आनंद प्राप्त होगा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। मुनिश्री ने वर्तमान धार्मिक परिस्थितियों पर चिंतन करते हुए कहा कि आज धर्म को पंथवाद और संतवाद ने जकड़ लिया है। धर्म और संत दोनों पंथवाद के घेरे में आ गए हैं। आज स्थिति यह है कि लोगों ने संतों को भी बांट लिया है। इसी कारण आचार्य कहते हैं कि सबसे पहले समता भाव लाना आवश्यक है। नाम से नहीं, बल्कि काम से पहचान होनी चाहिए। यदि त्यागी बनना है, तपस्वी बनना है, तो सर्वप्रथम द्वेष भाव का त्याग कर मैत्री भाव को अपनाना होगा। जैन दर्शन में परिणामों को सुधारा जाता है, बिगाड़ा नहीं जाता। यदि परिणाम बिगड़ गए तो आत्मा को संसार में भटकना पड़ता है। भावों में निर्मलता का होना अत्यंत आवश्यक है। जिस प्रकार मजबूत मकान वही होता है जिसकी नींव मजबूत होती है, उसी प्रकार वही व्यक्ति सच्चा त्यागी और तपस्वी बन सकता है जिसके भावों में निर्मलता और मैत्री भाव हो। मैत्री भाव की शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए। आज स्थिति यह है कि मां बेटे को नहीं देख रही, भाई-भाई से कटुता रख रहा है, तो फिर समाज में मैत्री भाव कैसे आएगा। आज धर्म भावों से पलायन कर चुका है। वर्तमान में धर्म के नाम पर हो रहे कार्यों को देखकर स्वयं आचार्य भी आश्चर्यचकित हो जाते हैं। धर्म वही है, किंतु धर्म को मानने वालों की प्रवृत्ति बदल चुकी है। व्यक्ति घर-परिवार का त्याग तो कर देता है, लेकिन जिन कषायों और विकारों का त्याग करना चाहिए, उन्हें नहीं छोड़ पाता। ऐसे में कोई नग्न होकर घूम सकता है, पर वह दिगंबर मुनि नहीं कहलाता। पहले भीतर से निर्मल बनना होगा, उसके बाद ही दिगंबर मुद्रा सार्थक होती है। मुनिश्री ने एक राजा और एक कलाकार का वृतांत सुनाते हुए समझाया कि व्यक्ति इस संसार में अकेला आता है और अकेले ही जाता है। अत्यंत सहज होने के बाद ही मनुष्य त्याग के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है। हंसना और मुस्कराना दोनों में बड़ा अंतर है—हंसना कषाय में आता है, जबकि मुस्कराहट आत्मिक शांति और आत्म-कल्याण का प्रतीक है। आत्म कल्याण से बड़ा कोई साधन नहीं है। धर्म के आनंद पर बोलते हुए कहा धर्म का आनंद बताया नहीं जाता, न ही सिखाया जाता है—धर्म का आनंद तो स्वयं लिया जाता है। जो अपने स्वरूप को पहचान लेता है, वही निज की अनुभूति और निज के आनंद को प्राप्त करता है। निर्वाण के महत्व को समझाते हुए कहा यदि अपना निर्वाण चाहते हो, तो प्रभु का निर्वाण महोत्सव मनाओ। इस अवसर पर मुनिश्री साध्य सागर मुनिराज ने जानकारी दी 16 जनवरी को एक हजार आठ नामों एवं मंत्रों से आदिनाथ भगवान की विशेष आराधना की जाएगी तथा 17 जनवरी को आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव आयोजित होगा। इस दौरान भगवान का महामस्तकाभिषेक एवं निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। आदिनाथ भगवान के इस विधान का लाभ केवल आष्टा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश को प्राप्त होगा। अंत में मुनिश्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि मंदिर में आते समय और जीवन में भी भगवान की भक्ति निरंतर करते रहें—यही सच्चा धर्म मार्ग है।

7 hrs ago
user_Rajendra Gangwal
Rajendra Gangwal
Ashta, Sehore•
7 hrs ago
ccc64f7d-8410-4102-a2e9-0546a7d55ed4

समता और मैत्री भाव से ही धर्म का सच्चा आनंद संभव : मुनिश्री विश्वसूर्य सागर मुनिराज श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर पर विराजमान मुनिश्री विश्वसूर्य सागर मुनिराज ने आशीष वचन देते हुए कहा कि तीर्थंकर परमात्मा की अमृतमयी वाणी का यहां आनंद प्राप्त हो रहा है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में मैत्री भाव को धारण कर ले, तो ऐसा आत्मिक आनंद प्राप्त होगा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। मुनिश्री ने वर्तमान धार्मिक परिस्थितियों पर चिंतन करते हुए कहा कि आज धर्म को पंथवाद और संतवाद ने जकड़ लिया है। धर्म और संत दोनों पंथवाद के घेरे में आ गए हैं। आज स्थिति यह है कि लोगों ने संतों को भी बांट लिया है। इसी कारण आचार्य कहते हैं कि सबसे पहले समता भाव लाना आवश्यक है। नाम से नहीं, बल्कि काम से पहचान होनी चाहिए। यदि त्यागी बनना है, तपस्वी बनना है, तो सर्वप्रथम द्वेष भाव का त्याग कर मैत्री भाव को अपनाना होगा। जैन दर्शन में परिणामों को सुधारा जाता है, बिगाड़ा नहीं जाता। यदि परिणाम बिगड़ गए तो आत्मा को संसार में भटकना पड़ता है। भावों में निर्मलता का होना अत्यंत आवश्यक है। जिस प्रकार मजबूत मकान वही होता है जिसकी नींव मजबूत होती है, उसी प्रकार वही व्यक्ति सच्चा त्यागी और तपस्वी बन सकता है जिसके भावों में निर्मलता और मैत्री भाव हो। मैत्री भाव की शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए। आज स्थिति यह है कि मां बेटे को नहीं देख रही, भाई-भाई से कटुता रख रहा है, तो फिर समाज में मैत्री भाव कैसे आएगा। आज धर्म भावों से पलायन कर चुका है। वर्तमान में धर्म के नाम पर हो रहे कार्यों को देखकर स्वयं आचार्य भी आश्चर्यचकित हो जाते हैं। धर्म वही है, किंतु धर्म को मानने वालों की प्रवृत्ति बदल चुकी है। व्यक्ति घर-परिवार का त्याग तो कर देता है, लेकिन जिन कषायों और विकारों का त्याग करना चाहिए, उन्हें नहीं छोड़ पाता। ऐसे में कोई नग्न होकर घूम सकता है, पर वह दिगंबर मुनि नहीं कहलाता। पहले भीतर से निर्मल बनना होगा, उसके बाद ही दिगंबर मुद्रा सार्थक होती है। मुनिश्री ने एक राजा और एक कलाकार का वृतांत सुनाते हुए समझाया कि व्यक्ति इस संसार में अकेला आता है और अकेले ही जाता है। अत्यंत सहज होने के बाद ही मनुष्य त्याग के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है। हंसना और मुस्कराना दोनों में बड़ा अंतर है—हंसना कषाय में आता है, जबकि मुस्कराहट आत्मिक शांति और आत्म-कल्याण का प्रतीक है। आत्म कल्याण से बड़ा कोई साधन नहीं है। धर्म के आनंद पर बोलते हुए कहा धर्म का आनंद बताया नहीं जाता, न ही सिखाया जाता है—धर्म का आनंद तो स्वयं लिया जाता है। जो अपने स्वरूप को पहचान लेता है, वही निज की अनुभूति और निज के आनंद को प्राप्त करता है। निर्वाण के महत्व को समझाते हुए कहा यदि अपना निर्वाण चाहते हो, तो प्रभु का निर्वाण महोत्सव मनाओ। इस अवसर पर मुनिश्री साध्य सागर मुनिराज ने जानकारी दी 16 जनवरी को एक हजार आठ नामों एवं मंत्रों से आदिनाथ भगवान की विशेष आराधना की जाएगी तथा 17 जनवरी को आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव आयोजित होगा। इस दौरान भगवान का महामस्तकाभिषेक एवं निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। आदिनाथ भगवान के इस विधान का लाभ केवल आष्टा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश को प्राप्त होगा। अंत में मुनिश्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि मंदिर में आते समय और जीवन में भी भगवान की भक्ति निरंतर करते रहें—यही सच्चा धर्म मार्ग है।

More news from Sehore and nearby areas
  • समाधिस्थ परम पूज्य 108 श्री भूतबली सागर महाराज जी के शिष्य, परम पूज्य 108 श्री मुक्ति सागर महाराज जी दीर्घकाल से तप, त्याग, संयम एवं कठोर साधना द्वारा आत्मशुद्धि के पथ पर अग्रसर थे। तहसील पिड़ावा, जिला झालावाड़ में, निर्यापक मुनि परम पूज्य 108 श्री मुनि सागर महाराज के पावन सानिध्य में, विधिवत् मंत्रोच्चार एवं शास्त्रीय विधान के अनुसार यम संलेखना व्रत का प्रारंभ किया गया था। सोलह दिनों तक आपने आहार-पानी सहित सभी शारीरिक आवश्यकताओं का क्रमशः त्याग कर, समभाव, क्षमा और वैराग्य के साथ इस व्रत का पालन किया और अंततः सत्रहवें दिन समाधि को प्राप्त हुए।
    1
    समाधिस्थ परम पूज्य 108 श्री भूतबली सागर महाराज जी के शिष्य, परम पूज्य 108 श्री मुक्ति सागर महाराज जी दीर्घकाल से तप, त्याग, संयम एवं कठोर साधना द्वारा आत्मशुद्धि के पथ पर अग्रसर थे। तहसील पिड़ावा, जिला झालावाड़ में, निर्यापक मुनि परम पूज्य 108 श्री मुनि सागर महाराज के पावन सानिध्य में, विधिवत् मंत्रोच्चार एवं शास्त्रीय विधान के अनुसार यम संलेखना व्रत का प्रारंभ किया गया था।
सोलह दिनों तक आपने आहार-पानी सहित सभी शारीरिक आवश्यकताओं का क्रमशः त्याग कर, समभाव, क्षमा और वैराग्य के साथ इस व्रत का पालन किया और अंततः सत्रहवें  दिन समाधि को प्राप्त हुए।
    user_Rajendra Gangwal
    Rajendra Gangwal
    Ashta, Sehore•
    7 hrs ago
  • आष्टा नगर पालिका में समय पर नहीं बैठते अधिकारी कर्मचारी और परेशानी उठाते हैं नागरिक डेढ़ महीने से नगर पालिका के अकाउंटेंट छुट्टी पर बताया कि नगर पालिका में कोई देखने वाला सुनने वाला नहीं है आखिर शिकायत किसको करें सीएमओ साहब समय पर रोजाना चेंबर में नहीं बैठते हैं आज भी मिलने आया था लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी अकाउंटेंट भी छुट्टी पर है ऐसे कैसे नगर पालिका चलेगी हमें भी जनता को जवाब देना है शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। आष्टा। सीहोर जिले की सबसे बड़ी आष्टा नगर पालिका की हालत किसी से छुपी नहीं है ताजा मामला नगर पालिका कार्यालय में बैठने वाले अधिकारी, कर्मचारियों का है किसी भी अधिकारी कर्मचारी का कोई समय नहीं है। शुक्रवार को 3 बजे तक अधिकांश अधिकारियों, कर्मचारियों के चेंबर सुने थे कुर्सियां खाली थी पूछो तो बस यही बताते हैं कि पता नहीं सर फील्ड में होगे। बता दे की आष्टा नगर पालिका में कुल 18 वार्ड है और 18 वार्डों के नागरिक अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर जब नगर पालिका परिषद आष्टा के कार्यालय पहुंचते हैं तो सीढ़ियां चढ़ चढ़कर थक जाते हैं ऊपर पहुंचने पर चेंबर में कई चैंबरों में ताले लगे हैं तो किसी में दरवाजा तो खुले हैं लेकिन कुर्सियों पर कोई नहीं बैठा। यहां तक की आष्टा नगर पालिका परिषद का महत्वपूर्ण पद अकाउंटेंट खाली है अकाउंटेंट लगभग डेढ़ महीने से मेडिकल अवकाश पर है जब पूछे तो कहते हैं कि जल्द ही आ जाएंगे लेकिन डेढ़ महीने हो गए हैं यहां पर अकाउंटेंट अपने कक्ष में नहीं बैठ रहे हैं। इधर रोजाना के काम भी प्रभावित हो रहे है यह जरूर है कि ठेकेदारों और बड़े कामों का भुगतान हो रहा है सीहोर नगर पालिका के अकाउंटेंट को आष्टा नगर पालिका का चार्ज दिया गया है वह हफ्ते में एक बार यहां आते हैं पर कब साइन करके चले जाते हैं या किसी को नहीं मालूम। सीएमओ हफ्ते में 3 दिन यही तक ठीक नहीं नगर पालिका के सीएमओ खुद हफ्ते में तीन दिन कार्यालय में बैठते हैं बाकी लोग परेशान होते हैं कुल मिलाकर नगर पालिका कार्यालय में जब अधिकारी ठीक से नहीं बैठेंगे तो कर्मचारी कहां पीछे रहते हैं अधिकांश चेंबर में कर्मचारी भी फील्ड का कहकर बहाना बनाते हैं और चैंबर से नदारत रहते हैं मतलब कोई भी देखने वाला नहीं। वार्ड के काम हो रहे प्रभावित वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शेख रईस ने सोमवार से आ जाएंगे अकाउंटेंट इस संबंध में जब सीएमओ विनोद प्रजापति से जानकारी चाहि तो उन्होंने कहा कि मैं अभी फील्ड में हूं जहां तक अकाउंटेंट का सवाल है तो वह मेडिकल छुट्टी पर थे संभवत सोमवार से ज्वाइन करेंगे इधर नगर पालिका अध्यक्ष हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है फिर भी सोमवार से अकाउंटेंट आ जाएंगे।
    1
    आष्टा नगर पालिका में समय पर नहीं बैठते अधिकारी कर्मचारी और परेशानी उठाते हैं नागरिक डेढ़ महीने से नगर पालिका के अकाउंटेंट छुट्टी पर
बताया कि नगर पालिका में कोई देखने वाला सुनने वाला नहीं है आखिर शिकायत किसको करें सीएमओ साहब समय पर रोजाना चेंबर में नहीं बैठते हैं आज भी मिलने आया था लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी अकाउंटेंट भी छुट्टी पर है ऐसे कैसे नगर पालिका चलेगी हमें भी जनता को जवाब देना है शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। आष्टा। सीहोर जिले की सबसे बड़ी आष्टा नगर पालिका की हालत किसी से छुपी नहीं है ताजा मामला नगर पालिका कार्यालय में बैठने वाले अधिकारी, कर्मचारियों का है किसी भी अधिकारी कर्मचारी का कोई समय नहीं है। शुक्रवार को 3 बजे तक अधिकांश अधिकारियों, कर्मचारियों के चेंबर सुने थे कुर्सियां खाली थी पूछो तो बस यही बताते हैं कि पता नहीं सर फील्ड में होगे। बता दे की आष्टा नगर पालिका में कुल 18 वार्ड है और 18 वार्डों के नागरिक अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर जब नगर पालिका परिषद आष्टा के कार्यालय पहुंचते हैं तो सीढ़ियां चढ़ चढ़कर थक जाते हैं ऊपर पहुंचने पर चेंबर में कई चैंबरों में ताले लगे हैं तो किसी में दरवाजा तो खुले हैं लेकिन कुर्सियों पर कोई नहीं बैठा। यहां तक की आष्टा नगर पालिका परिषद का महत्वपूर्ण पद अकाउंटेंट खाली है अकाउंटेंट
लगभग डेढ़ महीने से मेडिकल अवकाश पर है जब पूछे तो कहते हैं कि जल्द ही आ जाएंगे लेकिन डेढ़ महीने हो गए हैं यहां पर अकाउंटेंट अपने कक्ष में नहीं बैठ रहे हैं। इधर रोजाना के काम भी प्रभावित हो रहे है यह जरूर है कि ठेकेदारों और बड़े कामों का भुगतान हो रहा है सीहोर नगर पालिका के अकाउंटेंट को आष्टा नगर पालिका का चार्ज दिया गया है
वह हफ्ते में एक बार यहां आते हैं पर कब साइन करके चले जाते हैं या किसी को नहीं मालूम।
सीएमओ हफ्ते में 3 दिन
यही तक ठीक नहीं नगर पालिका के सीएमओ खुद हफ्ते में तीन दिन कार्यालय में बैठते हैं बाकी लोग परेशान होते हैं कुल मिलाकर नगर पालिका कार्यालय में जब अधिकारी
ठीक से नहीं बैठेंगे तो कर्मचारी कहां पीछे रहते हैं अधिकांश चेंबर में कर्मचारी भी फील्ड का कहकर बहाना बनाते हैं और चैंबर से नदारत रहते हैं मतलब कोई भी देखने वाला नहीं।
वार्ड के काम हो रहे प्रभावित
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शेख रईस ने
सोमवार से आ जाएंगे अकाउंटेंट
इस संबंध में जब सीएमओ विनोद प्रजापति से जानकारी चाहि तो उन्होंने कहा कि मैं अभी फील्ड में हूं जहां तक अकाउंटेंट का सवाल है तो वह मेडिकल छुट्टी पर थे संभवत सोमवार से ज्वाइन करेंगे इधर नगर पालिका अध्यक्ष हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है फिर भी सोमवार से अकाउंटेंट आ जाएंगे।
    user_Deepak Kumar bairagi Reportar
    Deepak Kumar bairagi Reportar
    Local News Reporter आष्टा, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • मासूम बच्चे के जीवन बचाने की मां नर्मदा से की मन्नत पूरी होने पर 1008 लोहे की खिलो पर लेट कर दंडवत जा रहे हैं मां नर्मदा के तट नेमावर कन्नौद,जीवनदायनी मां नर्मदा पर जहां भक्तों का अटूट विश्वास है वहीं मां नर्मदा भी अपने प्रिय भक्तों को कभी निराशा नहीं करती हैं, जिसके चलते नित्य प्रतिदिन मां के चमत्कारों के सच्ची कहानियां हर किसी के सामने आती हैं। दो वर्ष पूर्व ऐसी ही एक विचित्र घटना तब घटी जब सन्नौद निवासी अंकुश नामक एक मासूम जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। मामले में इंदौर बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉक्टर्स भी जवाब दे चुके थे कि अंकुश का बचाना मुश्किल है। तभी मां गायत्री पति महेश विनाक्या ने मां नर्मदा से अपनी झोली पसार कर अंकुश को बचाने की मन्नत की और संकल्प लिया कि अंकुश के सुरक्षित होने पर वह दंडवत करते हुए मां के तट तक पहुंचेगी। मां गायत्री ने बताया कि आज दो वर्ष बाद संकल्प पूरा करने का समय आ गया हैं। जिसके चलते वह अपने बेटे व परिवार के साथ 1008 खिलो के काटो पर लेट कर दंडवत करते हुए मां नर्मदा के तट नेमावर जा रहीं हैं। बाइट - गायत्री विनाक्या, अंकुश की मां
    3
    मासूम बच्चे के जीवन बचाने की मां नर्मदा से की मन्नत पूरी होने पर 1008 लोहे की खिलो पर लेट कर दंडवत जा रहे हैं मां नर्मदा के तट नेमावर
कन्नौद,जीवनदायनी मां नर्मदा पर जहां भक्तों का अटूट विश्वास है वहीं मां नर्मदा भी अपने प्रिय भक्तों को कभी निराशा नहीं करती हैं, जिसके चलते नित्य प्रतिदिन मां के चमत्कारों के सच्ची कहानियां हर किसी के सामने आती हैं। 
दो वर्ष पूर्व ऐसी ही एक विचित्र घटना तब घटी जब सन्नौद निवासी अंकुश नामक एक मासूम जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। मामले में इंदौर बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉक्टर्स भी जवाब दे चुके थे कि अंकुश का बचाना मुश्किल है। तभी मां गायत्री पति महेश विनाक्या ने मां नर्मदा से अपनी झोली  पसार कर अंकुश को बचाने की मन्नत की और संकल्प लिया कि अंकुश के सुरक्षित होने पर वह दंडवत करते हुए मां के तट तक पहुंचेगी।
मां गायत्री ने बताया कि आज दो वर्ष बाद संकल्प पूरा करने का समय आ गया हैं। जिसके चलते वह अपने बेटे व परिवार के साथ 1008 खिलो के काटो पर लेट कर दंडवत करते हुए मां नर्मदा के तट नेमावर जा रहीं हैं।
बाइट - गायत्री विनाक्या, अंकुश की मां
    user_Rajendra shreevas
    Rajendra shreevas
    Journalist कन्नौद, देवास, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • ब्रेकिंग रानी कमलापति ब्रिज से युवक ने लगाई तालाब में छलांग नगर निगम गोताखोरो की टीम मौके पर मौजूद नगर निगम गोताखोर और पुलिस द्वारा युवक को ढूंढने का रेस्क्यू जारी लगभग 2 घंटे पहले का मामला
    2
    ब्रेकिंग 
रानी कमलापति ब्रिज से युवक ने लगाई तालाब में छलांग 
नगर निगम गोताखोरो की टीम मौके पर मौजूद 
नगर निगम गोताखोर और पुलिस द्वारा युवक को ढूंढने का रेस्क्यू जारी 
लगभग 2 घंटे पहले का मामला
    user_Naved khan
    Naved khan
    Reporter Huzur, Bhopal•
    8 hrs ago
  • अर्जुन सिंह भिलाला 💖💔💌💌🫵💓🔥
    1
    अर्जुन सिंह भिलाला 💖💔💌💌🫵💓🔥
    user_अर्जुनभिलाला
    अर्जुनभिलाला
    Packaging company सारंगपुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • भोपाल आखिरकार कुख्यात अपराधी चढ़ा पुलिस के हत्थे राजू ईरानी सूरत में हुआ गिरफ्तार कई गंभीर मामले हे दर्ज निशातपुरा पुलिस अपराधी को भोपाल लाई
    1
    भोपाल आखिरकार कुख्यात अपराधी चढ़ा पुलिस के हत्थे राजू ईरानी सूरत में हुआ गिरफ्तार कई गंभीर मामले हे दर्ज निशातपुरा पुलिस अपराधी को भोपाल लाई
    user_Shafiq Khan
    Shafiq Khan
    Reporter Huzur, Bhopal•
    9 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव आगामी 2026 से वर्ष किसानों को समर्पित करने वाले की घोषणा करने वाले हैं
    1
    मध्य प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव आगामी 2026 से वर्ष किसानों को समर्पित करने वाले की घोषणा करने वाले हैं
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    Photographer Huzur, Bhopal•
    9 hrs ago
  • *इंदिरा कॉलोनी मुख्य मार्ग का कचरे का ढेर को समाप्त कर स्वच्छता संदेश दिया* नगर पालिका परिषद ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत एक सराहनीय पहल करते हुए दशकों पुराने कचरे के ढेर को पूर्णतः हटाकर क्षेत्र को कचरा मुक्त किया। यह अभियान नगर पालिका अध्यक्ष हेम कुंवर रायसिंह मेवाड़ा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनोद कुमार प्रजापति के मार्गदर्शन में, वार्ड पार्षद तेजसिंह राठौर एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक विनोद सांगते की निगरानी में संपन्न हुआ। वार्ड दरोगा जितेंद्र सिंगन के नेतृत्व में नगर पालिका की सहयोगी संस्था यूनिक वेस्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, उज्जैन ने सफाई मित्रों के सहयोग से वार्ड क्रमांक 15 इंदिरा कॉलोनी तथा शहर से लगे ग्राम बमुलिया भाटी, चनखल आदि ग्रामों के मुख्य मार्ग पर वर्षों से जमा कचरे के ढेर को जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से हटाया। अभियान के दौरान वार्ड पार्षद श्री तेजसिंह राठौर ने डोर-टू-डोर जाकर नागरिकों से संवाद कर अपील की घर से निकलने वाले कचरे को गीला एवं सूखा अलग-अलग रखकर कचरा वाहन में ही डालें तथा इस स्थान को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। इस अवसर पर सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि राजकुमार अकेला एवं विनय सिंह उपस्थित रहे। सफाई उपरांत क्षेत्रवासियों एवं वार्ड निवासियों में विशेष उत्साह देखा। जहां पूर्व में कचरे का अंबार था, वहां स्वच्छता स्लोगन लिखे गए, “स्वच्छ आष्टा – स्वस्थ आष्टा” का संदेश दिया । गांधीजी के चश्मे का प्रतीक चिन्ह बनाकर स्वच्छ भारत अभियान का लोगो प्रदर्शित किया। कचरा फैलाने पर ₹500 जुर्माने के प्रावधान की जानकारी भी अंकित की गई। कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र के नागरिकों, युवाओं एवं मातृशक्ति ने सामूहिक रूप से स्वच्छता बनाए रखने की शपथ ली। नगर पालिका द्वारा की गई इस पहल को क्षेत्र में स्वच्छता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया ।
    1
    *इंदिरा कॉलोनी मुख्य मार्ग का कचरे का ढेर को समाप्त कर स्वच्छता संदेश दिया*
नगर पालिका परिषद ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत एक सराहनीय पहल करते हुए दशकों पुराने कचरे के ढेर को पूर्णतः हटाकर क्षेत्र को कचरा मुक्त किया। यह अभियान नगर पालिका अध्यक्ष हेम कुंवर रायसिंह मेवाड़ा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनोद कुमार प्रजापति के मार्गदर्शन में, वार्ड पार्षद तेजसिंह राठौर एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक विनोद सांगते की निगरानी में संपन्न हुआ।
वार्ड दरोगा जितेंद्र सिंगन के नेतृत्व में नगर पालिका की सहयोगी संस्था यूनिक वेस्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, उज्जैन ने सफाई मित्रों के सहयोग से वार्ड क्रमांक 15 इंदिरा कॉलोनी तथा शहर से लगे ग्राम बमुलिया भाटी, चनखल आदि ग्रामों के मुख्य मार्ग पर वर्षों से जमा कचरे के ढेर को जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से हटाया।
अभियान के दौरान वार्ड पार्षद श्री तेजसिंह राठौर ने डोर-टू-डोर जाकर नागरिकों से संवाद कर अपील की घर से निकलने वाले कचरे को गीला एवं सूखा अलग-अलग रखकर कचरा वाहन में ही डालें तथा इस स्थान को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।
इस अवसर पर सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि राजकुमार अकेला एवं विनय सिंह उपस्थित रहे। सफाई उपरांत क्षेत्रवासियों एवं वार्ड निवासियों में विशेष उत्साह देखा। जहां पूर्व में कचरे का अंबार था, वहां स्वच्छता स्लोगन लिखे गए, “स्वच्छ आष्टा – स्वस्थ आष्टा” का संदेश दिया । गांधीजी के चश्मे का प्रतीक चिन्ह बनाकर स्वच्छ भारत अभियान का लोगो प्रदर्शित किया। कचरा फैलाने पर ₹500 जुर्माने के प्रावधान की जानकारी भी अंकित की गई।
कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र के नागरिकों, युवाओं एवं मातृशक्ति ने सामूहिक रूप से स्वच्छता बनाए रखने की शपथ ली। नगर पालिका द्वारा की गई इस पहल को क्षेत्र में स्वच्छता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया ।
    user_Rajendra Gangwal
    Rajendra Gangwal
    Ashta, Sehore•
    14 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.