छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के 2 छात्रों ने अंबेडकर की मूर्ति के पास धरने पर बैठे। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के दो छात्र अंबेडकर मूर्ति के पास धरना दे रहे थे। उनकी मांग थी कि उनके द्वारा दर्ज कराए गए अभियोग की सही विवेचना नहीं की गई है और उनके विरुद्ध भी अभियोग पंजीकृत कर दिया गया है। इस संबंध में दोनों से वार्ता की गई। वार्ता के बाद उन्हें समझाया गया। उन्होंने कहा कि वे पुलिस आयुक्त महोदय से अपनी बात करना चाहते हैं। तत्पश्चात वे पुलिस आयुक्त से मिले और अपनी बात रखी। पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा उनके कथनों और साक्ष्यों का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में उन्होंने बताया है कि उनकी बात सुन ली गई है और उन्हें विश्वास है कि पुलिस उनके साथ न्याय करेगी। उन्हें समुचित रूप से समझा दिया गया है।
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के 2 छात्रों ने अंबेडकर की मूर्ति के पास धरने पर बैठे। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के दो छात्र अंबेडकर मूर्ति के पास धरना दे रहे थे। उनकी मांग थी कि उनके द्वारा दर्ज कराए गए अभियोग की सही विवेचना नहीं की गई है और उनके विरुद्ध भी अभियोग पंजीकृत कर दिया गया है। इस संबंध में दोनों से वार्ता की गई। वार्ता के बाद उन्हें समझाया गया। उन्होंने कहा कि वे पुलिस आयुक्त महोदय से अपनी बात करना चाहते हैं। तत्पश्चात वे पुलिस आयुक्त से मिले और अपनी बात रखी। पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा उनके कथनों और साक्ष्यों का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में उन्होंने बताया है कि उनकी बात सुन ली गई है और उन्हें विश्वास है कि पुलिस उनके साथ न्याय करेगी। उन्हें समुचित रूप से समझा दिया गया है।
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- प्रयागराज सिविल लाइंस प्रयाग संगीत समिति में बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे मेयर नगर निगम उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने समानता की जानकारी दी देश के संविधान का महत्व और उनकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए संबोधित किया। पवनदेव,लोकप्रिय,टीवी पत्रकार,प्रयागराज।1
- मुंबई से पुलिस की गिरफ्त में इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर बाबू खेमानी - तेज रफ्तार और ऑनलाइन जुए का प्रमोशन पड़ा भारी _________________________ सोशल मीडिया पर फेमस होना अब जिम्मेदारी के बिना नहीं चलता. इसका ताजा उदाहरण बने हैं रायपुर के इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर बाबू खेमानी उर्फ गुलशन, जिन्हें पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। ऑनलाइन जुए का प्रमोशन वीडियो के अलावा बाबू खेमानी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'गजानंद बुक' नाम की ऑनलाइन बैटिंग ऐप का प्रचार-प्रसार भी कर रहा था. इसको लेकर साइबर पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस ने कैसे की कार्रवाई पुलिस इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है. ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम - हर प्लेटफॉर्म पर पुलिस की नजर रहती है और यूजर्स के कमेंट से मिली शिकायतों पर भी कार्रवाई होती है...!! रंजीत कुमार सोनकर (प्रधान संपादक) क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़1
- एक शातिर चोर, जो ट्रेन के AC कोच में सफर करने वाली महिलाओं को निशाना बनाता था, RPF की नजर में काफी समय से था। जब RPF ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो वो भागकर एक तालाब में छिप गया। तलाशी के दौरान वो अचानक गायब हो गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई... करीब 5 घंटे तक वो पानी के अंदर छिपा रहा और सांस लेने के लिए कमल की डंडी का इस्तेमाल करता रहा ! आखिरकार RPF ने धैर्य रखा और उसे तालाब के अंदर से ही पकड़ लिया। ये मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है बल्कि अपराधियों की नई चालाकियों को भी दिखाता है। आप क्या कहते हैं- ऐसी सोच अपराध है या फिल्मी दिमाग?1
- कौशांबी। जनपद में अवैध बालू खनन से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। एक पत्रकार ने आरोप लगाया है कि खबर सामने आने के बाद संबंधित इंस्पेक्टर ने उसे फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और भविष्य में ऐसी खबरें न लिखने की चेतावनी दी। पीड़ित पत्रकार के अनुसार, फोन पर हुई बातचीत के दौरान इंस्पेक्टर लगातार गाली-गलौज करता रहा और उसे डराने-धमकाने की कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम का एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अधिकारी की भाषा और रवैया साफ सुना जा सकता है। पत्रकार ने इस घटना को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने की कोशिश है। उसने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई संगठनों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताते हुए उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि, इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पीड़ित का कहना है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह मामले को उच्च स्तर तक ले जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और क्या पत्रकार को न्याय मिल पाता है या नहीं।2
- Post by शुरू शुरू पब्लिक न्यूज़1